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जनगणना फॉर्म में OBC का कॉलम नहीं रखने के पीछे कारण क्या? साहिल के साथ देखें दंगल
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00:00तमस्कार मैं हूँ साहिल दोशी दंगल में आपका स्वागत है
00:02आज का दंगल देश में चल रही जनगणना पर है
00:05देश में 15 साल बाद जनगणना हो रही
00:08कुछ पहाडी राजों में शुरू हो चुकी
00:10मैदानी राजों में फरवरी से शुरू होगी
00:13लेकिन इस जनगणना को लेकर कॉंग्रेस पार्टी लगातार सवाल उठा रही
00:17और सवाल जाती गिंती का है
00:19क्योंकि 14 अगस्त को जो सरकारी गैजट अधिसूचना जारी हुई है
00:23उसमें 40 सवालों में 10 वे नंबर का सवाल जाती पर आधारित है
00:27और कॉलम में SCST की जातियों का तो जिक्र किया गया है
00:31लेकिन OBC की लिस्ट ही नहीं है
00:33चुकि इस बार जनगणना कागजी फॉर्म से नहीं तो डिजिटली हो रही है
00:36कॉंग्रेस पार्टी लगातार सवाल उठा रही है कि जाती वाले कॉलम में
00:40OBC जातियों की फैरिस आनी चाहिए थी
00:43और ऐसा नहीं करके सरकार जाती जनगणना के अपने वादे से वादा खिलाफी कर रही है
00:48क्योंकि इस साल भी 16 अप्रेल को खुद ग्रह मंत्री ने सदन में जाती जनगणना का वादा किया था
00:54सरकार की ओर से इस पर कोई पक्ष नहीं रखा जाना है
00:58लिहाजा कॉंग्रेस लगातार हमलावर है
01:01और अब लोगसभा और राजिसभा के निता विपक्ष राहुल गांधी और मलिकार जुन खरगे ने
01:06सयुक्त हस्ताक्षरवाला एक खत प्रदान मंत्री मूदी के नाम लिखकर जनगणना फॉर्म में OBC लिस्ट का विकल्प डालने की मांग
01:14भी रखी है
01:14कॉंग्रेस ने बिहार और तेलंगरा जैसे राजियों में किये गए जाती सर्वे वाले फॉर्मूले पर जाती गिंती का उपाई भी
01:21बताया है
01:21लेकिन एक दलील ये भी दी जा रही है कि केंडर और राजियों की OBC लिस्ट में इतने फर्क है
01:27कि लिस्ट डालना संभव ही नहीं है
01:29खुद केंडर की OBC लिस्ट में 2650 से अधिक जातिया है
01:34राज्यों में 80 SC जातिया है OBC जो केंडर की सूची में ही नहीं है
01:39तो कोई एक लिस्ट डालना संभव नहीं है
01:42लेकिन कॉंग्रेस कहती है कि जब SD की 1200 से अधिक और स्चेडूल ट्राइब
01:47यानि SD की 700 से अधिक जातियों के लिस्ट डाली जा सकती है
01:51तो OBC की लिस्ट यू ने डाली जा सकती है
01:53दरसल विपक्ष आशंका जता रही है कि ऐसा नहीं करने से
01:57एक तो 2011 की तरह जहां पर काफी गड़बड़ी हुई थी
02:00कि लोग जडगन्ना फॉर्म में 40-50 लाख तरह की जातिया लिखवा देते हैं
02:06और फिर जातिया नहीं गिनी जा सकती
02:08क्योंकि उस पूरे डेटा में गड़बड़ी पाई जाती है
02:11कॉंग्रेस अब सरकार की नियत पर ही सवाल उठा रही है
02:14और दूसरी ओर जाती के नाम की सियासत करने वालों पर भी सवाल है
02:18तो जडगन्ना के मुद्दे पर नियत और सियासत से
02:22जो सवाल जुड़े हैं उस पर हम चर्चा करेंगे दंगल में
02:25लेकिन पहले इससे जुड़ी है रिपोर्ट देंगे
02:4214 अगस्त को ग्रह मंत्राले ने जंगरना 2027 शुरू होने की गजट अधिसूचना क्या जारी की
02:49उसके 40 सवालों की पहरिस्त में से कॉंग्रिस ने जाती वाली राजनी थी खोज ली
02:53और लगे हाँ चिठी पर चिठी लिखना शुरू कर दिया
02:56कि फॉर्म में OBC जातियों की ड्रॉप डाउन लिस्ट क्यों नहीं रखी गई है
03:01कॉंग्रिस कहती है कि जंगरना में OBC की जातियों वाले कॉलम को सुधारने की मांग पर
03:06ये तीसरी चिठी लिखी जा चुकी है लेकिन केंदर सरकार के कान पर जून तक नहीं रेंग रही है
03:11प्रधान मंत्री का कोई इरादा नहीं है इमानदारी से ठीक ढंग से ये जातियों जंगरना कराया जाए इनकी कोई मंचा
03:25नहीं है
03:27इसको एक तरीके से आप कह सकते हैं सेल्फ साबटाज है खुद इसको बेमत्विबी जंगरना बना रहे है
03:43शिकायत है कि ग्रह मंत्राले ने 14 अगस्त को जंगरना के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया है
03:49उसके 40 सवालों में से दसवे नंबर के सवाल में SC, ST और जाति तीन चीज़े ही पूछी गई है
03:55इसमें OBC का कोई कॉलम नहीं
03:58कॉंग्रेस का आरूप है कि दरसल मोधी सरकार जाती जंगरना करना ही नहीं चाहती
04:03वरना ऐसे फॉर्म से कैसे जातियां गिनी जाएंगी और कैसे सही आकले सामने आपाएंगे
04:08जब कॉंग्रेस पार्टी ने 2023 और 2024 के लोकसवाव चुनाओं के समय जाती जंगरना की मांग की थी
04:22मैं आपको याद दिला दूँ कि 28 इप्रिल 2024 को प्रधान मंत्री ने
04:32उन्होंने ये इंटर्वियू दिया था एक टेलिविजन चैनल को
04:36और इसमें उन्होंने कहा था कि कॉंग्रेस की मांग जाती जंगरना को लेकर एक अर्बन नकसल सोच है
04:50इससे पहले राहुल गांधी ने पिछले हफ़ते OBC जिला ध्यक्षो की मीटिंग में दावा किया था
04:55कि मोदी सरकार ने उनके दाव में जाती जंगरना का वादा तो किया लेकिन जंगरना में OBC का कॉलम जान
05:01बूच कर नहीं रखा है
