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  • 1 day ago
प्रयागराज में सैलाब का सितम, 1997 के बाद ऐसी भीषण बाढ़ से हाहाकार

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00:00प्रियागराज में सहलाप की सितम के आगे विवस्ता ने सरेंडर कर दिया है आत्म समरपड
00:04शेहर से 50 किलो मीटर दूर मद्धिप्रदेश बॉर्डर सिस्टे इलाकों में बार्ड ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया
00:11चारों तरफ सिर्फ पानी है एंडियारेफ की टीम हैं दिन रात एक करके लोगों तक पहुच रही हैं रेस्क्यू कर
00:17रही हैं जिससे सहलाप के बीच फसे लोग उन्हें देव दूत कह रहे हैं
00:21इससे पहले ऐसी भीशन बार्ड साल 1997 में आई थी
00:41प्रयागराथ से करीब 50 किलोमेटर दूर मध्यप्रदेश बॉडर के पास पानी का प्रकोप कम होने का नाम ही नहीं ले
00:48रहा
00:48यहां निचले इलाके बाढ़ की वजह से डूबने की कागार पर
00:58लेकिन सैलाप के सितम के रीच एंडी आरफ की टी में बाढ़ पीडितों के लिए देव दूत बन कर आई
01:04तो यूपी सरकार भी लगाकार राशन और रहत सामगरी पहुँचा रही है जिससे बाढ़ में फसे लोगों को जरूरत का
01:10सामान मिलता रहे
01:13यूपी में बाढ़ का सितम है और इस बीच में एंडी आरफ हो एसडी आरफ हो या फिर जल पुलीस
01:19हो वो एक तरीके से देव दूद बने हुए हैं उन लोगों के लिए जो इस बाढ़ में फसे हुए
01:24हैं आप अगर तस्वीरों में देखे मेरे पीछे हैं तो ये पूरा ग
01:39खड़े हैं वो इंतजार में हैं कि कब हमें मदद पहुचेगी कुछ ऐसे लोग हैं जो वापस जाना चाहते हैं
01:45कुछ ऐसे लोग हैं जो राहत सामगरी का इंतजार कर रहे हैं और जैसे ही प्रशासन की जो बोट है
01:50वो पहुचती है राशन बाटने के लिए ये देखे किस �
01:54सीडियों से निकल कर ये लोग नीचे की तरफ आ रहे हैं जिससे इनकी मदद हो पाए इनको मदद मिल
02:00पाए और इसी को लेकर कहीं न कहीं जो SDRF हैं NDRF हैं जल पूलिस हैं तमाम लोग देवदूद बने
02:06हुए हैं इस बार जैसे हालात में प्रयागराज में ये जो पीछे क
02:22जो खासकर घर है वो तो इस पार के पानी में डूब ही चुके हैं आज तक की टीम में
02:28बाण प्रभावित इलाकों में फसे लोगों का दर्द देखा देखिए कैसे सैलाब ने इस गाउं के कितने घरों को अपनी
02:35जद में ले रखा है पेड़ों और बिजली के खम्मों का सिर
02:52राउंड जीरो पर मौझूद दिखी उन्होंने बाढ़ प्रभावित अलाकों में लोगों को बिस्केट और कुछ खाने पीने का सामान बाटा
03:01शिगा जी आप लोग लगातार यहां पर ऑपरेशन चला रहे हैं क्या कुछ समझ में आ रहा है इतने साल
03:05बाद यहां बाढ़ आई है क्या रीजन है क्या लगता है
03:09जैसा कि गामेड़ वासियों के द्वारा ही बताया गया था कि 1997 में पिछली बार यहां पर इस तरह का
03:14जलवरा हुआ था
03:15जो अभी जनकरी के अनुसार यह प्राप्त हो रहा है कि वर्षा का पानी प्लस टोन रिवर में बांध के
03:22पानी से छोड़े जाने की वज़े से उसका लेवल इंक्रीज हुआ जिसकी वज़े से यह बहुत ही कम समय में
03:27यहां पर जो वाटर लेवल वो इंक्रीज किया है जिस
03:44लोग यहां पर हैं जिनको जो अभी पानी अंदर तक नहीं पहुचा है सुरच्छेत हैं जो नहीं जाना चाते हैं
03:48तो उनको आप लो यह बिस्किट्स और राशन बगेरा बांट रहा है है टाइमली जो जो वैस्ता है सब उनको
03:53यहां पर रुप्लप्त कराई जाएंगे इस
03:57सब्सक्राइब करते हैं जो आपके शेतर हमारे छे दो नाव लगे दो मोटर बोट लगे हैं और दो अंडियर अरफ
04:07के
04:08ऐसी बाढ़ इन गाववालों ने कई बरसों के बाद देखी है लोग खुद बता रहे हैं कि इस क्षेतर में
04:14भीशन बाढ़ 1997 के बाद आई है उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पानी इतना उपर आएगा
