ब्रिक्स में भारत को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है. ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच साझा बयान जारी करने को लेकर आम सहमति बन गई है और इसे जारी करने के साथ ही इसके अपनाने की घोषणा भी की गई. ये कामयाबी इसलिए भी अहम है, क्योंकि ईरान, सऊदी अरब और यूएई सभी इसी फोरम का हिस्सा हैं. कई क्षेत्रीय और भौगोलिक मुद्दों पर सदस्य देशों में गहरे आपसी मतभेद हैं. वेस्ट एशिया में चल रहे झगड़ों और बढ़ते तनाव के बीच, ईरान, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों के बीच आम सहमति बनाना बेहद मुश्किल कूटनीतिक चुनौती थी, लेकिन भारत की अपनी कूटनीति के जरिए ये पक्का किया कि ये मतभेदों के चलते BRICS प्रक्रिया को पटरी से न उतरने दें. भारत की कोशिशों का नतीजा निकला कि सदस्य देशों के बीच मतभेदों के बावजूद आम सहमति वाले साझा बयान का रास्ता साफ हुआ.
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