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  • 7 weeks ago
विश्व साक्षरता दिवस 2026 की थीम “पीपल, प्लेनेट एंड प्रॉस्पेरिटी” यानी “लोग, ग्रह और समृद्धि” रखी गई है. संवादाता आनंद कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

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00:00देखिए, विश्व साक्षर्ता दिवस हम लोग 8 सितंबर इस बार 2026 का मनाने जा रहे हैं
00:12और जो 8 सितंबर को हर बार होता है और ये हमारा 68 युनिस्को के अंसार अंतरास्टी साक्षर्ता दिवस है
00:24अब ये अंतरास्टी साक्षर्ता दिवस का जो आपने थीम बताया वो people, planet and prosperity है
00:34अगर इस थीम को देखें तो ये थीम अपने आप में सर्व ब्यापी है
00:41सब कुछ इसमें रखा गया है जिसमें people भी है यानि लोगों से जुड़े हुए हर पहलू है
00:48planet है, planet का मतलब है कि हम environment की बात करते हैं, हम land की बात करते हैं
00:57हम जमीन हर चीज की बात जुड़े हुए जो भी लोगों से है उसकी बात करते हैं
01:03और लोगों की prosperity की बात करते हैं और यहां पर मैं वो उदारन देना चाहूंगा जो sustainable development goal
01:132030 का चौथा गोल हमारा है कि गुनवत्ता सिक्षा से लेके जीवन प्रियंत सिक्षा तक तो इस बार का जो
01:24हमारा लक्ष है वो लक्ष बिश्व के लिए नहीं बलकि पूरे वारत के लिए अत्यांत महत्वपुर्ण है
01:33people, planet and prosperity आज साक्षर्टा का अर्थ से पढ़ना लिखना नहीं रह गया है डिजिटल, वित्ति और पर्यावरणी साक्षर्टा
01:43को इससे सामिल करना कितना जरूरी है
01:45अब समय के अनुसार साक्षर्टा के पैमाने या परिभासा भी बदले हैं
01:55अगर हम आज साक्षर्टा को देखें तो सबसे ज़्यादा जरूरी है
02:00financial literacy, वित्तिय साक्षर्टा, digital literacy, political literacy, physical literacy, environment यानी हम हर पहलू के
02:13आज आप देख रहे होंगे आदमी व्यक्तिकत रूप से, मानसिक रूप से, mental literacy की बात हो रही है
02:20मानसिक रूप से कितने स्वस्थ है
02:22financial आप देख रहे होंगे जो भी सुविदाएं, सरकार की हो, गैर सरकारी, संस्थाओं की हो, नीजी हो
02:30किसी भी समया, COVID period में भी आपने देखा होगा, कि सारी वित्तियस चीजें, online के माध्यम से दिया गया
02:39कि apply करें और उसके बाद ही ये सुविदाएं मिल सकती है, यानि कोई भी financial lab जो पहले cash
02:48के रूप में या तो मिल जाता है
02:50या ऐसे ही मिल जाता था, वो सभी हमें portal के माध्यम से, application के माध्यम से मिलता है
02:57इसलिए आब सकता है कि हमें सिर्फ काखगः यरलब की ही साक्षर्टा की जरुत नहीं है, यानि परना लिखना और
03:07basic mathematics की आब सकता नहीं है
03:09उसके साथ साथ financial वित्तिय साक्षर्टा और digital literacy और इसके अलावा physical, mental और हर तरह की environment की
03:22सजगता
03:23ये भी एक साक्षर्टा, consumer literacy, ये सभी साक्षर्टा के अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है
03:31और इसी के लिए साक्षर्टा को सबसे पहले एक मानव अधिकार का महत्वपूर्ण अंग कहा जाता है
03:40कि अगर हम साक्षर हैं, सिख्षित हैं, तो हम विख्षित हैं, तो एक महत्वपुन आयाम के रूप में है
03:48क्या पर्यावरण के प्रतित जाहरूपता को इस्कूर और कॉलिज की सिख्षा का अनिवार हिस्सा बनाया जाना चाहिए?
