Skip to playerSkip to main content
#latestnews #latestupdate #odisha #odishanews #odishatv #otv #pratidinnews #kanaknews
सरकार ने १० लाख टन आयात को दी मंजूरी।
Disclaimer: - Under section 107 of the copyright Act 1976, allowance is mad for FAIR USE for purpose such a as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship and research. Fair use is a use permitted by copyright statues that might otherwise be infringing. Non- Profit, educational or personal use tips the balance in favor of FAIR USE.

Category

🗞
News
Transcript
00:21देश में चीनी की किम्मतों को लेकर पिछले कुछ समय से चल रही
00:28हल्चल के बीच अब एक बड़ा बदलाओ सामने आया है केंद्र सरकार में तोहरों से पहले घरलू बाजार में उपलब
00:39दता बड़ाने और किम्मतों पर दवाओ कम करने के लिए
00:45दोस लाख मेट्रिक तन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमती दी थी
00:54लेकिन घरलू बाजार में कीमतों में आई तेज गीरावट के बाद अब चीनी मिलों और रिफाइन नारियों की आयात में
01:09दिल चपसी कम होती दिखाई दे रही है
01:15उद्योग से जुड़े लोगों का अनुमान है कि मंजुर के गए दोस लाख टर्न में से करिब पांच लाख टर्न
01:25यानी आधा हिस्सा ही आयात हो सकता है
01:31यह बदलाओ एसे समय में आया है जब अगस्त से नवंबर के बीच देश में तोहरों के कारण चीनी की
01:42मांग आम तोर पर बढ़ जाती है
01:45रक्ष्या बंधन गनेस चतुर्थी दस्वरा और दिवाली जैसे तोहरों के गवराण मिठायों और अन्यों खाद्यों पदर्थों की मांग बढ़ने से
01:59चीनी की खपत भी बढ़ती है
02:03इसी वजह से सरकार ने बाजर में परियाप्त स्टक बनाय रखने के लिए कई कदम उठाए हैं
02:14चीनी की कमी नहीं फिर किमतों में उचल क्यूं आया
02:19भारत्यों चीनी उद्यों का कहना है कि देश में चीनी की बस्तविक कमी नहीं है
02:30हालिया तेजी के पिछे कई कारण रहे हैं
02:36जिन में अपेक्सिया से कम उत्तदन तोहरों से पहले बर्डी मांग कुछ जगों पर श्क्ताक जमा करना और बाजर की
02:49गती विधियां सामिल है
02:51चोबिस अगस्त को देश में चीनी का ओउसत थोक भाव करीब अठावन दसमलों दो नौ रुपे प्रति किनों जबकी ओउसत
03:09खुद्रा भाव करीब तेशर दसमलों शुन्यों पांच रुपे प्रति किनों बताया गया
03:16इससे पहले खुद्रा कीमतें करीब 16 रुपे प्रति किलों तक पहुंच गई थी यानि उन्चाई से कीमतों में कुछ राहत
03:29दिखाई देने लगी है
03:31कीमतों में गीरावट का असर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है
03:37मील स्तर पर भी दाम निचे आये हैं और इसका असर आगे चल कर खुद्रा बाजार में दिखाई देने की
03:48उमिद जताई जा रही है
03:50सरकार ने क्यों लिया दोस लाख टर आयात का फेसला
03:56चिन्नी की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने दोस लाख मेट्रीक टर कच्ची चिन्नी के ड्यूटी की आयात
04:06की अन्नुमती दी
04:07इह आयात टेरिफ रेट कोटा यानि टीर क्यों के तहत क्या जानना है
04:15सरकार का उदेश्यों घरेलू बाजार में चीनी की उपलवता बढ़ाना
04:21कीमतों पर नियंत्रन रखना और तोहरों के दोरान किसी भी संभावित कमी की स्थिति को रखना था
04:31आयत की खबर सामने आते ही बाजार में इसका असर दिखने लगा
04:38घरेलू चीनी की कीमतों पर दवाव बढ़ा और मीलों के स्तर पर दामी निचे आने लगे
04:47लेकिन अब कहनी में एक नया मोड आ गया है
04:52कीमत गीरी तो आयत का गणित बदल गया
