00:00You may know that the Raja Indradev is the most important part of the world, which has been changed by
00:04the Maha Bharat.
00:07This is the fear of the Surya Dev's daughter of Kunti, which means that Indradev could be a danger.
00:17So, Indradev has been given a virtue of Kunti, in which he could have been given any kind of her
00:22daughter and her daughter of Kunti.
00:26कुंती ने सबसे पहले सूर्यदेव का आवाहन किया और इसी अलौकिक मिलन से कर्ण का जन्म हुआ जो कवच और
00:35कुंडल के साथ पैदा हुए थे
00:37जन्म के समय कर्ण के शरीर पर जो दिव्यकवच और कुंडल थे वे उन्हें अजे बनाते थे जैसा कि इंद्रदेव
00:45को भय था
00:47इंद्रदेव जानते थे कि कर्ण की यह अजेता ही युद्ध में पांडवों के विनाश का कारण बन सकती है
00:53इसलिए उन्होंने चल का मार्ग चुना
00:56उन्होंने कर्ण के दानवीरता के गुन को पहचाना और भिक्षा के रूप में उसके दिव्यकवच और कुंडल मांग लिए
01:03जिससे कर्ण की अजेता समाप्त हो गई
01:06इस प्रकार इंद्रदेव के भैने कर्ण के भाग्य को सीधे तौर पर प्रभावित किया
01:12और महा भारत के युद्ध में एक महान योधा का पतन सुनिश्चित कर दिया
01:17या आप ऐसे ही अंगिनत रहस्यों को जानना चाहते हैं
01:22तो अभी फॉलो करें और सनातन धर्म के दिव्य ज्यान में खो जाएं
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