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क्या अब वंदे मातरम् पर होगी चुनावी जंग? अंजना के साथ देखें हल्ला बोल
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00:04नमस्कार आप देख रहे हल्ला बोल आपके साथ मैं हूँ अंजिना ओम कशप आज देश में बंदे मातरम भी एक
00:10मुद्दा बन गया है सरकार ने बदलाव किये और अब ये सुनिश्चित हो गया है कानूनन जो पहले से कानून
00:18था उसमें संशोधन करके कि बंदे मातरम भी हर
00:21सारकारी कारेक्टर में पहले गाया जाएगा और उसके सभी छे स्टैंसा गाये जाएगे लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि कॉंग्रस
00:27पार्टी ये चाहती है कि दो ही स्टैंसा गाये यहीं नहीं अब तो कॉंग्रस वोग्रिंग कमिटी में यह लगबग तैभी
00:32कर लिया गया ह
00:33वहीं दूसी तरफ हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, मतलब सुकु साहब और इधर रेवन्त रेडडी, उनके कारेक्टर में तो पंदरगस को पूरा
00:42संपूर्ण बंदे मातरम गाया गया, लेकिन केरल में इसको पूरी तरह से नहीं गाया गया, बिल्कुल गाया ही नहीं गया
00:49वहीं दूसी तरफ, जब कॉंग्रस मुख्याले में गाया जा रहा था, तो गाया तो पूरा गया, लेकिन कुछ इशारों वाला
00:55विडियो है, जो आपने भी जरूर देखा होगा, जिसमें अभी आरो पे बीजेपी का की सोनिया गान्दी मना कर रही
00:59थी, पूरा मत गाओ, इ
01:18इनी के साथ-साथ दो और मेहमान हमारे साथ जो रहे है, डॉक्टर ओम जी उपाधिया है, जो की डिरेक्टर
01:23है, इंडिन काउंसल अफ इस्टोरिकल रिसर्च के, और शाथ आप चोहान जी जो की प्रवक्ता है, AIMIM के, कि आखिर
01:29कुछ लोगों को जो वंदे मातरम गाने पर
02:17यह रिपोर्ट
02:18जो वंदे मातरम का नारा लगाते लगाते, देश की आजादी के लिए फासी पर चड़ देखे
02:29वंदे मातरम पर नहीं थम रहा सियासी घमासान
02:33यह कॉंग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई औक्तोवर 1937 में रबिंदर नाट टेगोर ने सलादी
02:41पंडे जवाहर नियरू को और नेता जी शुवाज चंदर बोज जी को की पहले पंग्तियों का इस्तिमाल कीचे
02:48और तब से हरे एक कॉंग्रेस अधिवेशन में वही पंग्तियां लोग आ रहे हैं हमारे सीवा दल गाता है हमारे
02:56कारी करता हैं कोई विवाद पर वंदे मातरम के सिर्फ दो चंद गाने पर अड़ी कॉंग्रेस
03:04वंदे मातरम तो कॉंग्रेस गाई रही यह लोगों ने वह बात कभी और जो लंबा चोड़ा था जिसे गुरूर रमीना
03:10टैगोड ने खुद का था इतना लंबा यह नहीं होना चाहिए तो वह नोंने जो है और रोका था कि
03:16इतने बस गाया जाए तो वह पाज वंदे मातरम
03:19सुझ लाम सुफला मुल स्चैशा हमनम अमातर doe मातर म हैं महत रूम क्या अर्दहित फेसलिंगा रही इनोंने नया वंदे
03:28मातरम पकड़ा है यह या कंप्रेस का पैस्ता कारून के खिलाव है
04:00अब बन्दे मात्रम पर होगी
04:31चुरावी चंग
04:41एब बन्दे मात्रम पर्वाण स्धावी चुरावी चुरावी चंग
05:02कॉंग्रेस हो गई और आप देखिए पिछले एक हफते में क्या हुआ है खुद कॉंग्रेस के नेता बोलना है मैं
05:07दिमागी नक्सलूं यानि माओवाद स्टैंप और अब खुद कॉंग्रेस के नेता ये कह रहे हैं कि जो मुस्लिम लीग की
05:14जित थी वो मुझे करनी है यानि �
05:29आज स्वतंत्र भारत में मुस्लिम लीग के साथ कॉंग्रेस गढ़बंदर में इसने केरल में नहीं गाया गया भारत के दिहास
05:36हैं पहली बार पांच मंत्री अगर मुस्लिम लीग के हैं तो आज हैं और यह वही मुस्लिम लीग है जिसने
05:42देश का विभाजन कराया था और अ
05:58के पोकर साब बहादूर जिन्ना की मुस्लिम लीग के आजादी से पहले मडरास
06:02प्रसीडन्सी के अजिक्स थे अगर जिन्ना को काईदे आजम कहा जाता था तो
06:06इनको काईदे मिल्लत अगर ये मुस्लिम लीग वो मुस्लिम लीग नहीं है तो ये
06:11कॉंग्रेस वो कॉंग्रेस भी नहीं है जो गांधी जी की यह तो 1978 में कॉंग्रेस आई के रूप में रिस्टर
06:16हुई थी अब हम उसकी बात करते हैं कि 1937 में जो ये कहते हैं कि प्रस्ताव पारित किया था
06:22तो पहली बाद समभिधान संब्संसद का कानून छोटा और पार्टी
06:30देश से उपर तो पहले भी कह चुके इंडिया ही जिंद्रा हम अरे हमी जहां से हम खड़े हो जाते
06:35हैं लाइन महीं से शुरूँ होती है तो यह अहंकार को दर्शाता है दूसरा
06:39पर 37 में वो कौन-कौन से नेता थे आप तो इतियास जानते हैं उनका नाम भी तो बता रहा
06:47हूँ यह भी कॉंग्रेस की अहंकारता की पराकाश्था है नहरू ने गांधी जी ने पटेल सब उसमें सामिल थे सुभाज
06:55बोज जी का उसमें कुछ मधवेद था और जो कॉंग्रे
07:08पटेलेता समय। जलो माल लिा उन सबने कहा कि हम सबको समाच को साथ में लेने के लिए
07:14काट देंगे वंदे मातरम और क्या हुआ दस साल में देश कट गया यानी इनकी मुर्था की कराकाश्था देखिए
07:21जो गांधी नहरू नहीं कर पाए कि हम काटके सबको साथ को
07:24ले लेंगे वाद राहुल जानी कहता हम कर लेंगे इस से ज्यादा है अजीब और गरीब हास्याकपत तरक इसका मत्तब
07:33वो अपने को गांधी से उपर मानने कि गांधी नहरु तो वंदे मातरम काट के देश को कटने से नहीं
07:41बचा पाए मगर मैं बचा लूँगा वास्विक्
07:54और सोनिया जी अगर समाजबादी पार्टी समर्थन न करे तो राइबरेलि अमेठी नहीं जीच सकते पिसले 55 सालों से सपा
08:01उनका समर्थन करती है अपना कैंडिडेट नहीं ख़ड़ा करती है और वाइणार जाके अगर मुस्लिम लीग का समर्थन ना हो
08:07तो ये वाइणार नह
08:22मगर लोगों को याद होना चाहिए, कॉंग्रेस उससे पहले गॉर्वर्मेंट ओफ इंडिया एक 1935 के तहट फरवरी 1937 में राज्यों
08:30में अपनी सरकार ब्रिटिस सरकार के आधीन बना चुकी थी.
