00:0411 साल बाद नेपाल में फिर एक द्रास्ती 600 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं
00:10धाई हजार लोग लापता हैं नमस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ आज तो उसमिश्रा विशेश
00:16में आपका स्वागत है
00:17आगे हम आपको दिखाएंगे नेपाल की वो बड़ी कवरे जो आज तक लगातार आपको इन प्रभावित इलाकों से दिखा रहे
00:23हैं
00:23आज तक की टीम लगातार उन इलाकों में जा रही है जो इस तबाही है उसका दंच झेल रही है
00:30इसके पहले मैं आपको अलग-अलग जगों के तस्वीरे दिखाएं, हमारी सेहोगी श्वेता सिंग नुवा कोर्ट के उस गाउं में
00:35पहुंची है, जो इस तबाही के मंदर से बरबाद हो गया है, बीते तीन दिनों में मैं उन इलाकों में
00:40गया हूँ, जहां मैंने तबाही की
00:54साल लगेंगे, ऐसे कई सारे सवाल खड़े हैं, राहत बचावकार्य अभियान भी चल रहा है, मौसम बाधा बन जाती है,
01:01अंतरराश्य टीमें यहां पर पहुंच रही है, और इन सब के बीच चुनोती लगातार बनी हुई है, क्योंकि पहाड के
01:07सबसे उचे हिस्से में इस
01:21चुनोती है, देखिए हमारे से होगी श्वेता सिंग जब नुवाकोट के गाउ में पहुंची जो इस तबाही का दंश छेल
01:27रहा है, तबाही अपने पीछे ऐसा तर्द छोड़ गई, जिसके जखमों को भरने में कई साल लग जाएंगे, तस्वीरे नेपाल
01:44के नुवाको�
01:48पुकान, मकान, सब परावर हो गए हैं, जिक घरों में कभी खुशिया चहकती थी, आज उन्ही घरों के बाहर बेबस
01:58और लाचायर लोगों का दर्द नजर आ रहा है, यह वो जिला है जो सबसे बुरी तरीके से प्रभावित हुआ,
02:05नेपाल में आई उस तरासिदी से, अब
02:08जैसे जैसे दिन बीत रहे हैं, मलबा हट रहा है, तो तरासिदी का पैमाना दिख रहा है, इस उचाई से
02:14आप वो पूरी तस्वीर देखिए, त्रिशूली नदी अपने तटों को तोड़ कर दोनों तरफ ज्यादा चोड़ाई में बह रही है,
02:22वो तस्वीरें, जहाँ पर �
02:24आपको लोग खड़े हुए दिख रहे हैं, वहां तक सड़क जाती थी, लेकिन अब ऐसा लग रहा है, जैसे शायद
02:29एक पकडंडी रही हो, और बाकी केवल मलबा पर ऐसा नहीं है, यहाँ पर एक बड़ी सी पारकिंग हुआ करती
02:36थी, यह बैंक, अग्रिकल्चर रिलेटे�
02:43देख सकते हैं, क्योंकि यहाँ पर परेटक बड़ी संख्या में आया करते थे, अब जो इकलौता परेटन यहाँ पर है,
02:50वो उन लोगों का है, जो आकर देखना चाहते हैं, कि कैसी विनाश लीला रही होगी, जैसे ही उस बार
02:57को, उस तबाही को, तरासदी को आते लोगों �
03:11तो इश्वर को इस बात का शुक्र तो आदा किया, कि अपनी जान बची, लेकिन अपनी आखों के सामने, अपने
03:18आशियाने को तिंका-तिंका होते भी देखा।
03:40वो अभी तक वहीं पे या नहीं, अब इसकुटी तो चोड़ दो, क्योंकि हमारा भी यौंग है तो हम कमा
03:45लेंगे, पर अपनी ममी पापा को तो बचान बंद करके चले गए, बाग गए, तो मैं भी बाग गए उधर
03:54से, अगर मैं इधर से आये होगी तो मुझे भी निके ज
03:59खाले ले गए, तो उच्छा दिखरा था जया तो है जाले गाए, तो कुछ सुस्नि समझने के टाइम भी नहीं
04:13हो आँ उस ताइम कि क्या करना चाहिए, क्यूंकि कोई रो रहा है उस ताइम देखके कोई क्या कर रहा
04:19है तो इसे दगा है, अच्छल ज़रूरी था भागना प
04:29कि उसको बार ने बगा के लेके गए एक को तो हमने देखा सामने नहीं एसे करके वह जैसे हम
