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यूपी में आरक्षण पर क्या हो रही वोटबैंक की सियासत? देखें दंगल
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00:09नमस्कार मैं हूँ राजीव ढॉन डियाल और आप देखें डिबेट का सबसे प्रमानिक और लोग तात्रिक नमबर वान शो दंग
00:15आरक्षन पर फिर सडकों से सवाल उठें हैं
00:17दिली के जंतर मंतर से उठी आवाज अब लखनव तक पहुँच गए है
00:21आज लखनों में आरक्षन में बदलाव के मांग को लेकर मार्च किया गया
00:24अगले साल यूपी में बिदान सब्बा के चुनाव है उससे पहले ये मुद्दा गर्माने लगा है
00:28प्रदर्शन कारी जाती आधारित आरक्षन की समिक्षा
00:32आर्थिक आधार पर महत्व देने और क्रीमी लेयर जैसे इन व्यवस्थाओं पर जोड़ दे रहे है
00:37दूसरे तरफ आरक्षन समर्थकू का तर्ख है कि सामाजिक पिछडापन के वल घरीबी का सवाल नहीं है
00:43सद्यों की आसमानता और प्रतिनिधित्व की कमी को सिर्फ आर्थिक पैमाने से तौला नहीं जा सकता
00:49अब इन तरकों के बीच में यूपी से लेकर दिले तक सियासत आसमान चुरही है
00:53सभी राजनितिक दल अपने अपने हिसाब से गूट यह बिछा रहे है
00:56लेकिन असली बहस यह है कि नियाय का पैमाना क्या हो
00:59आफसर की बरावरी कैसे हो
01:01और बदलते भारत में सामाजिक नियाय की नीतिका अगला अध्याय कैसा हो
01:06आज इन इस सवालों के इर्थिक बड़ी बहस होगी
01:08लेकिन उससे पहले आपको दिखाते हैं एक रपॉर्ट
01:22आरक्षन यह सिर्फ एक शब्द नहीं
01:24यह भारत के सामाजिके तिहास का वो अध्याय है
01:28जिसमें वंचना भी है
01:29प्रतिनिधित्व की लड़ाई भी है
01:31और बरावरी का सपना भी
01:33लेकिन अब सवाल सडकों पर है
01:36एकिस अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर आरक्षन व्यवस्था के खलाप आवाज उठी
01:41प्रदर्शन काजियों ने जाती आधारित आरक्षन की समिक्षा
01:45आर्थिक आधार को महत्वा देने
01:47और क्रीमी लेयर जैसी व्यवस्था की मांग उठाई
01:51यूजी सी के एक्विटी नियमों को लेकर भी विरूद सामने आया
01:54और अब वही बहस लखनों तक पहुँच गए है
01:57असी साल के समिदाने हमको कुछ नहीं दिया है और जो था वह तिन-तिन के छीना जा रहा है
02:03पहले किले चीने गड़े घड़ चीने तार्म चीना सास्ट्र चीना और अब हमारे बच्चों की सिख्धा चीन रहे
02:31इस एक दिन पहले आंदूलन से जुड़े प्रतिनिद्यों ने उत्तर प्रदेश के डिप्टिसियम ब्रजेश पाठक से मुलाफ़ा देश
02:37के इंद्रीज ने तिन ने कहा है कि हमारे जो साथी हमारे उवा साथी जो दंतर-मंतर पर धरने बैठे
02:45थे उनकी मांगों पर हम विचार करेंगे गंभिर्टा-पुर्वर विचार करेंगे और किसी भी में इसकि इउवाओं का अपने देस
02:55के फार्ध के चात मिंप्र नहीं होन
03:06समझ से अपनी बात रखें तो मानिक एंद्री मंद्री जी के साथ में दो दिन के बाद इनकी बैठक होगी
03:11उसमें हम इनको लेकर के जाएंगे उनसे साथ में बात करेंगे लेकिन इस पूरी बहस का दूसरे पहलू भी उतना
03:18ही महतोपूर है अखलेश यादव ने इसे आरक्ष
04:00संवेधानिक अधिकार है और इसके पीछे की सोच
04:06ऐसे समास से आने वाले लोगों को मुख्यधारा के साथ जोडने की रही है
04:11जिनके साथ किसी ना किसी कारणवर्ष भेदभाव हुआ है
04:16और आज की तारीक में एवन उची जाती से आने वाले गरीब वर्खे जो लोग हैं
04:23उन तक को आरक्षन का लाब मिलता है
04:39केंद्र में मंत्री रामदाज अठाबले ने कहा कि आरक्षन हटाने का विचार समविधान विरोधी
05:05आरक्षन के समर्थकों की दलिल है कि सदियों की सामाजे का समानता को केवल आर्थिक पैमाने से नहीं मापा जा
05:11सकता
05:11दूसरी तरफ आंतोरन कारी पूछ रहे है कि बतलते भारत में तश्रकों पुराने विवस्ता की समिक्षा क्यों न हो
