00:00प्रदेसबर में निकाइ चुनाव में नामांकर नवापिष लेने के बाद साफ हो गई है और परचार में जुड़ गये हैं
00:07हमारे साथ मुझूद है बिलवरा सेर्च से विदाएक असो कोठारी जी कोठारी जी ने इस बार नवाचार किया चुनाव परचार
00:16के बाद जो भी �
00:17foreign
00:19पारसदों में खरीद प्रोक्त नहीं हो, राजनेती में पारदर्शिता है, दरातल पर स्वच राजनेती हो, इसका संदेश देने का काम
00:28किया जा रहा है, निकाई चुनाव का परचार शुरू हो गया, किस तरह आप, क्या मुद्दा लेकर सहर में जा
00:33रहे हो, जिससे आपका मो
00:47प्रोक्ति हो, और अच्छी सोच को लेकर आए, और सेवा को लेकर आए, जनता उसके पच्चिनों पर चलती है, तो
00:56एक राजनेता को आधर्श होना चीलिए, तो हमारे भाव हमेशा यही रहे, और नगर निगम चुनाव से लेकर, पहले के
01:03चुनाव को भी लेकर, ती व्यक्
01:17सारी की कारिकरता की मिटिक में भी हमने यही खा था, कि राजनेती में अच्छे व्यक्ति आना चाहिए, और जनता
01:23को उसको चैन करने में महस्पूर भुमिगा निबानी चाहिए, अभी जनता भी थोड़ी सी निस्क्रे रहती है, तो मैं पूरे
01:31देश्वासी को सभी मित्रु
01:33को नागरिकों को कहूंगा कि आप हमेशा जब-जब भी वोटिंग होती है, जब-जब भी मद्दान होता है, तो
01:40अधिक से अधिक भाग ले, अच्छे विक्ति का चैन करे, क्योंकि वो पूरा सासन कर रहा है, वो विक्ति अच्छा
01:46होना बहुत आउश्यक है, और हमने ते भ
02:01कि अधिक से निया है, आप राजमिति में आना चाते है, तो क्या लेकर आएंगे, तो सेवा को लेकर है,
02:06मत्रशेवा को लेकर, तो कितने आध्में को शंकल पत्र भरवाया था
02:10We have here, we have about 24-25 workers, who are the people who are getting into this letter.
02:23We have all this letter.
02:24foreign
02:55ुद्धिश है कि वो एक तरह से घोष्टना करे इश्वर को शाक्षी मान कर
03:00कि मैं इस सित्र में नगर निगम चुनाओ के अगर पारशत के लिए मुझे जनता चाहिन करती है
03:06तो मैं परमानिकता से काम करूँगा और बाद में जब भी बोड का महापोर बनेगा
03:12तो खरीद परोग का इस्ता भी नहीं बनूँगा और उसमें नेतिकता रखूँगा पूरी इमानदारी रखूँगा
03:18और जनता के विश्वाश को कम नहीं करूँगा विकास के कारे के लिए भी खड़ा रहूँगा शुक्ष दुक्षा भी साती
03:24बनूँगा
03:25और उसके साथ मैं बिल्कुल परवानिता से काम करूँगा
03:28यह आपने नवाचार किया गाजनती सीमा सुचिता और पाड़लाशिता इसके एक परियास किया है
03:33और यह मेरे भावर है और मैं पूरे देश वाशी सभी राजनताओं से कहूँगा
03:37कि राजनती शत्र इतना महसुण बड़ा शत्र है यह अच्छे लोग नहीं आएंगे तो देश का और जन्ता को कैसे
03:45न्याय मिलेगा
03:46और देश को कैसे अपना विकास होगा हाँ हमें घर्व है हमारे देश के राजा परदान मंतरी जी पर
03:51जो एक नोंने स्वाभी मान गोरों तो बढ़ाया विकास अर्थ व्यवस्ता ऐसा ही जीवन जीते हैं ऐसे कहीं मापुरूशे जो
03:59मेरे आधर्स देरे राजनती सर्व
04:01आपने जब विचार पर इस वार से चुनाव लड़ा बाजपा को समर्थन दिया इस नगर निकाए में अपने को कितनी
04:07तवज़ा मिले अपने साथ जो कितने कार्य करता थे उनको पार्टी ने परचैसी बनाया थे देखे सर अपना क्या मेरी
04:15विचार तारा तो समेशा बारत
04:30इसमें भी कितने माप्रुष्ण का त्याग तपश्या लगी थी और उस विचार दारा से थे हम अभी जब हमने 23
04:37तारीकों हमें इंडिपेंडेन आना पड़ा पहले के चुनाव में विदान सभा के चुनाव में हमें जनता का भाव था और
04:43विचार परिवार और प्रबुद
04:59अगया नियम तो प्रबुद का या करना ना है तब भी हमने उनको कहा कि जब भी इस तहरा में
05:02नहीं आएंगे आएंगे तो व्यक्तित खोड़ा हैं इस बार�ordं है वही प्रदीस तर बहुत कुछ तीन वानिए मुख्यमंसरीजी बान एंगे
05:25नहीं मुख्यमंसरीजी गूर
05:56Thank you very much.
06:01Thank you very much.
06:31Thank you very much.