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  • 9 hours ago
छात्रों की मांगें अनसुना करना सरकारों के लिए क्यों हुआ असंभव? देखें खबरदार

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00:00नमस्कार मैं श्वेता सिंग आपका स्वागत करती हूँ राब के आठ बज रहे हैं वक्ते बड़ी खबरों से आपको खबरदार
00:05करने का
00:05चाहे लटकी हुई भरतियों का मामला हो चाहे पेपर लीक हो चाहे स्कूलों की हालत खराब हो
00:11तो एक बात क्या तय हम मान सकते हैं कि कोई भी सरकार छात्रों की मांग अंसुनी नहीं कर पाज
00:17रही है
00:18इसी सवाल के जवाब से आज हम आपको खबरदार करेंगे क्योंकि आप प्रदर्शन के बाद मांगों को मानने का वक्त
00:23घटता जा रहा है
00:24जहां जुलाई में दिल्ली के जंतर मंतर पर 36 दिन तक चले आंदोलन के बाद पहले देश के शिक्षा मंतरी
00:30को इस्तीफा देना पड़ा
00:31इससे पहले लखनव में विलेज डिवेलपमेंट आफिसर की भरती जो 2023 में निकली और अब तक लटकी थी
00:41उसकी खबर आज तक ने 21 जुलाई को देखाई जब उप मुख्यमंतरी ने 21 दिन के भीतर UP SSC के
00:49अधिकारी से बात करके फाइनल रिजल्ट का वादा किया
00:52कल यानी सोंबार को आज तक ने जैसे ही दोबारा सरकार को याद कराया कुछी घंटों में UP SSC, SSC
00:59के ने ग्राम पंचायत अधिकारी का रिजल्ट जारी कर दिया
01:02इसी तरहे राची के जैफाल सिंग मुंडा स्टेडियम में 24 दिन तक चले धरना और बाद को भी जुकना पड़ा
01:11दो मांग छोड़ बाकी मांगों को मानना पड़ा
01:15लखनव में अब पटना का गर्दियारी 4 का विज्यापन जारी कराने के लिए प्रदर्शन शुरू हुआ पांच घंटे के भीतर
01:23BPSC आवेदन का विज्यापन जारी कर देता है
01:25ये चार तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही है कि छात्रों की मांगों पर सरकारों की सुनने की शक्ति
01:31जो अब तक कमजोर थी वो बढ़ने लगी है
01:33बेरोज़गार नौजवानों की मांग को अंसुना करना सरकारों के लिए संभव नहीं है
01:40सरकारें जब चात्रों के बात सुनने में देरी करती हैं तो इसका खाम्याजा लाकों चात्रों को उठाना पड़ता है अब
01:49इसका सुबूत जारखंड में मिलता है जहां जेपीएससी से चौदवी सिविल सर्विस परीक्षा में भरष्टा चार के खिलाफ आंदोलन शुरू
01:56
01:56जेएससी सीजेल भरती परीक्षा में हुई धांदली तक पहुंचा दोनों मामलों में बड़ी खबर ये है कि CID ने मास्टर
02:02माइंड अभयतिवारी की पतनी और भाई को गिरफतार कर लिया है दोनों पर जेपीएससी और जेएससी सीजेल एक्जाम में करते
02:10तोर पर गलत त
02:34अब अब अब अच्छा पर में काई रख था वहां से रेटिग नेशन देखे इस जॉब में आया हूं है
02:49और यहां एक चन में हम लों का सब कुछ खतम कर दिया गया है
03:14सरकार और सरकारी वेवस्था किस तरह युवाओं का भविश्य सरकारी नौकली के नाम पर रौंद देते हैं
03:46उसकी तीन तस्वीरे राची में आज आपको देखनी है
03:49और तीसरी तरफ है रोते बिलखते गुसा करते सवाल करते वो युवा
03:53जन्होंने लंबे संगर्श के बाद J.S.S.C. C.D.L. की परिशा पास करके नौकरी हासिल की ,
03:59जन्हें लगता है कि उन्होंने तो इमांदारी से परिशा देकर नौकरी पाई हैं तो उनकी नौकरी क्यों छीनी जा रही
04:05हैं
04:05इन तीन तस्वीरों के साथ ये सबसे बड़ा सच है कि सरकारी व्यवस्था की चित और पट दोनों में प्रिस्ता
04:12केवल नौजवान है और एक एक करके इसी सच को आज आप देखिए
04:17जहां पहले जश्न जहां भरतियों में धांदली होने पर 24 दिन तक चले धरना प्रदर्शन के बाद सोरेन सरकार को
04:24मांगों को जुका कर जीत हासिल करने के बाद मनाया जाता है
04:48तो इतना बड़ा दिया है लेकिन दिया नहीं है लड़के लिया गया है यह तोफ़ा कम नहीं किया दिश्ता है
05:05जहां देवेंद्र महतों की भूख हरतार टूपती है जब मुख्यमंत्री कैविनिक बैठक के बाद आकर यह ऐलान कर देते हैं
05:12कि ब्लैक लिस्टेट टीडीपियल ने जो भी परिक्षाय कराई वो सब रद्ध होंगी
05:18जे एससे सीजियल की परिक्षा जो नौ साल बाद जाकर रहरखड में हो पाई थी वो भी रद्ध की जाएगी
05:25टीडीपियल द्वारा
05:30किये गए परिक्षाएं
05:35टीडीपियल के द्वारा प्रकासित रेजल्ट और टीडीपियल द्वारा जो भी अभियारती चुने गए हैं
05:53या सामिल हुए या टीडीपियल के जितने भी गटिविद्या यहां हुई है वो उन सभी को
06:00कैंसिल किया जाता है रज क्या जाता है
06:05निश्चित तोर पर जारखंड के राची में जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम में शात्रों की ये बड़ी जीत जिसने बताया कि
06:11अब सरकारिक कान में तेल डालकर नहीं बैठी रह सकती इनको सुनना पड़ेगा
