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  • 18 minutes ago
बिहार- झारखंड के बीच वॉटर एग्रीमेंट के बाद पलामू और गढ़वा को सोन नदी से पानी कैसे मिलेगा, यह साफ नहीं. नीरज कुमार की रिपोर्ट.

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00:00जारखंड और बिहार सरकार के बीच पिछले 26 वर्सों से सोन नदी के पानी के बटवारे को लेकर विवाद खत्म
00:07हो गया है
00:0831 अगस्त को दिल्ली में जारखंड और बिहार सरकार के पीच सोन नदी के पानी के बटवारे को लेकर समझोता
00:16हुआ है
00:17इस समझोते के तहद अब जारखंड को भी सोन नदी का पानी मिलेगा
00:21सोन नदी के पानी से पलामू और गढ़वा के एक बड़े भाग में सिचाई की सुईधा उबलब्ध हो जाएगी
00:281973 में बिहार मदपरदेश और उत्तरपरदेश की बीच सोन नदी को लेकर बान सागर समझोता हुआ था
00:37इसी समझोते के दौरान कधुमन जला से परियोजना की सुरुवात हुई थी
00:43यह परियोजना कई दसकों से लंबि था विहार की सरकार इस परियोजना को लेकर दिचस्पी दिखा रही थी
00:522000 के दसक में जारखन के गठन के बाद इस परियोजना को लेकर विवाद हुआ था
00:58जारखन सरकार ने भी सोन नदी के पानी पर अपना दावा किया था
01:03करेंद आने के मोदें दिद्टिक में वाण सागर सम्जाब्स हुआ उस सम्जाब्स का नुसार विहार को 7.75
01:09पानी मिलना है उसी पानी में से 2.75 एमेफ पानी अब जारखंड को उपलप्त होग्ट हनो तो
01:18करीब करीब चार दसक पुराना है परन्टु समझाब。
01:53of
01:55पलामू के दो प्रघंडों में सिचाई की स्विधा उपलब्द होगी।
01:59हलाकि पलामू और गढ़वा में करूरों की लागत से सोन पाइपलाइन परियोजना पर भी कारे चल रहा है।
02:09निरज कुमार, इटी भारत, पलामू।
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