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  • 1 week ago
रक्षाबंधन के अवसर बड़ी संख्या में बंदियों की बहने अपनी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए जेल पहुंचती है. संवाददाता शहजाद की रिपोर्ट

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Transcript
00:04रक्षबंधन का तयोहार भाई बहन की प्रेम, विश्वास और भावनाओं का प्रतीक है।
00:37रक्षबंधन का तयोहार भी उसी तरह से उलास लाता है, जैसे किसी भी सामान जन्मान असमें।
01:00लगभग 15,000 राख्या बनाने की दिशा में जुटे हैं।
01:03जील प्रशासन ने इने ना सिर्फ रचनात्मक कदिवीदियों में ब्यस रखने का माध्यम बनाया है, बलकि उनके आत्मविश्वास और कौशल
01:11को निखाइने का भी जर्या बनाया है।
01:14राख्यों को बनाने का काम न केवल बंदियों को सकरात्मक दिशा देता है, बलकि रेश्वी धागू से बंधे रिश्टों को
01:20भी मजबूत बनाता है।
01:22बंदियों दोरा बनाई जा रही है, अभी अमारे 18 परुस बंदि और 11 महला बंदि इसकाम में लगे हुए हैं
01:28और अभी 5,000 राख्यों बनाई जा चुकी हैं।
01:48बताने की जेल की बनाई राख्यों को बाजार में विकास भवन, म्याल परिसर जैसे स्थानों पर उपलवद कराया जाएगा।
01:56इनकी बिक्री से जो कमाई होगी इसका उपयोग बंदियों के कल्यान के लिए किया जाएगा।
02:01बंदि कल्यान पोस्ट जो है उसमें भी इस तरह की जो भी इसे प्रॉफिट होता है वो उसमें जाएगा।
02:07और जिससे बंदियों के हितारत और सारी जो यूजना हैं उससे आगे उनको लगद किया जासे।
02:39रक्षा बंदन केवल एक तिवहार नहीं बल्कि उम्मीद, हुनर और रिएगा।
02:43प्रिष्टों को नई डोर में मानने का अफसर है। जील के इन राक्यों में बस एक धागा नहीं बल्कि प्रेम
02:50और मानवियता का संदेश है।
02:51यतिवहार हर दिल को यह सिखाता है कि बदलाव के शुड़ात कहीं से भी हो सकती है। बस जरूरत है
02:59तो इसे अपनाने की।
03:01काजयबाद से ETV भारत के लिए शहजाद आबित की रिपोर्ट
03:06कर दो
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