00:00प्रसिद्ध कथावाचक अनुरद्द आचारे महराज ने कई समसामाईक और महतुपूर समाजिक मुद्दो पर अपनी बेबाक राय रखी है।
00:30और आरक्षन का लाब गरीबों तक पहुंचाने की पैरवी की।
01:00उन्हें आरक्षन दिया जाए।
01:02उन्हें बास तबक में जरूरत है वो कोई भी हो सकता है।
01:07हटाया क्यों जाना चाहिए।
01:09जो गरीब है उससे देना चाहिए।
01:10और जो गरीबी रेखा से उपर आ गया उससे आरक्षन की कोई जरूरत निचाहे वो कोई भी हो।
01:15हाल ही में लोकसवा में नेतर प्रतिपक्ष राहूल गांधी ने मनुस्मृती को लेकर कई बयान दिये थे।
01:20जिस पर देश की सियासत में काफी हलचल हुई।
01:22राहूल गांधी के मनुस्मृती वाले बयान पर कथावाचक अनुरदाचारे ने भी अपलटबार किया है।
01:27उन्होंने कहा कि तीन तलाक और हलाला जैसे मुद्दो पर वो चुप रहते हैं।
01:32राहूल गांधी जी कभी तीन तलाक के बारे में बोले।
01:38राहूल गांधी जी कभी बुर्खा के बारे बुर्खा के बारे में बोले।
01:42राहूल गांधी जी कभी जो ये चलता है ना मुसल्मान भाईयों में किस तीन तलाक लेने के बादे बापेस आना
01:54चाहे तो कुछ होता हुनका हलाला।
01:5724.
01:5926.
02:0029.
02:0030.
02:0329.
02:0330.
02:0431.
02:1931.
02:30अब बताईए क्या मुसलमानों में अल्ला को तो भगवान की उपाधियों नारी को भगवान की उपाधियों नहीं है।
03:11ुप्राण
03:21That is why we call it
03:27Ram, Ram, Ram, Ram, Ram, Satya, Ram, Ram, Ram, Ram, Ram, Ram, Ram, Ram, Ram, Ram.
03:33It is so good that he gave up his body, but he did not give up his body.
03:39So, this is so good that he could understand a body of body of body.
04:10।
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