04:35यहां पे थे तो उसको हमने हाथ पकड़के उपर आपने बचा लिया हुआ
04:40रिसी का बताती है जिस महले में वो खेलती थी आज वो महला पूरी तरह से बदल चुका है अब
04:46दूर खड़े होकर वो अपने घर को देख रही है खुशी इस बात की है कि परिवार की लोग बच
04:52गए उम्र भले ही कच्ची हो लेकिन इस छोटी उम्र में तबाही ऐसा तजूर
05:09मंजल दिख रहा है जिसका उपर जी जी जी जो दस्ता है ना उपर का उस और साइड में है
05:13वही मेरा गार है कितनी देर पहले ममी पापा निकल पाए थे ममी पापा बोल रहे से लोग अगर हम
05:20लोग ऐसे मूड की पीछे देख देखने का भी टाइम नहीं था यह सब घर यहा
05:39बहुत अच्छा वी था वह ही जुशत पी नहीं रहा है यहा पे एक स्सूश्य अंटीक का कि थी आ
05:43उनका होटेल था बहुत अब ही जस्ट इस्ट Р estager हुआ था बहुत अच्छ भी था वही खुली लिऑ को
05:50जो यह है घर धर देख सकते हैं
06:04पहले आदमी बस किन होई काफी है रसिका की किस्मत अच्छी थी कि परिवार वाले बच गए लेकिन यहां ऐसे
06:12भी कई परिवार हैं जो अपने ही महले में अपनों की तलाश कर रहे हैं
06:18मेरी दिदी मिसिंग है और भांजी वी तीन भांजी एक दिदी और एक नतनी मिसिंग है कहा रह रहे थी
06:24वो लोग रसुआ और नुवा कोट के बॉडर पर रहते थे तो आप हर उस जगह आके ढून रहे हैं
06:33कि हां हर जगह जाने को हां कुछ साधनी नहीं है और वहां तक भीक �
06:38हुए है आ जा नहीं पा रहे हैं यह बट्ची दोसलिये दीदी हुई यह
06:52यह भांजी है यह भी भांजी है तो यह मिल नहीं पा रहे हैं आप हर जगे जाके भूंद रहे
07:01हैं
07:03कि ट्रेस्क आपरेशन जैसे जैसे पढ़ रहा है एक बुरी ख़वर पूरे परिवार को तोड़ कर रख देती है
07:24इस इलाखे में कई होटेल भी थे जिसमें तुरिश्ट रुके हुए थे जिनकी जान बचाने की अपनी कहानी है
07:44जान बचाने की तुरिश्ट तुरिश्ट रखाए है एक कैसा डरावना था बहुत बहुत बहुत बहुत था नुकसान कितना होंगे आपके
08:00नुकसान था एदर 15 रूम था फारेश्ट रूटर का अटेजर बटोन रूम एसी रूम
08:16जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई
08:21जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई
08:22जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई जान किसी के नहीं गई जान किसी के नही
08:47यहां रहने वाले अम्रीश बताते हैं कि इलाके कमानों भूगोल ही बदल गया है
08:53यहीं पर रहते हैं यहां क्या परिवर्तन आप देख रहे हैं 26 अगस्त के बाद से
09:01बहुत बड़ा परिवर्तन है अभी यहां पर जो है रोई सड़क का हाइट पड़ गया है खोला इधर थोड़ा सा
09:08पूदर से इधर साइड में आ गया है पहले से बतलब अभी ऐसा लग रहा है कि यह बैंक और
09:13यह जो यह सब नीचे है और सड़क उपर है ऐसा था या लग रह
09:26तो अब और नभी इसी तरीके से नभी तो बहुत परिवर्तन हुआ है इसका चमड़ाई बढ़ गया है पहले से
09:35यह पूरा खेत था इसके पशाड़ी यह पूरे खेत था इसके पशाड़ी अच्छा इसलिए इसलिए यह पूरे घर था यहां
09:43पर
10:03इंसान तो इंसान, जानवर भी सिंदगी और मौत की चंग लड़ रहे हैं
10:14चालिस पचास है, चालिस पचास उपर फसा हुए है, दो आया और उदर है, अच्छा तो अभी उस सब को
10:20निकाल रहे है, यह कुट्टा भी उपर से है, यह निकाला जा रहा है, यह आपका था, क्या नाम है
10:37इसका?
