00:00अगले दिन वे फिर विमान की आवाज सुनते हैं, लेकिन यह बहुत दूर है, इसका मतलब है कि वे किसी
00:05और जगह खोज रहे थे और उन्हें नहीं देख पाएं, इसलिए यह लोग सोचते हैं कि हम सब इस बंद
00:10इलाके में अपनी जान कैसे बचा सकते हैं, तब ही उन्हें ख
00:29अचले हिससे को ढूंडने का फैसला किया, ग्रुप के चार लोग उन बैटरीज को लाने चले गए, लेकिन थोड़ी दूर
00:34जाने के बाद जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो उन्हें उनका जहाज कहीं भी दिखाई नहीं दिया, और अब उन्हें
00:39एहसास हुआ क
00:40इतने सारे बर्फ के बीच किसी को भी उनका प्लेन नहीं दिखेगा, और शायद इसी लिए अभी तक कोई उन्हें
00:45बचाने नहीं आया, चारों लोग तैय करते हैं कि अभी के लिए वापस क्रैश साइट पर लोटें, कुछ दिन गुजरते
00:50हैं, एक हफते बाद उनके पास �
00:52खत्म हो जाता है, इस इलाके में ना कोई जानवर है ना कोई पौधा, वे कुछ काई छखते हैं जो
00:57पत्थर परूगी थी, लेकिन इसका स्वाद बहुत खराब था, नांदो कहता है कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह मृत लोगों
01:03का मांस भी खालेगा, इस पर समूह में ब
01:22करता है, उसमें वह हाथसे की पूरी कहानी और उस जगह की सुन्दरता दोनों बताता है, कुछ और तूफान अगले
01:29दिनों में आते हैं, वे लोग विमान के अंदर छिप कर अपनी जान बचाते हैं, लेकिन एकीज़ व्हें दिन समूह
01:34के आधे लोग ठक जाते हैं, वे बत
01:52पांच लोग ऐसे हैं जो मानव मांस नहीं खाना चाहते।
01:55अगले दिन वे एक सही तरीका अपनाते हैं।
01:57वे ज्यादा तर डेट बॉडिज को छिपा देते हैं ताकि जो लोग काम नहीं कर रहे हैं उन्हें यह देखने
02:03की जरूरत न पड़े।
02:04वे कुछ मांस के टुकडे धूप में रख देते हैं ताकि वे गर्म हो जाएं।
02:07कुछ समय बाद वे बर्फ में दबा एक नया सूटकेस पाते हैं।
02:10सूटकेस खोलने पर उन्हें रेडियो मिलता है।
02:12वे एक साधारन एंटीना बनाते हैं और रेडियो चालू करते हैं।
02:16रेडियो से खबर आती है कि 66 मिशनों के बाद सरकार ने तै कि अब वे उन्हें खोजेंगे नहीं।
02:22सभी का मन तूट जाता है और उम्मीद खत्म हो जाती है।
02:25चार लोग हार मानकर मानव मांस खाना शुरू कर देते हैं।
02:28इसके बाद तीन लोग तै करते हैं कि वे बाहर जाकर विमान का पिछला भाग धूडेंगे।
02:33सबसे पहले उन्हें बहुत मलबा और पांच शव मिलते हैं।
02:36इनमें वे लड़का भी शामिल है जो विमान के गिरते समय बाहर ओड़ गया था।
02:40वे जितनी जल्दी हो सके आगे बढ़ते हैं।
02:42लेकिन ये मुश्किल होता है क्योंकि चड़ाई में फिसलन और ठंडी हवा है।
02:45सांस लेना भी कठिन हो जाता है।
02:47रात को वे पहाड के किनारे इकठे होकर सोने की कोशिश करते हैं।
02:50बाहर तूफान बहुत तेज हैं।
02:52सुबह वे बर्फ में ढखे होते हैं लेकिन जीवित हैं।
02:55लेकिन उनमें से एक अंधा हो गया है और बाकी दो बहुत कमजोर हैं।
02:58वे मलबे के एक टुकडे पर फिसल कर वापस लोटते हैं।
03:01सत्रह में दिन समूह लगातार पांच दिन से तूफान का सामना कर रहा है।
03:05वे विमान के अंदर रहते हैं और कहानियां सुनाते हैं ताकि उनका मन अच्छा रहे।
03:08लेकिन अचानक एक हिमस खलन आता है।
03:11वे विमान को ढग देता है और उसे बर्फ से भर देता है।
03:13कुछ लोग जो उपर बच पाए थे वे डर जाते हैं।
03:16उनमें से एक बाहर जाता है और देखता है कि तूफान और ज्यादा तेज हो गया है।
03:20वे बर्फ खोद कर उन सभी यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं जो दबे हुए हैं।
03:25वे बर्फ को जल्दी पिखलाने के लिए उस पर पेशाब भी करते हैं।
03:28काफी मेहनत और चिलाने के बाद वे सभी को बाहर निकालते हैं।
03:31सिर्फ एक महिला बाहर नहीं आ पाती,
03:33वो इतनी गहरी बर्फ में थी कि जल्दी मर जाती है.
