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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में एक नए मुस्लिम मोर्चे की चर्चा तेज हो गई है। सऊदी अरब और तुर्किये के रुख पर पूरी दुनिया की नजर है। क्या ये दोनों देश ईरान के करीब आकर ट्रंप की रणनीति को चुनौती देने की तैयारी में हैं? क्या इस्लामिक NATO जैसा कोई नया गठबंधन बन सकता है? इस वीडियो में जानिए ईरान-अमेरिका टकराव, सऊदी अरब और तुर्किये की भूमिका, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता तनाव और मिडिल ईस्ट की बदलती भू-राजनीति की पूरी कहानी। क्या ईरान को मुस्लिम देशों का समर्थन मिल सकता है और इससे ट्रंप की मुश्किलें बढ़ेंगी? देखिए पूरा विश्लेषण।

The Iran-America conflict is raising fresh questions about a possible new alignment in the Middle East. Saudi Arabia and Türkiye are being closely watched as tensions rise around Iran, the United States and the Strait of Hormuz. Could Muslim-majority countries move closer to Iran and challenge Donald Trump’s strategy in the region? Is a broader Islamic alliance emerging against growing US pressure? In this video, we examine the latest Iran-America War developments, Saudi Arabia’s position, Türkiye’s role, Iran’s regional strategy, the Strait of Hormuz crisis and the potential impact on Middle East geopolitics. Watch the full report for the latest updates and analysis.

#Iran #IranAmericaWar #Trump #SaudiArabia #Turkey #IranWar #StraitOfHormuz #MiddleEast #IranUS #Geopolitics

~HT.410~PR.540~ED.108~GR.510~VG.HM~

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00:00पाकिस्तान के साथ मिलकर एक गड़बंधन मनाया है, इस्लामिक नेटो कहा जा रहा है उसे, क्या मधिपूर्व के उन देशों
00:07को अब अपनी आसुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है, जहां पर अमेरिका की मौझूदगी है, जहां पर अमेरिका की
00:13सैनड़े है, पहले उन
00:28पर हमला करेंगे, आप खुद को नहीं बचा पाएंगे, क्या आपको लगता है कि अब अमेरिका को लेकर मध्यपूर्व के
00:32देशों की सोच बदलने वाली है?
00:37वेभव जी, मैं थोड़ा जिसको कहते हैं, रिवर्स इंजरिंग, मैं उसमें बात करना चाहूंगा आपको, देखे, इस ये चल रहा
00:43है, इसमें अगर इरान जीतता है, तो दो बात मिर्शित है, एक बात तो यह है कि वो अपने नई
00:50व्यवस्थाय बनाएगा तेल के उपर,
00:53और दूफरी बात हिए है कि इन सब जो उसके अड़वर्सरी आज की रिट में, अडवर्सरी हैं, माने ना माने,
00:58जितने भी कल्फ कंट्री में नहीं आता, जितने भी枿ड इस्टिन कंट्री है, इनका इरान के साथ 36 का� BryanAlène है
01:05आगे भी रहेगा, और अगर इरान इस ओपरे�
01:21प्रशर को देखते मित्र राश्टों से संपर करके चाहे वो साल दू साल लगे एटम बंब बनाएगा विस्पोट करेगा एक
01:27दिन दुनिया को सरप्राइज करेगा कारण है उसके यह निकि मेरा निशकर्च यह कहता है कि एटम बंब दुनिया को
01:33तभा करने के लिए नहीं है क