05:02और इसे डलबानी के लिए OBC को भी जेंजी की तरह सड़त पर उतरना ही पड़ेगा
05:08सबसे बड़ा धोखा मोदी जी ने किया है तो वो भी OBC समाज के साथ किया है
05:12ये तो जाती है जंगरना हो रही है उसमें S.C.O.B.C. कास्ट
05:18एक OBC का नाम नहीं है तो एक OBC प्रधानमंत्री जो OBC की वोटों पेधान मंतरी बनता है
05:25और OBC के समिधानी का धिकारों को ठुकर देता है ठुकर मालता है उससे साब्धान नहिमिकी जरूर्द है
05:32देस में जो अरजक्ता फैलाने का कॉंग्रेस का इतिहास रहा है
05:37चुकि वो समबाद और मेहनत से सत्ता में नहीं
05:41चुकि बिरासत में जिस ब्रव्कटी को सत्ता अगर मिलती है
05:44और वो सत्ता जब चली जाती है
05:46तो उसकी छटपटा हाट वो जो है दिख रहे है आलजक्ता करने किया जाती है
05:50क्यों काम करने का समाज में सामर्थ नहीं नहीं तिकता ही नहीं नहीं नहीं तिकता ही खो दिया है
05:55किस OBC पिछडे समाज की बात करते हैं
05:58जब वो एक परिवार की लोग 70 सालों तक इनके जो है बाप दादाओं से लेकर के सब का सासन
06:05रहा है
06:05तो किसका उन्होंने काम किस समाज का भला किया है OBC पिछडे का
06:11सरकारी फॉर्म के हिसाब से गिंती तो हो रही है लेकिन लोग अपनी मर्जी से अपनी जाती लिखेंगे
06:15क्योंकि आरोप है किस में डॉप डाउन लिस्ट नहीं
06:18बीजेपी या सरकार की तरफ से कोई सफाई नहीं दी जा रही लेकिन
06:22जंगर्ना फॉर्म में OBC जातियों की सूची नहीं होने की वजह ही ये है
06:28कि केंद्र और राज्यों की अलग-अलग OBC लिस्ट है
06:31एक ही जाती के अलग-अलग कई नाम है
06:33उपर से केंद्री सूची में ही OBC की 2650 से अधिक जातिया है
06:38देश के राज्यों में करीब 80 ऐसी पिछड़ी जातिया है
06:41जो केंद्र की सूची में नहीं
06:42पॉम में OBC लिस्ट रही तो जाती ढूड़ना मुश्किल हो सकती है
06:46जिनगरना मौझूदा निवास पर की जा रही है
06:49ऐसे में अंतर राज्यों प्रवासी नागरिकों की OBC जाती भरना मुश्किल हो सकता है
06:53क्योंकि गरना कर्मी का एप एरिया के हिसाब से GPS लॉक्ड होगा
06:58लेकिन दिपक्ष का कहना है कि ऐसे में अगर जातीयों का कॉलम लोगों के मुताबिक भरा जाएगा
07:04तो 2011 वाली जिनगरना की गरबड़ी फिर से हो सकती है
07:112011 की जिनगरना में ऐसी गरबड़ी हुई जो अब तक नहीं सुलिश सकी
07:16दरसल 2011 में जिनगरना वाले फॉम में जाती का विकल्प खुला
07:19लोगों ने अपनी मर्जी से जातियां, उप जातियां, टाइटल, वर्ण, गोत्र, शेत्र तक लिख डाले
07:25नतीजा ये हुआ कि 46,73,000 तरह की जातियां सामने आ दे
07:29संसदीर समितियों और अर्विंद पंगड़िया समित की समिक्षा में पता चला कि नामों में
07:34आठ करोड से दिक विसंगतियां थी जो सुधर नहीं सकी
07:39विपक्ष का आरोप है कि वैसे ही गलती एक बार फिर जनगरना में की जा रही है
07:43और जाति क्यांकले ठीक से जमा नहीं हो रहे है
07:50कॉंग्रस का कहना है कि चुकि इस बार कागजी फॉर्म नहीं भरे जा रहे
07:53तो सरकार चाहे तो मोबाइल एप्लिकेशन या उनलाइन भरे जा रहे
07:57जनगरना फॉर्म में डॉप डाउन लिस्ट डाल सकती है
07:59क्योंकि आखिर जनगरना फॉर्म में SC की 1270 और ST की 730 जातियों की लिस्ट डाली गई है
08:07इसी तरह OBC की लिस्ट भी डाली जाए
08:08राजवार कोडिंग कर दी जाए
08:10जिससे राजजी की लिस्ट से OBC का नाम लिया जा सके
08:13इसके अलावा सॉफ्ट्वेर में OBC जाती सर्च का त्विक ऑप्शन भी रखा जा सकता है
08:20हाला कि ये नामुम के नहीं लेकिन केंद्र की OBC लिस्ट भी 1250 जातियों की है
08:25यानि फॉर्म में ड्रॉप डाउन लिस्ट आई तो राजजवार सैक्डो OBC की लिस्ट डालनी होगी
08:30दरसल लडाई देश की आबादी में आदी से ज्यादा हिस्सेदारी का दाबा करने वाले
08:34OBC समुदायक के वोट बैंक पर कब जेकी है
08:37क्योंकि पिछले तीन चुनावों से ये वोट बैंक बीजेपी के पास है
08:42सर्वया नुमानों के मताबिक 2014 में 34 प्रतिशत OBC वोट बीजेपी को
08:46और सिर्फ 15 प्रतिशत OBC वोट कॉंग्रेस को मिला था
08:492019 में बीजेपी प्लस के खाते में 56 प्रतिशत
08:53तो कॉंग्रेस प्लस के खाते में सिर्फ 19 प्रतिशत OBC वोट आए
08:572024 में जाती जंगरना के सियासत के बावजूद
09:00बीजेपी गठबंदन को 58 प्रतिशत OBC वोट मिला
09:03लेकिन कॉंग्रेस गठबंदन को फायदा हुआ है
09:05और 30 प्रतिशत OBC वोट मिल गया
09:09कॉंग्रेस उमीदों से है कि जंगरना में OBC कॉलम गयाब होने वाला मुद्दा उठाकर
09:13OBC वोट को वो एक जुट कर सकती है
09:17दिल्ली से पियुश विशा के साथ आज तक ब्यूरो
09:23तो कॉंग्रेस पार्टी की तरफ से ये तीसरी चिथी प्रधान मंत्री मोधी को लिखी गई है
09:27हलाकि सरकार के तरफ से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है
09:30लेकिन सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या सच-पूच में कॉंग्रेस पार्टी सही accurate calculation चाहती है
09:35जाती समूह का या इसके पीछे भी कोई political narrative तयार करने की कोशिश है