05:18ये वो बिंदू है जो बहस के केंद्र में है क्योंकि आरक्षन पर फैसला सिर्फ आज के प्रतर्शन कारियों का
05:24नहीं होगा
05:25इसका असर उस युवा पर भी पड़ेगा जो परिक्षा की तैयारी कर रहा है उस जात्र पर भी जो अपसर
05:30की तलाश में है और उस समाच पर भी जो बरावरी चाहता है आज तक प्यूर्ट
05:37बहुत सेंसिटिव टॉपिक है और बहुत इंपोर्टन इसमें सवाल भी है हम दंगल की शुरुवात करें उससे पहले कुछ सवालों
05:42पर नजर भी डाल लेते हैं
05:43सवाल नमबर एक क्या उत्रप्रदेश के चुनाव की वजह से अब आरक्षन का मुद्दा गर्मा रहा है विदिली के बाते
05:49यूपी पहुँच गया है
05:50सवाल नमबर दो क्या आरक्षन को लेकर वोट बैंक के हिसाब से सियासत हो रहे है और सवाल नमबर देए
05:56आरक्षन मिलने के आधार में बदलाव की मांग ये कितनी जाया से
06:30खास महमार भी हमारे साथ चर्चा के लें जुड़ गए हैं
06:31की सरकार आरक्षन की समिक्षा करने के लिए तैयार है वजेश पाठक तो चह रहे हैं लेकिन आपके सयोगी दलों
06:37की जो राय है वो बिलकुल अलग दिख रहे हैं आप क्या तैयार है आरक्षन की समिक्षा के लिए
06:44कि अभी अभी आपने एक सब क्या प्रोटेस्ट तो मैं इसी प्रोटेस्ट से आप से बात करना चाहता हूं कि
06:50मेरा जो अभी नीचे इंटरजर्शन चाहँ आप वैसे ही मेरा परिशे करा है मैं यहां आपर एक सुप्रिम पोट के
06:57एक पैर्टिक्सिंग नाथे और एक कानून क
07:00जार्थी के नाते हैं आपके पास प्रस्टिक्वामन तब मैं भाति इंत्रा पार्टिक के पक्स याभी पक्स में मुझे कुछ नहीं
07:07करना मैं इंडर लाइन के बहुत है जो मेरी द्रिश्टी में और जो नियाए विवस्था के द्रिश्टी में क्या सही
07:24है
07:25बहुत सुन्दर आपने आज बहुत सम्वेदंशील विशे उठाया है राजिंटी मैं आपके बढ़ाई रहता हूं आपके चैनल को बताई रहता
07:32हूं क्योंकि मैंने देखा है कि ऐसे सम्वेदंशील मुद्दम पे आंग पर मेडिया तुरा सा किनारा रिटक्वाई अभी �
07:38तेलचेक्टों का एक मसला आया था जिसमें फोट ही ज्यादा विशे उठाये गए और अवश्यक्ता या नावश्यक्ता है मैं उत्पे
07:45नहीं जो अभी तो ये विशे आया है इस विशे पे एक मन में उद्विलना चल गई है देश में
07:52एक बहुत आएप संख्या एक बड़
08:10सब्सक्राइब करेंगे उसमें उसने कहा था कि जो जो विशय है अरक्षण का उसमें जो समिधान निर्माताओं ने जो प्यवस्था
08:19बनाई उसको समीधान सब्सक्राइब
08:38परिवार जिसमें की परदादा से लेके आज बच्चा तक एक सिविल सर्विस में क्वालिफाइब करने के बाद में आईएस आईपीएस
08:45या बहुत बड़े-बड़े पदों पर रहे वाले जिद्की का यदि कोई बच्चा आज रिजर्वर्शन पाता है तो किसके कौस्ट
08:51पर रहा है वो पा रहा है उस करीब जो ऐसी जो एक्तम बहुत ही ज़्यादा डिप्राइब जो सिर्यूर कास्ट
09:00है उसके उपर में विचार की जो बहुत हैं लेकिन मैं इस पर उस जज्ज्मेंट की साधुआद दिरने के साथ
09:10में आलवचना भी करता हूं उसमें यह जो यह
09:21जो बहुत ही जादा जो लंग जील मुटा है इसमें राजिंतिक दल कोई हाथ नहीं डाए इसमें इसमें सुप्रील पोर्ट
09:27जैसे बहुत से ऐसे मसले आते हैं जिसमें कि वो खुद स्ट्रॉंग एक्शन और स्टैंड लेता है इंदर पर इंदर
09:34आपकी बात आ गया है ठीक
09:45जो लोग इसको घंजाना चाहरा है अभी मैंने आपके ही स्रिपोर्ट में देथा यह दो आपके बुलायंग सिंग यादव अखिलेश
09:55यादव इतना घर्ज में धारा ना बयान दे रहा है अरे उसके बाल बच्चे क्या या उनके पर रिष्टेदार क्या
10:02आज वो भी सी में
10:04कोटा लेंगे कोटा है इनको दिया जाएगा तो अब राधी है क्योंकि उनके पास तो अर्व की संपत्ति है और
10:10मैं इसे ही चाहता हूँ कि ऐसी पर पुनर विचार हो जो आज की बेवस्था है राजी जी उस बेवस्था