01:50वो कहते थे कि उन्होंने फत्वा दिया हुआ कि हम एटम बंब नहीं चाहिए अगर फत्वा दिया हुआ था लेकिन
01:56जितने यह डॉट्स आए हैं कि आप 60-65% पर इसको एंडिश्मेंट को लेके गए मैकसिमम 17-18%
02:02चाहिए होता है रिसर्च और मेडिकल उसके लिए आपको �
02:06तो आप 60-65% से क्यों लेके कहने का मैं कोई नहीं हो कर नहीं मैं एक एसेस्मेंट कर
02:10रहा हूँ तो यह आपके इंटेंश्मेंट दिखाता है कि फत्वा वगरा तो एक सामने वाला पर्दा था उस पर्दे के
02:16पीछे क्या चल रहा था यह हम सब इससे कंक्लूड कर सकता है एक
02:20पात दूसरी बात देखें आज अमरीका और और एरान की स्टेशल में अगर अमरीका यह ओई जीठता है और डॉमिनेंस
02:29होता है इरान का अगर अमरीका हारता है इस ही का दूफरापक्ष है जो हम भी explain किया अगर अमरीका
02:36यहां से डाउन होता है तो उसकी वैऌन होता है तो �
02:48वो पेट्रो डॉलर इंपुट होता है डॉलर के लिए दुनिया में डॉलर की डिमांड बनाने के लिए पेट्रो डॉलर का
02:54बहुत बड़ा हाथ है और ये पूरी कुछ महें न मने सारा जगडा सारी लडाई तो अर्थवेस्थाओं की है अर्थवेस्थाओं
03:02के लिए ये military operations हो
03:06होते हैं सारे अर्थवेस्थार से उसकी security के लिए होते हैं पूरा का पूरा जो जगडा रश्या युक्रेन बनाम अमरिका
03:12बनाम नेटो जो चल रहा है ये अर्थवेस्था का जगडा है क्योंकि वो चाहते हैं कि रश्या शुट डाई इस
03:17ओन डेथ और लड़ता रहे जग�
03:22होते हैं उसके सादन यही बात यहां पर है तो अमरिका क्या जब मैंने का ना reverse engineering तो अगर
03:27एम यह है कि अमरिका यहां से अगर कम जो रोके निकलता है तो समझ लिए डॉलर का सिंगो संड
03:34डो लेगा और डो लेगा इसको 3G और मिलेगी ब्रिक्स के तुरू जो की डी डॉलर �
03:39जिसको आम भाशा में बात करते हैं डीड और रेशर होना शुरू हो जाएगा क्या अमरिका इस्तिति को सहन करेगा
03:46अगर करेगा तो बहुत अच्छी बात है फिर तो छोड़के चला जाए आजी अगर नहीं करेगा तो उसके अपनी इस्तिति
03:51को बचाने के लिए वो क्या क्
03:53वो पूरे ये बात बिलकुल आपकी सही है कि इस पूरे उपरेंशन के दोरा जी सी सी कंट्रीज के अंदर
03:59जो सेंस ओफ सेक्यूरिटी थी वो बस्ट हो गई है वो एक तरह से देखा है धुस्त हुई है क्योंकि
04:05जितने भी अरब कंट्री हैं इन्होंने डारट इरान के उप
04:26तो जब साधन होते हैं एर वार्फेर लड़ा जा रहा है तो एर वार्फेर में आपके साधन डिपलीट होते हैं
04:35और कोई बिसाधन कोई बी टेक्नोज़ी ऐसी नहीं है जो हंडर परसेंट आप फुरूफज कहा थे हो ऐरन डोम rooms
04:4185-90 परसेंट की accuracy देता है
04:44आप कोई भी टेक्नोलिजी लेज़े हर्ट टेक्नोलिजी की एक लिमिटिशन होती है और इरान ने एक चीज में बड़ी कामिया
04:52भी पाई है जो कि हमने लास्ट एर ओफ सिंदूर में देखा था जब तरकी ने हमारे किलाब यूनो एक
04:59तरह से पाकिस्तान को जो ड्रोन से उनक
05:13उसके जो एर डिफेंस एसे ते अलग अलग कंट्री में नाईव वो कर पाए तो यहां पर इरान सक्सवल हो
05:18रहा है और यही उसकी आज तक टिकने का एक जो कहते हैं एक चादू है वो यही है लो
05:24कोश्ट वारफेर में एरान ने बाकी कंट्रीज को एक तरह से उनको एंगे�
05:31आज की डेट में पिन पॉंटिंग वार्फेर बहुत इजी है जबसे जीपियस चीज आई है इरान के पास अपने जीपियस