09:40चर्चा करेंगे इस पर हमारे साथ प्रोफेसर संगीत रागी
09:48प्रोफेसर नवल किशोर राष्टी जनतादल के प्रवक्ता इसमें शामील होगी
09:52अनुप्रिया यादव जनतादल युनाइटेट के तरफ से इस चर्चा में शामील होगी
09:58बिहार का मॉडल भी कॉंग्रेस पार्टी के इस चिट्थी में लिखा गया है
10:01जब नितिश कुमार मुख्यमंतरी थे तब जो कैलकुलेशन किया गया था वो भी इस पे रखा गया
10:05और मनुगर ये पॉपिलेशन एक्सपर्ट है वो भी चर्चा में शामील होगी और थोड़ी दिर में आशुतोष हमारे पोलिटिकल एनलिस
10:12भी चर्चा में आएंगे
10:13तीन सवाल इस पैनल के सामने पहला सवाल जनगर्णा फॉम में OBC जातियों का कॉलम नहीं रखने के पीछे क्या
10:21कारण नजर आ रहा है क्योंकि सरकार ने फरवरी दोजार चपीस में पारलमेंट के भीतर ये कहा था कि जाती
10:27जनगर्णा होगी और उस बारे में जाती के बार
10:42प्रधान से जनगर्णा में OBC का सही डेटा सामने आप आएगा और तीसरा सवाल क्या जनगर्णा दोजार सताइस में जातियों
10:51की गिंती नहीं करने का कॉंग्रेस का आरूप सियासी है जो सवाल मैंने उठाया था शुरुबात करते हैं तनुच पुनिया
10:57से ये तीसरी चि�
11:11क्या कारण आपको लगता है कि सरकार ने जो कॉलम फिलाल रखा हुआ है जो सवाल उसमें रखा हुआ है
11:17वो नाकाफी है और उसके वज़े से जाती जनगर्णा नहीं हो पाई
11:21लेकिए सबसे पहले तो जैसा आपने कहा कि संसर्भवन में सपश्च रूप से कहा गया था कि जाती की सवाल
11:28पूछे जाएंगे
11:30हमारा हमारा ये कहना है कि जो भी जाती है आप विशेशकर OBC में तो या विशेशकर SC ST और
11:39OBC के लिए नीतियां बनाते है विशेशकर
11:42जो बनती है चाहे हो आई हो किसी माध्यम से हो सरकार बनाती तो आप जब बना रहे हैं उसके
11:49माध्यम से और आपको पता ही नहीं है कि कौन सी जाती या उप जाती कितनी संख्या में है तो
11:54आप उसमें बजट आवंटन में आपको परिशाली होगी ये ये लॉजिकल सी बात ह
11:58वही हमने स्पष्ट कहा कि OBC का भी इसमें जातियों का जो है गरना होनी चाहिए
12:06कौन सी उप जाती है कौन सी कितनी संख्या में है
12:09ये स्पष्ट रूप से लोगों को पता चले तो उस हिसाब से नीतिया बनाए
12:12वही जो मचवारे हैं जो नाओ चलाते हैं उनकी परिशानिया अलग है
12:17जो गाय भैस का काम करते हैं पश्वों को काम करते हैं या खेती करते हैं
12:24सबकी समस्या अलग हैं तो अगर आप नीतिया बनाएंगे तो उस हिसाब से बनानी चाहिए
12:28तो हम क्या एक्सपेक्ट कर रहे थे सरकार से कि जैसे अनुसूचित जाती और जनजातियों का आपने ड्रॉप डाउन मेन्यू
12:35रखा हुआ है जिसमें सारी जो रेकिनाइज जातियां है वो आ जाती है आप उस पर सिलेक्ट करके आपका आपकी
12:41गरना हो जाएगी और उसी तरह
12:56के हिसाब से चेत्र के हिसाब से हो सकता है कि एक ही जाती के अलग अलग नाम से पुकारा
13:00जाए तो जब तक के और 2011 में अभी अभी बताया कि 46 लाक के उपर सबसे लगए 47 लाक
13:08हो गया जातियां आ गई तो इसको थोड़ा सा ठीक करने के लिए ये बहुत आवशक स्टेप है �
13:14बिहार का अपने नाम लिया तिलंगाना में भी सेम चीज़ करी गई ये उधारन आपके सामने है तो जब प्रक्रिया
13:21आसान हो सकती है प्रक्रिया और स्ट्रीम लाइन हो सकती है तो सरकार को मानने में क्या हरजा है मतलब
13:27मेरा सवाल तो बस इतना सा है कि जब प्रक्रिया ही �
13:30असान हो जाएगी और सहूलियत हो जाएगी जंता को तो इसमें कोई हर्जा नहीं होना चाहिए सरकार को इस बात
13:35को मानने के लिए
13:37अनुप्रिया जी इस बात का जवाब देगी लेकिन तनुझी और एक सवाल मुझे आपसे पूछना है
13:41सरकार के तरफ से ये भी कहा गया है कि सबसे पहले वो जाती का कॉलम पढ़ेंगे और सबसे पहले
13:46उसकी गिंती की जाएगी
13:47साथ-साथ उन्होंने ये भी कहने की कोशिश किये कि कोडिंग और वैलिडेशन के जरीए क्योंकि अब ये डिजिटल लिस्ट
13:53है उसमें आपको नामों की गिंती करना आसान होगा
13:562011 में सबसे बड़ी दिक्कत इस बात की हुई थी कि हाथ से लिखकर लोगों ने अपने नाम डाले हुए
14:01थे उसमें कई सारी दिक्कते हुई थी
14:02तो उनका कहना है कि हम इस बात को कर पाएंगे
14:05यह उनका कहने की कोशिश है
14:07क्या आपको लगता है कि इसके बाद भी
14:09accuracy नहीं आ पाएगी
14:10और जो गड़बडिया 2011 में हुई
14:12वही गड़बडिया इस बार भी देखी जाएगी
14:14क्योंकि करीब करीब आठ लाक
14:16आठ करोड से जादा गड़ बढ़िया
14:18जब निती आयोग को कहा गया था
14:20कि आप इसको पूरे समेटी है
14:22इस पूरे डेटा को वह नहीं कर पाए थे
14:242022 में तो एक बार फिर आपको
14:26वही लगता है और इसलिए डॉप डाउन कॉलम होना
14:28चाहिए यह आपका
14:29बिल्कुल यही तर्क है
14:31यही मांग है
14:32कि आप स्ट्रीम लाइन आपको प्रोसेस को और इजी कर रहा है
14:35हमारे पास 2011 का उधारा ने कि यह नहीं हो पाया
14:38क्योंकि लोगों ने अपने अलग अलग रखता
14:40तो आपको उससे सीख करके उसको बेटर करना चाहिए