08:33और में पूछना चाहिता हूँ कि तब ब्रिटिस सरकार के आधीन राज्य में आतोसंविधान की शपत लेते तब किसकी शपत
08:40ली थी? Document के प्रति निश्ठा की शपत ली थी, ब्रिटिस क्राउन के प्रति और गवरनर जो थे प्रिटिस उन्होंने
08:47सपत दिलाई थी.
08:48यानि ब्रिटिश काल में ब्रिटिश क्राउन की सक्ता लेने के बाद
08:52मुस्लिम लीग के आगे सरेंडर करने के बाद
08:54जो प्रस्ताव पारित हुआ था
08:56वो 21 सदी में संसक्त के प्रस्ताव के सोगा
09:11आज पर तो आईए सुदांचु जी
09:23करनाटक में तुमारी सरकार है तीनों जएli
09:25बोल ना होओ करनाटक में चैन्फंव को वेद की भी बात कर रहा है
09:30भोलो तमिल माता को प्रणाम नहीं करेंगे यह राजनीट यहीं
09:35से आप जवाब के शुरुआत कीजिए और भारत में रहते हुए यह
09:38आजादी आपको कौन देता है कि आप इस देश के उस कानून का पालना करें जो देश में संसत से
09:44पास हुआ है आप बात दी नहीं है
09:47जिनोंने कर रखी थी अंग्रेजों से साड़ गाठ वही पढ़ा रहे हैं आज हमको वंदे मातरम का पाठ
10:04मैं तो बात कुछ और करना चाहता था पर सुधान्शु त्रिवेदी जी ने मुस्लिम लीग का पाठ पढ़ाना प्रारम किया
10:10प्रधान मंत्री जी आप 150 वर्ष वंदे मातरम के मना रहे हैं किस संसे 1875 में बंकीम चंत्र जी ने
10:21कौन सा वंदे मातरम लिखा था
10:23सिर्फ दो चंद
10:24ये रिपोर्ड बताती है कि इतिहासकार की पुस्तक में प्रमान सहीत प्रकाशित किया कि सिर्फ दो चंद चाहपेते उन्होंने
10:31बाद में जब आनन्नमठ प्रकाशित हुआ तब उसका विस्तार कवीता का किया तो 150 वर्ष उन दो चंदों के
10:37आपने रविन्नाट टेगोर पर आरोप लगा दिया कि टुकुले कर दिये
10:41रविन्नाट टेगोर जी ने इस पत्र के माध्यम से पंडित नहरु को क्योंकि एक कमिटी बनाई थी और उन्हें उसका
10:47प्रधान बनाया था
10:48तो वो लिखते हैं कि मैं ये स्वतंत रूप से स्विकार करता हूं कि बन्कीम के पूरे बन्दे मात्रम गीत
10:54को उसके संदर्ब सही पढ़ने उसकी ऐसी व्याख्या की जा सकती है जिससे मुसल्मानों की भावना आहत हो ये कौन
11:00कह रहा है ये रविन्नाट ठाकुर जी कह रह
11:16ये मंदे मात्रम के आपने जिस कांग्रेस कारी समीति का जिक्र किया आपने 1937 का जिक्र किया वो क्या लिखती
11:25है अपने प्रस्ताओं में वो लिखती है कि 1906 से हम मंदे मात्रम का उत्गोश कर रहे हैं और वो
11:31कहती कि रसूल साब की अध्यक्षता में 1906 में जब बंगाल में
11:35हमारा अधिवेशन हो रहा था तब बरबरता उर्वग बरतानिय हुकूमत के लोगों ने लाठी मारी
11:40उनके सीने पर लगे वंदे मात्रम के बैच निकाल करके फेग दिये बेहोश होने तक कारी करताओं को मारा
11:48प्रधानमंती जी में याद दिलाना चाहता हो भी विद्वान प्रवक्ता मुस्लिम लीग की बाद कर रहे थे
11:52अरे प्रधात पाकिस्तान का प्रस्ताओ पढ़ने वाले फजलूल हक के साथ किसने सरकार बनाई भारती जन्था पार्टी के बुनियाद के
12:00पत्थर शामा प्रसाद मुखरजी ने
12:01तेविस मार्च 1940 को फजलूल हक ने प्रस्ताओ पढ़ा दिसंबर 1941 में बंगाल में उस फजलूल हक के साथ शामा
12:09प्रसाद मुखरजी ने सरकार बनाई
12:10क्या प्रस्ताव के दिया था मुस्लिम लीग ने? मुस्लिम लीग ने प्रस्ताव दिया था कि वंदे मात्रम नहीं गाया जाया
12:16उसके बावजूद भारती दंटा पार्टी के बुनियात के पत्थर ने सरकार बनाई
12:20सिंद प्रांट में और नौर्ट फेस फ्रंटियर प्रोविंस में उसी मुस्लिम लीग के साथ सावर करने सरकार बनाई
12:26और उस मुस्लिम लीग ने सिंध प्रांट में प्रस्ताव पढ़ा प्रधान मंत्री जी कि प्रथक प्रांट पाकिस्तान होगा तब भी
12:32वो सरकार में शामिल रहे
12:33ये प्रस्ताव कहां पढ़ा गया, ये मिंटो पार्क में पढ़ा गया, जिसको बाद में नाम इन्होंने मिनारे पाकिस्तान कहा
13:03इतना ही नहीं क्या शड़ी अंतर कर रहे थे, देश के लोगों क्यों जरूरी था, इस पर संग्या नेना कॉंग्रेस
13:08पार्टी का, क्योंकि बरतानिया हुकूमत के अधिकारी लगे थे, कि हिंदू मुस्लिम में विवेग पेदा करके, सांजाजादी के अंदोलन को
13:15खमजोर कर
