00:00गोईन्दा जी को ब्लू ड्रम में डाल सकती थी
00:03गोईन्दा जी को पाहड पे लिके जाके धक्का मार सकती थी
00:07अगर वो चाहती तो उनको जिन्दा चुनवा सकती थी
00:11गोईन्दा जी से प्यार करती है
00:12अगर वह चाहती तो गोईन दाजी को ब्लू ड्रम में डाल सकती थी, वह चाहती तो गोईन दाजी को पाहड़
00:18पे जाके दकका मार सकती थी, अगर वह चाहती तो उनको जिन्दा चुन्वा सकती थी, लेकिन वह एक शर्फ, ऱ
00:28Salesforce ...
00:32वीच में से दो ला ला वीच में से दो ला ले ले ज़िए ले यह इद लीपाफ़ना के तडू
00:37को र जैंसे मेरी बात अच्छी दोस्त थिया है हुआ
00:41नहीं आप यहकीन मानगों। उन्होंने जो डायंगोज केस वापस लिया है केंड़े का है
00:46कि रोज मैं बात उन्से करती हूं सुनीता और उन्होंने पहली बार मुझे बहला राखी में क्या करो इसका मैं
00:54ठक चुकिए सारी जंदगी हुए इसके अफेर छुडवाते छुडवाते
00:58सुनीता जी वह अफेर नहीं है कि सुनीता जी कोस्ट आर के साथ काम करते हैं सुनीता जी व 결वा
01:06वहीरे
01:08वह फिरण नंबर वान है को को ना तो आप शुडुव सोचो 200 कारोड के माल्की नोहां इसकि प्यारी नहीं
01:18कर रहें।
01:18क्या ?
01:19मैं प्यार करना झानी है आनिमून के लिए लिए किजाने जाने जाए जह ही
01:23अभे प्यार नहीं करें तो तीन बच्चे क्या हवा अवा में निकल गए क्या ?
01:26वो तो पहला हुआ नो, पहला हुआ
01:28तो आप मिसंदेस्टर औरें क्लिए कर रहे उनकी
01:29मैं मिसंडेस्टेंग कर रहे हैं।
01:32मैं प्यार नहीं कर रहे तो
01:34शुरीता जी ने खुद बोला है
01:35कि मैं प्यार करती हूं
01:38गोइंदा जी से और गोइंदा चुची बहीया
01:40मेरे फ्रेंड है
01:41मैं उनके साथ कितनी बार अखले रूम
01:44में भी रही हूं।
01:46स्वारन मेरी मा, स्वारन गॉड, जैसे कि हम लोग शौपे जाते हैं, जैसे हम लोग कितना वा, कभी-कभी चिच
01:52बहिया से मिलने गए, हाई हलो किया, खाना खाये, बड़ मजाले कभी किसी को बुरी नजर से भी देखे, नेवर,
01:59चिच बहिया बहुत अच्छे, सुनिता जी �
02:03पती-पत्नी के बीच में, ये वो कहां से आगी, पती-पत्नी और वो, ये वो कौन है, उन्टी कोफटार
02:11है, ये गलत है, ये अलजाम है, सुनिता जी, धैरिया रखे, शुकरी आप में मेरी बात मान ली, और आपने
02:21डायोस का केस वापस ले लिया, शुक्र विजार हूं मैं
02:24आपकी, शान्त रहे आप, वरना दोसो करोड चले जाएंगे, आप टैलिंग यू, ना, किसी और से, चीचे भईया, शादी किसी
02:33से करेंगे, तो दोसो करोड नहीं चले जाएंगे, वैसे, सुनिता जी में एकी बात कहना चाहते है, आपके तीन बच्चे
02:39माशालला हो गए, �
02:47आपके, तो इसलिए, अगर हूँ थोड़ा बाहर जाते हैं, तो इसलिए मैंने बना घर की मुर्गी दाल बराबर, गोईंदा जी
02:55ने खुद कहा, जब मैं घर में जाता हूँ, खाने के लिए तो खाना नहीं देती है, तो मुझे तो
02:59बाहर ही घाना पड़ेगा ना, इसका मत
03:01जाओ, जीचे भाईया को भारवीर्या नहीं खानी है, दाल चाल नहीं पुसंदे, मैं पहले दिन से कहती था, डेवगान से
03:09जब मैं बॉलिवड में आई, कहती थी कि नहीं, कि घर की औरतों को आदमियों ने
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