06:18लेकिन जब जश्न पूरी रात राची में मन चुका है तब राची के जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम में जेपी एसी
06:24रिफॉर्म्स मंच का अंदोलन जारी क्योंकि CBI जाच की मांग मुख्यमंत्री अब तक माने नहीं
06:31सरकार से ओपिसली नोटिफाइब होने का वेट कर रहे हैं चीलों का जैसे सीजल की अधियाचना वापस हुई है या
06:37नहीं यह हमें अभी इस पर जनकारी नहीं है
06:3911-13 को लेकर के सरकार का क्या स्टेंड है हम यह भी जानना चाहते हैं
06:47तीसरा एज कटप को लेकर के सरकार की स्टेंड होने के बाद गुस्से में
07:03क्योंकि इन्हें आठ महीने पहले ही लंबे संघर्ष के बाद नौक्री में लिख लेकिन जिस भरती परिक्षा में भष्टाचारियों
07:10ने बहुत से लोगों से दस लाग से चालीस लाग का रेक लगा कर भरती कराई
07:14वहां इमानदार युवा पूछता है कि घष्टाचार की चक्की में इनकी उमानदार कोशिश को क्यों पीस दिया गया
07:24मंगलवात सुभा आज तक संबाद्दाता सत्यजीत कुमार को रोशन कुमार मिलते हैं
07:29JSC CGL पास करके दिने नौकरी अपने राज्य में मिली तो इन्होंने घर भर में ही नहीं पूरे मुहले में
07:35लड्डू बाटा था जिसके लिए रेलवे की नौकरी छोड़कर ये जारखंड में काम करने आ गए ये सोचकर कि ये
07:41इनका ग्रेह राज्य है वो रोशन कुमार आ�
07:47कल तक हमारे पास एक जॉब थी हमारा सब अच्छा चल रहा था लेकिन कल एक साम को एक ऐसा
07:54न्यूज भाहिराल होता है न्यूज आता है कैबिनेट का की इसी सिट्रियल की परकिरिया को पूरा रद कर दिया गया
08:00है वोट के ओर्डर के थुरू हम लोग यहां पे आये थे त�
08:23अब आप में से कुछ लोगों को ऐसा लग सकता है कि यही तो चात्रों की मांग थी कि JSAC
08:27CGL परीक्षा जो है उसको रद किया जाए दरसल यहां पर नीती और नियत सरकार की कटगरे में ठड़ी हो
08:34जाती है और केवल एक पार्टी की सरकार की बात नहीं है देखिए किस तरीक
08:38के से इस परीक्षा के मामले में लंबे समय से गड़बड़ी हुई लंबे समय तक पूरा मामला अटका रहा और
08:44अब जाकर यह परीक्षा जो रद की गई है तो आगे यह सही तरीके से होगी उसकी गारेंटी कौन लेता
08:50है
08:59हेमंत सोरेंच सरकार ने यही पैसला अगर पहले ले लिया होता तो एक तरफ जशन और दूसरी तरफ आसू और
09:06गुस्ता नहीं दो हजार परिवारों में से इमानदारी से नौक्री हासिल करने वालों पर एक जटके में आसमान तूटता
09:14असल में यह उस भरती परिक्षा की खबर है जो भविश्य में इस आधार पर याद रख की जाएगी कि
09:20सप्ता किसी की भी रहे वो युवाओं को केवल रूलाती है
09:23JSC CGL की नौक्री चाहने वाले युवाद 11 साल बाद भी इंतजार करते रहे गए आपको यकीन नहीं होगा
09:31पाँच राज जिपाल जारखंड में बदल गए चार मुक्तमंत्री बदल गए छे जेसेसी के चेर्मेन बदल गए पर अब तक
09:37जारखंड के छात्रों के सपनों की नौक्री जेसेसी CGL इमानदारी से एक बार नहीं हुपाई
09:43पहले इसका इतिहास याग कर लिए
09:47जेसेसी CGL पहली बार नवंबर 2015 में निकलती है जिसमें 2,36,000 लोगों ने आवेदन किया था लेकिन 2015
09:55में निकली इस भरती की मुख्य परिक्षा होने से आच दिन पहले इस परिक्षा को स्थगित कर दिया गया
10:002017 में फिर से वैकेंसी के लिए फॉर्म भरवाया गया
10:04परिक्षा फरवरी मार्च 2018 में कराने की संभावित तारीख रखी गई लेकिन एक्जाम ही नहीं हुआ
10:10फिर कहा गया कि नवंबर दिसम्बर 2019 में एक्जाम हो लेकिन चुनाव आ गया आचार संहिता लग गई मामला फस
10:17गया
10:17फिर 2021 आया नए नियमों के साथ JSC CGL कराने की चर्चा हो लेकिन नए नियम को दिसम्बर 2021 में
10:25कोट ने खारीच कर दिया परिक्षा फिर लटक गई
10:28फिर आया 21 अगस्त 2022 जब एक बार फिर निर्धारित जेससी सीजेल की परिक्षा को अपरिहार ये कारण बता कर
10:37इस थगित कर दिया जाता है
10:38नाराजगी बढ़ी जेससी सीजेल की परिक्षा फिर जनवरी 2024 में कराया जाने की बात हो
10:44जिसमें 6,60,000 बेरोजगार बच्चे तीन शिफ्ट में पेपर देने के लिए बैठे लेकिन तीसरा पेपर लीक हो गया
10:51और फिर प्रदर्शन करके बाकी परिक्षा पूरी रद्ध हो जाती है
10:55इसके बाद ये भरती परिक्षा सितंबर 2024 में करायी जाती है जहां आरोप लगा कि अभय तीवारी वाले रैकेट ने
11:02धांधली कराया लेकिन तब सोरेन सरकार ने ये बात नहीं माने कोर्ट तक में मामला चला लेकिन सोरेन सरकार ने
11:092025 पदों के लिए साल 2025 के आखिर में निय
11:24जाकर इस परिक्षा को रद कर दिया जारखंड की राजधानी राचील अब मंत्राले के बाहर हेल्मेट पहने इन शक्स को