14:43बेसिकली मेरा यह है कि सरकार चाहती नहीं है
14:46कि OVC की गरना हो उपजातियों की गरना हो
14:49और क्योंकि उनको उस हिसाब से आपको नीतियां बनानी पड़ेंगी
14:54उस हिसाब से आपको benefit से देने पड़ेंगे
14:56तो वो यह चाहती नहीं है
15:24आपकी ही पार्टी सरकार में थी
15:26बिहार के भीतर रिटीश कुमार वहां के जब उख्यमंत्री थे
15:30कॉंग्रेस पार्टी भी उस महागणडबंदन सरकार के हिस्सा थी
15:33तब वहां पर जाती जनगणना की गई थी
15:36और वही मॉडल कॉंग्रेस पार्टी सजस्ट कर रही है भारतिय जनता पार्टी को
15:40याप इंडिय की सरकार को प्रदान मंत्री बोधी की सरकार को कि आप इसी को लागू करिए
15:44OBC जातियों की सूची भी मंगवाईए और इसी तरीके से जाती जनगणना भी उसमें होनी चाहिए
15:49आपके पार्टी की एक तो सबसे पहले क्या रहा है और जो
15:53SC और ST में drop down column नजर आता है अलागल उसकी उपजातिया उसमें नजर आती है
15:57उसी तरीके से OBC की separate गिंती करने में सरकार को क्या परहेज है क्यों सरकार इससे बचने की कोशिश
16:04कर रही है
16:06साहिर जी पहले तो मैं कॉंग्रेस के जो यहां सांसत बैठे हैं और प्रवक्ता के रुपे बैठे हैं वो पूरे
16:12कॉंग्रेस पार्टी को
16:13मैं तो बढ़ाई देती हूँ को चलिए आपको अंतिम समय में याद आया कि नितीश कुमार जी ने जाती अधायत
16:18बिहार में गन्ना कराई थी
16:19और वो अधायत गन्ना जो थी जिसतर से वो लागू हुई हमने आरक्षन की सीमा में बढ़ाई और आपने एक्सेप्ट
16:26किया कि यहां पे जाती अधायत गन्ना हुई थी
16:28क्योंकि देश को यह याद है वो मंच जिस पर राहूल गांधी जी ने आखे कहा कि बिहार में जाती
16:34अधायत गन्ना ही ने कराई गया यह वो कड़ाया ही नहीं गया है वो सही तरीके से हुआ ही नहीं
16:38है
16:38तो यह बहुत अच्छी बात है कि आप अपने हिसाब से जो है वो आप क्लेम कीजिए कि कब हुआ
16:45था और कब नहीं हुआ था इसका जवाब कॉंग्रेस के प्रवक्ता को देना चाहिए कि आपने आकर कि बिहार की
16:49जनता से जूट क्यूं कहा चुनाब में कि बिहार सरकार ने
16:52जनगनाच्छ से नहीं कराई हैं पहली बात दूसरी बात आपने जो कहा साहिल जी की जो जाती की बात है
16:58क्योंकि मैंने भी कॉलम को देखा है वहां S.E.S.T. के साथ में जाती लिखती है मैं यादव
17:03कॉम्मिनिटे से बिलॉंग करती हूँ और मुझे पता है कि यादव जो क
17:09เชण टो और मुझें लिखते हैं लेकर अन राजयों में ये एदम बीसी काटिगिरी में ये ब्रग लीक कि कि
17:16सब्सक्राइब
17:16में वह यादव मैं लिखते हैं अल्ग उल्ग लिखते हैं जिसचे ये साबित होता है और कि यादव यह भी
17:21रही है कि हर राजय में वह भूश
17:39कर और दंट किया जा सकता है कि वो सब्सक्राइब के यह जो है बड़ाने की जरूत है और जो
17:55सुझाब धिकर करें
17:58मुझे लगता है कि बिहार में जाटी ली जाती आती है एक कॉलम बनाकर करक करके करें यह आभान पैण
18:06से
18:07कि जाती में आ सकता है हो सकता है कि कोई जो जाती बिहार में रहती हो वो उतर प्रदेश
18:12में नहीं हो मद्र प्रदेश में नहीं हो अलग लग जाती हो धर्व कि यही लॉजिक जो बात आप यहां
18:18पर रखने की कोशिश कर रही है यही बात तो शेडूल ट्राइब के लिए भी �
18:22महराश से आता हूँ और महराश में भी ऐसी जातिया है कि जो दरसल
18:26OBC में दिखाई देती है लेकिन वही जाती अगर आप राजस्तान पहुंच जाए
18:30तो वो शेडूल ट्राइब में नजर आएगी यही बात हर जगे पे हैं
18:34शेडूल ट्राइब में भी इसी तरीके की जातिया आपको नजर आएगी
18:36शेडूल कास्ट में भी जो ड्रॉप डाउन लिस्ट है उसमें भी आपको कई तरीके की ऐसी जातिया नजर आएगी
18:41कि जो किसी प्रांत में
18:43शेडूल कास्ट में आती है
18:44जबकि आप दक्षिन में जाए
18:46तो हो सकता है कि वो OBC के फैरिस्ट में चली जाए
18:49यह मुद्दा तो सभी जगे पर है
18:50और बिहार का जिक्र है इसलिए
18:52कॉंग्रेस पार्टी करने की कोशिश करे है
18:54जो हला कि उन्होंने अपने खत में लिखा है
18:56कि बिहार में जब सर्वे कराए गया था
18:59तो प्री डिफाइंड कास्ट लिस्ट, कोड्स
19:01और अल्टरनेटिव नेम वैलिडेशन भी उसके साथ दिया गया था
19:04और वही मॉडल लागू करने की बात
19:06कांगरिस पार्टिव तदू जी सही है ना यही मॉडल आप लागू करना चाहते है
19:14जो तरीका है करने का जो प्रक्रिया हुई जो आप आरोब लगा नहीं की तही है
19:26गलत है वो बिहार से जूट बोला है
19:28जो हुआ बात में जिस तरह से जनगरना हुई वो अलग विशे है
19:31लेकिन जो जिस तरह से उसको स्टार्ट किया गया
19:36जो लिस्ट बनाई गई उसकी मैं बात करना था
19:39कि विहार ने वो सही किया है
19:43जिस बात को कहा जा रहा है
19:48तो मुझे लगता है कि ये राज अस्तरिय अलग-अलग पौमो लाना पड़ेगा,
19:53क्योंकि मुझे हर राज में हर इक जाती अलग-अलग काटेगरी में वह आती है,
19:57तो वह एक अलग वाक्या है, लेकिन इन्होंने क्या कहा कि OBC के साथ में चलावा करने का प्रेम्स किया
20:02जा रहा है?