10:37स्वीटी, स्वीटी नाम है, स्वीटी, आगे तुम वापर सुनता है, यह भी यह खराब गाए
10:47सब का अपना दर्ध है, किसी को अपनों की तलाश है, तो कोई फिरजे जिन्दगी शुरू करने की खुद को
10:54हिम्मत दे रहा है
11:01काटमांडू से लेकर के रुस्वा तक की पूरी यात्रा 150 किलोमेटर की है, यह पूरा हरा भरा खुबसूरत दिखने वाला
11:08यह इलाका, जो कभी बहुत खुबसूरत दिखता था, लोगों के आकर्शन का केंदर था, अब वहां के गाउं कस्बे शहर
11:14सिर्फ कागस पर बचे
11:16रह गए हैं, जिन इलाकों से हम गुजरते हैं, वहां सिर्फ तबाही के निशान देखते हैं, यह बरबादी अपने साथ
11:21वो निशान अब छोड़ गई है, पानी भले ही उतरने लगाओ, लेकिन यह निशान जल्दी नहीं मिटेंगे, वो गाउं बीरान
11:27हो चुके हैं, जहा
11:43पलकी जजद रास्दी, किस तीवरता की थी, इसका अनुमान जब तक लगाया जा रहा होता है, तब तक उससे भी
11:50विनाशकारी तस्वीर आ जाती हैं, जिनने देखकर लगता है कि कितना विनाश हुआ है, किस इस्तर का हुआ है, उसका
11:58अनुमान लगाना आसान नहीं है, आ�
12:12कि हाला दे कर हैरान रहे गए कि तबाही इस इस तर की भी हो सकती है
12:18इसके आगे जाना बड़ा मुसके लिए देखिए ये लोगों के घर थे मकान थे सब कुछ कैसे पूरी तरह बरबाद
12:23हो गया है एक ऐसी आपदा और मन जैसे कयामत बरसी हो इस शहर पर सब कुछ तबाह कर दिया
12:29कुछ बचा ही नहीं है कि देखिए ये एक दो तीन चार पांच
12:32मंजिल नीचे की जो दो मंजिल है वो पूरी तरह मलबे में जा चुकी है और यहीं से उचाई से
12:38सोचिए पूरा मलबा आया हुआ होगा लोग जो घर में होंगे अगर उन्होंने भागने के भी कोशिश की होगी वो
12:42कैसे भागे होंगे उपरी मंजिल के लोग नीचे कैसे आ
13:00ये नुवा कोड का प्रमुक बाजार था लेकिन अब इन तस्वीरों को देखिए बाजार का कहीं नामों निशा नहीं है
13:08धुंगे के इस बाजार में कई होटल रेस्टोरेंट थे जो अब मलबे में सिमठ चुके हैं
13:14सामने एक पेट्रोल पंभी था लेकिन अब कुछ दिखाई नहीं देता
13:44मलबा है यह थोड़ा ज्यादा रिस्की है यह लूज मलबा है हाँ यह देखिए पूरा दलदल है इसके उपर जाया
13:49नहीं जा सकता दिखने में लग रहा होगा कि मिट्टी का जमावड़ा है लेकिन जैसे जैसे पानी नमी इसमें जा
13:54रहे है यह और पूरा दलदल बनता जा
14:10कि उन्हें नीचे से जो है लिफ्ट कर लिया जाता है एर लिफ्ट एक मात्र आप्शन बचाए क्योंकि इस दलदल
14:15में आप चौपर जो है लैंड नहीं कर सकते इन इलाकों भी देखिए यहां से निकलना जो है यह पूरा
14:20कीचड़ है तो बहुत अब आप समझें कि राहत ब
14:37कलबे से भरा हुआ है तो दूंगे बजार की सीमा यहां से मेरे लिए खत्म हो रही है क्योंकि बजार
14:42तो आगे तक है लेकिन इसके आगे मलबे ने रास्ता रोक रखा है और वो इतना खतरनाग है कि जो
14:48कि भरा है लेकिन यहां आकर के तराज़ती की जो तस्वीरे मैं देख