11:31देखी ये वो भाई जिने डर है कि इनका छोटा भाई कहीं तूट ना जा जिसने सीजेल की परिक्षा इमानदारी
11:38से पास करके नौकरी हासिल की थी
11:42सरकार को इस सब मामले में पहले सोचना चाहिए कि वाईसे अभ्यार्थी जो पूरा जिन्दगी मतलब जब से तैयारी कर
11:51रहा है कर रहा तैयारी करते हुए उस स्थिती से बढ़ते हुए इस स्टेज पर आए कि कम से कम
11:58उस परिछा कंड़क करके एक्जाम पास करके सारी समस
12:02परिशाओं को जहलते हुए इतना सिच्वेशन इतना कोश्चन पेपर लीक हो यह हो वह हो उसके बाद वह क्वालिटी एचीव
12:11करके तब जाके सेलेक्शन हुआ है पुरने रूप से निराज है और समझ लगने की राज से राज से अंदर
12:18में उस स्थिती में पढ़ा हुए क
12:28इसी जगा संजीत कुमार मिलते हैं जिनोंने घर के राज्य में नौकरी के सपने के लिए रेलवे की नौकरी छोड़ी
12:34अब उनके इस सपने पर चोट लगी इनके बयान को आज ध्यान से सुनिया
12:39धरकट में जॉब नहीं हो रहा था तो मैंने लॉगडाउन से रेलवे का तयारी स्टार्ट किया और 2020 में एक्जाम
12:47लॉगडाउन के वज़े से नहीं हुआ वो एक्जाम जाके 2022 में हुआ और हम लोग का सेलेक्शन 2023 में रेलवे
12:53में हुआ
12:53मैंने इस फॉर्म को भरा और इसके लिए बहुत जोर से तयारी किया 30 जनवरी को मेरा पहला एक्जाम सीजल
13:00का हुआ और उसमें वी धान ली जब हम एक्जाम हौल से निकले पता चला पेपर लिखो गया और 30
13:06जनवरी हम लोग सब आएं प्रोटेस्ट कियों और ये पेपर र
13:11होला गया आप परिहार कारण से एक्जाम को रड़ किया जाता है उसके बाद 21जी और 22 स्प्टेंबर को हम
13:18लोग के �私को अंदोलन
13:19के ब़ल पर सरकार दुवारा से एक्जाम करवाई और उसके बाद एक्जाम करवाई तो मेरा 22 तारिक ये चाल के
13:25उप संगर्स
13:29करके मैं रेलवे में आप लोग को पता नहीं होगा रेलवे में तीन सिफ्ट होता है आठ गंटा का छे
13:34से दो दो से दस अर दस से छे नाइट ड्यूटी करने के बाद सुबह नाइट ड्यूटी करने के बाद
13:40भीना खाना खाये तयारे किया फिर दो बजे ड्यूटी जाना है उ
13:57वहां से मैं रिजाइन करके आया हूँ और मैं रिजाइन करके तब आया हूँ जब सरकार ने मुझे ये मतलब
14:03हाइकोट ने ये बोला है कि आप इस जो जो जानिंग लेटर उसमें लिखा हुआ साब तोर पर कि जो
14:09भी कंडिडेट फर्दर इस इन्वेस्टिगेशन में CID के इ
14:26इस पूरी भरती में जो पैसा देकर नौकरी पाए उनका तो केवल पैसा डूबा लेकिन जो महनत करके पसीना बहा
14:33कर नौकरी पाए और जो महनत के बावजूद घष्टाचारियों की वजह से नौकरी नहीं पाए वो दोनू यू आप पिसेंग
14:38कि मामला कोर्ट में चला जा
14:53सत्य जीत कुमार राची आज तक
15:27चात्रों के अंदोलन का तीसरा बड़ा गवाह क्या पटना बन रहा है जहां चात्रों की प्रदर्शन के पांच घंटे के
15:33भीतर मंगलवार को विहार सरकार ने एक मांग तुरंत मान ली जैसे ही पटना के गरदनी बाग में शिक्षक भरती
15:40की परिक्षा का विज्यापन वि
15:53आज सुरुवात थी है और आज ही नोटिफिकेशन आ गया आज देट के साथ है कि कब से फॉर्ण बढ़ाएगा
15:58ये बड़ी अच्छी बात है बड़ी बात हो
16:00TRI 4 मतलब Teacher Recruitment Examination यानि शिक्षक भरती परिक्षा जिसकी परिक्षा की संभावित तारिक तो आ गई थी विज्यापन
16:09नहीं आया था
16:14यू तो धरनी का ताजा कारण शिक्षा भरती परिक्षा में हो रही देरी और वादा खिलाफी थी लेकिन शिकायते और
16:20मांगे कई और भी युवाओं का कहना है
16:23तीचर भरती का विज्यापन अप्राइल में आना था जिसे टाल दिया गया शिक्षा मंत्री ने जुलाई में विज्यापन का वादा
16:29किया अगस्त गुजरने वाला है बीपीएसी ने 22 सेतंबर को परिक्षा की तारीक तैकर रखी है लेकिन अब तक विज्यापन
16:36का पता नह
16:51पटना के गर्दनी बाग में आज से चात्रों ने आंदोलन की सुरुआत की है हम आको तस्वीरे दिखा रहे हैं
16:59देखिए ये चात्र न्याय सत्याग्र इसी बैनर तले आज से टियारी 4 समेट तमाम अलग-अलग प्रतियोगी परिक्षाओं में जो
17:08रिफॉर्म है उसकी मां
17:10को लेकर के चात्र अब्धर्थी आज से धर्ना पर बैठे हैं असल में अभी आंदोलन शिक्षक भरती का नोटिफिकेशन निकलने
17:19के बाद भी इसलिए जारी है क्योंकि अब तक जा किवल एक परिक्षा देकर यूवा टीचर बन सकते थे वहां
17:25आपकी बार पहले पीटी प
17:29डारइकिंग भी होगी पीटी परिक्षा पास करने वाले ही मेंस की परिक्षा में शामिल होगे में निवक्ति के लिए को
17:35इंटर्व्यू नहीं होगा
17:43आप परिच्छा होनी चाहिए दो परिच्छा मझून नहीं सिर्फ एक परिच्छा
17:47एप सब्सक्राइब अभी अब अब लोग बीपी सर्ख करने चाहिए चहत पढ़ाई में जा करके जुटें और कुछ लोग इसका