20:03वही तो मैं कह रही है कि OBC एक जाती हर राज में वह OBC में सामिल नहीं होती है,
20:09कहीं पर उसकी संख्या कम है, इसलिए वो अलप संकित में आते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि इस तरह
20:15से एक नारेटिव बनाना, इसको राजवतिक करना,
20:18इसलिए कहते हैं कि 2011 का भी आपने देखा होगा कि जो यूपी की सरकार है, जो गना कराई थी,
20:23क्या रिपोर्ट आया, किसी तरह की रिपोर्ट हम आज तक नहीं जानते हैं, इस कारण मुझे लगते हैं कि हम
20:29ये NDA की सरकार करा रहे हैं, हम तो पती बदतित हैं कि हम हर एक जा
20:48यहां पर प्रवक्ता यहां पर बैठे नहीं हैं, और आप चुकि बिहार से बिलॉंग करती हैं, और आप ही की
20:53पार्टी की सरकार मतलब नितिश कुमार तब बुख्यमंत्री भी थे, आप तारीफ भी लूटना चाहती है कि जिस तरीके से
20:58जाती जनगणना कराई गई निति�
21:14को आरक्षन देने की बात हुँ, वो पॉलिसी तै हुई है जब जाती का डेटा, करेक्ट डेटा सरकार के पास
21:21था, और आज की स्थिति में कहीं न कहीं सवाल इसी बात को लेकर उठने की कोशिश हो रही है
21:25कि जाती का डेटा हमारे पास नहीं है, तो गवर्मेंट पॉलिसी क
21:29को लेकर उसमें जो कास्ट के आधार पर जो आरक्षन की बात है, या क्रिमिलेर की बात है, सबी मुद्दों
21:35पर सवाल है, क्यों नहीं आप इस बारे में सरकार को समझाने की कोशिश करती है, कि जैसे हमने बियार
21:42में क्या आप करा दीजीगा, ताकि आप पर इस तरीके का प�
21:58वो कातेगरी में वो आती है, जो जाती लिखने के बाद में अभी रपोर्ट पॉब्लिस नहीं वा है, इसमें कैसे
22:03ते फूटी है, आप वहां पर अपनी जाती को लिखेंगे, उसके बाद में देखा जाएगा, कि वो राजस्तर पर उसमें
22:10की बात हो रही है, मैं फिर के रह
22:24बिहार में OBC में आता है, उतरपरदेश में OBC में आता है, अनराज्यों किस्ति मुझे नहीं पता, इसलिए मैं कोई
22:30दावा पेश नहीं करूँगी, तो मैं के रही है कि ये तो सपस्ट है, कि हमने उस जाती को लिखा
22:35है कि अजाती के पॉनसी वो जाती है, वो सपस्ट महां �
22:37पर फिलप कर पाएंगे, वहां दिकत कहां पर मुझे समझ में नहीं आ रहा है, दिकत यही है कि जो
22:42जन्ना हम कराने की प्रयास कर रहे हमने जन्ता से कमिट्मेंट किया था और हम कर भी रहें, कि सरकार
22:50वो आगे वो पूले में आप समझा पाएं, क्योंकि मैंने उस पर अधा
23:06कि उनकास में जो आते हैं, वो उत्तर प्रदेश में नहीं आते हैं, सीधे सीधे सीधे एक सरकारी अफसर का
23:11ही मैंने एक्जामपल था मेरे सामने, मैंने उनसे बातचीत करी थी, लेकिन वो जब बेंगौल में रहेंगे, लेकिन अगर सेंट्रल
23:17गवर्मेंट के में जब वो �
23:32कर रही है, तो स्टेट गवर्मेंट के बेनेफिट्स नहीं मिलेंगे उसे, ये तो एसी में भी कई जगे होता है,
23:37अभी जन्गरना हो रही थी, तो एक अधिकारी आए है, उनका वेस बेंगौल में, वो अनुसुचित जातियों में आता है,
23:45लेकिन उत्तर पंदेश में वो �
23:51मेरा ये कहना है कि प्रोसेस जो है, उसको आप स्ट्रीम लाइन करने कह रहे है, आप कह रहे हैं,
23:55हम OBC की जन्गरना कराएंगे, बहुत अच्छी बात है आपका धन्यवाद सरकार का, लेकिन आप उसको और स्ट्रीम लाइन करने
24:02के लिए हम कह रहे हैं कि आप सब के साथ बै�
24:19चुनाओ दर चुनाओ, OBC समुदाएं इंडिये के साथ में खड़ा नजर आता है, फिर वो बिहार हो या राश्ट्री चुनाओ
24:25हो, तो सरकार क्यों नहीं कराएगी OBC की जाती जन्गरना, देखे प्रॉबलम यह है कि जो हम संख्या समझ रहे
24:32हैं OBC की बहुत जादा है, उस
24:47पर ना पहुँचें, इसलिए उनको ना देने पड़ें, उसको करने के लिए, जितना कर रही है, उतना ही करती रही
24:54है, जब मजबूर आपर हम चर्चा करेंगे, लेकिन जल्दी से मुझे ज़रा मनु गौर जी से प्रतिक्रिया लेनी है, जो
25:00धाचा तयार किया गया है जाती
25:03गिनने के लिए सेंसस के बीतर और उस पे अलग-अलग लॉजिक दिये जा रहे हैं कि OBC में हम
25:07नहीं कर सकते हैं आपने सुना अनुप्रिया यादव क्या कह रहे थी और उसके उपर कॉंग्रिस का काउंटर है कि
25:12अगर आप शेडूल कास्ट या शेडूल ट्राइब में कर सकते
25:14है तो वही बात OBC की क्यों नहीं हो सकती कौन सी चीज सही है तो समें अलग-अलग जाती
25:27भी होती है तो कौन सा तरीका सही आप मानेंगे तो
25:31देखे साहिल जी मैं सबसे पहले एक बास से अपनी बास शुरू करूँ गा जवाब उनिस सो सेटालेस एक कहा
25:40गया है उनिस सो सेटालेस गोरे अंग्रेज गए और काले अंग्रेज आए ये बात मैं इसलिए कह रहा हूं कि
25:48उनिस सेटालेस में जब गोरे अंग्रेज गए तो �
25:51उन गोरे अंग्रेजों की एक policy थी divide and rule कि किस तरह से इस देश को धर्म में जातियों
25:58में विभाजित करें और हम राज करें वो ही परंपरा वो ही चीज आज काले अंग्रेज करते चले आज क्यों
26:06आप देखिए आज किस तरीके से हमारी राजधानी में अलग-अलग जातियां �
26:12अलग-अलग धर्म के लोग अपनी अपनी मांगों अपने अपने डिमांड के लिए खड़े हो रहे हैं अभी पूनिया जी
26:18ने एक बात कही बहुत मज़ेगी बात कही के मचवारे हैं हमें कैसे पता लगेगा जो मचवारों का काम करते
26:25हैं उनके लिए कैसे policy बनेगी तो क्य
26:38ऐसे क्या सिर्फ जो मचवारा जाती के लोग हैं क्या वो सिर्फ आज की डेट में नाओ चलाने का ही
26:44काम कर रहे हैं वो पढ़ लिखके क्या और उपर नहीं बड़े वो आगे नहीं बड़े आप उन सब को
26:49आप ने पुनिया जी ने कहा कर्मों के आधार पे बात करी कि काम के
26:55आधार पे लेकिन होने को देखे सब कुछ हो सकता है अगर आप देखें तो जो कॉंस्टूटिशन अमेंडमेंट हुआ एक
27:03सो दो और एक सो पांच उनके द्वारा राज्यों को अधिकार मिला अपनी OBC की लिस्ट को अभी रहुल गांदी
27:10जी ने अपने पत्र में बात करी �
27:12तेलंगाना की और बिहार की आप तेलंगाना की जो उन्होंने लिस्ट अपने लेटर में एनेक्सर में लगाई है आप उसे
27:19अगर देखेंगे तो उसमें शिडूल कास की 59 जातियों का उलेख है उसमें शिडूल ट्राइब की 32 जातियों का उलेख
27:27है उसमें OBC की 134 जातियों
27:30को उलेख है बाकियों का नहीं है जबकि अभी आपने ही कारेकरम के
27:35शुरू होने पर बताया कि हमारे देश में OBC की कितनी
27:39जातिया हैं CST की कितनी जातिया हैं अगर हम आर्टिकल
27:43341, 42 तो आपका क्या कहना है कि शेडूल का शेडूल
27:47ट्राइप में ड्रॉप डाउन लिस्ट ठीक है लेकिन OBC की गणना
27:50करेंगे तो हम काले अंग्रेज हो जाएंगे और हम बाड़
27:53देंगे समाज को यह आपका कहना है मनुगोर्चा आपको पता है
27:58कि हर राज़ितिक पार्टी अलग अलग OBC समेलन बराती है
28:00नहीं नहीं मेरा कहना ये नहीं है मेरा कहना मैंने ये बिलगुल
28:06नहीं कहा लेकिन जस चीज़ का आप reference देंके वो पत्र लिख रहे हैं उस तेलंगाना
28:12में या उस बिहार राज्य में जो जातियों की liszt दी गई वो 215 जातियों की
28:18लिस्ट दी गई जो सर्वे हुआ तो सही तरीका क्या है तो जो जिस तरीके
28:24से सरकार सर्वे करा रही है ऐसा लगता है कि 2011 में पेपर पे
28:28सर्वे हुआ था वही सर्वे डिजिटल ही किया जा रहा है यानि एक बार
28:31फिर जब इंपिरिकल डेटा इकठा किया जाएगा तब दोबारा वही
28:35दिक्कते होंगी जो 2011 की सेंसस के वज़े से हुई है अब अलग अलग राज्या
28:39इंपिरिकल डेटा मांग रहे थे कि हमारे राज्या में कौन सी कास्ट के
28:42कितने लोग हैं हमें पॉलिडिक हमें सोचल वेरफेर स्कीब्स बनानी हैं उन जातियों के लिए वो नहीं
28:48बना पाए क्योंकि उनके पास पे वो डेटा था नहीं तो कौन सा सही तरीका है मनुगोर जी सवाल यह
28:54है
28:54जैसे की जो अनुपिरिया जी ने बताया जो वो बोल रही थी अभी अगर हमारे संविधान ने भारत सरकार को
29:03केंद्र सरकार को यह सामर्थ दिया है कि वो
29:08SC-ST की लिस्ट को decide कर सकते हैं लेकिन OBC की list decide करने की power state governments को
29:14different state governments को भी दिया है
29:15अलग-अलग जाती हैं अब आज की डेट में आदमी काम के लिए
29:19अलग-अलग राज्यों में पलाइन करते हैं अलग-अलग राज्यों में नौकरियां करते हैं
29:23अगर आप सेंट्रल लिस्ट डाल देंगे या अलग-अलग राज्यों की भी डाल देंगे
29:29मैं इस राज्य में OBC में आता हूँ
29:31मैं दूसरे राज्य में रह रहा हूँ
29:33वहाँ पे मैं अपनी जनगर्ना करा रहा हूँ
29:35उस राज्य में OBC में नहीं आता हूँ
29:37ये बहुत सारी चीज़े
29:39contradiction में आएंगी
29:40मैं ये नहीं कह रहा कि ऐसा नहीं हो सकता
29:42प्रोफेसर नवल किशोर आप जवाब दीजिए लेकिन आप भी बियार से आते हैं जातियों के आधार पे बहाजित करने वाली
29:50राजिमी को खत्म करना चाहिए
29:59पास्या काम उप्रों से लिए जातियों में भाजित करके और देश को बरबात कर रहे काम कोन कर रहा है।
30:22उनको मिलेगा जो सोशली एजुकेस्टनरी बैकवर्ड है उनको अरक्षन मिलेगा उसमें दोड़ाय कहा है जहां तक डेटा पर हम सवाल
30:31इसलिए उठा रहे हैं कि अगर आप डेटा का निर्मान कर रहे हैं तो कम से कम एक्यूरेट और मिनिंग्फुल
30:35होना चाहिए अगर ये �
30:37उसमें अगर ये बाधा डालता है जिस तरह का काम आपने किया है कि SCST और OBC डालने से आप
30:43कत्राते हैं OBC का आपने नाम रेफरीन ने किया है केबल जाती का रेफर किया है आप किम नहीं डालते
30:49हैं दोनों लिस डाल दीजे OBC चाहिए स्टेट में हो या सेंटर में दोनों ज
31:06लिया ये तो ये तो बाकी दलों के दबाव में और प्रभाव में और जिस तरीके का चीज दिखा उसके
31:13बाद इन्हों ने नहीं किया है ताब इनको लगता है कि हम भी एक बार इस चीजों को जो खुद
31:17कहते थे पहले कि जाती जन्गरना होना चाहिए वो 2021-70 तक पलट के से ग
31:31दलीटे अंगरेज को भटका के रखो भर्माके रखो सबका सब्करा ब्रॉकास कँरिप एक ही तरह के लोगोंका होता है तो
31:40यहाँ पर