04:21और यह देखी तमाम लोग है बिड़ा मुसीवत है क्या लग रहा है बाढ़ और कपका पानी कम डाउन होगा
04:26क्या लग आपको भी पानी का पानी का पानी का सर अब बहुत साल बाद त्याब आया साओं तो सोचनना
04:34चाड़ी पानी तो कहूं गया नहीं तो आई अभी तरे घ
04:48और यह दिखो आदा फूर्ण जाने आने कोई नहीं है आप लोग दिख्वाणी तो आहीं नहीं होगी तो नहीं है
05:08इस विशुल को दिखा हैं जाए चोटा सा बच्छ दामने दिखाए सीड़ी से कैसे नीचे उतर रहा है आप लोग
05:13मतलब चट पर ही सब कुछ हो रहा है
05:30NDRF की टी में दिन रात लोगों को सुरक्चे जस्थानों पर पहुँचा रही है
05:33इसके लाबा मुज़ूर्बों और प्रेगनेंट महिलाओं को मेडिकल हेल्प भी दी जा रही है
05:41तो इस कटिन परस्यती में NDRF जो है वो देवदूत का काम कर रहे है आप अगर देखेंगे तो रेस्क्यो
05:47ऑपरेशन लगातार चल रहे हैं राशन सामगरी बाठी जा रहे हैं इस तरह की नावे हैं इनकी सहायता ली जा
05:52रही है इस पूरे ऑपरेशन में हमारे साथ इस वक्त �
05:54इंडियारफ है वो उनसे पूछेंगे किस तरह से कारेरत हैं आप अपने परेशन दीज़ेगा बताएगा किस तरीके से आप लोग
06:00कितने गाउं जा चुके कितना राशन बगेरा बढ़ चुका है इंस्पेक्टर बिजस कुमार तिवारी 11 इंडियारफ वरहंट सी हमारी टी
06:20अपने वह हैं तो लोनी पारी इलाके में तदकाल हमारी टीम आई एट और राद को लगबग 120 लोगों को
06:26हमने रेस्क्यू किया साथ ही हर इलाके में घूम करके लोगों को हमने जो है राध समागेरी परसाशन की तब
06:31से दिया जा रहा है उसको भी बिर्थित करने का कार कर र
06:52एक समय था जब भीशन गर्मी में लोग बारिश की दुबा मांग रहे हैं, आज वही लोग कह रहे हैं
06:57कि इंद्रदेव अब बस करो
07:01प्रयागराज की बार इस वक्त सबसे ज़्यादा किसी चीज़ को सता रही है, तो वो हैं गाओं जो प्रयागराज के
07:06बॉर्डर पर बने हुएं और इस वक्त हम ग्राउंड जीरो पर उसी स्थान पर मौझूद हैं, आप सामने देखें कि
07:12घर के घर जो हैं ये निचले इस तर
07:36इस तरफ पानी ही पानी ही पानी हुएं नहीं मालूम है, इस वज़ा से ये चीज़े यहाँ पर की जा
07:49रही है
07:53जब चारों तरफ पानी ही पानी हुएं तो इनसान जाएगा भी तो कहां, घरों के सामने पानी कई फीट तक
07:59भर चुका है, तो छट ही वो सुरक्षित ठिकाना लग रही है, जहां कम से कम जान तो बची रहेगी
08:06आप समझ लीजे हम उस प्रयागराज में हैं, जहां पर ये चोटे चोटे बच्चे इस वक जो है, उस जगा
08:14पर हैं, जहां ये एपी सेंटर है बाड का, हम कहीं शेहरी इलाके अगाट से रिपॉर्ट नहीं कर रहे हैं,
08:20एकदम एपी सेंटर, गाओं जहां फसे हैं, वहां �
08:23इस तरह के मासूम बच्चे और उनकी माएं भी इंतिजार में हैं, मदद की, मदद पहुँच भी रही है, वो
08:28मीद ये कर रहे हैं, पानी घटे, बाड की समस्या भी घटे
08:41हम इस वक्त प्रयागराज के ग्रामीर छेतर में हैं, जहां पर नदिया उफान पर हैं, नतीजा क्या है कि घर
08:49के घर यहां डूब गए हैं, पेड़ों की तरफ एक बार दिखाईए, ये पेड़ हैं, पूरा इनमें नीचे तक पानी
08:56आ गया है, यानि कि पूरा जो पेड़ �
08:58आपको देखेंगे, अगर तो पेड़ का उपरी हिस्सा है, वहां तक पानी आपको यहां दिखाई पड़ेगा, तो इस तरह के
09:03हालात फिराल यहां बने हुए हैं, और लगातार ग्राउंड जीरो से आपको एक तस्वीर दिखा रहे हैं, कि किस तरीके
09:09से बार का पानी घरों
09:28जेखेंगे, झाले जेखेंगे, पानी दिखाई झाले अड़ेगा, वा Mauriceबটीर, जीरों एक शुछ प्रणी एलगारी हैं, जीरों ढ narrativते हैं, लोंहां
09:30जीरों हैं, अभल जीरों एक फमे लिएए बने हो पो धोरों को जीरों हैं?
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