00:25RAKSHA BANTHAN
00:30RUII से लेकर सोने चान्दी की बनी राखी बाजार में उपलब्ध है
00:34विक्री भी अच्छी हो रही है ग्रहकों की भीड बढ़ी रही है
00:38बाजार में 50 रुपे से लेकर 1500 तक की राखी उपलब्ध है
01:20राखी खरीदने आई सोम्या कहती हैं कि हम ओनलाइन के बज़ाए दुकान से राखी लेना पसंद करते हैं
01:26मेरा माना है कि सामने से पसंद करके भाई के लिए राखी खरीदना ज्यादा अच्छा लगता है
02:03जारखन चेंबर ओफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित के मलहूतरा का कहना है कि राखी के पूरे देश भर में 40
02:10से 50 हजार करोड का कारूबार होता है
02:13जारखन में भी बड़े पैमाने पर पारम पर एक राखी से लेकर कपड़े मिठाईयों की खरीदारी की जाती है
02:20उन्होंने कहा कि जैसे जैसे लोगों की खर्च करने के एक्षमता बढ़ रही है वैसे वैसे लोग तेवहार के मौके
02:26पर इसमें बदलाव भी करने लगी है
02:28हमारे जो वैल्यूज हैं हमारे जो परिवारिक जो संबंध होते हैं वो मजबूत होते हैं और आप देखेंगे कि लोग
02:37काफी हर चुल्दास के साथ आजकल इंतिहारों का लोग मनाते हैं
02:42और इसी के तहट एक बहुत बड़ा एक बजार एक आर्थिक जतिर्दियां बढ़ जाती हैं पूरे हमारे देश में जैसे
02:53हम लोग समझते हैं कि चालिस परास हजाराद करोड का ये कारुबार हो जाता है पूरे देश में
03:16समय के साथ राखी की परंपरा में भी बदलावा गया है पहले राखी के तोर पर धागे से बने रक्षा
03:22सूत्र का इस्तिमाल होता था लेकिन अब इसका चलन जूलरी की ओर बढ़ गया है
03:27ETV भारत के लिए राची से भुवन किशोर अचा की रिपोर्ट