00:28।
00:30बन विवाग नी समस्य से छुटकार पाने के लिए कांकेश शहर के आसपास बिचरन कर रहे करीब 30 भालू की
00:37शिप्टिंग की योजना मनाई है।
01:00क्योंकि बहुत लॉंग रंजिंग एनिमल नहीं है।
01:02जैसे हाथी दिन भर में भी स्किन उन्टर चल लेता है।
01:05हाथ और भालू जो है अपने हैबिटेशन के आसपास ही रहता है।
01:09यदि हम ऐसा कर सकेंगे तो मैं बेक्तित तोर पे सोचता हूँ कि यह शायद इसका निराकरण की दिसा में
01:16एक प्रयास होगा।
01:21जैसे भालू हैं जो जिनका आदत या जो अपने मदर से जो पहले सावक थे और वो पहाड़ी सुतर के
01:29गली में घुमने या जो भी जहां भी जो भी उनको खाद्राथ में इसका आदत हो गई है।
01:35वो जंगल में बीचरन या जंगल के उसका प्रयत्री किरितिक भोजन को करने का उसको आदत ही नहीं है।
01:42तो ऐसे इस पार्ट को पहचान करके ये जरूर हम अनुमती ले करके अगर गवर्मेंट से अगर ऐसा अनुमती मिलती
01:52है तो जरूर कुछ संख्या को हटाये जा सकते है।
01:58वहीं दूसरी और भालों से छुटकारा पाने का या तरीका रहवासियों को रास तो आ रहा है लेकिन उनका कहना
02:05है कि अधि शिप्टिंग वाले जगा में भी भालों के लाइक चीजे नहीं रहेंगी तो वो फिर शहर में आकमक
02:11तरीके से बापसी कर सकते हैं।
02:13यहां पैदा हुआ इसी छेत्र में रहा है। अचाना कुसको को शिप्ट करने के लिए बोल रहे हैं तो शिप्ट
02:19कर लेंगे।
02:19इन सायद ये उनके अनुकुल नहीं होते हुए फिर वो तो ग्रामिण छेत्र में ही आएंगे।
02:27अचाना के लिए उनको मिलना ग्रामिण में हैं। तो शासन को सहर से उनको उल्टाज दिसाम बसाएंगे।
02:34उनको खाने पीने के पहले व्यवस्ता करें। तब वो लालत से सहर छोड़के पहाड़ी छेत्रों में जाएंगे।
02:43एक व्यवस्ता होनी चाहिए कि फारेश्ट व्यवस्ता कोई मास्टर प्लान नहीं है।
02:48वो कुछ भी मलब अपने कोरणा काल में जैसे हुआ था ना कि लाइट जला लो, थाली बजा लो, कोरणा
02:53भाग जागा वो ऐसी सिती बन चुकी है।
02:55इनको क्या है, एक समुचित व्यवस्ता हो एक प्लान के साथ कि इनके लिए क्या उपाय किया जाए, कि खादे
03:00समागरी की व्यवस्ता की जाए जंगलों में, पेड़ पौधे का अरूपन किया जाए।
03:04अब तो देखे, कुछ बच नहीं रहे जंगलों में।
03:07इंसानों द्वारा उनके फल को भी तोड करके बजारों बेचा जाता है।
03:29कांकेर में बड़े पैमाने में उपरेशन जांबद शुरू किया गया था।
03:32ये योजना फेल साबित हो रही है, क्योंकि भालगों के लिए लगाए गए फलदार बिक्षो में फल नहीं लगते।
03:39which will be the human body in the body of the body.
03:43The human body will be the human body of the body
03:45and the human body will be the human body and the human body will be the human body.
03:49This is why the human body will be the human body.
03:55Concrete C, ETV, Bharat, and Social Salaam report.