05:38नहीं है लेकिन कहां से आ रही है यह लाइव जो फीड है लाइव इंटेलिजन्स है यह आ रही है
05:45चीन से रश्या से और एक तरह से देखा जाए म�
06:00मैंन पावर एसेट्स हैं वो भी इरान के अंदर उनको सपोर्ट कर रहे होंगे क्योंकि मिद्र राष्ट हैं दोस्त हैं
06:06उनके तो यही मैं देखते हूं कि क्या अमरिका यहां से अपनी लुटिया डुबो कर जाएगा यह सवाल अभी सोचने
06:13वाला है अगर जाएगा तो मौस्
06:31बिल्कुल आखिम जी के पास चलते हैं उनका उनसे सवाल है हकीम जी इरान की और से कहा गया है
06:38कि हम एक टैक्सी ड्राइवर पर भरोसा कर लेंगे लेकिन ट्रंप पर भरोसा नहीं करेंगे मैं बहुत सारे अंतराश्टे विशेशग्यों
06:44को सुन दा था उनका कहना है कि इरा
06:46अब इस रणती पर भी काम कर सकता है कि दो-तीन साल जैसे तैसे खीच लो जब तक ट्रंप
06:51वाइट हाउस में हैं जब यह चले जाएंगे तब अमेरिका से बात की जाएगी इन पर तो भरोसा कर नहीं
06:55सकते हैं
06:58देखिए अभी कोई पचास साल से ट्रंप नहीं थे पचास साल से सांक्शन से हैं यह अमरिकान पॉलिसी उस तैम
07:06से भी डाउन वित अमरिका बोल रहा है कि अभी अभी नया नहीं है यह नहारा यह पता है उनको
07:11ट्रंप साहब ने उनकी जो शबी थी ना यह अमरिका की जो �
07:18को कई इनकर अम्रीकन पर्सिटेंट पे वो बोलेगा तो जोक ले रहे हैं जैसे बोल रहा है ना टैक्सी प्रेवर
07:23यही है हाल एरान की टैक्सी पर बित भर्र ḥा करते हैं यह ट्रॉम्फ सब्साइब यह किया है ऐसा कुछ
07:30नहीं है ​
07:31रहा एक चीज़ मैंने बता देता हूँ न्यूक्लियर का रहा है जो इशू है चूँके उनके पास सलाही है तो
07:36बताना चाहते थे हम यह टेक्नालोजी में हम चाहे तो एनी मॉमेंट कभी कब बना देते थे हमारे इसलाम में
07:42हराम है हम नहीं है क्योंकि इसलाम वगरा छोड़ �
07:58हम चाहे एनी मॉमेंट हम बना सकते हैं तो एरान कभी भी न्यूक्लियर बनाने के हाख में नहीं है और
08:04बनाएगा भी नहीं दूसरी बात क्या है अभी हो सकता है सक्तमबर में ब्रिक्स कांफरन हमारे इंडिया में ही होने
08:10वाली है उसमें चैंसे हैं इरान प्रसिडेंट भी
08:13आने वाले हैं उसमें अगर हिंदुस्तान थोड़ा साथ दे देगा तो डालर का खतम हो जाएगा या दिवाल या अभी
08:20देख लीजिए जो भी यूरो में कर दे डिलिंग करा उनी तो फ्लाइट शिप्स जाने दे रहा इरा इरा इस
08:28पाभी तो पेट्रो डालर को तकरीबन आ�
08:42ए खुद मानित्स कर रहे हैं गोग आपने कोई बहटी से थाहा है इंद्रेग से लेडार कर देघा है तो
09:12फिछांटे जाया इसा यह को ही
09:12जो जो जो जो जो जो आदी लेते हैं वो clear बोलती हैं कि हम कोई किसी पेडिपेंड ही थोटली
09:17हम अपना independent काम कर रहे हैं
09:19इत खञ रहे हैं ऐसा कोई रखमता कुछ भी इसमें हाई भी दिरीज दूसरी थाट हाई भी लिए
09:53इकलियर है
09:54युद्ध चल रहे हैं भारत को भी विचार करना चाहिए कुछ मित्र राष्टो से अपना एक गडबंधन त्यार करना चाहिए
10:02कि किसी भी विश्रम परिस्थिती में उनका सायोग लिया सके पचीस में हम छोपी सी जंग लड़ चुके हैं
10:09वैवाब जी आज मैं एक प्लेटफोर्म पर बैठा था वोई चीज आपके सामने शेयर करना चाहूंगा
