00:00वो प्रकिर्टी की मर्जी है जब जाहे इनों बना सकती है बिगाड बे सकती है जिनके साथ ये बेहत दुखत
00:07हाथसा हुआ है कही न कहीं कचोड़ता है मन
00:10मैं संदेश ये देना चाहती हूँ कि युवा जितने हैं एक तो पढ़ाई पे ध्यान दें देश को बदलने की
00:20जो चार में निकले हैं सारे जेंजी पढ़ाई पे ध्यान दें अपने मोटिफ पे जब तक आप एक गोल बना
00:30के लाइफ को नहीं देखेंगे तब तक आप कुछ
00:32अचीव नहीं कर पाएंगे आई तेंक वो बहुत ज़रूरी है और साथी आज इतने खूबसूरत मौके पर इंद्रा आईवियेफ के
00:40ग्राइन इनाउगरेशन पर हम सब एकत्रित हुए हैं उसके लिए मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहती हूँ आज 11 साल
00:47पूरा ह
00:47हुआ है और सब यहां अपने बद्दे के उपलक्ष पर आज मैं यहां पर इससे बड़ी बात और क्या हो
00:56सकती है
01:02अमिन यह बेहत दुख दुखत बात है और कहीं न कहीं कचोड़ता है मन लेकिन प्राकिर्तिक आपदा विपदा से हम
01:14बच नहीं सकते हैं वो प्रकिर्ति की मर्जी है जब जाहे इनों बना सकती है बिगाड़ बे सकती है
01:20बट मैं चाहती हूँ कि मेरा मेरी समवेदना है उस सभी परिवार के साथ जिनके साथ यह बेहत दुखत हाद्सा
01:31हुआ है तो मैं बस प्राटना ही कर सकती हूँ
01:40पर इंद्रा एविए फर्टिलिटी सेंटर में हम लोग आ के राजनिती का बात क्यू करेंगे हम बच्चों का बात करेंगे
01:48माता पिता के सपनों की बात करेंगे मैं संदेश यह देना चाहती हूँ कि युवा जितने हैं एक तो बढ़ाई
01:57पे ध्यान दें
02:00देश को बदलने की जो चाहर में निकले हैं सारे जेंची पढ़ाई पे ध्यान दें अपने मूटिफ पे जब तक
02:09आप एक गोल बनाके लाइफ को नहीं देखेंगे तब तक आप कुछ अचीव नहीं कर पाएंगे
02:14आई तेंक वो बहुत ज़रूरी है और साथी आज इतने खूबसूरत मौके पर इंद्रा आई विए के ग्रैंड इनाउगरेशन पर
02:22हम सब एकत्रित हुए हैं उसके लिए मैं बहुत बहुत दन्यवाद देना चाहती हूं आज 11 साल पूरा हुआ है
02:29और
02:30सब यहां अपने बद्दे के उपलक्ष पर आज मैं यहां पर हूँ इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है
02:37अमिन यह बेहत दुख दुखत बात है और
02:48कही ना कही कचोड़ता है मन लेकिन प्राकिर्तिक आपदा विपदा से हम बच्च नहीं सकते हैं वो प्रकिर्तिकी मर्जी है
02:58जब जाहे इनों बना सकती है बिगाड भी सकती है बट मैं चाहती हूं कि मेरी समवेदना है उस सभी
03:07परिवार के साथ