03:54कि आज जब हम विकास की दोर में चल रहे हैं, हमारा या कुरे बिसुकायों कहें कि सहरी करण हो
04:04रहा है, इस सहरी करण में अर्बनाइजेशन हो रहा है, इस दोर में हम बार बार पेरों की कटाई करते
04:13हैं, जमीन का नुकसान करते हैं, पहारों पे नुकसान करते हैं, कभी लें
04:22the environment
04:22the global warming
04:25the environment
04:27this is why
04:30we do not
04:32make up
04:33we have to
04:34make up
04:36this
04:50।
04:53प्रियावरन के प्रति जागरूपता ही नहीं, बलकि हम एक हर बच्चे को लगा दें, कि हर एक बच्चा कम से
05:00कम एक पेर लगाए, और उस पेर का रख रखाओ, देखवाल उसको डिजिटल रूप में सो भी करे, और वो
05:09आने वाले समय में बताए, कि कैसे हमने उसको विक्सित
05:13किया, क्योंकि एक पेर का सवाल नहीं है, इन्वारमेंट के ओवर ओल का सवाल है, क्योंकि विक्सित और अर्वनाइजेशन के
05:22नाम पर अगर हम जल जमीन और हर चीज में पसुहर का बाइलेंस नहीं बना पाए, इन्वारमेंट का, तो जो
05:31विकास की हमारी धारना है, उस धा
05:35foreign
05:40foreign
05:41foreign
05:41foreign
05:45foreign
05:46रूप में भी लिया जाए एक करिकुलम का हिसा भी बनाये जाए को करिकुलर भी रखाजाए और हर सरकारी और
05:53गैर सरकारी संस्थाइं इसको और ज्यादा से ज्यादा आगे बराने
05:57का काम करें ACE.
05:59कि आज जो आपने महत्वुअ्पुन सवाल किया रोजगार का वह रोजगार
06:11साकफुर्टा से महत्वुपुन रूप से जुरा हुआ है
06:15यानि साकफुर्टा जो है वह साकफुर्ता रोजगार का पहली siri
06:29।
06:31foreign
06:34foreign
06:36foreign
06:36foreign
06:36we need to see ourselves in this room, that we have a causal,
06:40or the knowledge of causal and causal,
06:43one and the other one has been related to the other.
06:45When we talk about causal,
06:46we have two types of causal.
06:48We have talked about financial and digital literacy,
06:52which is our critical life skills.
06:56That is, we have talked about the word,
06:58the word, the word,
06:59the word, the word, the word,
07:00the word, the word,
07:03the word, the word,
07:04our critical life skills.
07:06And the word,
07:16the word,
07:17this word,
07:24the word,
07:27this word,
07:29which means that,
07:31this word,
07:33the word,
07:36।
07:37।
07:39।
07:39।
07:43।
07:45॥
07:48।
07:52।
07:54।
07:57।
07:58foreign
08:06foreign
08:08this is the opportunity to see which is the opportunity to see which we have to be able to
08:22be able to see. So, as we are in classroom with children or in society or in the group,
08:32So AI is the same thing that we can see in a different way that we can see in a
08:41different way that we can see in a different way.
08:56and we will not be able to get to the AI
08:58because AI is our life in some years
09:05and we will not be able to get rid of it
09:09but we will not be able to understand
09:12and we will not be able to get rid of it
09:22yarni Sikshah ke dvara
09:24,Humko Gnodna Mister Kowtsal ke dvara
09:26,or Sikshah Kowtsal ko AI ke Madhyam Se
09:29Gnodna ka eek Atyant mahatopund karie ke rup me rahae ga
09:33Maarhila sakshahta ka parivaar
09:36Shermanidhi Teru kia prab sturta hai
09:39ndekhi mahilayen takrawan
09:42hamarai samaj me
09:45pachas prtisat ke kariib hai
09:47ndokai wari ki dhoori hai
09:51we say we do a fewerem
09:55the person who is a full-time
09:56the person who is a full-time
09:58and the person who is a full-time
10:04is the person who has the full-time
10:06if they are a full-time
10:13foreign
10:20foreign
10:21foreign
10:22foreign
10:23foreign
10:54।
10:55और उनकी मुख्यधारा में लाते ही परिवार समाज का एक गुनवत्ता के रूप में विकास हो रहा है और इसको
11:05और जादा जो गरामीन परिपेक्ष में ये चीज़ें अभी उतना ससक्त रूप से नहीं हो पा रही हैं महिलाएं जादा
11:14नहीं निकल के रोजगार कौसल ट्रेन
11:48अगर आप अभी नई सिक्षा नीती देखें तो बच्चे अब सिर्फ
11:54युवा सिर्फ classroom से जूरना नहीं चा़ते बेभारिक ग्यान प्राप्ट करना चाहते हैं और बेभार में जो अलग अलग धंग
12:06से कौसल है यानि आप कहें कि अगर कानुनी सिक्षा देते हैं सो सिध्धांत के रूप में आप कानुनी सिक्षा
12:13दे रहे हैं लेकिन उसकी प्रक्
12:24about to travel to to such a state.
