00:07दिन में प्रात्मिक विद्याले के बच्चों को कख गग पढ़ाना और शाम धलते ही ग्रेजुएशन के छात्रों को प्रोफेसर की
00:15तरह गाइड करना ये हैं बिहार के गया जिले के आमस प्रकंड के रहने वाले सिख्षक नवनीत कुमार पिछले 12
00:23सालों से ये इलाके के गरी
00:24और मेधावी बच्चों के लिए एक मसीहा बन चुके हैं कभी नवनीत के पास 500 रुपए कॉलेज की फीज भरने
00:30के लिए नहीं थे सही गाइडलाइन ना मिलने पर भी काफी परेशानी हुई ऐसे में इस रिक्षक ने कुछ बनकर
00:36गरीब बच्चों की मदद करने की ठानी
00:38तब मैंने यह अनुभब किया कि अभी भी गाउं देहात के बहुत सारे बच्चे जो हैं उनसे तो टैलेंट होता
00:48है लेकिन सही गाइडलाइन्स के अभाव में वो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं उनमें टैलेंस किसी और चिज़का
00:57है किसी दूसरे छेतर में जात
01:03तब से मैंने गाउं के लड़कों को गाइडलाइन देना शुरू किया गरीब चात्र और उनके माता पिता नवनीत सर के
01:13सहयोग के लिए आभार वेक्ट करते हैं नवनीत कुमार हर महिने अपने वेतन से 10-15,000 रुपए जरुरत मंद
01:20चात्रों पर खर्श करते हैं
01:51नवनीत की पहल का ही नतीजा है कि उनके पढ़ाए गए बच्चों में से 20 चात्रों को सरकारी नौकरी मिल
01:58चुकी है
02:00तेतरिया गाओ में प्रात्मिक विद्याले में पहली से पाँचवी के बच्चों को नवनीत पढ़ाते हैं
02:05उनके प्रयासों की तारीफ खुद स्कूल के प्रधान अध्यापक भी करते हैं
02:08हमारे विद्याले में एक सिच्चक है नवनीत कुमार्थ
02:12वो कहा जा तो हमारे विद्याले के सिच्चक होते हुए इस विद्याले के बच्चे इस गाओं के बच्चे और अपने
02:25गाओं के बच्चों के लिए उन्होंने बहुत ही विशेश कार्ष किया है
02:30नवनीत कुमार अपने सरकारी दायत्वों को पूरी निष्ठा सेव निभाते हुए समाज सेवा कर रहे हैं
02:35उनका ये समर्पन ग्रामनिक शेत्र में सिक्षा की नई अलग जगा रहा है
02:40ETV भारत के लिए गया से सरताज एहमत की रेपोर्ट