00:00इएक मानुस अपली समाजा साथी सौधा दिवस ऊकोषन करते थे जरत सरकार मचलने लोकेए था, अले जर मुख्यमंतरी यह उप्को
00:07प्वक् morally मंतरी यह भी लह तकाइज आना रे तुम्सा
00:10तुम्हाला कोमिडियन ला भेटा ल वेँफ़े
00:13पॉमेडिया नला तुम्हें बोलाता तुम्हें ओफिस में तेनला बिस्क्रिट खाऊ गालतात।
00:19आनी था मनोसर्थ 17 इसवाप पासुन उपाशी तेनला कौन भेटनार तेंचाशे कौन बोलनार।
00:50आनी रिस्क्याला इथे।
00:53तेंचे सरकार बोलाए ला सुधा तयार नहीं है।
00:59सरकार बोलनार को ना सुबद।
01:00कोमेडियन ला बूलून बिस्टिट खवखालनार।
01:03अनि मनुझ सरान सरक्या समाज सेवकानला असर्म मरन्या साथी छोड़ून देना रेका।
01:07माजी पुन्ना येगदा मिननती आहे। मुख्य मंत्रयान ला उपो मुख्य मंत्रयान ला।
01:13कित यावह मनोच सरानशी बोलावह अनि येंचे जयर काही मागने आहेत।
01:18तया तुम्ही आइका वया। ते काही स्वता साथी मागत नहीं है।
01:23ते शिक्षना साटीस गोश्ट गोश्टी मागता है, ते नई जहलर तर प्रतमेश देश्मुक सरकी आजून कितीक मुलान चा।
01:54संपुनय दवा तेंचे जेकाइ मागने ते सरकार ने आइका वेया संचुन घ्याव याथ अनके कश्या साथि मागते तेही संचुन घ्यावा
02:05शल्चेट एतने की चेहा कई अने वी सल्चों भरकार्भ्फ
02:19पुर्णा महाराष्ट्र ही थे ही लिए बेट घ्यूँ शक्तात खरतर ते मुलात अभीजित दिपके बच्चा है अजुन तेला महाराष्ट्र ची
02:38वास्तो परस्तिती मुलोजरंगी ची मागनिक आये
02:41मुनों जरांगे भाषा कुनाची बोलतू कुटली बोलतू यचा अभ्यास थोड़ा सा अभीजित लग्कमिये अमी अभीजित ला समझुन ग्यूँ अभीजित नी
02:49एक चलवली मदल्या महाराष्ट्र तेला जानकार वेक्ति कड़ून थोड़ी से सलले ग्यावित लोक्षाई
03:07और वेटी वर में यह व्रक्ति अभीजित ला महारस्ट्र कराला अजन पात्सदा वर्श्य जावी लगतिे महाराष्ट्र कहीं है जरांगे काय
03:18बोलतू थोता अनि जरांगे कुनाच राव द्वस्त कराईची बाश्या ब्लड़ा यह कर आला अभीजित भीजित ड़िग्या
03:35है सोनम वांग्चुक कुनिकड आनी रत्रंदिव साही मैवर्न सविधानिक पदा वर बसलेड़या मांचाना शिविगाल करनारा महिला कलेक्टर चा समुर और
03:46वाच्चे बास्यत बोलनारा मनो जरंगे कुनिकड त्या मोल अभिजीत दिपके बच्चा है तेला अपन प्रमाप
03:52कुरिया पर मनो जरंगे शिवरा बाश्या बलतो अरे सोनम वांग्चुक शिक्षन तद्न पदमस्री अवाड विनर रमनम एक्सेस अवाड विनर शिक्षन
04:02तद्न आयाटी चा इंजिनियर कुनिकड अडिच उतिना पास अरवच्च शिविगाल करनारा मनो जरंगे कुनिक�
04:21अमि आज अबिजित दिपकेंचिया बोमिकेशी कुट शिक्षना वर कुट इतल्या वेग वगरा प्रस्ना वर अंदलन करनारा अबिजित दिपके जैविली जात
04:32वर्चे स्वच्ची भाश्या बोलनारे मनो जरंगेला पटिमध आयले रातो वाइट वाट्वाट्वाट्�
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