10:16में जब ये प्रजातंत्र है या हर विश्टे पु
10:33उसके बाद अखलेश आदव भी इस समिक्षा को शडियंत्र क्यों बता रहे हैं क्या आपको नहीं लगता कि समय के
10:40साथ समिक्षा आवशक है और वो तो समिक्षा में समस्या क्या है नहीं देखे राजी जी मैं एक ची बता
10:48दू आपसे अभी मैं अखलेश आदव जी का ना�
10:55लोने चीजे बताई उसमें अभी आप देखिए कि जब वो मुख्या मंत्री आवास खाली किया था तो गंगा जल से
11:01दुलवाय था इन लगोंने उसको वो सम्मान कहां से आएगा जिस सामाजिक सम्मान की हम बात करते हैं उसके बाद
11:08जब चुनाओ चल रहा था तो इटावा मे
11:10जब वो चुनाओ परचार कर रहे थे एक मंदिर को धुलवाय था इनके लोगोंने मंदिर को धुलवाय था उनके निकलने
11:15के बाद तो जिसकी हम बात करते हैं सामाजिक सम्मान की वो तो इस पापी थी नहीं हो पाया अभी
11:20और जो अभी आंदोलन कर रहें बच्चे ये हमार
11:36मांदोलन और ये मोहन भागवज जी के सुधरसंजी RSS के मुख्या कई बार बोल चुके इसकी समिक्षा होने जी समिक्षा
11:44का मतलब जानते हैं क्या है आज सेंटर्ल युनिएस्टिया सर्तामन एक ST का वाइस चांसलर है एक SC का वाइस
11:52चांसलर है पांच OBC के हैं बाकि सारे �
11:55जन्रल है और ऐसा क्यों है क्योंकि OBC और SC मजदूर हैं किसान है क्योंकि करते हैं पढ़ी नहीं पाए
12:01आर्थिक रूप से भी सामाजी रूप से पमजोर हैं वह हमारा जो इम तब पूरा ही नहीं पाए और अगर
12:07मैं UP की बात करूं तो तीस उनिवस्टिया में दो आपको SC म
12:15मिलेंगे बाकि सारे जन्रम मिलेंगे तो क्या मार किया हमार किया हम लोग योगयता नहीं रखते चाश्च यह कि 극
12:25has
12:39मंदिर से निकल जाए मंदिर को गंगाजल से दोया जाता है और आप कह रहे हैं हम सक्षम हो गए
12:42हैं तरीके से नहीं यह जो मानसिक्ता है इस मानसिक्ता को दूर करना पड़ेगा लेकिन जो सामने पुर्शन कारियों का
12:49तर्क है मैं उसी तर्क को आपके पास सेक रहा हूं वो �
12:52यह कह रहे हैं कि यह एक आस्थाई व्यवस्था के तौर पर तो ठीक है लेकिन अगर आरक्षन आप कहरें
12:58कि अभी तक अखलिश यादव नहीं जो है वो उनका परिवार नहीं उपर उट पाया है तो क्या यह आरक्षन
13:03की भी एक तरीके से खाम भी नहीं है कि वो सफल नहीं
13:06हैं दूसरे बिंदों पर आपको विचार करने के आवर्शक्ता है आरक्षन सामाजिक
13:11रूप से उपर नहीं ला पा रहा है लोगों को तो नहीं एक बात देखें सबसे
13:17बड़ी बात ये लोग दलील देता है कि जो आरक्षिक रूप से लोग कम जो
13:20ले तो 10% इनुने दे दिया क्या कोई बोला क्या कोई S C
13:25बोला कोई कोई नहीं बोला लेकिन देने में यह देने की बात
13:30करांपर हमने किसी को देने पर मना नहीं किया लेकिन एक़र तो NEG
13:49इतने उत्तेजित मत हो थोड़ा पेश्टेंस रखो हमारे तो युनिवेस्टी में हमारे मर्यादा रखिए हमारे पड़ताओ मत समाच की
14:02हम तो सुटेबल ही नहीं अनुट МУ वाज गांशिक्त टर जो है जब तक वो नहीं निकलें तक यह चीश्चा
14:20अब नागांजल करा ली जार दार Ч���
14:24कि मलॉक नागर जिया सब्सकत फाहतनों का मत्षद्र है इस परक्ष्द्र
14:28तर हो एनल वह संते हैं उनका पक्ष क्या है
14:29इस पर क्या वो समिक्षा के पक्षदर है या नहीं है क्योंकि योगिता के बाद कर रहे हैं जो प्रदर्शन
14:34का रहे हैं कि योगिता को आधार माना जाना चाहिए
14:37मलुग नागर जी
14:44उनको शायद आडियो नहीं पहुँच रहा है
14:46मलुक नगर जी आपको आ रही है मस
14:49हलो
14:50हाँ जी अभी आई
14:52हम इसमें बिल्कुल साफ इस्पष्ट कह रहे है
14:57कि जब देश की संसद में
15:01अमिसाह जी ये कह चुके
15:02कि आरक्षन चे पिछडों का हो चे दलीतों का हो
15:08और यहां तक कह दिया था कि बाबा साब भी आजाएं वापस
