00:00Hey, Nand Lala, Hey, Dev Ki Nandan, Hey, Vasudhev, Suthe, Jagke Palanhaar.
00:26Jai Kanhaiya Lala Ki, Jai Dev Ki Ke Lala Ki,
00:36Dharma Jahaan Sankat Me Aya, Vahan Pukar Hoi Gopal Ki.
00:47Jai Krishn Buraari, Jai Jagke Rakhwaare,
00:52Dushto Ka Sanghaar Kare, Bhakto Ke Tum Sahare,
00:57Samao Hik.
01:02Jai Shri Krishn, Jai Shri Krishn, Jai Jai Shri Krishn Buraari.
01:12Jai Shri Krishn, Jai Shri Krishn, Jai Jai Shri Krishn Buraari.
01:20Jai Kishni,osi Sa Maybe總, Jai Shri Krishn, Jai Shri Krishn Buraari.
01:27आँखों में ज्वाला थी धरी
01:31छाती पर चानूर नेमारा
01:35प्रचंड प्रहार अभिमान भरा
01:37पर परवत से अड़ीग कनहिया
01:40तनिक ना उनका मन डरा
01:46असुदेवदेव की देख तेहनoner में चिंता
01:49आँखों में प्यार पुत्रों की वीरता
01:52देख कर जाग उठा मात पिता का संसार
01:58खिष्ण ने चानूर के दोनों हात अपने हातों में धाम लिये
02:03खुमाया उसको रण भूमी में धरती पर फिर धाम दिये
02:08तूटा उसका दर्पसारा तूटा उसका बल अभिमान
02:13श्रीहर के चर्णों में आकर मिट गया उसका मृत्युगान
02:21उधर मुष्टिक ने बल देव पर दो घूसे पे चंड चलाए
02:26गल भद्र के एक प्रहार ने उसके सारे गर्व मिटाए
02:31भरती पर वह व्रिक्ष सवान गिर्बड़ा बल शाली मुष्टिक
02:36जै बल देव जै हलधर जै क्रिष्ण बल राम अभिनाशी
02:54पूट भिरण में आ पहुचा पर बल देव से कहां बचा एक ही घूसे के प्रहार से उसका जीवन दीप
03:04बुझा
03:04शत और तोशल नामी मल क्रिष्ण चरण से हार गए
03:09अखाडे के सब गर्वित योधा हरी के आगे वार गए
03:17ताव पेच सब व्यर्थ हुए वीरता सारी मौन हुई
03:22क्रिष्ण बलराम की शक्ति देख कर मलों की सेना शून्य हुई
03:32मल किरे रण शांत हुआ पर कंस का प्रोध प्रचंड हुआ लगाणों को उसने रोक दिया धर्मकान की आदेश हुआ
03:45निकालो इन दोनों को नगर से नंद को बंदी बना लो उग्र सेन आरे उनके जन को आज ही मृत्यों
03:57के घाट चढ़ा दो
04:03मचान पर बैठा कंस गर जेढाल उठा कर युद्ध किया कृष्ण ने उसकी चाले देखी कालन जैसे रूप लिया
04:13लगिमा सिद्धी से उचल कर कृष्ण मचान पर जा पहुचे कंस बदलता रहा पैतरे पर हर काहा छल में उलजे
04:26चोटों को उसकी रोग लिया मचान से नीचे डाल दिया प्रिनुस्वयम कूदे उसके उपर अधर्म का अंत कर दिया
04:38गंस गिरा अधर्म का भी मान गिरा जैश्री कृष्ण जैश्री कृष्ण मतुरा में धर्म का भान हुआ
05:04जिस तंस को हर क्षण के वल कृष्ण का ही ध्यान रहा
05:13अंतिमक्षण भी सामने उसके शाम सुंदर भगवान रहा
05:25ध्येश से भी जिसका चिंतन हर पल क्रिश्ण में लीन रहा
05:30मृक्त द्वार पर उसी कंस को हर ने मोक्ष का दान दिया
05:37तंस के आठो भाई गोड़े लेकर बदले की जोला
05:43कृष्ण बलराम के समुखवा कर डूटा उनका अभिमान निराला
05:51बल भद्र ने उठाया बेलन बज्र समान प्रहार किया
05:56शन भर में उन सब का अंत धर्म ने फिर मिस्तार लिया
06:01आकाशों में दुन्दु भिवाजे ते वोने पुष्प बरसाए
06:06कृष्ण बलराम की जय बोल कई ते वोने शीश नवाए
06:14फिर आईवें दुखियारी आँखों में अश्रू अपार
06:23मृत पतियों के शव से लिपटी तूटा उनका संसार
06:33रोई विलखी विलाप किया दुख से कांपा राज महल
06:41देख प्रभु का करुन हिदय बिघला जैसे हिम का अंचल
06:51खिश्ण ने समझाया उनको नश्वर है यह संसार
07:00जीवन मृत्यों की गति से उपर सत्य है आत्मा का विस्तार
07:10फिर पहुँचे कृष्ण बलराम अपने माता पिता के द्वार
07:20बंदी ग्रह से मुक्त कराया जुक कर छुए उनके चरण अपार
07:29वसुदेव ने देखा कृष्ण को देव की ने देखा भगवान ग्यान जागा ये परब्रम है घट घट में विराज मान
07:48पर कृष्ण के मन में आया माता पिता का प्रेम कहां यदि पुत्र मान कर सुख पाएं तो इससे बढ़
