00:06नेपाल त्रासदी के बाद उत्राखन में मौजूद ग्लेशियरों और उनसे बनने वाली जीलों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई
00:13हैं
00:13उत्राखन में कई ऐसे ग्लेशियर और जील हैं जो वैज्ञानिकों की टेंशन बढ़ा रही हैं
00:20हाली में वाडिय इंसिट्यूट की एक स्टडी रिपोर्ट रिजिनल एन्वारमेंटल चेंज जर्नल में छपी है जो भविशिक के बड़े खत्री
00:27की तरफ इशारा कर रही है
00:29दरसल वाडिय इंसिट्यूट ने टिहरी की बिलंगना घाटी में मौझूद 6 ग्लेशियरों खत्लिंग, फेटिंग, दूद गंगा, रतंगरियां, जोगिन और एक
00:39अनाम ग्लेशियर पर स्टडी की थी
00:41इस स्टडी में 1973 से 2025 तक के डेटा का अधियन किया गया, जो काफी चौंकाने वाला निकला
00:49वाडिया की इस रिपोर्ट में पता चला कि बिलंगना घाटी के ग्लेशियर तेजी से पिगल रहे हैं
00:54सबसे जादा असर खतलिंग ग्लेशियर पर पड़ा है, जो करीब पांच दशाम लव तीन-तीन किलोमीटर पीछे खिसका है
01:01हमारा स्टडी बिलंगना बेसिन के उपर है, तो में मेंली हम लोगों ने च्छै ग्लेशियर के उपर स्टडी किया है
01:08from 1973 to 2025, तो हमने उसमें mass loss analysis किया है, ग्लेशियर का सारे च्छै ग्लेशियर खतलिंग, जोगिन, रतंगरियन,
01:20फटिंग, दूदगोंगा और अननेम्ड ग्लेशियर
01:24तो उसमें हमने major findings के हिसाब से देखा है जो खटलिंग और फटिंग ग्लेशियर है, जो initially 1960s, 70s
01:31में connected था, पर इतना mass loss और उसका retreated बहुत ज्यादा है, जो as compared to गंगोत्री, जो longest
01:39glacier in गर्वाली मेल है, उसके compare में बहुत ज्यादा है
01:42चिंता की बात यह है कि ग्लेशियरों में उपरी हिस्से पर भी बदलाव देखे गए हैं, जहां पर सामान्य तोर
01:48पर बर्फ जमा होती है
01:50यही कारण है कि ग्लेशियर तेजी से पिखल रहे हैं
01:53सबसे ज्यादा च्षेत्रफल खतलिंग ग्लेशियर का करीब 2.79 वर किलोमीटर घटा है
02:00इसी तरहा फेटिंग ग्लेशियर करीब 0.71 दूद गंगा 0.64 जो अनाम ग्लेशियर है उसका च्षेत्रफल करीब 0.50
02:11वर किलोमीटर
02:12रतंगरिया में करीब 0.23 और जोगीन ग्लेशियर में करीब 0.35 वर किलोमीटर च्षेत्रफल घटा है जो अच्छे संकेत
02:23नहीं है
02:23अगर आप लॉंग टर्म स्केल पर देखें कि पिछले 4 साल, 5 साल, 10 साल के स्केल पर देखें
02:28तब आप देखेंगे कि हाँ वास्तमी ग्लेशियर का जो जो उनका एरिया है वो शेत्रफल जो है वो लगातार कम
02:37हो रहा है
02:38और उसका सबसे बड़ा रीजन जो मांते हैं लोग क्लाइमेट चेंज की बात करते हैं, ग्लोबल वामिंग की बात करते
02:44हैं
02:45मतलब इसमें कोशिक की बात नहीं है कि यह जो ग्लेशियर लेजिस जो है वो उनकी भी एपनी एक साइकल
02:54है, वो थाल्दंस ओफियस में चलती है
02:55लेकिन जो क्लाइमेट चेंज का असर है, जिसकी वज़े से वो साइकल के कहीं उपर आपर आपरेट कर रहा है
03:04मतलब इसकी वएशियर के शेतरफल में लगातार कमी हो रही है, वो कहीं कहीं ज्यादा है, जितना की आप उमीद
03:15कर सकते थे कि भई उमीद होती थी
03:19and the people who believe, they are climate change, global warming.
03:26Glaciery room for Vardia's study report,
03:29which is a result of a change in the world.
03:33It is a result of a change in the world,
03:33which tells us that in the world of Glacier and Geelos'
03:36is a result of the change in the world.
03:39So that the change in the world is a result of the change in the world.
03:44EGV Bharat for the day,
03:46and the change in the world is a result of the change in the world.