15:11तो वो भी नहीं सोच सकते किसे खतम करें
15:13इससे बड़ी बात कोई हो ही नहीं सकती
15:17टेली विजन पर वहस करके
15:19और कुछ लोग भाजपा से जुड़े हुए दिखाके
15:22या कोई व्यक्तिकत इस तरह पर बयान दे दे
15:25और जो कोई सौकॉल इंडिया गड़बंदन को मजबूत करना चाहे
15:29या भाजपा या इंडिये को कमजोर करना चाहे
15:32तो ऐसा क्यों देश की संसद में
15:36अमिश सहाजी के बयान को कौन बदलना चाहता है
15:40आरक्षन एक संवेधानिक अधिकार है
15:45और बाबा सहाब ने जो अपना संवेधान लिखा है
15:50और उसमें विवस्था की है
15:52और ये लगातार आगे बढ़ता जारा है
15:55तो कौन है इस देश में जो दलितों को उभरने नहीं देना चाहता
16:01कौन है इस देश में जो पिषडों को उभरने नहीं देना चाहता है या कौन है जो आज की तारीक
16:15में जूटी अफुवा फैला करके जिस तरह 2024 के चुनाओं में फैलाई थी
16:20कौन है जो इस सडियंत्र को रच के देश में एंडिये को कमजोर करना चाहता है कौन है जो इंडिया
16:28कठबंदन को फैदा पहुचाना चाहता है
16:30मलुक जी आपको भी ये प्रोटेस्ट एक शडियंत लग रहा है उनको करना चाहिए उनकी मांग को संग्याल लेना चाहिए
16:47क्या चाहते हैं सोचना चाहिए विचार करना चाहिए उनसे तालमेल बठाना चाहिए और उनसे एमी केवली उनको समझना चाहिए या
16:56समझाना चाहि�
16:58मैं वहीं तो पुछ रहा हूँ कि आप उनको समझाइए न कि जब आख वो ये कह रहे है कि
17:03एक योग ये व्यक्ति इससे पीछे छूट रहा है जो जादा प्रतिबावान है जिसके जादा माकस आ जाते हैं वो
17:08पीछे छूट जाता है उसको नहीं मिल पाती जगा है
17:11सीट्स बड़ी कम होती है पहले ही इतना कॉम्पोटिशन है उसमें उनको जगा नहीं मिल पाती है तो इस पर
17:17विचार करने की आवर्शक्ता है होगे कह रहे हैं आपका इस पर क्या पक्षे है
17:23उनके हिसाब से उनकी बात उनको ठीक लगती है और पहले जटके में देखने पर वो बात सही हमको भी
17:31लगती है
17:32पर जिन लोगों को आज भी दवाई को पैसे नहीं है शत नहीं है खाना नहीं मिल रहा है काम
17:42नहीं मिल रहा है
17:42अगर काम ना मिले अगले टाइम का खाना कहां से खाएं तो क्या पूरी जिंदगी भर वो कीडे मकोडों की
17:48तरह दबे रहें
17:49अगर बाबा साहब ने सम्विधान में व्यवस्ता किये कि उनका उत्थान हो दलित उपर आएं
17:54SCST उपर आएं आदिवासी उपर आएं और राजीव जी आपको जानकारी भी नहीं होगी
18:00जो ये लोग मुसल्मानों की वकालत करते हैं वहाँ दलित मुसल्मान पाकिस्तान और हिंदुस्तान की बाउंडरी पे करीब 600 किलो
18:10मीटर लंबाई में
18:24तीन महीने में या दो साल में फिर चीन लोगे मलूग नागर जी वो कह रहे हैं कि ठीक है
18:34आरक्षन मिल रहा है ठीक है लेकिन वो ये जानना चाहरे है कि कम से कम ये तो पता करिये
18:39ना कि कि किस को आरक्षन का लाब मिल गया है किन को अभी मिल रहा है और किन को
18:43नहीं मिला है
18:44एक श्वेत पत्र भी वो कह रहे है कि जारे किया जाए
18:50ये आप किसी व्यक्ति की बात कर रहे हो
18:53या पिषडी और दलित जातियों की बात कर रहे हो
18:56मेरा काउंटर प्रसन है पहले ताकि मैं जवाब उसी इसाब से दे सकूँ
18:59ये उनके मांगए मैं आपके सामने वही रख रहा हूं कि वो ये कह रहे हैं कि
19:04कितनी जातियों को अब तक आरक्षन मिल गया है उस जातियों कितने प्रसन लोगों को आरक्षन मिल गया है
19:23तो मैं बिल्कुल सीधा पूछ रहा हूँ व्यक्तिगत अगर किसी को फाइदा मिला है वो अलग भी से है आप
19:29पूरी जाती की बात कर रहे हो पिछड़ों की या दलीतों की बात कर रहे हो पिछड़ों की
19:40तो वो कुछन अदूरा है
19:53पिछडी जातियों को
20:14पिछडी जातियों को नहीं मिला है उनको भी मिलना चाहिए फिर आरक्षन हटाने की बात कहां से आ गई पिछडों