13:27रहे थे, वो 53 कोर की रियासत हो, वो बढ़ोदा की रियासत हो, और दुसरी तरफ जिर्ना, पहुंचिये तो आभे
13:33जी, 26 पर तो आईए, आपने बीजेपी वाले पीछे ले जाते हैं, आज आज आप वही कर रहे हैं, और
13:40मैं कानून क्यों नहीं मानिएगा, मैंने उनकी आ�
13:55खंड कर देना चाहते हैं, और आज भी यही कर रहे हैं, क्या गलत कहा हमने वताईए, हम इस बात
14:00के खिला, विरोधी नहीं है कि वंदे मातरम पूरा ना पढ़ा जाए, पढ़िए ना कोन इंकार करता है, लेकिन ये
14:06बात अगर सिक्ख समुदाये ने, आज प्रेस कॉन्फरे
14:21हमारा धर्म इस बात की अनुमती नहीं देता, प्रधान मंत्री जी क्या मुझे कोई मुस्लिम धर्म का आचरन करने के
14:27लिए बात भी कर सकता है, नहीं कर सकता, तो मैं मुस्लिम धर्म के अनुयाईयों को कैसे कहूं कि देवी
14:32की स्तूती कर लो आप, हाँ वंदे मातरम, मा भा
14:48देश की आखों पर परदा डालना चाते हैं, सिर्फ इस बिए वंदे मातरम का उधोश एक बारात की जुआ पर
14:54सेतालिस के पहले होता, तो सतंता संग्राम सेनानी कहलाते, भारती जंता पार्टी के बुनियाद के पत्थर, अंग्रेजों के मुग्वीर नहीं
15:01कहलाते, सरकार
15:02में होते हुए शामा प्रसाद मुखर जी ने भारत छोड़ो अंदोलन को कुचलने के दस बिंदू के प्रस्ताव बरतानिया हकूमत
15:09के गवर्नर को दिया, ये समुचे देश को मालूम में प्रधान मंत्री जी, आखों में धूल मज हो गिये, इस
15:14देश की बुनियादी समस्य
15:15आउपर ध्यान दीजे, इस देश में एक लाख स्कूल आपकी सत्ता की सरपरस्ती में दस साल में बंद हो गये,
15:22प्रधान मंत्री जी, 47 प्रतिशत रिटेंशन रेट स्कूल का रहे गया, जी क्या बबाद जी, जी आपने बात थी, जो
15:401937 के प्रस्ताव के प्रस्ताव के बात
15:45प्रस्ताव के प्रस्ताव के बारी बारी बारी से रहे, आप तो ऐसे नहीं थे, आपके लाखों दर्शे को थे जाके
15:51देखिए, इनको पता जी कॉंग्रेस कहिती आप, 18-1996 में कलकता कॉंग्रेस अनिवेशन में वो गाया के आप, क्या चिलाने
15:59लेगे, जी क्या बतल भी ज
16:14अनाप शनाप जो बोला, अब मैं बोल रहा हूँ, और लाखों दर्शे को थे कहता हूँ, जाके कोई फैक्ट चेक
16:19करे, 18-1996 कलकटा कॉंग्रेस अनिवेशन वहाँ पे पहली बार बंदे मातरम गाया गया, जिसकी अध्यक्तार रहमत उल्ला हैमत सयानी
16:26ने की, वहाँ से ले
16:43क्या हुआ जो काट दिया, अब मैं बताता हूँ, क्या हुआ, जिन्ना ने लेटर लिखा, क्या आपको ये काटना पड़ेगा,
16:50नहीं तो इसका अंजाम बुरा होगा, और वो क्यो लिखा, आप एक के बाद एक सरिंडर कर रहे थे, 1905
16:55में बंग बंग के बाद, उस समय सारे ह
17:06एंदू मुसल्मान एक होकर बंदे मातरम गाते हैं, तो अब हम तर्की के खलीफा के लिए अंदोलन करेंगे, और महत्मा
17:13गानी ने लिखा समर्थन किया, उनकी हिम्मत और बढ़ गई, उसके बाद जिन्ना ने कहा, मैं महत्मा गानी को मात्मा
17:19नहीं बोलूँगा, इसलिए ह
17:19हर फिल्म में मिस्टर गानी बोलता है, फिर उसने कहा, मैं बंदे मातरम नहीं गाऊंगा, आप मैं इनको बताना चाहता,
17:24कोई दर्शक जाकर चेक करें, 6 अपरेल 1938 को, नहरू ने जिन्ना को लेटर लिखा, और वो, सेलिक्टेट वर्सो जभाला
17:32नहरू, सिरीज 1, वालूम 22
17:34पेज नंबर 237 लिखा है, क्या शर्मनाक लेटर लिखा है, लिखते हैं हमने बंदे मातरम हटा दिया है, पॉइंट 99
17:42पे, फिर उसके बाहर लिखते हैं, पॉइंट 92 पे, अगर आपको तिरंगे से आपती है, तो हम मुस्रिम लीग का
17:49भी जंडा, उसको बराबर सम्मान देन
17:52है, पॉइंट 97 पे लिखते हैं मुसल्मानों को सरे आम गोकशी करने का अधिकार होगा, क्या गज़ाव है, क्या सरेंडर
18:00ये नहरू ने लिखा हुआ है, ये दिखाई पड़ता है कि सैंटिस में आके आपके साथ क्या इस्थिती हो गई
18:04थी, और हमें आज की बात करता हूँ
18:06अनाप शनाप क्या क्या बोलते हैं भाई साथ, विभाजन, अरे 16 अपरेल 2025 जनल आसिम मुनीर का वीडियो जाके देखिए,
18:13क्या बोलता है वो, कहता हमने भारत का डिवीजन कराया, चोगे हमने मानते हैं कि हिंदो मुसल्मान दो एक नहीं
18:20है, और आगे क्या बोलता है, जो क