17:59स्ट्रे लेना चाहते हैं
18:00उनसे थोड़ा दूरी बना ले अपनी तैयारी करें और तैयारी करके वो परिच्छा में पासाउट हो उनका एक उजवल भविस
18:07से उनका इंतजार कर रहा है
18:08जूट लहीं चलेगा अगर आपको दो परिच्छा करानी है ट्यारी फाइब से कराईगे हम लोग स्वागत करते हैं ट्यारी फोर
18:14में सिर्फ एक परिच्छा हो चुकी दो बरसों से अभी अर्टी इंतजार कर रहे हैं दो बरसों से अभी अर्टी
18:19इंतजार कर रहे हैं चोविस
18:381388 टीचर की पोस्ट पर विहार में भरती परिक्षा भी कराई जानी है। छात्र कहते कि ये सब 2-2
18:44साल की देरी से परिक्षा करा रहे हैं। वो भी नियम बदल कर ये परिक्षाएं भी लटक गई तो फिर
18:49आगे क्या होगा।
19:08परिक्षा होगा एक महिना में तो एक महिना में त्यारी कहां से हो पाएगा डबल एक्षाम का। इसलिए हम लोग
19:12चाहते हैं एकल परिक्षा हो।
19:38परिक्षी विभाग में 5,360 नगर विकास आवास विभाग में 5,100 समाच कल्यार विभाग में 4,549 और जल्द
19:46संसादर विभाग में 4,014 पद खाली हैं।
19:57तो पदों का सिजन उनके हिसाब से हुआ ही नहीं।
20:03शशी भूशन पटना आज तक।
20:09खबरदार करिये तो सरकारें सुनती हैं यह हम यू ही नहीं कह रहे हैं।
20:12इसका उधारण है जो उत्तरतदेश के ग्राम पंचायत अधिकारी थे।
20:16आज तक ने नकेवल खबरदार किया बलकि तब तक खबरदार किया जब तक सरकार आक्शन में नहीं आई।
20:22अब यू पी ट्रिपल सी का रिजल्ट भी चार साल से जो लटका रहा वो आखिरकार आज तक की तरफ
20:28से लगातार खबर दिखाने के बाद रिलीज किया गया।
20:32आज तक की खबर का असर हुआ है और विलेज पंचायत ओफीसर की भरती जो लगबद चार सालों से एट
20:39की थी दोहजार बाइस का पीटी का एड फिर दोहजार तेईस का एड फिर एक्जाम डीवी तमाम प्रक्रियाओं से लटकती
20:47भरती आखिरकार आज तक के खबर दिखा
21:01हैं जिनकी नौक्रिया लग गई है चात्र तुक नहीं कहूंगा मैं आपको विलेज पंचायत ओफीसर कह रहा हूं कैसा लग
21:08रहा है सबसे पहले आपको बहुत बहुत सुपकामना है सबसे पहले आपने हमारा मुद्दा उठाया था डिप्टी सीम जी के
21:15यहां जब गए थे
21:1621 जुन 21 जुलाई थी या 21 जुलाई को उसके बाद ही चीजें प्रभावी हुई और उसके बाद मानी सचिव
21:26जी का भी बहुत बहुत आभार उन्होंने समय रहते संग्यान लिया कुछ कस्ट जरूर हुए लेकिन एक अब अच्छान भूत
21:33हो रही है कि अब घर परिवार भी
21:46घर वालोंने कैसे रियाक्त घर पर तो अभी हम कमरा लेकर रहते हैं तो कि हम फोन पर बात ही
21:51वीडियो कॉल पर बात ही बाकी माता जी और पिता जी दोनों लोग आज मिलने आ रहे हैं सुभा सब
21:55रात में सब रात में ही सब लोग एक एक करके मंदिर गये दूसरे से बधाई
22:00लगता है खबर जो हमने आज तक ने दिखाई उसका असर हुआ और आयोग हरकत में आया बिल्कुल वियाव मुझे
22:06लगता है बहुत प्रभावी तरह से बेकेंसी भी क्लियर हुई है और बहुत उस खबर के बाद में बहुत जल्दी
22:12काम हुआ है पहरी दफ़ा तब जब आ�
22:17संख्या में पहुंचें बार बारे मुद्दा उठाते रहे हैं हम लोग है आप सभी जित्ती बच्चे जित्ती पेस्पें गये थे
22:24और आप सभी ने सभी ने काफी अच्छा कासा प्रभाव डाला आयोग पर तब वो इत्ती लिए रियल दे पाए
22:30हम लोग का वाकी मुझे कल
22:44काम से लेकर फिर एक्जाम के बाद तक आंसर की आने तक फिर उसके बाद उसको डीवी फिर पूरा जो
22:52प्रोसेस होता है एक मतलब एक काफी संगस काफी तनाव पूर रहता कि होगा की नहीं होगा की मिठाई खाई
23:01है आप लोग के लिए बहुत बढ़ा दिन है आज मैं और �
23:03देखी मिठाईयां बट रही है यह आप आप अपके चैनल का बहुत बहुत आबार कि हमारी जो भरती है जो
23:19चार साल से लटकी उए थी उसको सर क्लियर कराने में आप लोगों का बहुत योगदान है अगर आप मीडिया
23:26के थू सरकार पर प्रेशर न बनाते आयोग पर प्रे
23:33पिरोज़गारी की एक बहुत बड़ी वज़े स्कूलों की स्थिती है और स्कूलों की स्थिती को लेकर हम लगातार आज तक
23:39पर खबरदार भी करते रहते हैं चाहे वहाँ पर शिक्षकों की कमी की बात हो या फिर वहाँ पर जो
23:45बुनियादी धाचा है शिक्षा के लिए उसक
23:49तक बिहार के स्कूलों में बच्चे किस तरीके से पुरानी और खतरनाक इमारतों में पढ़ने को मजबूर है इसको लेकर
23:56खबरदार करता रहा है।
24:19सुपॉल में शौचाले नहीं होने से आठ साल पहले बना स्कूल खंधर बन गया। सीता मड़ी में घजब हो गया।
24:25स्कूल की नई इमारत उद घाटन से पहले ही तोड़ दी गई क्योंकि ये इमारत अतिक्रमन करके बनाए गई थी।
24:31सीधा मतलब ये कि बिहार में करीब 3000 स्क
