00:12कितना असान होता है ना हम दुकान में निकलते हैं वालेट नहीं हैं कहीं पर गए चाय ली नाशता लिया
00:19कपड़े और किये घड़ी और कि कुछ भी कर लिया और फ़र्ट से हमने बुला क्यों कि आप अपना क्यूबर
00:24कोड दिखाई यूँ में से स्कैन किया और काम खतम हो गय
00:27यही जो डिजिटल इन्फरास्ट अकिर यह यूपी अई स्कैनिग और ऐटो पएमेंट है यह जो एलेक्ट्रिक पेमेंट इल्क्राणिक पेमेंट है
00:35यह भारत की पहचान बन गए पूरी दुनिया में यह यूपी अई जो की दुनिया में सबसे ज्यादा प्रश्चलित हु
00:52नमस्कार आप देखने हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ आशितोष मिश्रा यूनिफॉइट पेमेंट जो इंटरफेस है यह भारत की
00:59पहचान बना आपको याद है करोना के समय जब फिजिकल ट्रांजक्शन बंद हो रहे थे लोग बाहर ने निकल पा
01:03रहे थे तब एक भी मै
01:16वालेट ले जाने की जंजट है अपने फोन से पेमेंट करके निकल गए तो आप दरसल यह हुआ है कि
01:21यूपी आई को लेकर के सरकार एक नया नियम लेकर आ रही है सरकार यह कहती रही कि दो हजार
01:25रुपए के ऊपर उपुभोगता कुछ भी खरीद रहे हैं दो हजार रु�
01:42तो फ्री था लेकिन उसके पहले तो सारा ही फ्री था यानि दो हजार रुपए के ऊपर जब आप ट्रांजेक्शन
01:47करेंगे तब दिक्कते क्या है आप को यह भी बताते हैं उन्हीं दिक्कतों को लेकर के सवाल उठे हुए हैं
01:53मर्चेंट डिसकाउंट रेट जो MDR होता है उ
02:10हम और आप नहीं पेमेंट करेंगे लेकिन 0.4% का खर्चा तो आएगा वो कौन पे करेगा दुनिया में
02:15कौन सा दुकानदार नुकसान सहता है या वो अपनी जीन से बुकतान करता है उसका असर वो कीमतों पर दिखा
02:20देता है दूसरा NPCI जो है उसने मंगलवार को एक नोट
02:37सकते तो लेकिन अब जो कन्फूजन थी वो किस पात की थी UPI पर नए नियम का मतलब क्या है
02:43आपकी हमारी जेपर बोज प्रत्यक शाप्रत्यक शुरूप से कैसे पड़ेगा सबसे पहले इस रेपोर्ट को आपको दिखा लिए थोड़ी दिर
02:51में हमारे सेयोगी अमित भारद
03:07पर मर्चन डिसकाउंट रेट यानी MDR लागू करने का एलान कर दिया है 15 सेतंबर को हुई UPI संचालन समीती
03:15की बैठक में 2000 रुपे से अधिक के लेन देन के लिए UPI MDR को 40 BPS या 0.4
03:23फीजदी कर दिया गया है जिसका मतलब है कि 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर व्यापारियों क
03:290.4 फीजदी का चार्ज देना होगा 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा मर्चन ट्रांजैक्शन पर UPI मर्चन डिसकाउंट रेट का
03:38नया फ्रेमवर्क लागू होगा हाला कि ग्रहकों को कोई चार्ज नहीं देना होगा अगर आपस में भी आप UPI के
03:45जरीए पैसा ट्रांसफर कर
03:47तो भी ये चार्ज नहीं लगेगा ये सिर्फ कुछ चुनिंदा व्यापारियों पर ही लागू होगा
03:52MDR का मतलब है मर्चन डिसकाउंट रेट
03:562000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर होगा लागू
03:590.4 फीजदी तैक की गई है दर
04:0315 अक्टूबर से ये नियम लागू हो जाएगा
04:06कुछ चुनिंदा मर्चन ट्रांसएक्शन के लिए ही ये नियम मानने होगा
04:10नए नियमों के तहट QR कोड के जरिये हर महीने
04:15एक लाग तक कमाने वाले छोटे मर्चन को कोई MDR नहीं देना होगा
04:19रेलवे और फ्यूल जैसी खास कैटिगरी में
04:232000 से ज्यादा की ट्रांसएक्शन पर 5 रुपे की फ्लाट फीज लगेगी
04:27और ज्यादा वैल्यू वाले दूसरे P2M ट्रांसएक्शन पर
04:310.4% चार्ज लगेगा जिसकी अधिक्तम सीमा 300 रुपे होगी
04:37नए नियम के तहट कहा गया है कि 2000 रुपे से कम पेमेंट रिसीव करने वाले
04:42व्यापारियों को कोई चार्ज नहीं देना होगा