10:14देखें क्या होता है कोलिशन एग्रिमेंट में वो लोग जाते हैं जो अपने आपको किसी न सतही तहपा कमजोर पाते
10:19हैं
10:20सितिती बात है हम वहाँ भारत की सितिती हुआ है आज हमने एक्चुली पिछले 10-15 सालों में मेरे चाहल
10:28से 2008 के बाद से जो बहुत सारे शेशिफ्ट आए है हमारी खासका जो फॉरन पॉलिसी और उसके साथ-साथ
10:35यो यूत निती है उसमें ऐसे पॉलिसी के हम अपने आपको
10:38आकम médico-टाथ ये इस बात को समझने के आखर आसानी हो जाएगी जो जिसको कहते ही अनला इसलामिक नेटो
10:45बना पहले बात थो इनका नाम देना गलाता है स्लामिक नेटो मेरे रिसाब से जो धरम का यूज हो ना
10:50जो बार-बार यूज हो रा है ये अपने आप में तरार है इस
10:54इसका इस्तेमाल दूरुपियों कर रहे हैं लोग और यह लोग एक तरह सा जो मिल जाता एक एक सिक्ता मिल
10:59जाता उसको उच्छालते रहते हैं
11:00इसलामिक नेटो पर तीन देशों ने वहाँ पर अपना एक तरह से एग्रिमेंट गया ठीक है देखें टर्की खुश है
11:06क्योंकि टर्की सीरिया जो है ना सीरिया के जो अलशरा बैठा है वो टर्की का एसेट है तो टर्की को
11:13तो हत्यार बेचने है टेकनोलोजी बेचनी है इस �
11:28नहीं और उसके पास पैसे की कभी नहीं है साथी अरब के पास पाकिस्तान से क्यों एफिलेट हुआ है कि
11:33पाकिस्तान की जो सैना है वो उसको चाहिए ओल्दो मक्का के अंदर और साथी अरब के अंदर उनके 15-16
11:40जार हमिशा रहते हैं से उनकी फौज रहती है आज उनकी तक
11:57पाकिस्तान का नजरिया यह है कि एक तो मेरी इसलामिक अटम बंब जो उसकी एक नारा है ना उसकी धाक
12:03जमेगी दूफरी बात यह है कि शायद वो उससे लगता है कि इंडिया के खिलाब जब भी कुछ ऑपरिशन नेक्स
12:08इंडिया करेगा तो यह दोनों देश तेरे साथ आ
12:27चाइना इदर से बलगा हुई है यह चाइना भी ज़नी है तो और दूसरी आते है साथी अरब साथी अरब
12:33से हम या उम्मीद रखते हैं कि साथी अरब हमारा हाथ पकड़े इंटरनेशनल फोर्म पह हाला कि साथी अरब में
12:38दो तीन संकेत अच्छे दिये हैं कि उन्हेंने का
12:44का पाकिस्तान के प्रती जरुद से ज्यादा जुका हमारे इताव के खिलाब जाता है इन पूरे सिनेरियों में अगर देखा
12:50जाए तो हमारा सबसे नजदी की मित्र राष्ट अईरान है अगर देखा जाए इरान इसलिए है कि एक तो सब्वेता
12:56हमारी लिनिय जवान पड़ते
13:11हो सकता है कि कुछ मित्रों को ना मालूम हो ओप सिंदूर हुआ था अपरेल दोजार पच्छिस में पहल गां
13:19हुआ था बाइस अपरेल को और ये समझिए कि फरवरी के मद्धे से लेके मार्च के मद्धे तक हमास की
13:26पूरी टॉली पाकिस्तान में महमानों की कदर पा रही थ
13:30जगए जगए घूम रहती हमास के लोग इंटेलिजेंस के लोगों को मालूम होता है और ये बात है कि हम
13:36ये चाते थे एरान से कि एरान उनके कान केजिए कि भारत के खिलाप अगर कोई भी तुम इन्वोल पाए
13:42गए तो तुमें छोड़ेंगे नहीं कारण ही है कि आप आतं
14:00कम्मूनिटी आपके साथ खुल के आएगी और इनकी हिसाब से चकर इरान ने क्या है हर देश अपनी सभूलियत को
14:07आगे बढ़ाना चाहता है फ्यूचिरिस्टिक सभूलियत को इसलिए हूती को उन्होंने मदद की और इसी तरह से हमास को की
14:14इस तरह से हिज्ब लोगा की और
14:16सीरिया के रास्ते की सीरिया का रास्ता पाइप हो गया बंग तो मेरा मानना यह है कि अगर इरान थोड़ी
