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Sawan Aakhri Somwar Puja Vidhi: सावन के अंतिम सोमवार पर व्रत का संकल्प लेकर प्रातःकाल स्नान-ध्यान से निवृत्त होकर मंदिर, देवालय अथवा घर में विधिपूर्वक पूजा आरंभ करें। सबसे पहले श्रीगणेश जी का पूजन करें, इसके बाद भगवान शिव-पार्वती, नन्दी, कार्तिकेय और सर्प देवता की आराधना करें। भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और चीनी से अभिषेक कर जनेऊ, चंदन, बेलपत्र, भांग, धतूरा, धूप-दीप एवं दक्षिणा अर्पित करें, नन्दी के लिए श्रद्धापूर्वक चारा अथवा आटे की पिन्नी भी अर्पित करें।Sawan Aakhri Somwar Puja Vidhi: Puja Muhurat,Samagri List Aur Kaise Kare ?

After taking a vow to fast on the last Monday of Shravan, bathe and meditate in the morning and begin the ritualistic worship in a temple, shrine, or at home. First, worship Lord Ganesha, followed by Lord Shiva, Parvati, Nandi, Kartikeya, and the serpent god. After anointing Lord Shiva with Ganga water, milk, yogurt, honey, ghee, and sugar, offer sacred thread, sandalwood, bel leaves, cannabis, dhatura, incense, lamps, and dakshina. Devoutly offer fodder or a flour ball to Nandi.

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~HT.318~ED.464~PR.115~VG.HM~
Transcript
00:04भगवान भूलेनात को प्रसंद करने और उनकी विशेश क्रपा पाने के लिए सावन के अंतिम सोमवार को पूजा उपासना और
00:11भक्ति से चूकना नहीं चाहिए
00:13क्योंकि कोई व्यक्ति पूरे श्रावन मास में भगवान भूलेनात की उपासना पूजा ना कर पाया हो
00:29पूजा का मुहूरत क्या रहेगा साथ ही किन-किन चीजों की आपको पूजा में जरुवत पड़ेगी
00:35बात करें पूजा मुहूरत की तो ब्रम्ह मुहूरत सुबह 4 बचकर 27 मिनट से 5 बचकर 11 मिनट तक
00:42अभिजीत मुहुर्थ दोपहर 11.57 मिनट से 12.48 मिनट तक,
00:47विजय मुहुर्थ दोपहर 1.30 से 3.21 मिनट तक,
00:51अमरतकाल मुहुर्थ 8.30 से 10.05 मिनट तक,
00:55वहीं आपको बता दें कि आखरी सोंवार के दिन राहुकाल सुबह 7.31 मिनट से
01:01सुबह 9.08 मिनट तक रहेगा,
01:03वहीं यमगंड सुबह 10.45 मिनट से दोपहर 12.00 मिनट तक रहेगा,
01:08इस बीच पूजा या कोई भी मालंगलिक या शुपकार ना करें,
01:11अब आईए बताते हैं कि पूजा में किन-किन चीजों की जरुवत पड़ेगी,
01:15हुजाई सामगरी में गंगाजल, शुद्धजल, कच्चादू, दही, शहद, घी और शकर, सफेद, चंदन, रोली, अक्षद, भस्म या अश्ट गंद, बेल,
01:24पत्र, धतुरा, भांग, आकड़े के फूल और सफेद या पीले फूल,
01:28जन्यो, मौली, पान, सुपारी, लौंग, इलाइची और इत्र, रितुफल, सुखे मेवे और मठाई, शुद्धगी का दीपक, कपूर, धूबबत्ती और माचस,
01:37भगवानश्रिफ के लिए धोती, अंगोचा और माता पारवती के लिए साडी, चुनरी और श्रिंगार साम
01:42मगरी, मैं सावन के अंतिम सोमवार्क पर वरत का संकल्प लेकर प्रातह काल स्नान ध्यान से निवरत होकर मंदिर देवाले
01:50अत्वा घर में विदिवत पूजा जरूर करें, सबसे पहले श्री गणेश का पूजन करें, इसके बाद भगवानश्रिफ पारवती, नंदी, कार्
01:58भगवानश्रिफ को गंगाजल, दूद, दही, शहद, गीव और चीनी से अविशेक कर जनेव, चंदन, बेलपत्र, भांग, धतूरा, धूप, दीव एवं
02:06दक्षन आर्पित करें, नंदी के लिए श्रद्धा पूर्वक चारा, अत्वा आटे की पिन्नी भी अर्पित कर सक
02:11रात्री के समयगी और करपूर के साथ गुगल एवं धूप से भगवानश्रिफ के आर्तिकर और भगवानश्रिफ की रत कथा का
02:19पार्ट करें, इस अवसर पर शिवाश्टक, शिव महिन्म, स्तोत्र, शिवचालीसा, शिव शहस्त्रनाम और भगवानश्रिफ के मंत्रों का �
02:27पूर्वक जाप करें, सामर्द के अनुसार शिव पुराण का पार्ट अथवाश्रमण भी अवश्य करें, इस प्रकार श्रद्धा भक्ति और निष्ठा
02:34के साथ सावन सोंवार की उपासना करने से भगवान भोलिनात की कृपा जरूर मिलेगी, प्रदोश काल में भी पू�
02:45लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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