04:45जो कुल 95 फीजदी है इसका मतलब है कि सिर्फ 5 फीजदी मर्चेंट व्यापारियों को ये चार्ज देना होगा
04:53सरकार के इस पहल के तहट छोटे वेंडर और टीर 3 बाजारों के लिए
04:58डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को अप्डेट करने के लिए एक खास फंड भी बनाया जाएगा
05:06सरकार का कहना है कि UPI अब काफी बड़ा हो चुका है और इसके सुरक्षित संचालन के लिए पैसों की
05:13आवशक्ता है
05:14साइबर सिक्यूरिटी और फ्रॉड रोपने के साथ नए इनोवेंशन्स को लेकर लगातार निवेश की आवशक्ता है
05:20सिर्फ सरकारी सबसीडी पर निर्भर रहना मुम्किन नहीं है और इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकते
05:26ऐसे में सरकार यूपी आई पेमेंट पर MDR लागू करके फंड तयार करना चाहती है
05:34सरकार की दलील है कि MDR पर टैक्स लगाएक शुल्क लगाए गया है जो कि 0-10 में 4%
05:39है पहले तो यह था नहीं
05:41तो अब यह ऐसा कहा जा रहा है कि यह कोई नहीं मांग नहीं है
05:44दरसल पेमेंट काउंसिल आफ इंडिया के लोग लगातार कह रहे थे कि 0 MDR जो है
05:48मर्चेंड इसकाउंट रेट इसे खत्म कर दिया जाए
05:50विपक्ष में इसमें एक पीच यह भी है कि जो अमेरिका भारत के बीच जो ट्रेड डील हो रही है
05:55उसमें भी अमेरिकाओ के इतराज है कि भारत MDR शूने कैसे कर सकता है
05:58तो उसके बाद लगा दी गई है
06:00अब सरकार उपक्ष के दावे अलग हो लेकिन शूने प्रतिशा 4 फीज़दी
06:04मान लेजिए अगर 2000 के उपर जो बल्क रांजाक्शन में
06:07उसमें अगर खर्च उस दुकानदार पर पढ़ता है
06:10या उस मारकेट पर पढ़ता है
06:12तो अपना खर्चा कैसे वसूलेगा
06:13सामने तरीका यही है कि दुकानदार महंगाए नहीं बरदाश करता
06:31इनहीं की संख्या 65 फीज़दी है
06:33उन पर तो अतरिक्त फरक पढ़ने वाला नहीं है
06:35लेकिन इसका दूसरा पहली है कि जब आप बाजार खरीदने जा रहे हैं
06:38तो टायर टू से लेके टायर वन शेहरी
06:40वहाँ तो मिनिमुम खरीदारी भी 5000 कर नीचे
06:42तो होती नहीं अब आप तेवहारी मौसम में हैं
06:44एक दो बल्क में जो है वसूली हो जाएगी
06:47फिर उपर से सियासत भी खड़ी है इसमें
06:53एक छोटा सा करेक्शन है आश्रतोष
06:5596 प्रतीशत लगबग सरकार का दावा है
06:58जो ट्रांजक्शन्स UPI के होते हैं वह 2000 की value या उसे कम के होते हैं
07:03सिर्फ 4% ऐसा transaction ने 2000 से जादा amount का होता है
07:08लेकिन जब हम यह 4% कह रहे हैं तो दोनों की volume का फरक क्या है
07:13मतलब value volume का फरक क्या है
07:15अगर आप आकडों को देखेंगे तो विपक्ष कह रहा है कि 65 प्रतीशत जो आपका total UPI transaction होता है
07:22यानि कि जो value transaction होता है उसका 65 प्रतीशत वो transaction है जो 2000 से जादा वाला है
07:29तो भले ही आपके numbers में number of transactions में 2000 से कम वाले 96% है लेकिन जो आपकी
07:39पैसे की कीमत या value है वो 4% में कई गुना जादा है दो ती हाई हिस्सा experts भी
07:46कहते हैं कि इसी category में आता है जो 2000 से जादा वाला transaction है उस category में आता है
07:52दूसरा आपने सही कहा कि एक देश की जो psychology होती है over the years change होती है हम और
07:58आप जब आज से कुछ साल पहले तक UPI payment अगर 2000, 5000,000,000 से जादा करते थे तो
08:04दो बार सोचते थे कि कहीं पैसा अटक गया कुछ गरबर हो गई तो payment card से करना prefer करते
08:10थे
08:10card पर कई बार charges लगते थे जो आप annual fee भी देते हो transaction fee भी देते हैं हम