18:34भी इकबालिया बयान कर रहा है, मगर ये हिंदो महासबाद करने में लगे तो याद गिलाना चाहता हूँ भाई, आपके
18:39लाखोद अरसे जाके देखें, अपरेल, सोरी, दिसंबर 1887 और मार्च 1888, सरसेद एहमत खांका, लखनव वो मिर्ट में दिया गया
18:47बयान, जिसमें सा
18:59करना चाहता हूँ, आपके अंदर और फिर जूड बोलते हैं, अरे भाई प्रजाकरशक पार्टी 1941 में थी, वो बाद में
19:061946 में जाके मुस्मिन लीग में शामिल हुए, और लास में एक और बात कहना जाता हूँ, अब ये सिक
19:13समाज को भी तोड़ने में लग दे, कहते हिसाब
19:29आज सिक समाज में चंद कटर पंथी लोगों के आगे, और मैं कोट कर रहा हूँ, जो महराजर अरणजी सिंग्जी
19:35की खुद की आटोबाइग्राफी है, उम्मत अलतवारी, जिसमें ये लिखा हुआ है कि जब उनका आखरी समय आया, तो उन्होंने
19:42कहा कि मेरे साथ गुरु
19:59तीसरी वादमन की सारी दृष्टिया भगमान के चड़ों में थी, ये उनके समय का लिखा हुआ, क्या कटर पंथियों के
20:05आगे, कैसे भी देश को तोड़ लोगाई, एक लाइन में कहूंगा, अंग्रेजों ने हमको बाटा, फिर भी अपने देश की
20:12खातिर, इन्होंने हर �
20:13पर येश को बाटा कुर्सी के उद्देश की खातिर, अभे जी, ये सचाई है कि 1896 में क्यालकाटा के सेशन
20:19में सबसे पहले रविंजर नाथ को ने पूरा बंदे मातरम गाया था ना, और आपके अनेकों मुस्लिम अध्यक्षों ने पूरा
20:27गाया है, उनको आपती नहीं थी
20:57इंकार नहीं किया, किसको खुश करने के लिए काता लिए?
20:59कुछी भारती धन्ता पार्टी ने, जब जिन्ना की मजार पर गए, तो अन्ने ने कहा उनके मगबर पर, ऐसे कई
21:06लोग है जो इतिहास पर रेमिट छाप चोड़ते हैं, लेकिन इतिहास रचने वाले बहुत कम होते हैं, काईद आजम मुहम्मद
21:14अली जिन्ना, ऐसे ही दुर
21:34करते हैं, थोड़ा इसी भाशा में बात हो, जो बच्चों को भी समझा है, बिल्कुल ठीक है, जब उन्ने सो,
21:40मतलब 1896 से लेकर, ये लगातार पूरा गाया गया, आपके ही कई मुस्लिम ध्यक्षों ने भी गाया,
21:48किसकी नाराजगी पर 37 में ये कंसिडर हुआ कि ये हिस्सा हटाना पड़ेगा, आप फैक्ट बता दीजे, किसके कहने पर,
21:55किसके दबाव में, कोई दबाव नहीं था, तो फिर अचानक कैसे आई ये बात, किस ने ये कहा कि इसको
22:00छोटा करना ज़ली है, ये रभीनाट टेग
22:32किस मूँ से ये बात देश के लोगों से कहता हूँ, किस मूँ से ये बात बात गाते हो,
22:45जब राम जी का चंदा चुराते हो, चात्रों पर गोलियां चलाते हो, किसानों को जीप से रोनते जाते हो, ब्रस्टाचारियों
22:52को वाशिंग मशीन में धुलाते हो, बेंक रुटेर को विदेश भगाते हो, तुम किस मूँ से वंदे मातरम गाते हो,
22:58तुम गदार हो, भारत
23:03मा की वंधना है किसानों के संभान में मा की वंदना है मंदिर के
23:09हमने अपने उन्द कीा में इस मद्दे मात्रम की आण बांशान शानcja अप्री आउए यह स्वटन हैं नहीं orange अवर
23:16PRES फोरी
23:16में जंडा चूरी से लेकर जैंजी जैन आलफा स्कूल कॉलच fully कैसे मुद्दों
23:32आप इस लेविल तक किसी के धर्म की भावना के बात मानेंगे
23:34तो इसलाम के हिसाब से पूरी दुनिया में मुसल्मानों की एक ही हुकूमत जायज है
23:39और वो है खलीफत अब बाकी सारी हुकूमते नाजायज है
23:44और उसे नेस्तना बूत करना दीनी फरीजा है
23:47इसलिए पूरी दुनिया में हर जगे संगर्श होता है
23:50वो लोग कहते हैं जदीद कौंबी रियासत
23:52यानि मौडर्न नेशन स्टेट एक कुफर है
23:54बोलो किसी मौलाना से कहलवाद होगी खलीफत के लावा कोई जायज है
23:57इसलिए जब आप इस सीमा तक आएंगे
23:59तो उसका हश्र देश तूटने में ही होगा
24:02वगर क्या करें देश तोड़ के सकता का एक टुपड़ा मिला था
24:06आज और तोड़ तार के मिल जाए
24:07और मैं एक चीज़ और कोट करना जाओ
24:09फिर मैं कोट करना हूँ हवा में नहीं
24:11खुद जवाला नहरू की
24:13आवाज में ये वीडियो अवेलेबल है
24:151959 में लियो लॉर्ड मोसले को दिये गए
24:17अपने इंटर्व्यू में लिखा हूँ की किताब में भी लिखा है
24:19हमने भी भाजन इसमें स्विकार किया
24:21क्योंकि हम थक गए थे
