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Upload date: 07/06/21

Disclaimer: This documentary was supported by a grant from the Thakur Family Foundation. Thakur Family Foundation has not exercised any editorial control over the contents of this reportage

उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन न मिलने की वजह से लगातार हो रही मरीज़ों की मौत | यूपी सरकार के मुताबिक इस साल 20000 से ज्यादा मरीज़ों की मौत | ज़िला शामली के कोविड अस्पताल एल -2 में सामने आई अस्पताल कर्मियों की लापरवाही |

टीम- विशाल स्टोन्वॉल, आशीष स्टोन्वॉल

Multiple patients are dying every single day in Uttar Pradesh due to the lack of oxygen. According to UP government, more than 20000 people have died in 2021. Negligence of the personnel working in Shamli’s Covid Hospital L-2 has come to light!

Crew- Vishal Stonewall, आशीष स्टोन्वॉल

#covid19 #healthcare


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Transcript
00:00चल चत्र अभ्यान की और वीडियोस देखने के लिए सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन को दबाएं
00:08ये बात सही है कि अगर वो उक्सीजन ना आताते तो मेरे पती 100% आ जाते घर
00:13क्योंकि दूसरे डॉक्टर ने यही कहा था कि आप अपने भगवान को याद करो आपके बती को कोई तिकत नहीं
00:19है
00:58मंतेज जी क्या हुआ था कब की घठना है ये कब ये पांस तारिक की घठना है उन्हें दो दिन
01:06तेले बुखा रहा था तो हम यहां पर एक तिन तो हमने गाओं की दावाई खुलाई एकनुसरे को या रामने
01:13लगवान
01:13तो हम यहां लेगे गए शामली तो यह किस होस्तिकल में बढ़ती थे यह एल्टु अस्पताल में थे शामली में
01:19एडमिट करने के बाद उन्होंने आदा घंटे ऑक्सीजन लगाया तो वह आदा घंटे में ही खतम हो गया कि एक
01:26वदवता पचास अजार रुपे हैं हमारी हा
01:42रामी के आद सब्सक्ट में पूलाओ हमारी ही और जो मेरे जांगित दॉसरी शामने जा час पर एक बुरिया के
02:06उन century उन पर लगा दिया मैं ने उसे काम भेख तुमने पैसे मुझसे ले ले लोगादियाँी हैं असा क्यु
02:11कर रहा है
02:12तो मैं तुरंत अपने मरीज के पास आई तो उनकी हालत विगड़ती जा रही थी पहुत ज़ादा
02:16तो कहने लगा कि कोई बात नी मैं इनको इंजक्शन लगा देता हूँ
02:20उसने इंजक्शन लगाए चार चार इंजक्शन लगाने के बाद उनका शरीक काला पढ़ने लगा
02:25मैंने कहा तुरंत मैंने का भी यह तुमने क्या करा इंजक्शन लगाते शरीक काला क्यों पढ़ने लगा
02:30कह रहा है कि कोई वातनी सबसे पूचर सबके लगा रहे हैं जबकि उन्होंने साथ डेड़ बोटी में सामें निकाल
02:36ली थी तो फिर मुझसे कह रहे हैं कि कोई वातनी मैं अक्सीजन ला रहा हूं अक्सीजन लाने के बाहने
02:40फिर मैं बहार को गई तो उसने क्या कहा कि सुन लो
02:43उक्सिजन सलेंडर तो खतम हो रहे हैं और आप ऐसे करो बारा बज़े रात को गाड़ी आएगी तब उक्सिजन सलेंडर
02:50मिलेगा तो इस बीच में मेरे पती की हालत बिल्कुल खराब हो चुकी थी उनको खिच-खिच के सास आ
