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  • 14 minutes ago
देश में वोटर लिस्ट की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर बहस तेज है। इस बीच पूर्व भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी और तीन देशों में भारत के राजदूत रह चुके नवदीप सूरी ने SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पंजाब में वोटर लिस्ट से जुड़ी जांच के दौरान नागरिकता और दस्तावेजों की पड़ताल को लेकर नवदीप सूरी के अनुभव ने इस प्रक्रिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। आखिर पूर्व राजदूत ने क्या सवाल उठाए? SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद क्यों बढ़ रहा है? और वोटर लिस्ट की जांच पर क्या है पूरा मामला?

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Transcript
00:00तीन देशों में भारत का प्रतने धित्व कर चुके पूर्वराजदूत, नवदीप सुरी को आज अपनी ही नागरिक्ता साबित करने के
00:08लिए दस्तावेज दिखाने पड़ रहे हैं।
00:30अब आपको बताते हैं कि क्या है मामला। नवदीप सुरी का वोटर रिकॉर्ड नहीं हुआ मैच।
01:28अब मैं SIR के साथ अपने अनुभव को साज़ा कर रहा हूँ।
01:30यहीं से SIR की पूरी प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई।
01:34इस मामले पर अब सियासत भी तेज हो गई है।
01:37BJP का कहना है कि नवदीप सुरी को इसे मुद्दा बनाने के बजाए जरूरी दस्तावेज जमा करा देने चाहिए।
01:44BJP विपक्ष ने SIR को लेकर सवाल उठाते हुए कि इंद्र सरकार और चुनावायों को निशाने पड़ लिया।
02:14जिसकी सरकार है वो जिसका चाहे नाम बोटर लिस्ट में रह जाएगा जिसका चाहेगा काट देगा।
02:24तो यह क्या बताता है कि पूरा जो SIR प्रासेस है जो नावायों का कितना फाल्टी है।
02:34यह दो प्रासेस SIR का विपक्ष का बोट काटने के लिए है और सपोर्टर्स का बोट जोडने के लिए है।
03:04लेकिन दूसरी तरफ पूर्व राजदूत नवदीब सुरी का अनुभव यह सवाल खड़ा कर रहा है कि अगर सिस्टम की जाच
03:11में तीन देशों में भारत का प्रतेने धित्व कर चुका व्यक्ति भी उलज सकता है तो उस आम मतदाता का
03:18क्या होगा जिसके पास दस्तावे�
03:19की पूरी जवानकारी ये विवस्था तक पहुंची नहीं है अब देखना होगा कि नवदीब सुरी के सवालों पर चुनावायों की
03:26कोई प्रितिक्रिया आती है या फिर ऐसा यार को लेकर राजनितिक घमासान और तेज होता है
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