31:40यहांद पर मूल बात यह Capitol यह ऑगर आंक्डे बनाने के लिए आपने घुसना किये एक तो आप आप इस
31:47नहीं करा रहे था थी
31:492011 के बाद अभी तक आ गया पिसले 5-6 साल से रोके हुए है जब जातिये जन्गना पर आपको
31:54मानना पड़ा तो कम से कम आकरे एक्यूरेट हो उसमें विपक्षी डलो से जाए किसी से भी सलाह लेने में
32:00आपको क्या दिक्कत है अगर उसमें कोई टूतिया है तो उसको ठीक करने
32:19और यही बात है कहीं कि OBC का जाती जन्गना का गनिच जो है वो ओलशता जा रहा है मंडल
32:27आयोग जब लागू किया गया था तब जो सर्वे हुआ था उसके मताबिक 52 प्रतिशत OBC पॉपिलेशन इस देश में
32:33देखा गया था उसके बाद NSSO का सर्वे आता है वो कहता है कि 44 �
32:45उसके बात आया हुआ दो जार तेश का कि 44 प्रतिशत OBC का पॉपिलेशन इस देखा रहे है कि सरकार
32:54एक तरफ कहते है कि हम जाती जन्गना कराएंगे क्योंकि सदन के भीतर उन्हेंने कहा था कि हम जाती की
32:59गिंती करेंगे लेकिन जिन राज्यों में जाती जन्गना भी वहा
33:06पर किया गया है वो सारे नॉन बीजेपी राज्जे हैं जबकि राजनितिक गणित अगर हम देखे तो सबसे जादा संक्या
33:12में OBC पिछले दो चुराओं में हमने देखा तो बीजेपी और NDA को वोट डालते हैं तो क्या कारण है
33:19कि आपको लगता है कि बीजेपी क्या जाती ज
33:34सरकार ने कासेंसस की रिपोट पढीक की उसी दिन प्रधार मंती नरेंद्र मोदी ने गौालियर में यह कहा कि यह
33:42जो अद्हार पर कि यह and जानी कासेंसस को इसको नोंने पाप की संया दिती तो यह यह बीजेपी शुरू
33:53से लेकर वह कासेंसस कराना सिभ्सें नहीं
34:01है कि हिंदुस्तान के निदर जातियता नहीं है वो इसलिए
34:06reluctant है क्योंकि उनको यह लगता है कि यह जो जब कास
34:10census में जातियों का अलग-अलग enumeration होगा तो यह जो
34:14उनका Hindu unity का project है वो उसको कमजोर करता है क्योंकि
34:19कि एक तरफ हम उनका मानना है कि एक तरफ हम सारे
34:21Hinduों को एक जुट करने के कोशिश कर रहे हैं और यह जो
34:25कास census है वो Hinduों को अलग-अलग category में बाठ कर जो
34:28उनकी Hindu identity है उसको कमजोर करता है यह सोच है लेकिन
34:32चुकि वो यह भी जानते हैं कि अगर वो कास census का
34:35विरोध करेंगे तो इस देश का जो 48% population का
34:3944% जो आबादी है वो OBC के आबादी है और उसको
34:43ignore करके आप इस देश के अंदर राजनीती नहीं कर
34:46सकते हैं आप चुनाओ में नहीं जीच सकते हैं इसलिए
34:49आपको याद होगा कि सबसे पहले RSS ने सुनी
34:53लामबेकर ने दक्षण भारत के अंदर जब उनका
34:55conclave हो रहा था तब उन्होंने कहा था कि कास
34:58census होना चाहिए जाती जन्गरना होनी चाहिए लेकिन
35:01welfare के लिए होनी चाहिए राजनीत के लिए
35:03नहीं होनी चाहिए उसके पाद पहलगाम का जब
35:05मामला हो पहलगाम में जब हाथसा हुआ हुआ हुआ
35:08मसकेर हुआ तब जो नरे जब मोहन भागवत पहली बार
35:12जब नरेंदर बोदी से उनके नवास पर जाकर
35:14मिलते हैं और उसके अगले दिन भारत सरकार
35:16यह कहती है उकास सिंसर्स के लिए तयार है
35:18तो चुकि यहाँ पर जो बीजेपी की दुविधा ये है
35:21कि एक तरफ हिंदुत तो है
35:23राशुतुष आपको भी पता है कि कोई भी जाती जनगर्णा
35:25किसी भी जाती की जनगर्णा जब होती है
35:28तब वो वेलफैर के हिसाब से नहीं सियासत दिमाग में रखकर भी की जाती है
35:31क्योंकि उसी के आधार पर टिकेटों का बटवारा भी किया जाता है
35:36और ये इस देश की असलियत है आज की स्तिति में
35:39और कई राज्यों में हमने इस बात को देखा हुआ है
35:41लेकिन मेरा सवाल दूसरा है इसमें आपने जो कहा मंडल आयोग जब लागू किया गया था मंडल कमिशन की सिफारिशे
35:48लागू की गई थी उस वक्की राजनीती से कही न कहीं बीजेपी आहत तजर आती है
35:52लेकिन आज की स्थिति में अगर हम देखें तो दोजार चौबीस के लोग सबाचुनाओ में सबसे जादा OBC वोट बीजेपी
35:58को पड़े थे
35:5958 प्रतिशत जो जो जो नंबर सम यहां पर देख रहे हैं उसके बावजुद आपको लगता है कि OBC जनगर्णा
36:05का बीजेपी विरोत करेगे और क्यों करेगे फिर राजनीतिक दृष्टी से उसके लिए ठीक नहीं है और उसके बाद संगीत
36:10रागी इसका जवाब देंगे हम
36:11हमको यह नहीं भूलना चाहिए कि भारतियंता पार्टी विचाधारत्मक पार्टी एक आइडिलोजिकल पार्टी है आइडिलोजिकल पार्टी का अपना एक आइडिलोजिकल
36:19कमिट्मेंट होता है उसका कमिट्मेंट है हिंदूों को एक जुट करना तो अगर उसको यह लग
36:37तपके में दलित तपके को आउट्रीच करने की कोशिश की है और उनको इसका फाइदा भी हुआ लेकिन आपको याद
36:43होगा कि 2024 में इसी उत्तरपदेश के अंदर भारती यंता पार्टी को जो अधर्दन जाटो कमुनिटी है उसमें उसका प्रभाव
36:49कम हुआ अधर्दन याद
37:07संगीतरागी आप सहमत है जो आशुतोस यह आपर थेयरी रखने है तो मैं जातिय जनगन्ना का आशुतोस की बातों से
