00:09नशा एक बहुत बड़ी सामाजिक बुराई है आज दुनिया में नशे के दुष्प्रभाव से लोगों को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी
00:18तक हो रही है इसलिए धुम्रपान की लच छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए रिशिकुल आयरुवेट कॉलेज हरिद्व
00:26पार के अंगत तंत्र विभाग नेक नई पहल की है उत्राखंड आयरुवेद विश्विद्याले के वैग्यानिकों आयरुवेदाचारियों और शोधार्तियों ने निकोटीन
00:37मुक्त औशधी धूम पांट दंडी का यानि हर्बल बीडी तेयार की है चिकित्सकों के अनुस
00:56आज बात यह है कि धूमरपान छोड़ने के लिए यहां के डॉक्टर बीडी सिगरेट छोड़ने की बजाए धूम पान करा
01:04रहे हैं
01:05How does it get rested without a pain?
01:07We are doing research on the shaman-dhungpan patients.
01:10They have used a cigarette and blood contrates in their texts.
01:14In our text, Acharya Charak, Acharya Shushrut, Acharya Vaag Bhatt
01:17provided Ayurvedic하면, shaman-dhungpan,
01:21well-known about these patients are well-known.
01:22The patients getting and wanting to be a pain,
01:26started with them.
01:29Actually, 14-15 patients are registered
01:48रिशिकुल आयरुवेट कॉलेज में अंगत तंत्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर भावना मित्तल ने बताया कि धूमरपान छोड़ना कई लोगों
01:58के लिए चुनोती पूर्ण होता है।
02:00इसी को ध्यान में रखते हुए आयरुवेदिक और शद्यों से ये धूम पान दंडी का यानि हर्बाल स्मोकिंग स्टिक तैयार
02:08की गई है।
02:30आचारे चरक आचारे शुष्रूद वागबट सभी आचारियों ने एक धूम पान धूम्रपान नहीं धूम पान विधी का प्रयोग बताया है।
02:39इसके द्वारा शास्री मेडिकेटेड स्मोक को जो धूम बरती के माध्यम से लिया जाता है।
02:44और उस धूमें के द्वारा हमारे शरीर में स्वास्ते संबंधित जितनी भी उर्दु जत्रुगत जो विकार होते हैं।
02:53और जो नशा कर रहे हैं ऐसे रोगियों को हम जब उस धूए जो टौबेको वाला है जिसमें की निकोटीन
03:01है तमबाकू है जो की बहुत हानीका रख है कार्चिनोजनिक है उसको छोड़ कर और ये हमारी जो धूम विधी
03:08है धूम पान विधी है इसके माध्यम से हम लोगों क
03:11को इस नशे के प्रति छोड़ने के लिए हमारी यहां पर शोद कारे चल रहा है कि डॉक्टर भावना ने
03:18बताया कि प्राचीन आईरुवेद के आचारियों जैसे चरक सुशृत और वागभट के बताये गए आईरुवेदिक सिध्धानतों के आधार पर इस
03:28हर्बल बीडी क
03:29को तैयार किया गया है इसमें तंबाकू और निकोटीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है
03:37देखे यह जो एक रिसर्च वरके इसके अंदर हमारे यह शलकी, लाक्षा, मदुयस्टी और जो बहुत सारी ऐसी मेद्धे ओशिदियां
03:45है
03:46इस प्रकार से कुल 15 होशिदियों का एक मिश्रन होता है, उस विशेश मिश्रन को जो की रिसर्च के द्वारा
03:52हम लोगों ने अभी डिजाइन किया है
03:54उस मिश्रन को इस तेंदू के पत्ते वाली जो खाली धूम वरती है इसमें भरा जाता है
03:59और फिर पेशिट को एक प्रॉपर विधी से बताया जाता है कि आपको ऐसे इसको इनहील करना है
04:03और आप जो ले रहे हैं, जो वो प्रिवेसली ले रहे हैं उससे उनको छोड़ कर और इस पर स्विच
04:08किया जाता है
04:10रिशिकुल अईरुवेदिक कॉलेज पहुचे एक शक्स ने बताया कि धूम पान विधी से उन्हें धूम रपान छोड़ने में मदद मिल
04:18रही है
04:18उन्होंने अपना अब तक का अनुभव बताया
04:24अब चालीज साल से नमरपान कर रहा हूं वेड़ी किताडा में और अब जा लगभग दो अपते से
04:32मैं जो है यह जो है यह जो है यह सिकुल कर आप शोशल मेडिया में के मात्यम से मुझे
04:35मुझे मालूम हुआ तो मैं फिर यह संपरक्या
04:46संपरक्या नोने बता कि हमारे यह काम चला आप आओगे जिंद है मैं इनके आया दो अपते होगे लगभग मुझे
04:50तो मैंने अधी कर दिये विड़ी पहले से न तो थोड़ा काफी अच्छा मैसुस हो रहा है इतने कम होगी
04:58है
05:00अईरुवेदाचारियों के अनुसार धूमरपान की लट से मुक्ति के लिए अईरुवेद के प्राचीन ग्यान और आधुनिक वेग्यानिक शोद के साथ
05:09काम किया जा रहा है
05:10हालांकि चिक्सकों का कहना है कि हर्बल दंडिका का इस्तेमाल भी विश्यसग्यों की सला और निगरानी में ही किया जाना
05:18चाहिए
05:19शुरुवाती परिडामों के आधार पर इस प्रियोग को आगे विश्तरित इस्तर पर अध्यान के जाने की संभावना है
05:29ETV भारत के लिए हरी द्वार से सचिन कुमार की रिपोर्ट
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