00:00नेपल गी बात कर लेते हैं जहा तबाही के बीच चमतकार की तस्वीरे भी आरही है दस तिनों से मलूएं
00:04फ़सा एक इंजिनियर जिन्दा बाहर आया
00:17नेपाल में आई तबाही के बीच ये चमाकार की एक तस्वीर है
00:20बिराशकारी बार के दस दिन बाद त्रिशूली 3-A हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग से एक शफ्स को जिन्दा बाहर
00:27निकाल लिया गया
00:28ये कहानी है मेकानिकल इंजीनियर संजे साह की जो करीब 10 दिनों तक अंधेरी सुरंग में जिन्दगी और मौत के
00:36भी चूलते रहे
00:39मुश्किल की उस घड़ी में उन्होंने पूरे समय महा मज़र का जाप किया उनका कहना है कि इसी जाप ने
00:45उन्हें हिम्मत दी
00:47हाथ से के वक यहां करीब 40 से 45 लोग मौजूद थे
00:51कंट्रोल डूम की जम्मेदारी मेकानिकल इंजीनियर संजे साह के पास थी
00:55बाढ़ का पानी और बलबा सुरंग में घुसा तो हाला तेजी से विगड़ गए
00:59संजे के सामने सबसे बड़ी चुनोती सिर्फ अपी जान बचाने की नहीं थी
01:03बलकि वहां मौजूद दूसरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की भी थी
01:07दूसरों को बचाने और सुरक्षित निकालने की कोशिश में उनका कापी समय बीच गया
01:13लेकिन इसके बाद संजे खुद सुरंग के भीतर फास गये
01:48नेपाल में एक और तबाही की तस्वीर नजर आ रही है जो कि अपने पीछे जिन्दगी भर का दर्द दे
01:54गई है
01:54तो वही दूसरी ओर संजे साथ जैसे चमतकार भी देखने को मिल रहे हैं
02:01दस दिनों तक अंधेरी सुरंग में जिन्दगी की उमीद लगाए बैठे संजे सा आज बाहर है
02:08मुश्किल के उन दिनों में वो महा मंत्र का जाब करते रहे जिन से उनकी मांसिक स्थिती मजबूत बनी रही
02:17ये सिर्फ एक रिस्क्यू नहीं बलकि संजे के लिए एक नया जीवन है
02:22काटमांडू से पंकस दास आज तक
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