24:34स्कूल बिना बिल्डिंग के चल रहे हैं। वहीं जहां इमारत है उसे प्रशासनिक लापरवाही ने खंधर बना दिया।
24:45आज तक संबाददाता रोहित कुमार सिंग विहार में सुपॉल के जिस लखी चंद साहू उच्च माधिमिक विध्याले में दाखिल हो
24:51रहे हैं।
24:52वो सालू 1958 में बना और पिछले सब्तर वर्शों से यहां पर नौवी से बारहवी तक की पढ़ाई हो रही
24:58है।
25:02लेकिन इसी स्कूल परिसर में एक दो मंदिला नई इमारत भी है।
25:18सुपॉल के रागुपूर प्रकेंट अंतरगत सिम्राही बाजार में स्थित इस मॉडल स्कूल के सामने हम खड़े हैं जो आज जरजर
25:27सिती में हैं।
25:27बिना एक दिन के इस्तमाल के ही ये ब्रैंड न्यू भवन जो बना था साथ आठ सार पहले वो खंड़र
25:33बन चुका है।
25:34और चारों तरफ आप इसके देखिए किस तरीके से जंगल जार सब जो हैं वो उगाए हैं।
25:40और मवेशियों के लिए जो है ये एक बहुती मुफीद जगे भी साबित हो रहा है।
25:46यहीं पर हमें इस स्कूल में पढ़ चुके मैंक मिलते हैं।
25:49जिन्होंने स्कूल की पुराने इमारत में पढ़ाई किये।
25:52नई बिल्डिंग का काम इनके सामने शुरू हुआ।
25:54लेकिन सरकार इलापरवाही पर इन्हें रोड़ ना आता है।
25:58इस स्कूल के एक अन्य हिस्से में हम यहां मौजूद हैं।
26:02और यहां भी देखिए दर्वाजे तक चोरी हो गया है।
26:04यहां दर्वाजा लगा हुआ था लेकिन चोर इन्हें भी इन दर्वाजों को खाड कर जो है वो ले गए हैं।
26:38तो सवाल सीधा सा।
26:40जिस मौडल स्कूल की इमारत आठ साल पहले बनकर तयार हो गए।
26:44वहां योजना की मुताबिक छटी से बारहमी तक की पढ़ाई क्यों शुरू नहीं हो पाई।
26:48आकर स्कूल की इस नई इमारत के इस तरह जरजर हालत में पहुचने का जिम्मेदार कौन है।
26:54हम अब इस भवन के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद हैं और ग्राउंड फ्लोर पर आप देखिए।
27:01सिर्फ देखते जाईए और समझ दीजे कि क्या हालत है बिहार में सरकारी स्कूलों की और भवनों की आप देख
27:10सकते हैं यह जो सीधियां बनी थी सब जो है वो टूट चुका है टाइस को जो है वो चोरी
27:15करके ले जाया गया है।
27:18आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट में आपने देखा कैसे स्कूल के चारू तरफ जंगल और जाड़ियां हो गाई।
27:48करने के बाद भी से सरकार को हैंड ओवर नहीं किया गया और स्कूल के इमारत खंड हैल हो गई।
27:54यह लापरवाही यहां का कुछ सरकार के सरकार तो एक मनसा की हुए थी लेकिन यहां के ठीकेदार और यहां
28:03पर और कुछ होंगे नेताशब
28:04जिसके वज़ा से यह बिल्डिंग लेकिन पूरा तयार हो गया था ना साधार साल पहले अब देख सकते हैं कि
28:11रंग पुड़ा इसका उतर गया है तो यह है बिहार में शिक्षा की बदहाली से खबरदार करती हमारी रिपोर्ट का
28:17निचोड तस्वीर बिहार के सुपॉल से ह
28:20जा एक तरफ बच्चे 70 साल पुराने स्कूल की इमारत में पढ़ने को मजबूर हैं तो वहीं लाखों रुपए खर्च
28:26करके स्कूल की नई बिल्डिंग पढ़ाई शुरू हुए बिना ही खंड हर में तबदील हो गई
28:31मतलब बच्चे जोकी में पढ़ाई कर रहे हैं वहीं उसी स्कूल में बनी नई इमारत खंड हर कर दी गई
28:36है सवाल है क्यों किसने इसका पैसा बरबाद किया बच्चों के हग के साथ खिलवार किया इस सवाल का जवाब
28:45हमें यहां 20 साल से पढ़ाने वाले टीचर अजय कुम
29:05मतलब इस पूरा कंप्लीट ने हो पाया है जैसे हम लोग को जानकारी है कि 10 या 12 लेक्टिंग बासम
29:14जो बच्चे के लिए बनना था उसमें एक भी नहीं बना जब अधुरा बिल्डिंग है तो उसको हैंड़ोवर कैसे ले
29:20सकते हैं मतलब इस पूरा बिल्डिंग में लगता
29:23करोरों की लागत से बिल्डिंग बना है इसमें शौचाले की विवस्था नहीं हुआ था यानि जिस नई इमारत में बच्चों
29:33को पढ़ना था वो इसलिए हैंडवर नहीं हो सकी क्योंकि बनाने वाले शौचाले बनाना भूल गए लेकिन सवाल किस गलती
29:40के लिए क्या किसी
29:41को सजा मिली शौचाला ही बनाना था तो बाद में उसे बना कर पूरा क्यों नहीं किया गया बिहार में
29:47एक तरफ जहां ऐसे हजारों स्कूल हैं जिनका अपना भवन नहीं है और बच्चे वहां पर पेर के नीचे या
29:53आसमान के नीचे पढ़ने के लिए मजबूर हैं वहीं �
29:56दूसरी तरफ ऐसे भी स्कूल मौजूद हैं जिनका निर्मान करोरों रुपए की लागत से कराया तो गया लेकिन एक दिन
30:04भी इनका इस्तमाल नहीं किया गया है जिस स्कूल में बच्चों का भविश्य बनना था और उनके सपने साकार होने
30:13थे वह स्कूल आज चोर उचकों
30:16और नशेडियों का अड़ा बन चुका है तो बिहार में स्कूलों की इमारते होने के बावजूद छोटे छोटे चो बच्चे
30:24हैं वो मजबूर हैं पुरानी इमारतों में पढ़ने के लिए अब बिहार विधान सभा में कुछ आंकड़े जारी किये गए