24:22अब हम और लड़ने की स्थिती में नहीं रहे थे
24:25हम धारा नेत्र तो बूढ़ा हो गया था
24:27हम दुबारा जेल जाने को तयार नहीं थे
24:30कोई दर्शक जाए
24:3159 लियो लॉर्ड मोसले को दिया गया इंटर्व्यू
24:34और उस बुक में लिखा नहरू के आवाज में
24:36रे शर्मानी चाहिए आकर ये डाइवर्ड वो डाइवर्ड और एक पैक्सा जवाब नहीं देने जा रहे हैं
24:41और मैं लास्ट में यह भी कहना चाहूंगा
24:42जो हिस्से काटे गए
24:44वही देश का पतीक बताते हैं
24:48तुम दुर्गा दस्प्रहर धारणी
24:49जबाब दुर्गा दस्प्रहर धारणी कहते हैं
24:51तो आपिस्द्दा कहां रुकती है
24:53त्रिकुरा में मात्रपुर सुंद्री से
24:55आसाम में माका माक्षा
24:56कलकत्ता में मा काली
24:59विंद वासनी देवी
25:00मा मुंबा देवी
25:01मा कन्या कुमारी
25:02और उत्तर में वश्नो देवी पूरा देश एका कार हो जाता है
25:07तुम दूर्गा दूर्गा पर तुम्हारा भारती दंता पार्टी का प्रदेश अद्यक्ष मा दूर्गा के बारे में क्या बोलता है
25:24दिली घोष यहां के भी नहीं सकता वेज बेंगाल का क्या किया था तुम ने उसका और यह कह रहे
25:30थे बटवारा बटवारा किताब निकालता राष्टी सेहम से अक्षंग
25:33जब प्रधान मंत्री जी राश्टी सेम सेवक संगे के कारी करता थे जहां रेते थे ना उस महां से ये
25:39किताब भिखती थी ये
25:40प्रेजिक हिस्ट्रिया पार्टिशन एच्वी शेशाद्री बटवारे का खलनाय पटे सर्दार पटेल को जब तक इनों ने ओन नहीं किया था
26:03मुझे कोई किताब लेक्याने जरूरत नहीं किसी ने दी होगी आप सुनो मेरे भाई कार्टिशन गिल्टी मैन ऑफ पार्टिशन डॉक्टर
26:12राम मनोहर लोहिया उन्होंने लिखा है कि जो बटवारा हुआ वो कॉंग्रेस वारा मुस्लिम लीग के सब्सक्राइब और मुस्
26:32जो उन्होंने कहा था मेरी मिर्तु के 30 साल बाद परकाशित हो 1977 परकाशित उन्होंने सीधे सीधे लिखा कि कॉंग्रेस
26:40को दोशी माना जाएगा क्योंकि उसने मुस्लिम लीग के आगे खुड़ने टेक दिये कॉंग्रेस वर मुस्लिम लीग दोनों बराबर के
26:47तुम्हारे �
26:49इसलिए किताब लाने के जरूवत ने होती भाई साथ दिमाग में रखा करिए अब राहुल गानी का दिमाग कहीं और
26:54से हैक है सोरस स्कूल ऑफ कॉंस्पिरेसी थाट से एग्रेस है तो इसलिए आकर आप देश को टुकले टुकले करने
27:00के चक्कर में लगे रहते हैं इसलिए
27:31आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए
27:32मैं आप मेरे मैं आपको सहयोग करूँगा अलग देश की गोशना कर दिए पाकिस्तान फैसिलिटेट करेगा वही चिट्थी उसी दिन
27:39उसे देश पर सावर करने लिखी बाकी दोलों पर चेहरा देखने हैं मैं क्या करें भाई कोई किताब इताफंद्लान यह
27:47दब लेके आय
28:00क्या उसमें से एक विनाएग डामदर सावर कर से मुझे लंदन में मिलने का आउसर मिला मेरी मजर में वो
28:06चतूर साहसी और देश भक्त हैं और बिटिस सरकार की बुराईयों को मुझसे पहले उन्होंने जान दिया था गांधी ने
28:15सावर कर को कहा है मुझसे पहले जान दिया
28:18कोई किताब लाने जरुवत नहीं भाईजा फिर दाकलों कहता हूं जागे देखो भाई मैं 1920 यंग इंडिया इसलिए मैं कहता
28:24हूं यह सोरस स्कूल अपट से आहुए पर्चों से नहीं पता रहा है यह जून का पत्रे साब 27 साल
28:37बाद उनका रदय बदल गया सकता की भूग स
28:40सबसे पहले और रिकॉर्ड पूरा संपूर्ण वंदे मातरम गाने के खिलाफ किसने विरोध चता है पुलिटिकल लोगों की बात करें
28:49देखें 1923 में काकिनाड़ा अधिवेशन हुआ जिसमें मौलाना मुहम्मद अली उसको प्रेसाइड कर रहे थे और बहुत क्लियरली उन
29:10कि विष्णू दिगंबर पलुसकर जो कांग्रेस के कारे करता थे हर साल बंदे मातरम पूरा का पूरा पूरा बहुत 200
29:16सालों तक उन्हें गाया वो माइक पे जाते हैं और कहते हैं कि साहब ये खिलाफत की सभा नहीं है
29:21ये किसी मस्जिद का जलसा नहीं है और पूरा पूरा
29:41सब्सक्राइब कारण के वाल एक था 1937 में छुद्र स्वार्थी तुस्ठी करण की राजनी थी इसका लामा कुछ नहीं था
29:49क्योंकि उसके पहले क्यों नहीं ध्यान आया
29:52मैं 1896 से 1937 तक लगातार चैयो चंद तीसो पंक्तियां सस्वर हर कांग्रेस के अधिवेशन में दिसंबर महीने में गाई