08:16लोग तो वो charges लगते थे लेकिन eventually जो consumer psychology है वो change होती है और अब आप कोई
08:24महंगा सा महंगा phone भी खरिदने जाते हैं जूलरी भी खरिदने जाते हैं घर का राशन भी करिदने जाते हैं
08:29तो UPI से payment करने में ज
08:31चकते नहीं यह सचाई अब एक आम धारना रहती है कि अगर कोई बाजार में दुकानदार बैठा है तो उसको
08:39अगर खर्चा बढ़ रहा है भले ही आपके यह कि भाई end consumer से डिरेक्टीम पैसा नहीं लेंगे लेकिन जब
08:45cost input cost बढ़ रहा है किसी के लिए तो क्या वो कोई और
08:49तरीका नहीं नीका लेगा इस payment को वसूली करने के लिए अपने आप में सवाल है जिस सवाल का सामना
08:56सरकार और जो विवस्ता एन पी सी आई के विवस्ता है उसको इसके implementation के बाद करना होगा एक और
09:02एहम बात इसमें जरूर है आशुतोष अगर आप अंतर रास्टी है
09:07market को समझेंगे तो यूएस में एक बहुत बड़ी lobby इसको लेकर काम कर रही थी जो ब्रजील के pick
09:14system के खिलाफ थी और भारत के UPI framework के खिलाफ थी free framework जो है दोनों देशों में उसका
09:21कारण क्या है जो हम card transaction करते हैं वहाँ पे mastercard और visa दोनों ही अमेरिकी companies हैं और
09:28card transaction पे एक charge शुल
09:30को जुड़ा हुआ होता है अब UPI payment की आने की वज़े से आप और मैं खुद ही ध्यान दे
09:35सकते हैं जैसा हम बात भी कर रहे थे कि किस तरह से हमने card payments करना लगबग लगबग बंद
09:39कर दिया है और EMI की बात जब तक ना हो तब तक संभवता जादा तरह मेरे पास तो डेविट
09:58बड़ा एक factor है कि वो एक lobby थी जिसको नुकसान हो रहा था वो ब्रजील के PIX framework और
10:05इंडिया के UPI free framework के खिलाफ आवाज उठा रहा था लेकिन सरकार क्या कहना है कि जब आपका volume
10:12इतना जादा बड़ा हो जाएगा जो transactions हो रहे हैं वत्ते बड़े amount के हो रहे हैं तो हमको इसको
10:17चाहे cyber security का angle हो या digital infrastructure को robust करने और technology को आगे ले जाने की बात
10:25हो तो उसमें कि investment लगता है वो investment कहां से आएगा subsidy के सहरे ये काम नहीं हो सकता
10:31है लेकिन फिर वही सवाल होगा कि ये India stack का बहुत important हिस्सा है UPI हम दुनिया को क्या
10:37बेच रहे हैं उनमें से सबसे एहम product हमारे पास UPI
10:41है जो हम चाहा रहे थे कि बाकी देशों में भी हो अभी brick summit हुआ था common digital payment
10:47platforms की भी बात हो रही थी हम चाहते हैं कि हमारे UPI जो है नेपाल में जाए स्रिलंका में
10:54जाए कमसकम जो इश्याई मुल्क है हमारे आसपास के पडूसी है वहाँ पे UPI transactions का expansion हो तो ऐसे
10:59में MDR क्या उसके
11:11जबालों का जवाब दरतल खोजने की कोशिश हो रही है सर्दा सरकार चुक कह रही है वह बहुत जादा कन्विंसिंग
11:16तो नहीं लग रहा है लेकिन अब ठीक है उन्होंने फैसला लिया तो उसे justify करना है बहुत बहुत शुक्रिया
11:19हमें तमान जानकारी के लिए 15 अक्टू�
11:36जो पूरी दुनिया के सामने में साल बन गई थे जिसके सरकार भी फक्र करते थे कि देखे हमारे तो
11:41करोड़ों में पेमेंट होते हैं सालदार सार लेकिन अब उसी यूपी आई पर संकट के बादन क्योंकि सरकार ने फैसला
11:46लिया है उसको लेकर कई सारे सवाल उठ रहे एक
12:06जनता भी डरी हुई है कि दुकांदार अपने उपर पढ़ने वाले इस नए भार का बूच उन्ही के कंधों पर