30:30वो आंकड़े हम आ
30:43इमारत के चल रहे हैं मतलब बिहार के 2996 स्कूलों में बच्चे खुले आस्मान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं
30:50जबकि इसी बिहार में लाकू करूरों में बनाए गए स्कूल खंधर बना दिये गए सवाल यह है कि इस नापरवाही
30:56के लिए जिम्मेदार लोगों पर कभ
31:13आप बता सकते हैं कि जाडियों के बीच जिस दर्वाजे पर ताला लगा है उसे क्यू बनाया गया
31:22आखिर उचे उचे पेड़ पौधों के बीच में ये इमारत किसने और क्यों बनवाई
31:27इन सारे सवालों का जवाब है उत्क्रमित मध्य विद्याल है
31:31उत्क्रमित मतनब स्कूल को अप्डेट करने से
31:33इस स्कूल को 15 लाग की लागत से 6 कट्टा जमीन पर बनाये गया
31:37स्कूल में बरामदा, चार दिवारी, कैमपस, क्लास, सब कुछ
31:41भवन का उधगाटन भी हुआ लेकिन फिर भी यहां पढ़ाई शुरू नहीं हुई
31:44इसका कारण है स्कूल पहुँचने का रास्ता
31:49यह स्कूल मुख्य सडक से करीब 100 मीटर अंदर खेतों के बीज बना है
31:53चारो तरफ खेती होती है, स्कूल तक पहुँचने के लिए पकी सडक तो दूर, पक डंडी तक नहीं
31:58आज तक की टीम जब यहां पहुँची तो मुख्य गेट पर ताला लगा था
32:01पूरे कैंपस में मानो जंगा लोगा आया और स्कूल के चारो तरफ असले खड़ी थी
32:05मतलब सरकार ने स्कूल बनाया लेकिन रास्ता बनाना भूल गए
32:09और लाखो रुपए खर्च होने के बाद भी स्कूल बनाने का मकसद अधूरा रह गए
32:13नतीजा यह है कि यहां के बच्चों को करीब गेड़ से दो कियो मिटर दूर दूसरे स्कूल में पढ़ने जाना
32:18पड़ता है
32:19जहां कमरों की कमी है
32:22सरकार खेत में स्कूल बना के छोड़ दे हैं
32:28सरभा इसकूल खोल दे बखरी का रहने के लिए खोल दे कोई अगर गरीब को दे देगा तो दिन दुगनी
32:35चार चोगनी भी काड़ सकते हैं कि नहीं समस्याद दूसका हलो सकता है
32:39लेकिन बना कर धर दिया है उसे कोई लान मिलता है रास्ता जो है मालिये यहां तक अभी तक नहीं
32:44मिला है
32:45और ये लोग कोशिस भी ने किया है जितने हमरे गाउं के प्रतिनिधी है वार से लेकर जो है समीती
32:51हो या मुख्या हो या सरपंच हो किन्हों ने इस बारे में सोचा आथ तक नहीं है
33:10गाउंवालों ने बच्चों की इसी समस्या को तो देखते हुए स्कूल के लिए जमीन तक दान में दी
33:14साल 2023-24 में ततकालिंग विधायक रामरतन सिंग के एक्चिक कोश्टे करीब 15 लाख रुपए की लागत से ये भवन
33:21बनाया गया लेकिन रास्ता नहीं बनने से स्कूल नहीं शुरू हो सुका
33:26खबरदार करता सवाल है कि जब स्कूल की जमीन चुनी गई तब रास्ते की जरूरत पर ध्यान क्यों नहीं दिया
33:31गया
33:34वेगुल सराय जैसी समस्या मुंगेर में भी नजर आती है जहां 30 लाख का स्कूल भवन एक साल से बंद
33:39है
33:39मुंगेर के हवेली खड़पुर प्रखंड के नया टोला प्रसंडो गाउं में 30 लाख की लागत से दो मंजिला स्कूल इमारत
33:46बनाई गई जिसमें तीन हॉल, एक ऑफिस, शौचाले, पानी के विवस्था की गई
33:50लेकिन इस नई बिल्डिंग में पढ़ाई शूरू नहीं हुई, करीब एक साल से स्कूल पर ताला लटका है
33:55बंद रहने की वज़ा से स्कूल की नई इमारत की हालत भी खराब होने लगी
33:58बोरिंग का हिस्सा उख़़ गया, कई जगा दिवार में दरारे दिखती हैं, पर इसर में गोबर और कच्रा जमा है
34:04स्कूल की प्रिंस्पल नीरच कुमार निराला आज तक को बताते हैं कि ये स्कूल की मारत ऐसी है, जो पूरी
34:10तरह तयार ही नहीं हुई थी
34:11फिर भी अधिकारियों के दबाओं में इसे हैंड ओवर कराया गया, अपने स्कूल में बिजली है और नहीं आने जाने
34:16का रास्ता, तो ऐसे में बच्चों को यहां कैसे पढ़ाया जा सकता है
34:21बांद इसलिए है कि विद्याले में रास्ता नहीं है, और विद्याले का जो कार्ज हुआ गुनबत्ता अच्छा नहीं है, बरसा
34:28जब होता है, अभी तुमासर सावारा खोल का अपको देखाएगा, जमीन तो बचारा बहुत महजा दान दिया, उनके मन में
34:36था कि हम थेकदा
34:37कारी करेंगे हो गया टेंडर, तो काम भी बढ़िहांस हुआ नहीं, रास्ता तो है यह नहीं, जिसके करन जो है,
34:43हैं लगर तो जिवर्वस्ती दिला दिया गया, तो चालो भी नहीं हुआ है, इस स्कूल में करीब 100 बच्चों के
34:51नामांकर की बात स्यामनी आई, जो फिलहाल स
35:06आदर्श विद्याले का भवन 11 साल से खाली पड़ा है, लेकिन सिर्फ एक दिन पढ़ाई के बाद आईभावकों और गामीनों
35:11ने विरोध कर दिया, इसकी वज़ाती स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को नेशनल हाइवे पार करना पड़ता, आईभावकों का
35:31डर
35:43चुके हैं, लोहे के हिस्सों में जंग लग गई है.