30:07जा रही थी
30:08कभी किसी को अपति नहीं हुई चेकमुट मतलब एकाद जैसे अभी मैंने मौलाना मौहमद अली की बात किये एकाद छोटी
30:13मोटे अपतियों कहलाना किये साब इसकी डो लेकिन अच्छानक से 1937 में बुद्परस्ति का हुआ खड़ा कर दिया गया
30:18वैसे एक लाइन और एड कर दूँ मौहमद अली जोहर उस समय कॉंग्रेस के भी अध्यक्ट था मुस्रिम ली के
30:22भी अध्यक्ट था अंजना जी पूरा कीजिए
30:241937 में जब इसकी तैयारी सुरू होती है 26 अक्टूबर से लेके एक नवंबर के बीच कलकत्ता में अंग्रेस वर्किंग
30:33कमिटे की बैठक होई है
30:35जब इसकी तैयारी सुरू होती है 20 अप्रेल का लेटर है पंडित नहरू जी सुभाष्चंद्र बोस को लेटर लिखते है
30:40नेता जी सुभाष्चंद्र बोस को और उसमें लिखते है कि मैंने अभी अंग्रेजी वर्जन पढ़ा आनंदमठ का वंद्य बातरम को
30:47संझा पढ�
30:49मुस्लिमों को उद्वेलित कर सकती है यह वो लिख रहे हैं और उसके बाद 26 को पूरी तैयारी के साथ
30:55अगे क्या पूरी करना ना जी अब है जी पूरी आगे क्या लिखते हैं मैं एकदम तथ्य दे रहा हूं
31:04कहीं चेक कर दीजिए किसी भी प्राइमरी सोर्स पर जाके चेक
31:08कीजिए जो इसके प्राइमरी सोर्सेथ हैं एक भी बात बिना तत्यके नहीं कहूंगा उसके बाद अचानक यह जाग जाता है
31:16उनमें और फिर 26 अक्टूबर से एक नौवंबर के बीच यह सारी कहानी रची जाती है 28 को यह फैसला
31:23होता है कि साब केवल दो ही इसके चंद गय
31:30जाती है और एक फिर कमिटी बना दी जाती है कि उचहन रास्ट्रगीत अगर चुनने हैं तो उसके लिए चार
31:34लोंगे की कमिटी है जिसको वो खुद हैट कर रहे थे पंडित नहरू यह कहानी है लेकिन यह जो जिस
31:42नाम पे यह 37 में किया जा रहा था जैसा अभी आधारी स�
31:47दोनों को मिला के चलना है उसके बाद कहानी देखिए ला कि किस तरह से कितनी तेजी से हम विभाजन
31:52की और बढ़ते हैं और विभाजन की जो विभेजिका है अंतिम दस साल में जो उसकी कहानी लिए जल्दी से
32:00कि क्या मतलब आपकी पार्टी तो खेर हमेशा ही इसके पूरे
32:17गाएगा तो हमें खड़े होने में कोई आपती नहीं है सम्मान में कोई आपती नहीं है लेकिन मेरे मुलका जो
32:22आईन है भारत के सवेधान liberty of thought, belief, worship ते शुरू होता है, with the people ते शुरू होता
32:28है, दुर्गा मा से या देवी से शुरू नहीं होता है, मैं भारत को देश मानता ह
32:32दे भी नहीं मानता हूँ, मैं मां मान करके
32:34पूजा नहीं करता हूँ, मैं मां की भी पूजा नहीं करता हूँ
32:36इसलाम की बुनिया जो है तोहीद है
32:38यानि कि हम आलावा किसी की अबादत
32:40नहीं कर सकते, अगर मैं जहिन बोल रहा हूँ
32:42मैं हिंदुस्तान जिन्दाबाद बोल रहा हूँ
32:43मैं नेशनल एंथम बोल रहा हूँ
32:45यह तमाम वो जो जिनोंने मुझाहिदी ने आजादी थे
32:48जिनोंने देश की आजादी के लिए लाइक ड़ी
32:49और नारा ये तबीर का लाह अकबर का नारा लगा करके
32:51काले पानी की सजाय काटी हैं
32:53देश के लिए कुर्बानी थी क्या उनका नेशनलिजम टेस्ट किया जाएगा
32:55क्या मैजोरिटी फेथ को माइनॉर्टी पर इंपोस करना ही
32:59नेशनलिजम का प्रूफ होगा
33:00अगर मैं मैजूर्टी फेट को मानूंगा तबी मैं नेशनलिस्ट कहलाऊंगा
33:04ये तो भारत के जो कॉंस्टिटूशन की बुनियाद आइडिया अफ इंडिया के खिलाफ हो जाएगा
33:07आर्टिकल 25 मुझे प्रोड़क्शन देखता है
33:09दूसरी चीज़ ये है कि अगर कोई पढ़ रहा है अगर मैं बोलू कि आप मत पढ़ना
33:12या मैं अपमान की बात करो तो बात अलग है
33:14मैं दुरगा की पूझा क्यों करूँगा मैं सम्मान करता हूँ सभी धर्मों का
33:17लेकिन मुझे पर इंपोस क्यों करेंगे हम तो कहते हैं कि राजिएंदर जी ने जिस परकार से फैसल है लिया
33:21और तरीका गलत था
33:22और उस समय भी कॉंसेंट असेंबली की डिबेट में भी एक महिला सथसे ने कहा था
33:26कि इसमें दुरगा या देवी के नाम से प्रेंबल की शुरुआत होनी चाहिए
33:30लेकिन वी दा पीपल को डिसाइड किया आपारे जो फारफादर्स जो फनीशन कह लीजिए
