Skip to playerSkip to main content
  • 48 minutes ago
creator connect video:qu8xnd7

Category

🗞
News
Transcript
00:02foreign
00:06foreign
00:07foreign
00:07foreign
00:22the legend of bhagat singh 2002
00:25इस फिल्म की कहानी जलिया वाला भाक में हुए हाथसे को दर्शाती है
00:30इस फिल्म के जो मुखे किर्दार है वो है भगत सिंग जी जिनकी भूमी का आक्टर आजय देवगन ने दिखाया
00:36है
00:36legend bhagat singh जी के बारे में तो हमारे देश का हर बच्चा जानता है
00:40कि कैसे सिर्फ देश सल की उम्र में उन्होंने अपने देश के लिए खुद को बलिदान कर दिया
00:46इस फिल्म में हम देखेंगे कि बारे सल के भगत सिंग जी ने जब जलिया वाले बाक में हुए हत्याकान
00:53को देखा
00:54तो उनके अंदर एक जवाला मुखी सी फट परी
00:57कि कैसे एक अंग्रेजी सरकार ने उनके ही देश में आकर उनके देश वास्तियों का ऐसा हाल कर दिया
01:03और तब उन्होंने प्रन लिया कि वे जब तक अपने देश को अंग्रेजी गुलामी से अजादी नहीं दिलाएंगे
01:09तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे
01:11और वहीं से उनकी करांती कारी का सफर शुरू होता है
01:14अपने मकसद को पूरा करने के लिए उन्होंने कई चुनोतियों का सामना किया
01:18अपने कॉलेज के दिनों में उन्होंने नौजवान भारत सभा की शुरुवात की
01:23फिर अपने साथी जैसे चंद्र शेकर अजाद सुगदेवा राजगुरू के साथ मिलकर एक नई संगठन बनाई
01:29और अन्थ में अपनी भारत माता के लिए उन्होंने खुद को शहित कर दिया
01:33दूसरी फिल्म सरदार उद्दम 2021 में रिलीज हुई थी
01:37और इस फिल्म की कहानी उद्दम सिंग के उपर बनाई गई है
01:41जो एक पंजाबी करांती कारी थे
01:44सरदार उद्दम सिंग की कहानी भी जलिया वाला बाग के हाथसे से जूरी हुई है
01:48इनकी कहानी भी भगत सिंग जी की जैसे ही एक आग्रोश करांती कारी की है
01:53जिनोंने खुट से पहले अपने देश के बारे में सोचा और खुट को कुर्बान कर दिया
01:58इस फिल्म की कहानी बदले के उपर है जो 1919 में ब्रिटिश सरकार के द्वारा धोके से की गई थी
02:05पंजाब के जलिया वाले बाग में जहां निहत्य लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी
02:10चाए वो बुजूर्ग हो या महिला या बच्चा किसी को भी बक्षा नहीं गया
02:14इस कान को अंजाम देने के पीछे सबसे बड़ा हाथ जिसका था वो है
02:35जहां पकड़ी ना जाने के डर से फर्जी नामों से रहते थे
02:38और एक दिन सरदार जी को अपना बदला लेने का मौका मिली गया
02:42वो साल था 1940 जब डायर कैक्स्टन हॉल में भाशन दे रहा था
02:48तब सरदार उदम सिंग जी ने उसकी गोली मार कर हत्या कर दी
02:52और खुद को कानून के हवाले कर दिया
02:54क्योंकि वे ये चाहते थे कि उनकी एक कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचे
02:59कि कैसे उन्होंने अपने देशवासियों के लिए बदला लिया
03:02तीसरी फिल्म केसरी चैप्टर 2 दो हज़र पचीस में रिलीज हुई थी
03:07और इस फिल्म की कहानी एक बुक से इंस्पायड होकर बनाई गई है
03:10जिसका नाम है
03:13फिल्म की शुरुवात में ही हम देखेंगे कि
03:16जहां अजारों लोग बैसाकी के उत्सब के मौके पर
03:19रॉलेट एक्ट के खिलाब इखठा हुए थे
03:21वहीं अचानक जेनरल डायर अपने साथियों के साथ पहुच कर
03:25उन निहत्तों पर बंदुकों से हमला कर देते हैं
03:28हजारों लोगों की मौत होती है और कई घायल हो जाते हैं
03:32इस बात को चुपाने के लिए बिर्टी सरकार एक नकली रिपोर्ट बनाने का आदेश देते हैं
03:37अपने वाइसरोय काउंसिल मेंबर को
03:40जिनका नाम था सी संकरन नायर जो एक भारत्य वकील भी थे
03:44जिनकी भूमी का आक्टर अक्षे कुमार ने दिखाई है
03:47और जब नायर इस हादसे की तैकिकात करते हैं तो उन्हें पता चलता है
03:51यह हादसा उनकी सोच से भी पड़े है
03:53और इसके बारे में पूरे देश को पता चलना चाहिए
03:57उन्होंने नीडर होकर वो किया जो उनकी नजर में सही था
04:00और फिल्म के आखिर में हम देखेंगे कैसे नायर ने डायर की सच्चाई का खुलासा किया पूरे देश के सामने
04:06जिससे कोड में सावित हो गया कि डायर गिल्टी है
04:09यह थी वो तीन फिल्में जिसने जलिया वाले बाप के हाथसे को अलब अलब तरीके से हम तक पहुँचाया है
04:15और हमें बहुत कुछ जानने को हुँ मिला जिससे
04:18हम मेकर से यह रिक्वेस्ट करेंगे कि वो भविशे में ऐसी और भी फिल्में बनाते रहे
04:23जिनसे हमें हमारे हिस्ट्री के बारे में और भी अच्छे से पता चले
04:27ऐसी और भी जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहे है
Comments

Recommended