04:59जब घरेलू बाजार में चीनी की कीमत बढ़ रही थी
05:03उस समय बीदेश से कच्ची चीनी खरीद कर भारत लाना मीलों और रिफाइनारियों के लिए
05:12फैदे का सोदा लग रहा था
05:16लेकिन सरकार की ओर से आयत की अनुवती दिये जाने के बाद घरेलू कीमतों में तेजी से गिरावट आई
05:24अब बीदेश से महंगी चीनी खरीद कर उससे भारत लाना और फिर घरेलू बाजार में बेचना उतना आकरशक नहीं रह
05:35गया है
05:35कारोवारियों के सामने सबसे बड़ी चिन्ता यह है कि बीदेश से चीनी खरीदने के बाद उससे भारत पहुंचने में कई
05:46सकता है लग सकते हैं
05:49इस दो रान घरेलू कीमते और नीचे चली गई तो आयतकों को नुक्सान उठाना पड़ सकता है
06:02यही वज्जहल की मंजूर किये गए 10 लाग तोल में से पुरा कोटा इस्तमाल होने की संभावना कम होती जा
06:12रही है
06:12ब्राजिल से आने वाली है बड़ी मात्रा
06:17माना जा रहा है कि आयत की जाने वाली कच्च चिन्नी का बड़ा हिस्सा ब्राजिल से आ सकता है
06:25ब्राजिल दुनिया के प्रमुख चिन्नी उत्पदक और निर्यातक देशों में सामिल है
06:34लेकिन ब्राजिल से भारत तक चिन्नी पहुंचने में करीब 40 दिन तक का समय लग सकता है
06:42इसके बाद कच्च चिन्नी को रिफाइन करके घरेलू बाजार में विक्री के लिए तयार करना होगा
06:52यही लंबा समय आयतकों के लिए जोखिम बरढ़ा रहा है
07:00आज जिस कीमत पर विजेसी चिनी खरीद दी जाएगी जरूरी नहीं की करीब
07:08देढ़ महिने बाद भारत पहुंचने पर घरेलू बाजार में वही कीमत बनी रहे
07:17अगर उस समय भारत में चिनी के दाम और गीर गए तो
07:23आयत करने वाली कमपनी या मील के लिए मुनाभा कमाना मुश्किल हो सकता है
07:32अब करीब पांच लाग टन आयत की सम्भावना
07:36उद्योग जगत से जुड़े कारो बैरियों का अनुमती है कि सरकर दर मंजुर किये गए
07:44दस लाख मेट्रिक टन के मुकावले करीब पांच लाख टन तक ही कच्च चिनी का आया तो हो सकता है
07:53इसका मुक्ष कारण घरेलू कीमतों में आई गिरावट और आने वाले समय में घरेलू चिनी उत्पदन बढ़ने की संभावना बताई
08:03जा रही है
08:04अगर भारतियों चिनी मिलों में नई क्रसिंग सिजन उमीद से पहले शुरू हो जाता है तो घरेलू बाजार में नई
08:15चिनी की उत्लब दता बढ़ सकती है
08:18एईसी स्थित्ती में विदे से महंगी चिनी मंगाने की जरुरत और भी कम हो जाएगी
08:28तोहारो में चिनी की सप्लाई रहेगी परियाप्त अब सबसे बड़ा सवाल आम लोगों के लिए यही है कि आने वाले
08:39तोहारो में चिनी की कम्मी होगी या नहीं
08:43उद्योग संगठन का कहना है कि देश में फिलाल परियाप्त श्टक मौजूद है
08:50बताया गया है कि एक अगस्त तक करिम साढ़े तीन महिने की जरुरत के बराबर श्टक उपलब्द था
08:59इसका मतलब है कि अक्टूबर के आखिर तक बाजार में परियाप्त चीनी रहने की उमिद है
09:06इसके उलावा समय से पहले गणने की क्रसिंग सुरू होने और जरुरत पढ़ने पर आयात से भी बाजार की सप्लाई
09:16को मजबुत किया जा सकता है
09:19इसलिए रक्ष्यावंधन, गणेस उस्चब, दसहरा और दिवाली जैसे तोहरों के दोरान चीनी की कमी की आसंत का तिलाल कम दिखाई
09:31दे रही है
09:32अक्टूबर से बढ़न सकती है घरेलु सप्लाई
09:36चीनी मिलों में गणे की क्रसिंग शुरू होने के बाद घरेलु बाजार में सप्लाई बढ़ने की उमीद है
09:45अगर नए क्रसिंग समय से पहले सुरू होती है तो अक्टूबर और नौबेमबर में बाजार को घरेल उत्पादों से अतिरिक
09:55चीनी मिल सकती है
09:57इससे आयत पर निर्भरता और काम हो सकती है। यही वजह है कि उद्यग जगत में माना जा रहा है