33:34उन लोगों ने शुरू किया था तो क्या आज शुदान्सुजी से मैं सवाल कर रहा हूं
34:24आपको इतने साल लग गयी है यह जानने में की पूरा पढ़ेंगे तो निशलीस कहलायेंगे
34:26बहावना उत्पन होती है देश के लिए
34:27हम उसका सम्मान करते है
34:29जिहाद का फत्वा दिया गया था
34:31अंग्रेजों के खिलाफ तो आप क्या कहेंगे
34:32कि वो जिहाद गलत था
34:33आप ये बोलना चाहरे है
34:34जिस भी माध्यम से देश की भक्ति
34:37किसी व्यक्ति के अंदर आती है
34:39देश की भावना का प्रेम आता है
34:41उसको नारे लगाने में अगर कोई लगाता है
34:43हम सब का सम्मान करते हैं
34:44लेकिन कोई हमसे थोप नहीं सकता
34:45कोई भी परस्तिती रहेगी
34:47गन पॉइंट पे भी कहेंगे
34:48तो ना मैं भारत माता की जय बोलने वाला हूँ
34:50ना मैं वंदे मातरम दाने वाला हूँ
34:52ना मुझे कोई मजबूर कर सकता है
34:53मैं अल्ला की अबादत करता हूँ
34:55अपने देश से महबबत करता हूँ
34:56जब जरूरत पड़ेगी
34:57तो देश के लिए कारे करने के लिए अपर्तिबाद हो अब बताई क्या दिक्कत है दस नाम अभी इन्होंने कहा
35:04कि अब मुझे बता दीजिए डॉक्टर केसा और बल्राम राव हेट गरवा उनने प्राणों की आहूती कहा है
35:13सब्सक्राणों की आहूती कहाना है कौनसे सन में द्धैरिसे सुन लिजे में कॉनसे सन बता रहूं प्रभू सुनिये बताओ
35:29कॉंग्रेस ही थे ये भी और जिस्टों के फ्रद्रिंट नहीं बीस में कांग्रेस से उनका मोवंग हो चुका है इसके
35:41बाद बोलो जिन्ना भी आपके लिए हिरो हो जाएगा
35:52अब बनाईये लिए आपका ही रोग हमारा नहीं हमने तो उसकी आइडिया को खुचल दी आपके रिए आपके प्रेजिड के
35:58दे मैं नहीं गया था आपका ही रही हो आप लोग उसको कहते हैं कि रेयर अंदर रेयर श्री वो
36:08हिंदू-मस्लीम एक ताना पर्षी नहीं आपको द
36:20देश्पांटे नरायर देश्पांटे बालाची हुड़ार कर लिजेगा एक बार गूगल इसको और ठीक से पंड़ी देगा इस देवारे में बालाची
36:29देश्पांटे दादा नाइक बालाची राजपूरकर देवी पत्चोदरी जग्पत्कुमाव ये स्तारे जो है अब �
36:44प्रसाइब बुखर जी देवारे में बालाची देश्पांटे जवाजवारे में इसका बी जवाब देता हूँ पहले फैक्ट के साथ हैं इन्होंने
36:58कहा कि सब जो थे आजादी का अन्टूरल में सामिल थे फिर किताब कोट कर रहा हूं
37:02सर सेयद हमेर की किताब रिसाला यह वाब बगावत हिंद जिसमें उस साफ लिख रहे हैं कि अंग्रेजों के मुसलमान
37:09जो हैं वो उनके वफादार हैं और जो 1857 में था वो हिंदूओं ने विद्रो किया था आप मुसलमानों की
37:17अंग्रेजों से कोई शतुरता नहीं अब दू
37:29विक्टोरिया तो विक्टर ब्रूस वाइसराइव इंडिया क्या लिखती है दख्विन इंटार्य गॉंकर्स देने शिटी अविज़व दूप देपालिस इंपार्शियलिटी आगे कह
37:39लेक्ती है बट ची कैननोट है अट अग्रमिन सार दोज वो इंसाइड पीपूल अग
37:59अधिने तब बिलबिला आप अधिने शन भी बताओ अधिने शन कब लिखाता है यह पढ़ रहे ना आप से शनिया
38:05अप अप अप अप अपर पूरी बार बीस नाइब सेप्टेंबर 1894 सोर्स इज पेज 427 लेक्टर्स ऑफ क्वीन विक्टोरिया थर्ड
38:16सिरीज सेलेक्शन फ
38:34अब जवाब आपी को देना होगा अब सुनिये 1937 में इन्होंने विटिस सरकार के अंडर में शपत लेली और करें
38:41स्वतंता अंदोलन अड़न अब सुनिये
38:43चार मार्च 1931 गांधी रिबिन पैक्ट और वहाँ से लेके 1947 विद एन एक्सेप्चन फॉर्टी टू एक अंडोलन हुआ तो
38:50बताओ
38:5142 के बाद 43, 44, 45, 46, 47 एक अंडोलन तेटिस, चोटिस, पैटिस, चटिस, सेटिस, सटिस, उन्तालिस, चारिस, सिक्तालिस, एक
38:58अंडोलन और 42 में जो हुआ
39:12सुना भारत चोड़ोई बता रहा हूँ
39:17यह थे सुभाजचन बोज जी, उनसे लड़ने के लिए हमें सुराज दे दिया जाए
39:21और हम बिटिस सरकार के हित में हैं, बिटिस सरकार की फोजों को अपने आइस स्टेशन करेंगे
39:27और इन सांग्राजवादी सक्तियों से लड़ेंगे
39:38इसलिए जो अंग्रेजों के साथ बैठे तो मैं एक और बात कोड़ करना चाहता हूँ
39:42जो अंग्रेजों के साथ बैठके सासन कर रहे थे, जिनोंने अंग्रेजों के द्वारा इस्थापित हुए