37:22मैं पूर्णतष तो नहीं एक पक्ष पर मैं समधू हूँ उस पर मैं बात जरूर करूँगा देखिए मैं आध भी
37:31जातिय जनगन्ना का विरोध करता ह�
37:34और मैं वो शक्त हूँ जो पटना हाई कोट में केस डाला था जातिय जनगन्ना पे जब बिहार में सुरुआत
37:40हुई थी
37:41और मैं इसे बात से समत हुँ जो आसुतोस ने कहा और जो मनुजी ने कहा
37:45कि हिंदू समाद को जातियों में विभक्त करना बातना और मुसल्मानों को संगठित टरना ये कॉंग्रेस की राजनिती का हिस्सा
37:54रहा है
37:54भारतिय जत्ना पार्टी ने उस समिकरन को थोड़ा बदल दिया
37:58हिंदू को संगठित किया और मुसल्मानों को संगठित रहने दिया और नतीजा ये निकला कि एक हिंदू बोट बैंक खड़ा
38:06हुआ जिसका परिणाम हमने बंगाल में देखा जिसका परिणाम हमने बियार में देखा जिसका परिणाम हमने आसाम में देखा और
38:15जिसका परिणा
38:27गांदी ने उसको उसका बिरोध किया था ये सही बात है कि प्रधान मंत्री जी ने कहा था पाप तो
38:33प्रधान मंत्री उसी बात पर अडिक्ट है कि हिंदू समाज को जातियों में मत बाटो और इस पाले हमने 2019
38:41के चुनाव में देखा था कि कैम्बरिज एनलीटी का नाम का एक �
38:44अब निकल करके आया था और राहूल गांदी को ये सलाह दिया गया था कि आप सौक्ट हिंदुत्वा को पेडल
38:50कीजिए और हिंदू समाज को जातियों में जितना भी भक्त किया जा सकता है मुसलमानों को गोलबंद किया जा सकता
38:56है वो आपके राजनेतिक जीवन के लिए ब
39:132009-2010 सदन के भीतर बीजेपी से मांग होती है कि जाती जनगणना होनी चाहिए 2011 के सेंसस में 2009
39:21-2010 गोपी नात्मुंडे खुद बाशन करते हैं पारलमेंट के भीतर की जाती जनगणना कराईएगा उसके बाद आपने ही एक्जम्पल दिया
39:282023 का जब वहाँ पर बीजेपी कहत
39:43होगा उसके बीतर यह यात्रा जरा मुझे समझाई है और आज जब चालीस सवाल पूछे जाते हैं तब उसमें सवाल
39:50नहीं होता है जो सवाल कॉंगनेस पार्टी यहां पर उठाने की कोशिच कर रही है
39:58देखे मैं वो सवाल का बिल्कुल जवाब दूँगा देखे त्वड़ा सा एक जानकारी जातियों के बारे में जान दू कौंकन
40:05छेत्र के अंदर जो गहरे समुद्र में मचली मारते हैं वो भी मचवारे हैं जो नदी में मारते हैं वो
40:13भी मचवारे हैं और चारों की जातिय
40:17अलग-अलग हैं और सब को यह अपने आप से एक दूसरे से स्रेश समझता है यही बात है आप
40:22पहाड़ में चले जाएंगे तो जो वेंड ऊपर चड़ाते हैं और जो नीचे चड़ाते हैं सब अपनी एक में जाते
40:27हैं ब्रामणों ने या भाहिंदू धर्म सास्तर में कहीं भ
40:46आप देखेंगे कि जितने भी आरक्षन का लाब मिला है वो जादों को मिला है कुर्मियों को मिला है उत्तर
40:52प्रदेस और बिहार दोनों की जड़ा यह लागव होता है इसके अत्रिक्त जो है वो राजस्तान में चला जाए तो
40:57एससी कटिगरी में मिनाओं को मिलता है आप आ
41:20साहिल दस सेकंड हैं साहिल दस सेकंड हम यात्रा भी समझा देते हैं मुगलों ने यादमों को अहीरों को गुज्रों
41:30को जाटों को यह सब जमिन दारियां दी थी आज वो सोसित है क्रिश्न के बंसत
41:35सोसिच यह बेतू का तर्क जो है ना यह बहुत बाहियात किस्म का तर्क इस देश में दिया जाता है
41:41सरकार ने फरवरी दो जाटिश पे कहा क्यूंकि हम जाती जनगर्ना कराइंगे
41:53जो कॉंगर्स पर्टी मैंने का तेक है चली आशी तोच आप कुछ कहना चाहें उसके बाद नवल कि शो राजमी
42:01देखें
42:03संगीत रागी ने बड़ी अच्छी बात कही कि सारा आरक्षण तो यादव कुर्मी और मिंगा लेकर चले गए अरे जो
42:11हजारों साल से आप बिना आरक्षण किये लेगे जा रहे थे उस पर चर्चाहीं नहीं करते हजारों साल से कौन
42:17बिना आरक्षण किये सारी मलाई कार्ट �
42:19इसने बहुत बड़ी बात है जड़ा और इस देश के समविदान ने पहले ही खतम कर दिया है तो हम
42:42उसके आगे जाकर बात करेंगे क्योंकि आज की स्थी बड़ी बात यहीं है
42:52कि आप देखिए कि क्रश्ण के वनसज होने के बावजूद भी उनको समाज में उच्छ जातियों से नीचे समझा जाता
43:00है
43:01यह जो यह जो डाइकॉटमी है यह जो डिलिमा है यह जो इस पर कभी बात नहीं होती
43:15हजारों साल से जो मलाई खा रहे से उसका भी तो जिक्र करना चाहिए ना या उसका जिक्र नहीं करना
43:22चाहिए
43:33संगीत रागी जी का अपना राय हो सकता है आरक्षन कोई खैरात नहीं है
43:38पहली बात दूतरी बात या आरक्षन को यह जाती है रहर जो है वो देश की संचाई है और देश
43:46की मांगन है
44:01क्या यही वज़े है कि सरकार धीरे-धीरे सोच लिए कि directly call up डालेंगी जो number आएगा उसके आधार
44:08पर क्या किया जाएगा
44:08सवाल लंबा है और चर्चा भी इसकी पड़ी हो सकती है
44:11तेरा नए सवाल डाले गए लेकित एक सवाल पर मामला अटका हुआ है यह सवाल कहा लेकर जाता है नज़र
44:16बढ़ाया रखेंगे फिला लेंगे एक ब्रेक ब्रेक के बाद भी कबरे जारी रहेंगे आप देख देख देख देख देख आज़ा
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