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चीनी के दाम आसामान छू रहे हैं। क्या वाकई में गन्ने की कमी है या इसके पीछे की कुछ और ही वजह है। आखिर क्यों चाय में मिठास कम और लोगों की जेब पर वजन ज्यादा होता जा रहा है। भले ही सरकार दावा कर रही है कि चीनी की कोई कमी नहीं है लेकिन दाम हैं कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। तो चलिए बिना देरी के इसका सारा गुणा गणित समझते हैं। पिछले कुछ दिनों में चीनी के दाम लगातार बढ़े हैं। लखनऊ की बात की जाए तो यहां चीनी के दाम 45 रुपए से बढ़कर 65-70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। चीनी आम आदमी की पहुंच से दूर जा रही है। चीनी ही नहीं गन्ने से बनने वाला गुड भी महंगा हो रहा है। तो चलिए जानते हैं कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम बढ़ेंगे या इन पर लगाम लगेगी। चीनी के दामों के बढ़ने की वजह एक यह भी हैं कि किसान सालों से मिन्नते ही कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गन्ना काफी समय तक मिलों में पड़ा रहता है और उनका पैसा भी उनको देरी से मिलता है। पैसों के मिलने में देरी की वजह से किसान गन्ने की खेती से भी परहेज करने लगे हैं।
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00:00चीनी के दाम आस्मान छू रहे हैं, क्या वाकई इसके पीछे का कारण गन्य की कमी है या इसके पीछे
00:07कोई और वज़ा है? आखिर क्यों लोगों को चाय में मिठास कम और जेब के वजन पर उसका असर जादा
00:14मालूम पढ़ रहा है? भले ही सरकार दावा कर रही है कि गन्य की क
00:19कोई कमी नहीं है और दाम कम होने वाले हैं, लेकिन ऐसा दिखता नजर नहीं आ रहा है, तो चलिए
00:26चीनी के दामों का पूरा गुड़ा गड़ित समझने की कोशिश करते हैं
00:39आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लखनव की बात की जाए
00:45तो यहां चीनी के दाम 45 रुपए से बढ़ कर 65 से 70 रुपए प्रतिकिलों तक पहुँच गए हैं, चीनी
00:52आम आदमी की पहुच से दूर चा रही है, चीनी ही नही
00:56गन्ने से बनने वाला गुड भी महंगा हो रहा है, तो चलिए जानते हैं कि आने वाले दिनों में चीनी
01:03के दाम बढ़ेंगे या इन पर लगाम लगेगी, चीनी के दामों की बढ़ने की वज़े एक यह भी है कि
01:10किसान सालों से मिन्नते ही कर रहे हैं, किसानों का कहना है कि ग
01:26किसान जो काफी ज्यादा मातरा में गण्र उत्पादन करते थे उन्होंने उत्पादन को घटा दिया
01:33किसान अब गण्रे की खेती को घाटे का सौधा बताते हैं अब कुछ
01:37किसानों का कहना है कि वहाग गण्रे को मिलों में देने के बजाए खुद ही
01:42गुड और शक्कर त्यार कर रहे हैं जो पूरी तरह से और्गेनिक है किसानों का कहना है कि अगर उनका
01:48सवधा घाटे का रहेगा तो वह फसल क्यों हो गाएंगे
01:52चीनी मिल करीब एक और दो साल तक उनका पैसा फसाए है जिसके चलते किसान गन्य के उतपाधन के बजाए
02:01दिरे-दिरे दूसरी फसलों की और ध्यान दे रहे हैं
02:04जिसके चलते गन्ने का उत्पादन साल दर साल कम होता जा रहा है। लिखा जा चीनी के दामों में इजाफा
02:12होना लाच्मी है।
02:13क्यों बढ़ रहे हैं दाम। भारत में चीनी की काफी टिमांड। इसलिए भारत को घरेलू बाजार के लिए 270-297
02:23LMT चीनी की जरूरत होती है।
02:26चीनी की कीमतों में बढ़ोत्री की वज़े जमाखोरी और सप्लाई में कमी की चिंता को माना चाह रहा है।
02:33ऐसा कुछ राज्यों में बाढ़ हुआ अन्य राज्यों में कम बारिश की कारण गन्य की फसल खराब होने के चलते
02:39हुआ।
02:40ऐसी घटनाएं उत्तरप्रदेश, महराष्ट, करनाटक जैसे प्रमुक उत्पादक राज्यों से हुई।
02:47कम बारिश बनी मुसीबत।
02:49महराष्ट में कई प्रमुक गन्ना उत्तपादक जिलों जैसे सोलापूर, लातूर, नंदूर बार, बीड, परभड़ी और एहमद नगर में 21 अगस
02:59तक बारिश की कमी रही।
03:01यहाराज भारत के गन्ने का दूसरा और सबसे बड़ा उत्तपादक है। गन्ने का तीसरा सबसे बड़ा उत्तपादक राज करनाटक में
03:09इस साल सामाने से 22% कम बारिश हुई।
03:11अलाकि सरकार ने बयान में कहा कि उत्पार्दन कम भले हो लेकिन अक्टूबर में नया पिराई से जन सुरू होने
03:19तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में चीनी का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है
03:25मगर स्टॉक की मात्रा नहीं बताई गए
03:30एथनॉल पर क्या है रुख
03:31सोसल मीडिया पर कई लोगों ने पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाने के लक्ष को पूरा करने के लिए चीनी
03:38को एथनॉल बनाने की तरफ मोड़ने को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया
03:43हाला कि आकड़ों से पता चलता है कि कुल चीनी उत्पादन में उतार चड़ाओं के बावजूद एथनॉल उत्पादन के लिए
03:49चीनी का अवंटन काफी हद तक इस्थर रहा है
03:53लिहाजा यह दावा पूरी तरीके से सही साबित नहीं होता है
04:13के राकों का कहने है कि जीनी बंड लाइगे अरक तो को पर्थे गराग पाब्लिक को एक डाइगे एथनॉल की
04:20बेजे से ये चिनी थुड़ी कम बनी है
04:22है पाड़े थे हमारी समय में आते नहीं तो कौर्णमेंट ही बताएगी इस ओड़ेग है नहीं है
04:43झाल
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