12:12डालेगा इस बीच कॉंग्रेस नेता पवन खेडा ने सरकार पर निशाना साधते हुई इस टैक्स पर हमला बोला है
12:192000 से उपर के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगाना मोधी टैक्स कहलाना चाहिए
12:28उन्होंने UPI को फेमस किया प्रचार किया उसे कैशलेस एकॉनोमी बताया और अब उसके इस्तेमाल के लिए टैक्स लगा रहे
12:36हैं
12:45इसी के साथ पवन खेडा ने बयान भी दिया
13:07कर दो लो हम आपके लिए कर देते हैं यह वही है उसके अलावा कुछ नहीं तो सवाल यह है
13:12कि भले ही जनता को 2000 रुपए तक के UPI पेमेंट पर कुछ भी नहीं देना होगा लेकिन जिन दुकानदारों
13:19को देना होगा क्या वो किसी दूसरी तरह जनता से ही नहीं वसू लें�
13:23क्या वो कैश को बढ़ हवा नहीं देंगे यह तमाम सवाल तो हैं लेकिन सरकार का कहना है कि UPI
13:30के साथ ऐसा नहीं होगा फिर भी जनता की चिन्ता पर करार है
13:35इन कयासों में यह डरने की ज़रूत नहीं है कि आपका हमारा UPI अब बंद हो जाएगा बहुत महंगा पड़
13:41जाएगा बहुत उननीस बीस का खर्च है
14:05इस explainer को देखे और UPI से जुड़े आपके मन में जितने भी सारे सवाल हैं लगातार से जुड़े में
14:10अपडेट भी आपको दिखाते रहेंगे
14:11जाते आते छोड़ जाते इस रिपोर्ट के साथ देशो दुनिया के तमाम बड़ी ख़बरों के लिए आप देखते रहिए आज
14:15तक
14:28सबसे पहले सवाल क्या 2000 रुपे यूपी आई की नई पेमिंट लिमिट है
14:332000 रुपे कोई नई यूपी आई पेमिंट लिमिट नहीं है यानि पहले की तरह आप 2000 रुपे से ज्यादा का
14:39यूपी आई पेमिंट भी कर सकेंगे
14:41अब सवाद ये है कि फिर 2000 रुपे से ज्यादा के पेमिंट को लेकर नियम की बाते क्यों हो रही
14:47है
14:47इसकी बड़ी वज़ा है कारुबारी पेमिंट वित वर्ष दो हजार पचीश चबिस में दुकानदारों को किये गए यूपी आई पेमिंट
14:54में करीब चार फीजदी ट्रांजाक्शन ही दो हजार रुपए से ज्यादा के थे
14:58लेकिन कुल रखम में इनकी हिस्सेदारी करीब दो तिहाई थी यानि ऐसे पेमिंट की संख्या कम है लेकिन इन में
15:03जाने वाली रखम काफी ज्यादा है
15:08RBI का कहना है कि 2000 रुपए से ज्यादा के बड़े UPI लेन देन पर MDR यानि मर्चंट डिसकाउंट रेट
15:13लागू करने से
15:14डिजिटल पेमिंट एको सिस्टम को लंबे समय तक मजबूत और टिकाउँ बनाने में मदद मिलेगी
15:19RBI के मताबक MDR से टेकनालोजी, इंफ्रासेक्शर और पेमिंट्स विकार करने वाले नेटवर्क में निवेश को बढ़ावा मिल सकता है
15:28अब सबसे एहम सवाल है कि क्या इसका बोज सीधे आम यूजर पर आएगा
15:33RBI ने साफ किया है कि P2P और P2M यानि सभी UPI टान्जाक्शन यूजर के लिए मुफ्त रहेंगे
15:39लेगिन यहाँ P2P और P2M का फर्क समझना जरूरी है
15:42अगर आप दोस्त या परिवार की किसी सदस्ट को 5000 या 10,000 रुपे भेशते हैं तो ये P2P पेमिंट
15:48है
15:48ऐसे पेमिंट पर आप यूजर से कोई फीस नहीं ली जाएगी
15:51वही जब आप किसी दुकानदार या कारोबारी को UPI से पेमिंट करते हैं
15:54तो P2M यानि पर्सन टू मर्चन ट्रान्जाक्शन होता है
15:582000 रुपे से कम के P2M UPI पेमिंट भी दुकानदारों के लिए मुफ्त रहेंगे
16:03जबकि 2000 रुपे से ज्यादा के P2M पेमिंट पर MDR लगाया जा सकता है
16:07यानि 2000 रुपे UPI की नई पेमिंट लिमिंट नहीं है
16:10बड़ा बदलाव पेमिंट की लिमिंट में नहीं बलकि 2000 रुपे से ज्यादा के कारोबारी यानि P2M ट्रान्जाक्शन पर MDR से
16:16जुड़ा है
16:17और RBI के मुताबिक इस MDR का सीधा चार्ज आम UPI यूजर से नहीं लिया जाएगा
16:22आज तक भी रहे
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