00:00अंधेरी काल कोठरी में जब चंचल निराश होने लगता है
00:03अरे भाईया, आप निराश क्यों हो रहे हो?
00:06आप तो इस जंगल के सबसे बड़े शूरवीर योद्धा हो
00:09अपनी अंदर की सोई हुई शक्ती को पहचानो भाईया
00:13इन पापी दुश्मनों की आउकात कुछ भी नहीं है
00:16इन हजारों बेकसूर जानवरों को आजाद कराने के लिए
00:20अपनी उस असीम ताकत को याद करो
00:23और इन जालिमों को मार मार कर मिट्टी में मिला दो
00:26अपने छोटे भाई की यह ललकार सुनते ही
00:29चंचल की रगों में सोई हुई महाशक्ती जाग उठती है
00:32उसकी आखें अंगारे की तरह दहकने लगती है
00:35तभी वहाँ खड़ा एक लकडबग्गा पहरेदार इन दोनों के पास आता है
00:40क्यों रे परिंदे क्या फुस फुस आ रहे हो
00:43तुम दोनों की पूरी जिंदगी अब इसी गहरे गड़े में सड़ते हुए बीतेगी
00:47चंचल ने अपनी खुंखार नजरों से उस पहरेदार को देखा
00:52और एक चटके में लोहे की भारी जंजीरों और शिकंजे को चटका कर तोड़ दिया
00:57और उस लकडबग्गा को ऐसा मारता है कि वही पर लकडबग्गा की अंत हो जाती है
01:02शिकंजा तोड़ते ही चंचल उसी भारी लोहे की जंजीर से उस विशाल खाई से तेजी से छलांग लगाकर बाहर निकल
01:10जाता है
01:11बाहर आते ही चंचल काल बनकर दुश्मनों पर तूट पड़ता है
01:19वह उसी भारी जंजीर को घुमा घुमा कर लकडबग्गों और गिद्धों दोनों तरफ के सैनिकों को मार मार कर जमीन
01:26पर धेर कर देता है
01:27भयंकर खूनी तांडव शुरू हो जाता है
01:51लगातार 18 मिनट की भयंकर लड़ाई के बाद
01:54चंचल अकेले ही लकडबग्गों और गिद्धों की पूरी पहरेदार सेना को मार मार कर जमीन पर धेर कर देता है
02:01चारों तरफ दुश्मनों की लाशें बिच जाती है
02:04इसके बाद चंचल तुरंत आगे बढ़ता है
02:07और जमीन के अंदर बनी काल कोठरी का मुख्य गेट तोड़कर
02:12उन हजारों बेकसूर जानवरों को आजाद कर देता है
02:18इधर एक बुरी तरह घायल सैनिक हाफते और खून उल्टी करते हुए लकडबग्गा सरदार के पास पहुँचता है
02:25सरदार अनर्थ हो गया
02:27उस परिंदे ने अपनी जंजीरे तोड़ दी
02:30उसने अकेले ही हमारी पूरी फौज को खतम कर दिया
02:33लकडबग्गा सरदार हैरान होकर चिलाया
02:36क्या बकवास कर रहा है बेवकूफ
02:38एक अकेला परिंदा मेरी इतनी बड़ी सेना को कैसे मार सकता है
02:42इतना सुनते ही वहसैनिक वहीं तडब कर इस दुनिया से अलविदा हो जाता है
02:47उधर गिध सरदार के पास भी एक जखमी गिध उड़ते हुए आता है
02:53सरदार बचालो तबाही आ गई है सरदार
02:56जिस परिंदे को हमने मामूली समझा था
02:58वो कोई परिंदा नहीं साक्षात काल है
03:01उसने लोहे की जंजीरे उखाड फेकी है
03:05और हमारी दस साल पुरानी पूरी सेना को गाजर मूली की तरह काट कर धेर कर दिया है
03:10काल कोठरी के सारे कैदी आजाद हो चुके हैं सरदार
03:14हम पूरी तरह बरबाद हो गए
03:16ये सिर्फ एक चंचल किया है
03:18खबर सुनाते ही वह गिद सैनिक भी दम तोड़ देता है
03:23गिद सरदार गुस्से और खौफ में थर थर कापता है
03:27ऐसा कभी नहीं हो सकता
03:29मेरी दस साल की कड़ी महनत से तैयार की गई अभेद्य सेना को
03:33वे एक मामुली परिंदे कैसे खतम कर सकते है
03:37मेरी पूरी की पूरी फौज मार दी गई नहीं
03:40अब गिद सरदार का खौन खौल उटता है
03:42और वह पूरे गुस्से में आग बबूला होकर चंचल की तरफ बढ़ता है
03:47इधर लकड बगगा सरदार भी अपनी तलवार खींच कर पूरे बदले की आग में
03:52चंचल को खत्म करने के लिए तेजी से आगे बढ़ता है
03:55इधर चंचल और फुर्तीला सब जानवर को इकठा करके सोच रहे हैं
03:59कि इन सब को कैसे इस इलाका से बाहर किया जाए
04:03अब आगे क्या होगा यह देखने के लिए लाइक और फॉलो करके कमेंट में लिखो
04:07पार्ट पाइव