36:06अब सवाल है कि स्कूल भवन बनाने से पहले बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के विवस्था क्यों नहीं की गई? पिछले
36:1211 साल में सिर्फ रास्ता ना होने से एक स्कूल को वीराने में तबदील क्यों कर दिया गया?
36:20सीता मढ़ी केस स्कूल की कहानी तो सरकारी लापरवाही की मिसाल कही जा सकती है.
36:24करीब 6 दशक पुराने, इस विद्याले में छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो मंजिला नई इमारत बनी, करीब
36:3140 लाख रुपय खर्च हुए, पिछले साल निर्माल का काम पूरा हुआ, लेकिन पढ़ाई शुरू होती हुए, उससे पहले ही
36:36स्कूल सड़क
36:37चौडी करण की जद में आ गया, नापतौल हुई तो ये नई बनी इमारत भी सड़क की जद में पाई
36:42गई, और इसके बाद इसके एक हिस्से कुद तोड़ दिया गया, हमारे पीछे जो भवन दिख रहा है, जो कि
36:48जमिन दोज हो चुका है, ये सरकारी लापड़वाही और
36:51बिभागिये उदासींता का जीता जाटा उदारल है, आपको बता दे कि ये भवन बिना उद घाटन के जमिन दोज कर
36:58दिया गया, पिसले पर सहब बन कर तयार हुआ था, 40 लाग की लागत से मतुरा उच्च विद्याले का भवन
37:06था, जो सात्रों की बढ़ती तादाद को ले
37:21कि जहां स्कूल बनाया जा रहा है, वहां बच्चे पढ़ भी पाएंगे नहीं, स्कूल बनाते वक्त उस तक पहुचने की
37:27सड़कता इंतजाम क्यों नहीं किया गया, ये सवाल हम सीधे सरकार के पास लेकर गए कि स्कूलों की जो ये
37:37स्थिती है, क्या उसे सुधारा नहीं ज
37:39आ सकता है, बिहार के शिक्षा मंतरी मिधिलिश तिवारी ने क्या जवाब दिया है, सुनिए
38:09हमारे विद्याले के लिए संपरकपत के लिए आप जमीन दीजिए, हमारे लगबग हजारों स्कूल ऐसे हैं, जो स्कूल तो स्विकिर्थ
38:17हैं, लेकर उसके पास भूमी नहीं है, वो भूमी भी हिन विद्याले की भी सूची हमने उपलब्द कराई है भूमी
38:22सुधारा राज
38:39पारिश ने उसका क्वालिटी चेक कर दिया
39:10प्रियागराज की तरफ बढ़ने पर 421 किलो मीटर के करीब किनारे से धस जाता है
39:39यह एक्सप्रेस वे यहाँ पर बैट गया था यह देखिए सड़के पूरी धस गई थी और यह नीचे अगर आपको
39:45दिखाएं तो यह पूरी तरीके से बैट गया है बरसात का समय चल रहा है बारी स्तेज हुई जिस वज़े
39:51से यह स्लिपोज हो गया है और यह 594 किलो मीटर
39:54का यह गंगा एक्सप्रेस वे प्रधान मंतरी नरेन मोदी ने 29 अप्रैल को उध्धाटन किया था उध्धाटन के तीन महने
40:02बाद यह एक्सप्रेस वे धस गया है उत्तर प्रदेश की बारा जिलों को जोड़कर बने एक्सप्रेस वे का इस तरह
40:09बारिश में एक तरफ धस ज
40:33यहीं पर है कि और भी कहीं हुआ है यहीं नहीं है तो कार आप लोग कर रहे हैं आप
40:42लोग किसकी तरफ से हम मजदूर है
41:02यहां तक जब यहां रिपोर्ट करता है तभी यहां धसे हुए हिससे को भरने का काम जारे देखता है
41:11निश्चित तोर पर इस बात की जाच होनी चाहिए कि चूप कहां और किस से हुए
41:15क्योंकि बारिश अगर तीन साड़े तीन महीने में ऐसे हजारो करोड की एक्सप्रेसवे को एक जगा गला देती है तो
41:21आखें बंद नहीं की जा सकती है
41:25गौलियर की सड़कों को लेकर वहां की हाई कोट में सकती दिखाई है और आठ सड़कों को चार-चार सील
41:32पैक में उनका सैंपल लेने के लिए कहा गया लेकिन उससे पहले ही वहां पर निगम की तरफ से जेसी
41:40भी की रवाई शुरू कर दिगे
42:00पर देश ने देखा की हाई कोट के आदेश पर नगर निगम को पिछले पांत साल में बनाई गई
42:09सभी सड़कों के निर्माण और मरम्मत के काम से जोड़े रिकॉर्ड टैंपों में लेकर आने पड़े
42:14क्योंकि ग्वालियर की सड़कों की हालत ने जंता का चलना दूभर कर रखा है
42:36अदालत की सारी कवाया का मकसद ये जानना है कि जो सड़क रिकॉर्ड में दिखाई गई
42:41क्या वो वास्तों में बनी भी है क्या जितना पैसा सड़क बनाने पर खर्च किया जा रहा है
42:45क्या उतना माल लगा भी है इसी की तहत ग्वालियर हाई कोट ने आठ सड़कों का क्वालिटी टेस्ट कराने के
42:51लिए
42:51चार-चार सील पैक सेंपल लेने का अदेश दिया लेकिन इस मामले में सबसे बड़ा मोड उस वक्त आ गया
