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  • 28 minutes ago
आर्टिफिशियल नहीं, भाई के हाथों पर सजेगी बांस की बनी राखी, जिसपर दिखेगी बिहार की संस्कृति. रिपोर्ट- अमित कुमार

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00:11राखि बनाते ये हैं समस्तिपुर के कुंदन कुमार
00:14जन्म से कलर ब्लाइननेस के शिकार हैं
00:17पर रंगों के साथ इनकी कलाकारी देखते ही बनती है
00:21तभी तो देश के विभेन हिस्सों से इनके द्वारा बनाई गई राखियों को मंगवाया गया है
00:27मैंने डेली राखि भेजा है, मुंबई भेजा है, सूरत भेजा है, मतुरा भेजा है
00:32और बिहार के भी कई जिलों से मुझे कॉंटक्ट किया गया था
00:37और लोग आ रहे हैं, पसंद कर रहे हैं राखियों को
00:40सिर्फ आम लोग ही नहीं, बलकि विभे नसंस्थानों और राजनीतिक पार्टियों ने भी
00:45ओर्डर करके कुंदन कुमार से राखियां बनवाई
00:58दरसल खुबसूरा तरीके से मिधला पेंटिंग का राखियां बनाई गई
01:02जिसकी कीमतें 120 रुपए से 130 रुपए तक रही
01:06EGV भारत के लिए समस्तिपुर से अमित कुमार के रिपोर्ट
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