10:06कि आने वले महिनों में बाजार में उपलब दता बेहतर होने के साथ किमतों पर भी दवाव बनना रह सकता
10:16है।
10:16सरकार ने श्टाग पर भी बड़ाई निग्रानी। चीनी की किमतों को नियंत्रीत करने के लिए सरकार ने श्टाग रखने की
10:27सीमा को लेकर भी कदम उठाए हैं। इसका उदेश्य जमा खरी और अना वस्षिक्ष्टक जमा करने की प्रभूरती पर रोक
10:38लगाना है।
10:40अगर व्यापारी बड़ी मात्रा में चीनी खरीद कर बाजार में उसकी कृत्रिम कमी पैदा करते हैं तो कीमतों में दोवारा
10:52तेजी आ सकती है। इसी वजह से सरकार बाजार में चीनी के श्टाग और उसकी आवाज्याही पर नजर रख रही
11:03है।
11:03उपभगताओं को कब मिलेगा सस्तिचिनी का फैदा।
11:08थोक बाजार में कीमते नीचे आने के बाद अब सवाल इह है कि इसका फैदा आम उपभगताओं को कब मिलेगा।
11:20आम तोर पर थोक और खुद्रा कीमतों के बीच अंतर होता है।
11:26मिलों से कीमत घटने के बाद उसका असर दुकानों तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है।
11:37अगर आने वले दिनों में चीनी की कीमते स्थीर या और बीचे रहती हैं तो खुद्रा बाजार में भी ग्राहकों
11:48को राहत मिल सकती है।
11:50तोहरों के दोरान मांग बढ़ने के बावजुद और पर्याप्त तक बाजार वे उपलवधता रहता है।
11:58तो कीमतों में अच्छनक बढ़ी तेजी आने की संभावना कम हो सकती है।
12:06किशन और मीलों के लिए भी अहब है कीमत।
12:10चीनी के दान सिर्फ आम उपभगताओं के लिए महत्तोपुर नहीं है।
12:15इसका सिधा संभव गौना किशन और चीनी मीलों से भी है।
12:21बहुत ज्यादा कीमत बढ़ने पर उपभगताओं और खाद्यों कारोबारियों पर दवाओं पढ़ता है।
12:29जबकि कीमतों में बहुत ज्यादा गिरावट होने पर चीनी मीलों की कमाई प्रभावित हो सकती है।
12:36इसलिए सरकार के सामने चुनोती है कि बाजार में चीनी की कीमत न तो इतनी बर्ड है कि आम आदमी
12:47परेशान हो और नहीं इतनी गीरे की उत्पदन से जुरे लुपपर अत्यधिक आर्थिक दवाओं आये।
12:56चीनी बाजार में अब भी क्या तस्विर बन रही है।
13:27चीनी के आयत को कम आकर्शक बना रही है। इसके साथ ही घरलू गरने की फ्रसिंग जल्दी सुरू होने की
13:37समभावना भी आयत की जरूरत को कम कर रही है।
13:43यानि इस समय चीनी बाजार में कौमी से ज्यादा कीमत श्टाक आयत और घरलू उत्पादन के बीच सर्कुलन सर्से महत्वपुर्ण
13:53मुदा बन गया है।
13:55आगे क्या होगा। आने वाले कुछ सकता हो। चीनी बाजार के लिए बेहत महत्वपुर्ण और रहने वाले हैं।
14:04अगर घरलू कीमते मुद्जुदा स्तर के असपस बनी रहती है और नए क्रसिंग समय से सुरू हो जाती है तो
14:14सरकरगरा मंजूर किये गए।
14:16दोस लाग कान आयत का पूरा इस्तमाल होने की संभावना और कम हो सकती है। दूसरी तरफ अगर तोहरों के
14:25दोरान मांग अनुमान से ज्यादा बढ़ती है तो आयत की जरूरत दोबारा बढ़ सकती है।
14:33खिलाल उद्योग और सरकर दोनों की और से यही संकेत दिये जा रहे हैं कि देश में चिन्नी की कमी
14:44नहीं है और तोहरों के दोरान सप्लाए बनाए रखने के पर्यात इंतिजाम किये जा रहे हैं।
14:52सबसे बड़ा बदलाओ है कि जीस दसलाक्तन आयत को कुछ दिन पहले बाजार की जरूरत माना जा रहा था।
15:02अब घरेलू कीमतों में गिरावर के कारण इसका पुरा कोटा इस्तमाल होना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
15:12वाले धिम में घरलू उत्पाद अने तोहारों की मांग और अंत्राश्क्रियों कीमते तहे करेंगी की ठीमी का बाजार कीस दिस्ता
15:27में जाता है।

Recommended