42:57जब रोड नंबर साथ की सैंप्लिंग से पहले ही प्रशासन का जेसी भी और रोड रोलर पहुंच गया
43:02वीडियो में सड़क की उपरी फरक हटती दिखाई दी
43:06गवालियर हाई कोट की आड़ सड़कें जहां कि गवालियर हाई कोट रेल्टी चेक करने जा रहा है उन पर टाइम
43:23हो गया इसको बहुत लोगों
43:51इसके बाद नगर निगम आयुक्त संदुक्रियों को तुरंत कोड बुलाया गया
43:54आयुक्त ने बताया कि इंस्टाग्राम पर सड़क का वीडियो देखने के बाद उन्होंने गढ़े भरने की निर्देश दिये थी लेकिन
44:00कोड ने उनके मोबाइल में मौजूद वीडियो भी देखे जिनमें जेसीवी और रोड रोलर सड़क पर काम करते नजर आए
44:05अब रो�
44:20माननी उच्चनाले को लगा कि कई ना कहीं गुडवक्ता में कई ना कहीं से प्रसेचन ने लगाया गया है और
44:26जो क्वांटिटी और क्वालिटी है रोडों का वो विशेफ जान नहीं रखा गया इसमें माननी उच्चनाले दोरा इसमें कमेटी बनाई
44:32गई गई उस कमेटी क
44:51मननी उचनेले द्वारा जो एक कमिशन गठित की गई है उसमें उसके स्पेसेपरेशन अनुतार निर्माड की जो है समिती जो
44:58है कमिशन वो जांच करेगी
45:01तो देश भर के बाकी शहरों की तरह बदहाल सड़कों वारे गौलियर की सड़कों की सचाई अब सिर्फ गढडों से
45:15नहीं बलकि लैब टेस्ट की सामने आएगी
45:21सेंपल लेने से पहले सड़क की जियो टैगी होगी, बीपी आर और मेजर्मेंट बुक का मिलान होगा और अगर गलत
45:27रिकॉर्ड दिया गया तो नगर निगमायुक, टी डेवल्यूडी के इंजीनियर इंचीफ और एनेची आई के प्रोजेक्ट डिरेक्टर पर वेक्तिगत अ
46:14अपनी लापरवाही शिपा सके।
46:24इससे पहले 15 अगस्त को एक वीडियो सामने आया, जिसमें कॉंग्रिस मुख्याले में सोनिया गाधी, बलीकारजुन खरगे और राहुल गाधी
46:33की मौजूड़ी में बंदे मात्रम के सभी 6 पद गाए गये थे, लेकिन उसी दोरान सोनिया गाधी कुछ निर्देश देती
46:40
46:45राष्ट गीत के दोरान सोनिया गाधी ने बीच में ही दुखने के लिए इशारा किया था, हलाकि कॉंग्रिस ने ये
46:51कहते हुए बचाव किया कि खरगे काफी समय से खड़े थे, जिनके लिए कुर्सी मंगाने के लिए सोनिया गाधी इशारा
46:58कर रही थी, लेकिन इसके बा�
47:00में कॉंग्रिस के ही कारिकरम में बंदे मास्टरम के सिर्फ दो बद गाय जाने को बीजेपी राष्ट गीत का अपमान
47:06बता रही है, सोनिया गाधी जी का भारत के राष्ट गीत बंदे मास्टरम के प्रती अनादर सब के सामने है,
47:14यही वो गीत है जिसे कॉंग्रिस ने दश
47:27से उपर हैं कि आप राष्टिय भावना से उपर हैं या फिर उन सम्वेधानिक मुल्यों से भी उपर हैं जिनका
47:34आप अक्सर दूसरों को पाठ पाहाते हैं
47:36बीजेपी के इस आरोप पर बलिकाजुन खरगे दलील दे रहे हैं कि उन्होंने बही बंदे मातरम गाया जो गाधी नहरू
47:44गादे रहे हैं
47:46अब तक 18 साल तक उन्होंने जो गाया याजे उनकी सेंट्रल गवर्मेंट वाजपाई ने जो गाया वही गाया में
47:54और 12 साल तक उन्होंने चीप पिनिस्ट्र होकतर अब तक जो गाया वही बंदे मातरम गाया अगर ये गुना है
48:02तो गांदी जी के उपर केस डालो ये गुना है तो नेरू जी के उपर डालो
48:1215 अगस को ही किरलम में स्वतंत्रता दिवस समारोव में वंदे मातरम का गाय नहीं हुआ इसके बाद अब बार्टी
48:19के नेता खुल कर कह रहे हैं कि वो पूरा वंदे मातरम नहीं गाएंगे सरकार चाहे जो कर ले
48:27हम सिर्फ दो ही पंग्ती गाते हैं चाहे बीजे पी नरिंदर मोधी अमिच्छा हमको पासी पे चड़ाए या जेल पे
48:36भेज़ दे हम दो ही लाइन गाते हैं
48:39मैं किसी की बंदना इबादत नहीं कर सकता अल्ला के सिवा सीधा सीधा है सम्विदान ने मुझे अधिकार दिया यह
48:48मेरा मूल अधिकार है इसाथ छीन नहीं सकते मुझे हां मैं अपमान नहीं करूँगा किसी भी सूरत में अपमान नहीं
48:54करूँगा हम किसी दूसरे का अपम
49:09अभी जनगनवन में वाक आउट, आर्टिल 370 में वाक आउट, तो राष्टर हितिके जितने सवाल होते हैं, अगर उसकी तकराहट
49:22वोर्ड बैंक से हो जाती है, तो कॉंग्रेस पार्टी जब जाती है पीछे, और इसमें वो अपने सारी परंपराओं का
49:30भी ध्यान नहीं रख
49:36है, आज तो
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