00:02भारत में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभुकताओं से लेकर सरकार तक की चिंता बढ़ा दी है।
00:30कब मिलेगी। तो वीडियो में अंतक बने रहे बताएंगे सब कुछ।
01:00पहुचने में करीब 40-45 दिन लगते हैं। इसके बाद बंदरगाह से चीनी को अलग-अलग राज्यों और वाजारों तक
01:06पहुचाने में भी समय लगता है।
01:08तो क्या 15 अक्टूबर से पहले वाजार में सस्ती चीनी मिलने लगेगी।
01:12इसका सीधा जवाब अभी पूरी तरह इसपश्ट नहीं है।
01:16पहली खेप में भारतिये बंदरगाहों तक पहुचने की संभावना जरूर है लेकिन पूरे देश में इसका असर एक साथ नहीं
01:23दिखेगा।
01:23सबसे पहले उन राच्यों को फायदा मिलने की उम्मीद है जो समुद्री बंदरगाहों के करीब है।
01:53बाइलेंड भी भारत को चीनी की सप्लाई करता है लेकिन इस बार वहां खुद उत्पादन की कमी की इस्थिती है।
01:59ऐसे में ब्राजील से आयात को सबसे बहतर बिकल्प माना जा रहा है।
02:03बता दें कि सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाग टन कच्छी चीनी के शिल्क मुक्त आयात की अनुमती दी
02:09थी।
02:09या फैसला ऐसे समय में लिया गया जब पिछले एक महीने के दोरान चीनी की कीमतों में करीब 24%
02:15की तेजी दर्ज की गई थी।
02:17लेकिन यहां एक और बड़ा सवाल है।
02:19क्या सिर्फ इंपोर्ट से ही सुगर की कीमते कम होंगी। ऐसा जरूरी नहीं है।
02:24सरकार ने आयात की मंजूरी देने के साथ साथ घरेलू वाजार में जमा खोरी और कीमतों में कृत्रिम तेजी पर
02:31भी सकती बढ़ा दी है।
02:32हाली में चीनी उद्योग पर कीमते बढ़ाने और स्टॉक जमा करने के आरोप लगे थें।
02:37इसके बाद सरकार ने मीलों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन शुरू किया।
02:41ब्यापारियों के लिए 200 तन की स्टॉक सीमा तैकी और बड़े खरीदारों के लिए भी अलग सीमा लागू की।
02:48राज्यों में गोदामों की जांच और फ्लाइंग स्क्राइट की तैनाती जैसे कदम भी उठाए गएं।
02:53सरकार की इस सकती का असर अब दिखाए भी देने लगा है।
02:56खुले टेंडरों में एक्स मिल चीनी की कीमते करीब पांच रुपए प्रतिकीलों तक कम हुई है।
03:26इसमें 2026 सीजन के लिए 289 लाग टन चीनी उत्पादन का अनुमान ब्रकरा रखा है।
03:31इसमें इतनौल उत्पादन के लिए भेजी जाने वाले 24 लाग टन चीनी सामिल नहीं है।
03:36अनुमान के मुताविक एक अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले नए सीजन में शुरुवाती स्टॉक करीब 35 लाग टन रहेगा।
03:43जबकि देश में औसत मासिक खपत लगबग 22 लाग टन है।
03:47नौमबर से नई पिराई शुरू होने पर बाचार में सप्लाई और बढ़ने की उमीद है।
03:52यानि तस्वीर पूरी तरह सप्लाई संकट कीम नहीं है।
03:55बलकि मौझूदा समय में उपलब्धता, स्टॉक और कीमतों के दबाव को संभालने की चुनोती जादा बड़ी है।
04:00यही वज़ा है कि सरकार ने एक तरफ आयात का रास्ता खोला है तो दूसरी तरफ घरेलू स्टॉक पर निगरानी
04:06करी कर दी है।
04:07यह दोहरी रन निती आने वाले हपतों में चीनी वाजार की दिशा तै कर सकती है।
04:37के आयलान के बाद अंतरश्टिय वाजार में कीमतों में कोई बड़ा उच्छाल नहीं आया। कच्छी चीनी की कीमत 18 सेंट
04:44प्रती पाउंड तक जाने के बाद करिब 17.50 सेंट प्रती पाउंड पर आ गई है।
04:49इसका कारण बैश्रिक वाजार में प्रयाप सप्लाई माना जा रहा है यानि भारत का आयात अंतरश्टिय कीमतों को बहुत जादा
04:56उपर नहीं ले गया।
05:26जो घरेलू वाजार के लिए राहत की बात हो सकती है।
05:27और बढ़ती मांग के बीच चीनी फिर से सस्ती होगी या राहत सिर्फ कुछ राज्यों और कुछ समय तक सीमित
05:33रहेगा।
05:33इसका जबाब आने वाले हपतों में ब्राजील से पहुँचने वाली खेप और सरकार की सकती तैय करेगी।
05:39फिलाल उप भोगताओं के लिए अच्छी खाबर रिया है कि कीम्तों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की कोशिश शुरू
05:45हो चुकी है।
05:45हलाकि इस पूरे मामले पर आपका क्या कहना है अपनी राय कमेंट सेक्षन में जरूर बताएं।
05:49और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट्स जूरी तमाम चानकारी के लिए आप बने रहें गुड़ रिटरन्स डिश्टल के
05:56साथ।
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