20:20की और दलीतों की आरक्षन हटाने की बात कौन करेगा इस देश में उस सामने आए और वो करे और
20:27फिर अगर प्रिदर्शन कर सकता है तो दूसरे लोग प्रि�
21:07क्या है
21:08भुषे विए राजबूद बनी और जातियों में है बड़े भी हैं आपको उनकी चिंता हम आ खक्षण की बात कर
21:17रहे हैं जो अने
21:18की बात कर रहे हैं और जिनको चिंता एक लेश्या ईको चिंता आने को चिंता है इनकी दुकारे बंद हो
21:27जाएगी इनका
21:28सिस्ट्म हो जाएगा यह लोग और एक कंद चन करने के ना पाज हो का शोषन कर रहे हैं और
21:34श्ति वर्ण में क्या गरीब
21:36नहीं है अत् advertisements त propor लाब में क्लाव का लिए तरका यह वितलो का थाएक उठी को
21:54आपको माँ सर यह गोुद है इस परसेंट के आपको पता है मियमर कानून के उसके अंदर सरी करन की
22:02माँख कर रहे हैं पिछले चार सालों से
22:06यह फॉर्वर्ट क्लास के लिए है EWS, आप सुनिये, आप मेर को मत पताईएगा, मुझा मालूम है क्या है, मुझा
22:14मालूम अमिता भाई, अमिता भाई, बाजपा के नाम पर बैठ के दादक निमत करो, अब आपका सम्मान करते हैं, रुकियेगा,
22:22रुकियेगा, राजीव जी,
22:25राजीव जी, राजीव जी, राजीव जी, राजीव जी को बोल रहा था, प्लीज, आप सब को एक ही करके सुनेंगे
22:29ना सर, जो सेंसिटीव टॉपिक है, उनका भी तरक आने चाहिए, मैं आप सब के पास आऊँगा, और सुरजपाल जी,
22:34कर दिजे आप 30 सेंद में गरीब �
22:37जंतर मंतर पर, जंतर मंतर पर हम गरीबों की आवाज उठा रहे हैं, गरीब ब्राह्मन की गरीब बनिये की आवाज
22:44उठा रहे हैं, गरीब गूजर, गुरीब यादव की आवाज उठा रहे हैं, गरीब है ना बीसी में, गरीब है ना
22:51स्वर्ण समाज में, हमारे को क्यों अ
23:06प्रवाइवती बोले कि गरी मुसल्मान को आरक्षण के पक्षण रहे कि नहीं अरे सामाने वर्क के मुसल्मान भी तो हैं
23:12बताए असमाज वरी पार्टी के परापता आपके पॉइंट आए मैं विज्य जी आपके पास भी आँगा लेकिन सतीज जी और
23:20इसके साथ हमारे साथ �
23:21पर सतीज जी आप अपना पक्षण में रख दीजिए कि वो समिक्षा की बात कर रहा है या उसमें कोई
23:37शडियंतर नजर आ रहा है
23:40नहीं हंडेड परसेंट एक गहरी सडियंतर है आरेक्षण को कैसे खतम करना इसकी एक पहली पायदान है ये बाकादा देखिए
23:49इस देश में एक माहोल तियार किया जा रहा है
23:52कि जो अनुस्य जन्जाती के लिए आरेक्षण है उसका आधार किसी भी तरीके से आर्थिक कर दिया जाए अब मैं
24:01आर्थिक आधार पर जो सामान में जाती के लिए दस पर्सेंट आरेक्षण मिल रहा है जहना उसकी कड़oublी सच्चाई आपके
24:07सामने रखना चाहता हूँ
24:10EWS का आरेक्षन की आप जाच कीजिए
24:12सर अमुझी मैं आपका सम्मान करता हूँ अपनी बात कहूंगा
24:16अगर कहीं गरत होंगा तो आप रोक दीजे
24:17मैं आपके सामने आज तक के सामने बिलकुल 100% दावे के साथ कह रहा हूँ
24:24कि अगर भारत में जो EWS का आरेक्षन 80% फरजी लोग, फ्रोड लोग उसका लाब ले रहे हैं
24:33उत्तर परदेश के पिछली बार के सिक्सा मंतरी, बेसिक सिक्सा मंतरी का भाई बाकादा डिगरी कॉलिज में
24:38EWS के आरेक्षन बना, EWS के आरेक्षन की जहां लिविट है, आठ लाक रुपे, जाकर के जो मेडिकल की PG
24:46कोर्स की आप जाच कराईए, वहाँ EWS के आरेक्षन पाने वाले लोगों ने एक करोड रुपिये में दे करके कहीना
24:54कहीं सीट लिए, ये कच्चा सच है, दूसरी बात
24:57देखे, सुनिये, सुनिये, राजीर जी अभी बात होंगी न, ने, सर्फों पे क्रीमी लेयर पर भी बात रख लीजेगा अपने,
25:02सुनिये, बिलकुल, बिलकुल, क्या कोई दलित आदमी का भारत का समाज इतना खुल गया है, कि अगर कोई आर्थिक रूप
25:22से संपन हो जाए
25:23तो क्या जी वो सामाजी करूप से कम दोर नहीं होगा? एक बात, इस देख के राश्पती के साथ...