14:21सी अपनी पॉलिसी में ये पॉजिटिविटी लाए तो मेरे ख्याल से इरान बहुत ज्यादा देश अपने मित्र देश बना लेगा
14:27जी मिश्ट वापाजी बिल्क�
14:44पाइसे बैंक्रफ्ट हो गया था तो साओधी बैक अप मिला है इसमें इससे कोई इरान को कुछ फ़र्ख पढ़ने वाला
14:52नहीं है इरान देख लेजिए हमारे पास घूती हो हिजबुल्ला हो या हमास हो या हारत को फ़र्ख पढ़ना चाहिए
14:59इससे हमारे लिए यह हमारे ह
15:12अधिए हमारे इससे बाइश है यह लोग फ़र्ख पूर्शादी नहीं चुड़ा के बेजा था जहां जहां जहां भी यमन में
15:19भी पूरी तरह हमारे हमारे हंधुल्स्तान को यही हुटिस ने मदद किया था जितने भी है ना यह गलत आप
15:25देख लिए जैसे दाइश है
15:27अधिए है निश्वा है लश्कर तयबा है यह सब आप यह लिए यह कभी भी हुटिस हैजबूला कभी बीदेख लिए
15:38जो उनकी पूरी इस्टी देख लिए पढ़ लीजे कहीं पर गलत काम ने के हैं अपने हैं अपने मुलक को
15:43बचाने के लिए उलड़े हैं
15:44हुटिस का बना जब साओधे अराभिया बंबारी करना चाट किया 2015 से कंट्यूनियसली तब जाके हुटिस बनके उनके खिलाप कर
15:52रहें
15:52कभी भी खलब कभी काम ने करके हैं वो पहले ही डिक्लेर देते हैं कि यह जो कुछ बेहां यह
15:57जबूर है कि एरान है ना पुरी तरह उस जमाने से आज का कैब इने 3000 साल या 5000 साल
16:04से हिंदुस्तान से अच्छे तालोक आते हैं हमारा मित्र देश है यहां तक कि इससे पहले अ�
16:32अगर पाकिस्तान के उपर भी हिंदुस्तान की जंग होगी तो अगर पाकिस्तान के उपर भी हिंदुस्तान की जंग होगी तो
16:35इरान के बेसे यूज कर सकता था हिंदुस्तान यह पैक्त था अभी का पता नहीं है यह चीज़ें है ना
16:41हिंदुस्तान से कभी भी इरान साथ ह
16:43है कभी गल्ट कभी भी घलकी है कहां पर जुलम होता जुलम के खिलाफ बोलते हैं उसके
16:49अलावा कुछ भी नहीं है क्लियर बोल दिराऊ है जो मलिक सर कुछ कहना चाहते हैं
17:10क्योंकि यह हमको Middle East के अंदर डेप्स तक और ओपर इतने बाल्टिक स्टेट से वहां तक रही रश्य तक
17:15पूरा एक तरह से एक्सिस दे रहा था और यही देखते में चुकि अमरीका बात सही है यह जो आमरे
17:21आकिम साब बोले है बिल्कुल सही बात है अमरीका जो है एक बहुत
17:38करना चाहते थे पीछे की तरफ से क्योंकि क्या है करने पाकिस्तान के साथ हमारे संबत्थ कभी ठीक नहीं होँगे
17:44वायort कभी नहीं होगे KBA क्योंकि कारण ही है कि आदमी अपनी लोटी कैसे चोड़ थे पाकिस्तान कि रोजी रोटी
17:50एइंडिये खिलाफ दिए अर हन् shortened करत
18:06और हमारे पक्षमे आए तो कुछ देश है यूए के अंदर भारत का देख लिजे भारत का कितनी manpower desk
18:12और यूए के अंदर एक तरह से contribute करता है एरान के अंदर भी हमारा बहुत है इरान से हमारा
18:17कोई ऐसा थोड़ी है लेकिन आज की जो इस्तिति है उसके अंदर हम अपने आपक
18:35उसको बहुत ज़दे डाइवर्सिफाइक करना पड़ेगा आलगी कर रही है क्योंकि हमारे देश में ना तो कोई लाइन है ना
18:40कुछ आए बीच में कुछ हवा जरूर फैलाया गया लेकिन यह लगता है कि हम अपनी चीजे जैसे चीजे नॉर्मल
18:48होती है एरान के साथ हम अ�
19:00चाहिएाण गौन ज़से चाहिएं अवाण
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