02:55रहे थे
02:56मैं फिर भी सब से रोती जीजक्ती फिरे गई हुआ तो सब ने कहा कि कोई बात नी और तुम
03:02ना इनको कहो कि सलेंडर लगाए तो उसने सलेंडर नहीं लगाया इसलिए मेरे पती की तड़क तड़क के जान चलिए
03:29उसने प्रकार से कोई मदद मिली हूं किसी तरह का मुआज़ा या को लिद अबर अबहाया भी तक तो कोई
03:34भी मुआज़ा नहीं मिला अर मुआज़ा बिल्कुल भी नी दिया मावच्चे के बारे मैं बात भी कर रहे हैं सुर्ज
03:39राना जीसे कभी तो बॉलते हैं अगर जमी
03:41तो जमीन के उस पर मिल जाता आपको लेकिन एक बात बता हुजा अगर हमारे पास जमीन दोती तो हम
03:47सुरेज रहना से मदद क्यों लेते हैं
03:48सरकार भी हमारी और क्याना मंत्री भी हमारा लेकिन दुरगती हमारी सबसे जादा
03:54यहां तो आगे क्या अःस तरह काको लड़ेंगे या कैसे करवें लेको वह यह केस तो तो मैंने कर लगका
04:01विल तो होनी नहीं दूंगी बल
04:03हिए मैं तो सर्जाओी दिलौंगी उसको अभी क्या फील है आपकी किस तरह की मदद कातिगी मैं यह कहते है
04:23जो मैंने अपना घर वनाया मेरी आर्थिक मदद हो जिससे कि मैं उनका करजा उतार पाऊं और ये मैं अपने
04:29ले नहीं लड़ रही हूं मैं पूरे समाज के लिए लड़ रही हूं क्योंकि आज मैं मेरे साथ ये सब
04:35हो है कल किसी और के साथ ना हो
05:01कि मैं आज रात ना हुआ है कि मैं आज़िए रहागन चेजिए आज़िए ना है
05:23पुझाना ले गए थे जी अस्पताल नी था वो डॉक्टर की दुकान थी एलाज पराइब कब तक रिलाज चला उर्गा
05:35कितने दिन उनका इलाज चला जी पांच-छे दिन पांच-छे दिन में उजर गए तो क्या बताया डॉक्टर ने
05:42किस चीज की कमी रही लाज में क्या दि
05:57तो आपने कहीं से ओक्सिजन भी लाने की कोशिस की थी लाने की कोशिस तो करते सार लेकिन भूमे लेकिन
06:04कोई भी यह बोलता था कोई 20,000 कर देगा 25,000 कर देगा इतने पैसे कहां से लाते बता
06:09हो अब हमारा मकान तो करका है नहीं अब जो गिर्वी रखके और पैसा लियाएं�
06:15तो अचिजन कहां से लगते यह बता हो ती नहीं जो इंतिजार को आप ताना जी वो भी तने बड़े
06:28कुछ वड़े कमल गयता है
06:38कभी कोई बताया आपको बीमारी के बारे में पहले कोई बीमारी नहीं थी पहले काम करता था अच्छा लील बेकता
06:44था
06:44हो अर्यान इमैं सूनी पड़ जागें बच्चे उसके ही रहते थे तो उसके परिवार की अब किया श्तिती है किसे
06:52परिवार की श्तिती आरे जी पैसा कुछ नहीं एदो रहे हैं अभी बुखके मड़ने के दिना रहे हैं अब कोई
06:59वैसे तो पैसा देगा नि승 आब लोग के
07:14मनने की दिन आ लिए जो भी पैसा लगा इनके पास वी इसनी। उसको घिरवी रख रखे मतलब जो भी
07:20मैं समान था सब को
07:22कि अरख रख जब उसके पास पैसा लगा इसके उपर pink बिए पोड़िया कुछ tidak wrote पेट ओपन लुने
07:28जब करें किसी भाड को करी कर गए मजदूरी ढूंड़ते आप छिनाज भी कोई निलागवाता मजदूरी कहां से मिल जाएगी
07:33क्योंकि किसी के पास पैसा नहीं है तो मजदूरों का तो मल नहीं है इधर से देख लो जो उधर
07:38से देख लो
07:41कर दो
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