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दुनिया में युद्ध और संकटों के बीच नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को ब्रिक्स का 18वां शिखर सम्मेलन होने जा रहा है.

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00:16ुपरती अर्थव्यवस्था
00:30उपरती अर्थव्यवस्थाओं का एक संगठन है जो दुनिया के एक बड़े हिस्से का प्रतिनेदित्व करता है
00:35ब्रिक्स किन परिस्थितियों में बना, कैसे बढ़ा, इसने क्या हासिल किया और आगे की राह क्या है
00:41ETV भारत के आज के एक्स्पेनर में इनी सवालों का जवाब चानने की कोशिश करेंगे
00:46वितिय विश्व युध के बाद बनी वैश्विक संस्थाएं जैसे संयुक्त राश्र सुरक्षा परिशद, IMF और विश्व बैंक आज के दुनिया
00:55की वास्तविक्ताओं को नहीं दिखाती है
00:56उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने भारी आर्थिक ताकत हासिल कर ली है
01:00लेकिन इन संस्थाओं में उनकी आवाज उतनी मजबूत नहीं है जितनी होनी चाहिए
01:06दूसरे तरफ दुनिया में एक धुवियता बढ़ रही है
01:09संगरक्षनवाद एक तरफा कारिवाई और अमेरिकी वर्चस्ववाली वित्या व्यवस्था दुनिया को परिशान कर रही है
01:162022 में रूस पर पश्चमी देशों के प्रतिबंधों ने ये साफ कर दिया
01:21कि जिस वित्या व्यवस्था पर दुनिया निर्भर है वो कितनी कमजोर है
01:25इन्हें चनौतियों का मुकाबला करने के लिए विकास शील देशों को एक ऐसे मंच की जरूरत थी
01:31जहां वे अपनी आवास उठा सकें, अपनी प्राथमिक ताएं तै कर सकें
01:35साथ ही एक निश्पक्ष और बहुद्रोविया विश्वा व्यवस्था की दिशा में काम कर सकें
01:40इसी जरूरत ने ब्रिक्स को जन दिया
01:43ब्रिक्स की गहानी शुरू होती है 2006 से
01:45जब ब्राजील, रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक
01:50निउयोक में सैयुक्त राश्र महासभा के दोरान हुई
01:53तब इसका नाम था ब्रिक्स
01:552009 में रूस के ये कातिरिन बर्ग में पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हुआ
02:002010 में दक्षन अफ्रीका के शामिल होने के साथ ब्रिक्स बन गया
02:05सरसाल 2024 में ब्रिक्स के इतिहास का सबसे बड़ावस्तार हुआ
02:10एक जनवरी 2024 को मिस्र, इथियोपिया, इरान, साओधी अरब और सैयुक्त अरब अमिरात यानि UAE
02:18ब्रिक्स के पूर्ण सदस्य बने
02:20इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी ब्रिक्स में शामिल हो गया
02:25आज ब्रिक्स के 11 पूर्ण सदस्य हैं
02:28इसके अलावा 10 साजेदार देश भी हैं
02:31इनके नाम हैं बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाइलंड, यूगांडा, उजबेकिस्तान और वियतना
02:41ब्रिक्स के बढ़ती वैश्विक एहमियत इसी से जाहिर हो जाती है
02:45कि 30 से अधिक अन्य देशों ने भी ब्रिक्स में शामिल होने या साचेदार बनने की रूची दिखाई है
02:51स्थापना से लेकर अब तक यानि पिछले 20 सालों में ब्रिक्स ने कई बड़ी उपलप्तियां हासल की है
02:57इनमें पहली उपलप्ती है New Development Bank यानि NDB
03:01ब्रिक्स के मूल 5 सदस्यों ने मिलकर NDB की स्थापना की
03:05ये बैंक विकास शील देशों को बुनियादी धांचे और सतत विकास के लिए वित्त मुहया कराता है
03:12अब तक NDB ने 149 परियोजनाओं को मन्सूरी दी है जिन्हें कुल 42.9 अरब डॉलर की वित्तिय सहायता मिली
03:21इन परियोजनाओं में नवी करणिय उर्जा, पर्यावरन संहरक्षन, दुनियादी धांचा विकास, जल और स्वच्चता से जुड़ी परियोजनाएं शामिल है