03:36तब ही उन्हें एक अजीब आवाज सुनाई देती है.
03:38वे देखते हैं कि एक और हिम्सखलन आ रहा है.
03:41ये उन्हें फिर से ढख देता है,
03:42और कुछ और लोग मर जाते हैं,
03:44जिसमें टीम का कप्तान भी शामिल है.
03:45बचे हुए लोग तुरंद कुछ छेद बनाते हैं,
03:48ताकि वे सांस ले सकें.
03:49वे इंतजार करते हैं और केबल प्रार्थना करते हैं.
03:52वे बर्फ गिरने की आवाज सुनते हैं.
03:54जब उनकी थोड़ी ताकत लौटती है,
03:56वे आठ शवों को एक कोने में रख देते हैं.
03:58अठारवें दिन, वे दो दिन से बर्फ में दबे हुए हैं.
04:01भूग बहुत ज्यादा हो गई है,
04:02लेकिन इस बार ये मुश्किल है,
04:04क्योंकि वे शवों को छिपा नहीं सकते हैं.
04:06वे जानते हैं कि वे किसका मांस खा रहे हैं.
04:08इससे नूमा बहुत गुसा होता है.
04:09वे बर्फ खोदने और खिड़कियों को तोड़ने लगता है.
04:12काँच उसके पैर में घुस जाता है,
04:13लेकिन यह उसे रोक नहीं पाता.
04:15वे बस खोदता रहता है.
04:16बीसवें दिन वे आखिरकार बर्फ में इतना बड़ा छेद खोलता है,
04:19कि बाकी बचे लोग बाहर आ सकें.
04:21वे थोड़ी राहत महसूस करते हैं और खुश होते हैं कि वे जीवित हैं.
04:25समूह विमान को बाहर निकालने का काम शुरू करता है.
04:28नूमा को अपने पैर में कट लगने का पता चलता है,
04:30लेकिन वह इसे नजर अंदाज करता हैं और मदद करता रहता हैं.
04:34अंततह धूप के दिनों में वे विमान बाहर निकालने में सफल होते हैं.
04:37वे सोचते हैं कि कुछ लोग बाहर जाकर मदद ढूण हैं,
04:40लेकिन रात को ठंड में जीवित रहना अभी भी मुश्किल हैं.
04:43विताय करते हैं कि कुछ और दिन इंतजार करेंगे क्योंकि गर्मी आने वाली हैं.
04:4734 दिन पिघलना शुरू होता हैं.
04:49शुरू में घायल हुए दो लोग बहुत बीमार हैं.
04:52मेड स्टूडेंट जानते हैं कि अब कुछ नहीं किया जा सकता हैं.
04:54कुछ घंटों में उन्हें पता चलता है कि कोको के फेफडे में पानी भर गया है.
04:58CPR भी मदद नहीं कर पाता और वह मर जाता है.
05:01वे उसका पत्र सुरक्षित रखते हैं.
05:0336 दिन मौसम इतना अच्छा हो जाता है.
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