26:19अगर मैं दली समाज में पैदा हुआ हूँ मुझसे कुछा गया था
26:22तुम ठाकुर पैदा होगे यह बनिया पैदा होगे यह पाह्मर पैदा होगे है ना मुझसे पूछा गया था आप
26:29समाज में पैदा होने के लिए कोई परिक्षा दिये है सुलिए यह समाजित ब्रांती है सार एक छोटी जीबात कहता
26:36हूँ डेखिये इस देश में अभी
26:39कि साथ किस तरह का बेहविर कि आप करीमी लेयर को को बोलेगा कि अरक्षिंट छोड़ें आप करीमी लेयर को
26:48बोलेगा को बोलेगा
27:00कि आप मुझे बॉलेगा और इटी तुना मैं गरीव जातों को की मैं नो Спश्फिंट डॉना जो
27:28एक एक करके बोलते हैं
27:32सुरज जी आप मेरे प्रशन सुनिए
27:50समिक्षा की बात पर क्रीमी लेर पर आपकी राय आ गए है
27:53आप तो यह मातने की वो मिलना जाए नहीं
28:12सुरज जी इस देश के दलितों ने आरक्षन नहीं मांगा था
28:20बाबा साब दाक्टर भीमराव अम्रेट कर दीना आरक्षन नहीं मांगा था
28:26बाबा साब भीमराव अम्रेट कर काम संभान करते हैं पर देश बाबा साब भीमराव अम्रेट कर का नहीं है
28:33नियुकर पर देश भीमराव अम्रेट कर देश नहीं नहीं है अगरीबंश नो का देश है अगरी तो लोगों का देश
28:44है ने इस ऑफ दो को ट्तुरिए क्या घा घृ आप धर रहोंगे ईन्रम्
29:22करीदों की बाते वालों की बाते हो डुमारे सबकी आवाज आरे हैं जिस लेजर में जो बोल रहा हुं सब
29:30दर्शुलुक बीच में जा रहे हैं
29:32हम लड़ने के लिए थोड़ी बैठे है, हम तो चर्चा करने के लिए बैठे है
29:40मैं आप दोनों को माफी जिस दोगना चाह रहा हूँ
29:43क्योंकि सेंसिल्ट आप दोनों ऐसे लड़ेंगे ठीक नहीं
29:47मैं विनीजी विनीजी को चर्चा का हिस्सा बनाते हैं
29:52मैं मलूग जी आपके पास भी आ रहा हूँ
29:53उसके बाद मैं आपके पास आ रहा हूँ, आपके पार्डे का स्टेंड क्या है वो तो clear है ही है
29:57वो तो clear है, मतलब हमने बयान सुनी लिया है, clear कह रहे हैं कि भई अधिकार है, हक है
30:04और कोई क्हरात नहीं है
30:05लेकिन जो students कह रहे हैं कि हमें अब शिक्षा से वंचित किया जा रहा है कि
30:10colleges में हमें जो seats मिलनी चाहिए थी हम इतनी मेहनत कर के आ रहे हैं
30:15जादा marks वाला उसको नहीं मिल पा रहा है कम marks वाला उसको मिल जाती है
30:19तो वो रिफॉर्म की बाद करें कि जिसको एक बार हक मिल गया उसको मिल गया ठीक है उसको मिल
30:24जाए
30:24लेकिन बाद में उसी फैमिली में आगे वही चीज़े continue नहीं होने चाहिए न
30:31रजी भाई सभीक और नमस्कार गूर इवनिंग देखे एक बाद तो बिलकुल क्लियर कर ले हम लो की जो मौझूदा
30:37सरकार एंडिये की है और अरक्षन के प्रति कितनी कटिबद है प्रतिबद है ये दो वाकिया से आपको समझ में
30:43आएगा
30:442018 में जब S.C.S.T. कानून को थोड़ा सा डैलूट किया गया था उस समय हमारे दिवंगत नेता
30:48रामिलास पासवान जी जिन्दा थे उन्हों ने पहुचा इसके बारे में पुनरविचार याचिका दरज किया उसके बाद से सरकार ने
30:55इसको फिर से उसी दूरूप में इंट
31:11आरक्षन पर क्या विचारत हैं यह जरूर याद रखिएगा अब हम आते हैं कि हमारे नेता अधर्णिये चिराग पासवान जी
31:16ने क्या कहा था बिलकुल सही कहा था यह कोई भीख नहीं है और अगर आप थोड़ा सा समीधान की
31:21समिक्षा किजिएगा पढ़िएगा तो आप
31:48वो हटाने की बात में करने की बात है क्योंकि हमें उनसे चितने की बात है जो करनाटका में कॉंग्रेस
31:53की सरकार कर रहे थी कि OBC का रख्षन मुसल्मानों को दे रहे थी
31:56PMC की सरकार वेश्ट बेंगौल में क्या कर रहे थी 77 मुसलिम कॉमूनिटीज को OBC में लाने की बात कर
32:03रहे थी देखे जो लोग कहते हैं इस बात को लेके ये बात नहीं समझते हैं कि आज के समय
32:07में भी ऐसे समाजिक विद्वेश हैं जहां पे किसी व्यक्ति को घोड़ी पर
32:24बारना है और बाकी की जो 50 प्रतिशत हैं उसमें उन लोगों के लिए हैं जो कि अभी भी समाजी
32:29कोई ने कहा कि प्रमुक्तु वही है समाजी के लुप से पिछड़े हुए हैं लेकिन को ये कहेगा कि सरकार
32:34चाहती है कि खतम कर देने के लिए मुझा लगता है कि इससे बड�
32:52प्रेंड में कर दिए भी अमिताब ची सुनिए उनको सुनिए तो शुरू हो जागी जी देखे समीधान का 340 पड़ो
32:59341 पड़ो 342 पड़ो अर्टिकल पड़ो उसमें कहीं भी गलित पिछड़ों के जो सैक्सिक पिछड़ा पढ़ने सामाजी पिछड़ा पढ़ने उसमें
33:08�
33:08आर्थिक नहीं है ओबी सी के अंदर आर्थिक बाकादा मानने सरवोच नायले के दुवारा डाला गया है आज भारत में
33:16कहीना कई एक चाल चली जा रही है सरकारे इसको टच नहीं करेंगी कहीना कई इस लेज़ कि यह क्या
33:21बाद भाद भाद भाद में सुरजी आऊंगा पक
33:38कहीं जाना है अब इतना अरगल प्राप मैंने सुनने वाला मैं इतना ही का के जा रहा हूं मेरा करना
33:43है कि देखिए उनर विचार की बात इदिन नहीं हो तो संविधान को ही ठंडे बस्ते में डाल दो क्योंकि
33:48आप जाती छोड़ो ना अरे सिना साब जिस दिन जाती छोड़
34:11संविधान संविधान संफुधन जो है वो पुनर्विचार ही था है समयानुसार अरे जह कहना है कि व्यक्रिमी लिएर जो वस्तों
34:35में डिया
34:36गया, वो ऐसे गरीबों के लिए है, ऐसे समाजिक पिहों के लिए है, जिनोंने विसमाज के अभी तक भारत के
34:43विकास लाग नहीं दिया.