12:29Now,
12:30तो पहले हमारी सिक्षा नीटी आने से पहले बेभार को नहीं जोड़ा जा रहा था कौसल को नहीं जोड़ा जा
12:39रहा था अब बेभार कौसल और उनमें भी एक जो महत्वपूर्ण चीज है वह है इंटर्णशिप यानि 100% बच्चे
12:48को बेभारी ज्यान से जाना कौसल से जोड
12:55जोड़ना financial literacy से जोड़ना consumer literacy से जोड़ना और उनको एक peer training के रूप में देना और उसके
13:05साथ साथ जो intergenerational learning है हमारे समाज में जो senior व्यक्ति हैं भुजुर्व व्यक्ति हैं उनको भी परिबार के
13:16हिस्से के रूप में उनके अनुभव से इन युवाओं को जोर के समाज को ब
13:25और इसलिए आप देख रहे होंगे जो value edition courses है या causal विकास बाले जो courses है वो ऐसे
13:34courses है जो curriculum के साथ सार्थ रोजगार उन्मोलन केंस को भी है कि रोजगार ज्यादा से ज्यादा दें और
13:42रोजगार को हम कैसे 100 रोजगार से जोर पाएं कि वो अपने आपको युवा एक ससक्त कर
13:52पाएं एक इंटर्पर्णर बन पाएं और अलग-अलग कोशल के माध्यम से अपने भी विभार के रूप में रोजगार को
14:00जोर पाएं
14:01बिश्व साक्षर्टा दिवस दोज़ा 26 पर युवा के लिए आपका संदेश क्या है देखिए आज बिश्व युवा साक्षर्टा दिवस है
14:12और जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत में सबसे ज़्यादा युवा वर्ग के लोग हैं
14:21और अपने देश की जो एक सबसे महतोपुर्ण चीज है वो चीज है कि सबसे ज़्यादा अपने देश में अभी
14:31एक दसक या कुछ और समय तक युवा रहने वाले हैं
14:37यानि वो युवा जो कौशल के माध्यम से सोरोजगार के माध्यम से ये युवा जो भारत के युवा हैं जो
14:46बिशुक्वे हरे कोने में कहीं भी हैं
14:51Silicon Valley, Europe, all of this,
14:53all of this, in order to follow up,
15:05our friends,
15:07our reputation of our world,
15:10our land.
15:12foreign
15:14ुवा चाहे वो किसी वर्ग से हों समुदाय से हों किसी जेंडर से हों उनको देश के एक नागरिक होने
15:24के कारण उनको भी एक बराबर समवैदानिक अधिकार होने के कारण
15:30उनको भी ये आवसकता है कि जो बंचित वर्ग के लोग हैं जो सिक्षा में नहीं आगे आपा रहे हैं
15:38उनको आप पढ़ाई के साथ साथ किसी न किसी एक बच्चे को अपनाईए किसी न किसी समाज के वर्ग को
15:46अपनाईए
15:47हमारे ये अपील है कि हर एक युवा और सिक्षक मिलके समाज के उस वर्ग तक पहुचने की कोशिज करें
15:57जो अभी भी हासिये पे हैं और उस हासिये में से कुछ लोगों को चुनकर आगे बराने का मौका करें
16:05तभी हमारी एक नागरिक के रूप में सफलता व्यक्तिकत रूप से परिवारिक रूप से समाज और रास्ट के रूप में
16:14होगी

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