Skip to playerSkip to main content
  • 7 hours ago
संसद के मानसून सत्र में असल मुद्दों पर चर्चा गायब क्यों? साहिल के साथ देखें दंगल

Category

🗞
News
Transcript
00:00नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है
00:02आज मांसून सत्र खतम हो गया और एक तरीके से वो मांसून सत्र धूल गया गया मांसून सत्र जिद में
00:09यह हम नहीं कह रहा हैं तो देश की जनता कहने की कोशिच कर रहे है
00:12क्योंकि पेपरली केस में चात्र आंदोलन पर हंगा में से शुरूवा सत्रा आके तक हंगा में की भेटी चड़िया
00:18जिस मांसून सत्र में कुल 114 घंटे का काम होना था
00:21वहां लोग सबा में सिर्फ 17.5 घंटे का जबकि राज्य सबा में महत 37.4 घंटे का काम ही
00:28हो पाया
00:29एने सदन नहीं चलने से जनता की गाड़ी कबाई में से 129.2 करोड रुपे स्वा हो गया
00:37खर्च हो गया लेकिन काम नहीं हो पाया
00:39सत्र से पहले सरकार कह रहे थी कि कई एहम बिल पर चर्चा होगी
00:43लेकिन पेपर लीक केस में विपक्ष ग्रेमिंतरी के जवाब पर अड़ा रहा
00:47और सत्ता पक्ष कहता रहा कि विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा है
00:50और इसी के वज़े से जवाब नहीं दे पाई
00:53लेकिन क्या जनहित के बुद्दों से बड़ी जिद हो सकती है
00:56आज हम इसी पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने से पहले सदन के
01:04भीतर क्या हुआ वो जरा एक बारते थी
01:23संसत का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ और आज हंगामे और गती रोद के बीच खत्म हो गया
01:28पूरे सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तक्रार इसकदर हावी रही कि कई एह मुद्दों पर सदन में चर्चा
01:35तक नहीं हो सकी
01:37लोग सबा में जितना टाइम अवन्टिट किया गया है टोटल टाइम एलोकेशन के साब से सिर्फ 19 परसन हमने
01:47है प्रोडक्टिविटी कद्रिष्ती से 90 परसन सक्सेस प्राप किया है राजसभा में थार्टी नाइन परसन राजसभा में ऐपोजिशन पार्टी हंगामा
01:59करके कभी-कभी वाक आउट भी करते थे तो बाकी मेजोरिटी पार्टी इंडिये के और कुछ ऐपोजिशन पार्�
02:13मंतुरी किरिं रिजीजू ने मांसून सतर के हंगामे में हत्म होने के पीछे विपक्ष को
02:19विपक्ष कहता है उल्टा छोर को तौ़ जांट शर्कार से ज़वाब मंगता है और सरकार जवाब देना ही
02:27होता है पार्लेमेन का अंदर में तो पहले बार यह दृस्ट देखने को मिला के सरकार खुद कह रहे हैं
02:34कि हम डिसकाशन चाहते हैं और अपोजिशन बहाना बना करके डिसकाशन से भाग रहे हैं तो यह लोग तंतर के
02:40लिए विशेश करके संसद्य लोग तंतर के लिए ठीक न
02:56सब्सक्राइब करते हो है यह हूस में पैटके सुनो उसके बाद यह सब ऐसे हैं कि देवांट टो डिस्ट्वाइड दमाकुरसी
03:06एंड वांट टू नवीन्स डिमॉर्लाइज पार्लमेंट्स मेंबर्स एंड वो यह चाहते हैं कि पार्लमेंट हमारे पामनें कुछ नेए सब
03:21कॉंग्रिस का आरोपे की पूरे मांसूम सत्र के दौरान सरकार ने विपक्ष की बात नहीं सुनी विपक्ष लगाता ग्रह मंत्री
03:27के वयान की मांग करता रहा एफ सीरे बिल वापस लेने की मांग की गई लेकिन जवाब देना तो दूर
03:32विपक्ष कहता है कि ग्रह मंत्री अमि
03:53कुमकरन के नीन से जाग उटकर कहते हैं कि चलो अब चर्चा होनी चाहिए
03:58जब चर्चा होई तब तो आप नहीं थे बार-बार कहते रहे कि मैं बयान नहीं दूँगा
04:05मुझे चर्चा चाहिए ये तो सिर्फ एक बहाना था
04:09मैं सत्र के आखरी दौर में सरकार ने विपक्ष को चर्चा का प्रस्ताव दिया था
04:13अमिच्छा ने कहा था कि सरकार चर्चा के लिए तयार है और वो विपक्ष के हर सवाल का जवाब देंगे
04:19लेकिन राह गांधी ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा
04:22ये विपक्ष को लेक्षन है
04:23सीधा जवाब चाहिए
04:38अब देखिए मानसून सत्र में संसत का रिपोर्ट कार्ड क्या है
04:41संसत का मानसून सत्र आज अनिश्चित काल कलेस ठगित हुआ
04:45आखरी दिन लोकसभा की कारवाई सिर्फ एक मिनट चली जबकि राज्यसभा करीब एक घंटे