39:47मैं एक फैक्ट और कोड़ कर दूँ, 1910 में जब वीर सावरकर को काला पानी की सजा हुई
39:52तो उस समय दो जन्मों के कारावास की सजा हुई
39:55उस समय कॉंग्रेज का अद्यक्स था विलियम वैडन बन और जिस जन्य सजा सुनाई
39:59उसका नाम था गणेश चंद्रावरकर और वो बिडिश सरकार का जट कॉंग्रेज का अद्यक्स था उन्निस सो चार में
40:05गजब है भाई साथ, कॉंग्रेज का अद्यक्स सरकार का जट, कॉंग्रेज का अद्यक्स सरकार का सेकेटरी
40:15और जिसको सजा दे रहा है वो लड़ नहीं रहे थे और जो उनके पहरों के नीचे वैखे थे वो
40:21लड़ रहे थे तो एक लाइन में कहूं सारा क्रेडिट यही ले गए तो कहूंगा नौरंगे सियासते दौरा तो देखिये
40:27कि मंजिल मिली उन्हीं को जो शरीके सफर नहीं ले
40:44गाएंगे नहीं इन्होंने बड़े नजाने कहां कहां कहते अब तक तो कह रहे थे दिमाग में रहता है पड़के नहीं
40:55बोलता हूं ओ पढ़ रहे हैं तब आंता आधर करता हूं विद्वान विक्तियां देश के लोगों गोर से सुनिए क्या
41:03कह रहे थे कॉंग्रेस पार्�
41:10ने भारत छोड़ो आंदोलन में ये कह दिया कि पूर्ण स्वराज लेंगे बरतानी हुकूमत में जितनी सरकारों में हम जीते
41:17थे वहां हमने क्या हुआ पिर जानते हैं आप जहां हमने सत्ता छोड़ दी वहां सत्ता की भूख मिटाने के
41:29लिए दो खोन आ गए भारती दंटा �
41:31पार्टी के बुनियात के पत्था से शामा प्रसाद बुखर जी और वीर सावर कर जब जहां कॉंग्रेस पार्टी ने सरकार
41:38छोड़ी ना वहां सरकार बनाई इनों ने एक फजलूल हक के साथ बनाई दूसरी मुस्लिम लीग के साथ दो प्रांतों
41:44में बनाई किसकी शपतली
41:46किसकी शपतली भाई साब आपने आपने कोई भारत 47 के बाद के संविधान की शपतली वही ग्राउन के तलवे चाट
41:54रहे थे भारती दंता पार्टी के बुनियात के पत्थर के लोग और कॉंस्पिरेसी कर रहे थे हिंदूस्तान के साथ अब
42:12सिर्फ दो दो दो लाइन का सब
42:16साब ने शपतली मुझे ब्रह्मा विष्णु महेश में कोई आस्था नहीं मैं उनकी पूजा नहीं करूंगा तो इनको क्या कहेंगा
42:25तुष्टी करन कर रहे थे क्या अरे आस्था है भाई हम आस्था का आदर करते अगर मुस्लिम धर्मा वलंबी कहते
42:31मां दुर्गा की इस्
42:46हमारा बिल्कुल क्लियर स्टेंड है कि नेशनलिजम का टेस्ट कोई व्यक्ति क्यों देगा उसको अपना नेशनलिजम प्रूफ करना है देशभक्ती
42:52प्रूफ करनी अलग पर करें लेकिन आज 21 सदी में ये शिक्षा स्वास रोजगार के विशो को जैन जी और
42:57जैन इलफा क
42:58कि बात करने की जगा ये वंदे मात्रम में और 100 साल पहचे उल्जा कर ले जाना चाहते हैं जो
43:02पहले नहीं गाए वा बदला उतार रहे हैं अरे भाई आप अपना बदला उतार लीजी लेकिन दूसरों पर क्यों थो
43:06थोपना चाहते हैं और एक बार देख लें जेल टर्म्स क
43:26के तेल निकालना पड़ता था एक जेल कर्डिशन ये थी और एक तरफ उस समय जो तथा कते सर कटाके
43:32अपने जिनके लिए जिनके लिए इलेक्रिक सेवर बंगाया जा रहा था ये हमारी प्रेया की फायों में है और दूसरा
43:40एक बस फैक्रों कि एक जुलाई 2949 का एक बार ज
43:47देख लीजिए कि उसमें गांधी जी क्या लिख रहे हैं उनके ऊपर भी आरोप लगाया जा रहा है और भी
43:51स्विकार कर लिए वो कहते हैं कि मैं बच्पन से जबसे इसको गा रहा हूं अपने पुराने समय से मुझे
43:57कभी नहीं लगा कि ये केवल किसी हिंदू का हिंदो एक
44:04सब्सक्राइब किसको इंकार है रेडियों पर करेंदी कि मुझे कभी नहीं लगा कि ये हिंदू कर लिए अब जली से
44:13सिर्फ दो लाइए ये बहुत बोलना है उन्नीस जुलाइए उन्नीस सो सहतालिस महात्मा गांधी ने अपनी प्रात्वना सभा में जो
44:19कम्प्रीट वर्स
44:30मैं आज भी भारत माता को सिंगवाहिनी दुर्गा मान कर ये पंक्ति कहना चाहता हूं कि मा तु सिंगवाहिनी में
44:36द्वारे पे खड़ा हूं तेरे कभी का निभाव धर्म ऐसा वरदान दे और ग्यान दे कि गीत लिखियों लेखुनी विकास
44:41पेपर वक्त पढ़ने पे बै
44:57अब सभी का बहुत बहुत धन्यवाद हमारे साथ जुड़ने के लिए देश निया के बाद के लिए देखते रहे हैं
45:02आगा
45:04झाल
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