08:04कर सो भाग्या कहां
08:07हे पित्र देव हे मा तु हमारी हम अप राधी से खड़े बाल कीडा का सुख ना दे पाएं देव
08:21वश आप से दूर पड़े
08:25माता पिता के रिण से बढ़ कर जग में कोई रिण नहीं तन मन धन से सेवा करना इससे बढ़ी
08:41कोई साधना नहीं
08:44सामर्थ्य होते माता पिता की जो सेवा नहीं करते जीवन में भी सुख नहीं पाते मृत्यू के बाद भी दुख
09:01भरते
09:02कंस भैसे सेवा ना कर पाए क्षामा करो है माता पिता आज चर्णों में शीष हमारा स्विकार करो यह प्रेम
09:20विनयता
09:22माने शाम को हिदय लगाया पिता ने लाल को बाहों में लिया रुध कंठ अश्रु भरे नयन वादसल ने सब
09:38भैद मिटा दिया
09:40धिरुग्र सेन के पास गए मुक्त किया उनको बंधन से यादव राजपद पर अभिशिक्त किया समान सहित अभिननदन से
09:59कृष्ण बोले राजन हम सब आपकी प्रजा आपकी आग्या शेरोधार आप निडर होकर राजय करे
10:10यही हमारी है अभिलाशा प्यारी निजगुल की मर्यादा रख कर कृष्ण ने राज मुकुट त्याग दिया
10:22सेवा धर्म और विनयसे राज धर्म का अर्थ बता दिया
10:32कमस पर से जो जन भी छूड़े दूर प्रदेशों में जा बसे
10:41कश्ट सहते आशू पीते अपने ही घर से दूर रहे
10:51कृष्ण ने सब को याद किया समान सहित बुलवाया
11:00धन संपगा देकर उनको फिर मथुरा में बसवाया
11:10तूटी बस्ती फिर बसने लगी सूमी आँखों में त्रकाश हुआ
11:19शाम के आने से मथुरा में फिर जीवन का विकास हुआ
11:29मेरे कृष्ण ने नंद से कहा पित्र देव आपका उपकार महा
11:38माता या शोदा ने हम दोनों को दिया स्रेह आपार मिश्काँ
11:48जन्म देने वाले ही केवल माता पिता नहीं कहलाते
11:54जो परिक्यक्त बालक पाले वे ही सक्चे जनक बन जाते
12:00आपने हमें निजबुत्र से बढ़कर आला ओसा प्रेम लुटाया
12:08आपके उस अनुपमरिन को कृष्ण कभी नहीं भूल पाया
12:21पित्र देव अब भज को लोटो
12:26कुछ दिन हमें यही रहने दो
12:30स्वजनों के सुख दुख गौर्ट कर
12:35फिर अपने तास हमें आने दो
12:40वस्त्र बूशन पात्र दिये नंद गोपो का मान किया
12:45पेम सहत सब को विदा किया शाम नह दैमान किया
12:50नंद ने धोलो लालो को भर कर अपने कंठ लगाया
12:55आँखों में सावन उमर पड़ा
13:00जै जै देव की नंदन जै जै बलबत बलवान
13:07अधर्म मिटा धर्म खिला
13:11एक और मथुरा ने पाया
13:15धर्म विजे का दिल्य प्रकाश
13:20दूजी और ब्रज की राहों में
13:54विरह हुआ मधुरतम आकाश
13:56नंदन नंद लाल गोविंद गोपाल दीन दयाल दीन दयाल
14:03कंस विनाशक क्रिष्ण मुरारी
14:08करुणा सागर नंद दुलारे
14:13प्रण में वीर हिदय में को मल
14:19भक्तों के कुम्प्राण हमारे
14:23चानुर मुष्टिक का दर्प मिटाया
14:28पूट शत्तोशल का मान हराया
14:32कंस सहित अधर्म मिटाया
14:38फिर भी प्रेम का दीप जलाया
14:43माता पिता को शीश नवाया
14:48नंद को अपना मान बताया
14:53उग्रा सेर को राज दिलाया
14:58बिछडे जन को घर पहुचाया
15:04जै जै जै कृष्ण मुरारी
15:07जै जै नंद की शोरी
15:10जै देव की नंदन
15:12जै यशोदा नंदन
15:15धर्म तुम्हारा कर्म तुम्हारा
15:18नाम तुम्हारा तारण हारा
15:21जो भी तेरे चरण में आए, भव सागर से पार हो जाए
15:27ए क्रिश्ण, तुम केवल रण के विजेता नहीं, तुम करुणा के सागर हो
15:39ए क्रिश्ण, तुम केवल तंस विनाशक नहीं, तुम माता पिता के दुलारे हो
15:53ए क्रिश्ण, तुम केवल मठुरा के नायक नहीं, तुम नंद के लाल हमारे हो
16:05प्रादे नहीं केवल क्रिश्न, नाम क्रिश्न, क्रिश्न, क्रिश्न, गोविंद, गोपाल, नंद लाल, नंद लाल
16:16Jai Shri Krishna
16:26Dharm ki jay
16:34Adharm kakshaya
16:36Karuna ki vijaya
16:39Bhakti ki vijaya
16:42Jai Shri Krishna
16:44Jai Shri Krishna
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