00:00That is why you know that Bhagavan Vishnu's
00:29असुर राहु बना, जिसका सिर अमर हो गया, पर धड मृत्यू को प्राप्थ हुआ। इस धटना के कारण, राहु आज
00:37भी सूर्य और चंद्रमा को ग्रसित करता है, जैसे उसने अमृत को ग्रसित किया था। मुहिनी का यह रूप केवल
00:45अमृत वितर्ण के लिए नहीं, बलक
00:47की धर्म की रक्षा के लिए भी था। जह रूप स्रिष्टी के संतुलन को बनाए रखने के लिए भगवान विश्नु
00:54की असीम शक्ती का प्रतीक है। ऐसे ही अंगिनत दिव्य रहसियों को जानने के लिए लाइक और फॉलो करें।
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