03:30ब्रिक्स के दूसरी बड़ी उपलब्दी है Global South की आवाज बनाना
03:35ब्रिक्स आज Global South का सबसे प्रभावशाली मंच बन गया है
03:39ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग 47 फीसदी आबादी, वैश्विक GDP का लगभग 40 फीसदी और वैश्विक व्यापार का 26 फीसदी
03:48प्रितनिदित्व करते हैं
03:49तीसरे बड़ी उपलब्दी है वैश्विक शासर में सुधार, ब्रिक्स ने संयुकत राश्र, IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं में सुधार
03:57की मांग को एक मस्बूत आवास दी है
03:59इसके साथ ही व्यवहारिक सहयोग ब्रिक्स की चौथी बड़ी उपलब्दी है
04:04ब्रिक्स ने 2030 के लिए ब्रिक्स आर्थिक साज़ेदारी रणनीती पर प्रगती की है
04:092026 से 2030 तक ब्रिक्स Global Value Chains Action Plan को अपनाया गया है जो सप्लाई चेन को अधिकल चीला
04:18और डाइवर्स बनाएगा
04:19इन उपलब्दियों के साथ ब्रिक्स के सामने कए चौनोतियां भी है इसमें सबसे गंफिर चौनोती है आंतरिक मदभेद भारत और
04:27चीन के बीच सीमा विवाद और वैश्विक ने तृत्व की प्रतिसपरधा जारी है
04:32चीन, ब्रिक्स के भीतर आर्थिक रूप से काफी प्रभावशाली है जिससे भारत, ब्रजील और दक्षन अफ्रीका को आर्थिक असमानता की
04:40चनता है
04:41दूसरी चौनोती असेहमती की स्थिती
04:44मैं दोहजार चब्बीस में नई दिल्ली में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में संयुक तक होशना पत्र जारी नहीं
04:50हो सका
04:51इसका मुख्य कारण था इरान अमेरिका संघर्ष पर सदस्यों के बीच अलग-अलग रुख
04:56इरान चाहता है कि ब्रिक्स अमेरिकी कारिवाई की आपचारिक निंदा करे लेकिन इस पर सभी सदस्य सहमत नहीं है
05:04तीसरी चौनोती बाहरी दबाफ
05:07अमेरिकी टारिफ नीतियां और एक तरफा कारिवाईयां ब्रिक्स देशों पर आर्थिक दबाफ डाल रही है
05:13साथ ही ब्रिक्स के विस्तार ने सदस्यों के विविदता और प्राथमिकताओं को बढ़ा दिया है
05:18जोसे आंतरिक समन्वे और मुश्किल हो गया है
05:21इसके साथ ही संसागत कमजोरियां ब्रिक्स के सामने बड़ी चुनोतियां है
05:26Brix के पास मुद्रा, व्यापार और महंगाई के मुद्दों से निपटने के लिए मजबूत तंत्र नहीं है
05:31डॉलर अभी भी वैश्विक व्यापार तंत्र में हावी है
05:35सप्लाई चेन में आई बाधा और अमेरिकी दबदबे ने दुनिया में अजीब औ गरीब स्थिती पैदा कर दी है
05:41इन चुनोतियों के बीच नए दिल्ली में 18 वां ब्रिक्स शिकर सम्मिलन हो रहा है
05:46भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मिलन की थीम है
05:49लचीरापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण
05:54इस सम्मिलन का मुख्य एजंडा है स्थानिय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाना और डॉलर पर निर्भरता कम करना
06:01सीमा पार भुक्तान प्रणाली को मस्बूत करना
06:20ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है
06:22भारत का लक्ष ब्रिक्स को अधिक व्यावाहारिक, समावेशी और विकास उन्मुक बनाना है
06:28महज राजनीतिक बयानों से आगे बढ़कर व्यापार, क्रिशी, स्वास्थ्य, उर्जा और प्रोध्योगिकी में ठोस सहयोगलाना उसकी प्राथमिकता है
06:37ब्रिक्स ने 20 सालों में एक छोटे से समोह से दुनिया की सबसे ताकतवर गलोबल साउथ संस्थाओं में से एक
06:45बनने का सफर तय किया है
06:46दिल्ली शिखर सम्मेलन तय करेगा कि बड़ा ब्रिक्स अपनी विविदता को ताकत में बदल पाता है या नहीं
06:57This question will now be 12-13 September of New Delhi.
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