34:44तो उसके लिए जो स्क्रीमी लेयर है जाने कि जिसने सारा लाग सारा मलाई खा लिया है तो ऐसे लोगों
34:51को वंचित हटा दिया जाए और दूसरा जो आपने EWS की बात की EWS के में भी अभी यही जो
34:57सजन है यह बोल रहे थे कि इसमें सारी जाली है अरे आप यदि थोड़ा सा �
35:01स्क्रीन से बाहर निकल के और जाए जाके अर्टिय लगाए और यदि किसी को पता चले आपने निकाल दिया कि
35:07उसने गलत किया है तो उसके पर क्रिमिनल केस होता है नहीं ऐसे हवा में अब नैशनल चैलेंग पर बात
35:13नहीं करने चाहिए यह गलत है और मैं अब लास्ट में �
35:15इतना ही करना चाहूंगा राजी यह बहुत समयधंशील मसला है इसमें सुप्रीम कोट को दुबारा पहल करने चाहिए मैं एक
35:21लोयर के नाते अब सुप्रीम कोट में दुबारा अर्जी लगाऊंगा अभी कल ही समवार को और मैं यह चाहता हूं
35:26कि इस पर यह जो सब्सक्रि
35:45लिए भी एक आरक्षित हो सही बिवस्ता ताकि उनका भी परिवार आगे बड़े कि कोई ले जाए और कोई जो
35:52ताकतवर बन गया वो सबों को फिर बोले कि नहीं आरक्षन हटेगा नहीं और जब एस्टेटस को रहेगा यह देखिए
35:57एस्टेटस को की वजह सी सारी दिकते ह
35:59मैं करता हूं कि अधास किते हटाइए और जो भी जो भी स्थितियां उस पर पुनर विचार करके उस पर
36:04दुबारक करिए समिधान भी अधिकार देता है पुनर विचार करने का
36:09मलूक नागर जी पहले तो अमिताब जी ने जो टीमी लियर वाली बात कहे थी उस पर आपकी क्या रहा
36:14है कि जिसको एक बर मिल गया तो क्या उसके बाद उसके आगे वाली पीड़ी को ये मिलना चाहिए जिसको
36:19एक बर मिल गया है वो चोड़ आगे उसको क्या छोड़ नहीं
36:22देना चाहिए और आपकी सरकार है आप कहते हैं कि हर तपके को जो है नियाएं मिल रहा है तो
36:27फिर समा निवर का सड़कू पर क्यों है
36:31हाँ मैं आ रहा हूँ आपके पस पहले इसमें इसमें इसमें हम बिल्कुल साफ कह रहे हैं गरीब कमजोर मजलूम
36:43चाहे किसी भी जाती का है उनको आरक्षन मिले इसके हम पक्षधर हैं वो आरक्षन
36:50पहले दिया भी यह भी सच है आगे भी अगर कुछ देना चाहो देनां चाहें तो इसमें पूरे डिवेत होनी
36:58चीए
36:58लेकिन जो पिषडों का आरक्षन है जो दलीतों का आरक्षन है वो टच ना करा जाए अलग से अगर देना
37:08की बात आए इस पे पूरे देश इस तर पे बातचीत होनी चीए इसके हम पक्षदर हैं
37:24और हमारे सूरज पाल जी ने बड़े अच्छे रिश्टेदार हैं और हमारे गूजरों के ठाकुरों के गोतर मिलते हैं यादवों
37:33के ये सच है पहले एक थे रिश्टेदार हैं इनमें भी अगर इनको ऐसा लगता है
37:40और अगर ये चहिए इनको जो ये मुद्दा उठा रहे हैं तो क्या आपके नैशनल टेलिविजन पर आज ये घूसना
37:46करेंगे
37:47कि पिषडों में दलितों में जाटों में गूजरों में यादवों में पालों में सेनी में कर्षप में लुवार में सब
37:54में साधिया करनी स्टार्ट करेंगे ये ये पूछ लो जरा सूरज पाल जीसका जवाद दिए फिर मैं विजा आपके बास
37:59आरों
38:02एप एसा मलुक भाई मलुक भाई ऐसा जहां तक रिष्टदारी की बात है देखो कौन-कौन कहां साधी करते काही
38:08तुमारी हमारे में के तुमारी तुमारे में यह चलती आरी चलती रहेंगी परनतु मेरे एक सिंपल जी बात अज़र 131
38:15सांसद आरेक्षित चांसद राजी बा
38:22उद्वो यह टैकरने कि हमको अब जरीब डलीत को गरीब रिजर्वेशन वाले व्यक्ति को जो दलीत है महा पिछड़ा उसको
38:33शीड़ते देंगे यह कह दे राउल गांदी यह कह दे भाजपा के लोग यह अखिलेस-यादावर हमायवती यह कहना इज
38:40आती पिछड़ दलीत ह
38:50उनके पिता मंत्री थे विधाय के घर में से चार चार बनते हा रहे हैं गरीब को दे दो ना
38:55उनको बने तो एक घर में आईएस है एक घर माईपियस है उस घर में चार चार आईएस आईपियस है
39:00दे दो ना गरीब बालमीक को और जाटव को और गरीब रोधी पासी को आपने स�
39:26तो आज उतोज जी की भाशा आप देख रहे थे कि इस गुंड़े को चुप कराई कितना उत्तेजित हो रहे
39:32थे जब तक यह पांच सिकता नहीं निकलेगी ना तब तक रिजर्वेशन चलता रहेगा और यह जो मलुग नागर जी
39:38हैं मुझी है यह सारे तो एक ही पाले में यह
39:40तो उसी पाल्टी के साथ है तो आरक्षण को लूटने का काम कर दी है क्या वोला था इन्होंने अब
39:45की बार चार सो पार यह संविधान के पीछे हैं क्योंकि करना ही है करना ही है हम बाबा साथ
39:53के फेवर में काम करा है जोब तूब को लिए अगर कोई अपनी आपकी पास सु
40:12प्रचण के साथ ही है तो यह कहाँ हम तो आरक्षण के साथ ही है गूजर पकर वालो वा वक्रियत
40:22रेड़ की तरह रखा उनको आरक्षण के नाप नियुदिया कोगरे से पूचो अपने साथ ही पार्टिक सब्सक्राइब
40:28अमुजी ने बोला है देश बाबा साब का नहीं है विजय जी विजय जी विजय जी हम राजनी ते टीकर
40:33टीपुड़े से आज बचेंगे क्योंकि एक सेंसिटिव टॉपिक है मैं चाहता हूं कि हर बर्ग की बात आने चाहिए जो
40:38इस समय सड़कों पर है मैं उनका ही एक बर फ
41:17है विजय जबे रहे हैं वह कह रहे हैं कि आरक्षन मिल रहा है ठीक है जस्टिस है veto के
41:26लिए
41:26नहीं सूरजीर, फिड राउंड करें, प्लीज, मैं डिवे डिरेल नहीं करेंगे, इधर उधर की बात नहीं करनी है, विजज, सीधा
41:33बताइए, वो कह रहे हैं कि भाई, एक तपका उसको लग रहा है कि यह हमारे साथ इंजस्टिस है, उसको
41:38भी तो आपको संतुष्ट करना है
41:39आपके PTA में आप P से पंडित भी तो आगए हैं, अच्छा इंजस्टिस यह होता है, कि लोगों को अटा
41:46दीजिए, आपको आपको चाहिए, जो आपको चाहिए, मांगे सरकार से यह मांगों को अटाईए, यह तो रिजर्वेशन अटाव आंदोलन है,
41:56आरे फिर वोई कैसी
41:59रिजर्वेशन रिफो मांदोलां को पहलाँ देखे, रिजर्वेशन, राजीव, आपको चाहिए, ओको बैटा रहे, आपको चाहिए, सुलाठ को नहीं हो है,
42:09आपको शाहिए, भी ताटर की बातों में आप वोई का रहे हैं, टृटर इवारे इधर उह और की बदंगा है?
42:27लेने हाँगा आप सब के पास 33 सेखंड अपनी बात पर कियागा बस अम्मु जी मैं कोई अगर मेरे बातों
42:33से आपको हान पोचो उसके लिए माफी एक सवाल है मेरा आप से आपने कहा कि कही ना कही आइस
42:39का बेटा आइस नहीं होना चाहिए MP का बेटा MP नहीं होना चाहिए आ�
43:03सवाल हो गया ना सवाल जवाल जवाब देंगे उसी टांव लेंगे आप तो फिर बोलना शुरू कर देंगे ले चीड
43:11के सब्सुर्ण जी बोलिया फिर अप फिर आप जूनी सवाल पूछेंगे ज्या है सथीज भाई मैं सुन लिजीगा मैं माराना
43:18पड़ता माराना शांग
43:28अब तर्फ आपने पुल रहे हो भी मैं शत्रिय हूं सुनो अरे चत्रिया हो का नड़ाई कव लड़ी तुमने अरे
43:45आज तो को चत्रिया वाला काम दिक रहे हो तर्फ
43:50को मुझे उख्षारे मेरा आपका जगड़ा नहीं है या अरक्षन का विश्य कंभी रिश्य कोई नहीं कोई जगड़ा नहीं है
43:57कि रुको सर समाजवारी पार्टी के प्रवक्ता से सवाल है क्या सामाने वर्क के मुसर्मान के लिए आरक्षन क्या अखलेश
44:09यादव चाहते के �
44:10नहीं चाते प्रवक्ता बता दें क्या जरीव अरक्षन मिलना चीए जाटव को बालमी को दोवी को पासी को तुम चुप
44:18रहो यार तुम चुप रहो ठेके दर मत बनो सतीस इनको बोलने वर्क को अरक्षन को अर्मलूग जी आरा हमके
44:26पास क्या अरक्षन हो गया सवाल आप �
44:28यहीं हो टैता जरीजी जो जवाब मैँ को तुम चुप प्रबी को लुटने वाली पार्टी के साथ
44:40जो हमारे R&D वाले लगे हुए है पहले बाटे देंता पार्टी का साथ रोग आप आरक्षम के पक्ष में
44:47है उनके साथ मिल करके और ये कहना हम आरक्षम के तो पक्ष में हैं ये बाटें वरका गरी मुसल्मान
45:01बनी जी, बैलों का रोख इस पर क्या रहता है ये देखने वाली बात होगे
45:21आप देखने रहो है
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