15:07जाने कि इतने लोग के जो मलबे में दफ़न होंगे कई सारे लोग निर्दोश लोग जिन्हें भागने का भी मौका
15:13नहीं मिला होगा नेपाल की इस तबाही ने सब कुछ परबाद कर दिया है
15:18नेपाली सिना के हलिकाप्टर आसमान पर बंड़ाते रहते हैं यह देखने के लिए कि कहीं कोई फसा तो नहीं त्रिशूली
15:26निदी ढूंके बाजार के बिलकुल बगल से बहती है यहीं पर एक हाइड्रो प्रोजेक्ट भी था 26 सगस की आपदा
15:32में वो हाइड्रो पावर प
15:47खतरनाक थी कि इसके साथ यह देख पानी का अस्तर जो है यह इतना उपर गया 20 से 25 फीट
15:51और उसके बार इसमें पूरे हाइड्रो प्रोजेक्ट को अपने साथ बहा लेगे दरसल पूल की कनेक्टिविटी इस इमारत के साथ
15:56लगती थी लेकिन यह सब कुछ बह गया और अब
15:59अब बड़ा खतरा इस बात का है कि जिसने चीन चेतावनी दी है उसके बाद दरसल इसी तरशूली में नाराइनी
16:05में बटकोशी में जिसका रस्तर बढ़ा था फूल की और नुकसा क्या ही होगा लोग बचे नहीं हैं जो बचे
16:13पहाड़ी लाको पर चले गए हैं बाकी के च
16:26अस्तर के क्यूंचाई पर ले गई होगी तो अपने साथ कितनी सीवर्ता और ताकत लेकर क्या आई कि उन्हें बड़ी
16:31-बड़ी मारतों को पुलों को हाइड्रो प्रोजेक्ट को सब कुछ नश्ट कर दिया
16:36धुंगे बजार से नेपाली सेना ने कई लोगों के शौब अरामत किये हैं जो लोग किसी तरह से यहां से
16:42बच निकरे थे अब वो अपने घरों को देखने के लिए लोटे हैं लेकिन मलबा इतना जादा है कि नेपाली
16:49पुलिस लोगों को आगे जाने से रोक रही है
17:05है आप थे यहां पे जब देखा ता अपने सब कुछ अब देखा ता अईससे से आया कि अईसे उपर
17:12गये और यह संभी अगे चल गया उसी अज़िए हम बात में यह दर पर आ सब आ है
17:20समाज यह उसको बाद हम उपर गए दूंगे बजार जैसे खतम होता है उसके आगे तृशूली बजार शुरू होता है
17:27और अब यह जो पुलिस वाले हैं वो इसलिए कोशिश कर रहे हैं कि लोग आगे ना जाएं अब देखें
17:31महिलाएं बच्चे हैं जिनका अपना जरूरत का
17:32सामान है यह लोग आप कहा जारे हैं कि आपका घर आगे अप आगे जा रहे हैं जो अपने घरोन
17:40की और इंगला जाना चाहते हैं देखने ले कितना जोकीν है देखें पूरा रास्त जो टीचर नि में दबा हुआ
17:46है
17:47इसके आगे जाने के पुलिस ज़नमती ने जिरे इसलिए जो स्पानी प्रहरी हैं वो भी पहुँचे हैं लोग अब आए
17:51हैं देखने के लिए कि वो इन इलाकों में आगे न जाए
17:55आश्यतोश मिश्राब नुवा कोटी नेपाल आज तक
18:00नेपाल के इस आपदा के केंदर से आज तक रिपोर्टिंग का मकसद सिर्फ आप तक खबरे पहुचाना नहीं है
18:05हमारा मकसद ये भी है कि जो रिपोर्ट प्रशासन तक शासन तक सरकार तक पहुचे उन लोगों के बारे में
18:11जानकारियां पहुचे ताकि उम्मीद बंधी रहे
18:14सरकार सही फैसले ले सके और ये भी कोशिश की जा सके
18:17कि नेपाल को जिस मदद की दरकार है वो मदद दुनिया भर से उसकर पहुंचे
Comments