04:50वही राज्यसभा में आखरी दिन MMDR संशोधन बिलपास हुआ
04:53हैरान करने वाली बात लोकसभा में 114 घंटे में से 96 घंटे काम नहीं हुआ
04:59मानसूम सत्र में लोकसभा की 19 बैठक हुई इस हिसाब से 19 बैठक में करीब 114 घंटे कारवाई होनी थी
05:06लेकिन ये करीब
05:2176 घंटे 36 मिनट कम कारवाई हुई अगर प्रोड़क्टिविटी की बात करें तो 2026 के मानसूम सत्र में कुल 12
05:42नहीं बिल पेश गये इनमें 10 लोकसभा और
05:45दो राज्यसभा में पेश हुई लोकसभा में आये विल, टैक्स, बैंकिंग, खनन, क्रिबिनल, जन्व, मृत्य, पंजी करण, परिक्षा में नकल
05:52रोकनी, केरल का नाम बदलने और सुप्रीम कोर्ट में जज़ों की संख्या जैसे मुद्दों से जुणे
05:57माइन्स और मिनरल्स तंशोजन विल के राज्यसभा से पास होने के बाद, अब बारह में से ग्यारह बिल, दोनों सदनों
06:03से पास हो चुके हैं
06:05संसत का पूरा मानसून सत्र, पेपर लीग के खिलाफ, छात्रों के अंदोलन के एर्दियर्द रहा है
06:10लेकिन इस सियासी शोर में जनता के कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई, जिससे जनता की कमाई के करोलो
06:16रुपए बह गए, इसलिए हम कह रहे हैं, न बहस, न चर्चा, करोलो का खर्चा, आज तक प्यूरो
06:24तो संसत का मौनसून सेत्रा पूरी तरीके से, जिसे इंग्लिश में वाश आउट कहते हैं, धुल गया एक तरीके से
06:31लोगसभा के भीतर 114 गंटे में से 96 गंटे काम नहीं हो पाया, जबकि राज्यसभा के भीतर 114 गंटे काम
06:38होना था, लेकिन उसमें से 76 गंटे 34 मिनिट काम नहीं हो पाया
06:43यह क्या दिखाता है, और जाहिर से बात है कि सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहा है,
06:48लेकिन अगर नजर डाले तो 19 पैठके होनी थी, लोगसभा में केवल 17.4 गंटे काम हो पाया, राज्यसभा के
06:56भीतर थोड़ा जादा 36 गंटे, 36.3 गंटे काम हो पाया
07:11और अगर चर्चा नहीं हो रही है, तो उसके लिए responsible कौन है, कौन जिम्मेदार है, हमारे साथ दो खास
07:16महमान जूड़ रहे हैं, हमारे साथ जगदब्बी का पाल, भारती जुनता पार्टी के सांसद और पिठासी नदिकारी भी वो कई
07:21बार होते हैं, और नासिर हुसेन, र
07:4110 गंटे, 53 मिनिट याने करीब 11 गंटे चर्चा होती है, बाकि बिलो पर कभी 14 मिनिट, 4 मिनिट, 5
07:48मिनिट, 3 मिनिट, कभी-कभी 0 मिनिट, चर्चा ही नहीं हो रही है, और वो बिल पास हो जा रहे
07:54है, कौन जिम्मेदार है इसके लिए?
08:02जिम्मेदार अगर सरकार कोई भी लेकर के आई है, और स्पीकर साब ने उसको बिजनेस एडवाजरी कमिटी में उसका समय
08:10नरधारित किया, जिसमें बिजनेस एडवाजरी कमिटी में सत्तापक्ष, प्रतिपक्ष, सभी दल के रहते हैं, और सबकी राय से समती होती
08:18है, तो �
08:19जो एजेंडे पे बिल आता है सदन में, वो बिजनेस एडवाजरी कमिटी के नरधारण के बारत है, उसमें समय की
08:25मांग होती ही कि साब, इस बिल पे दो गंटे ने चार गंटे की चर्चा हो, छे गंटे की चर्चा
08:29हो, तो वो उस तरह से समय की भी का नरधारण सब की राय से
08:34सत्ता प्रतिपक्स कोई दल हो
08:36सब की राय से स्पीकर साब करते हैं
08:39अब इसके बाद
08:40सदन में वो बिलाए
08:43लगातार ये कोशिस सरकार की रही
08:45कि उस बिल पे चर्चा हो
08:47खुद संसदी कार्यमंतरी
08:48खड़े होके कह रहे थे
08:49और खुद लगातारी स्पीकर साब आगर करते हैं
08:52मैं एक साहिजी आप से बात करना चाहता हूँ
08:55कि क्या संसदी जीवन में
08:57जिस तरह से ये मानसूल सत्र
08:59वास आउट हुआ जिसको आपने का
09:00मैं बिलकुल मानता हूँ कि धुल गया
09:02क्योंकि चिंता ये क्यों हमारे आपके लिए
09:04ने देश की जनता के लिए चिंता का विशा है
09:07जो आकड़े आपने भी प्रस्तुत किये है
09:09कि आखिर 19 बैटकों में
09:1117 घंटे भी कारवाई नहो
09:12तो स्वाभाविक है कि जनता की जो अपे एक्छाये है
09:16उनके लिए कितनी घंबीर चिंता कविशार है
09:18कि अखिर पार्लमेंट में किस तरह से
09:21जहां हमने डिवेड के लिए भेजा
09:22discussion के लिए decision के लिए
09:24वाँ पे हो क्या राय रहा我是 neighboring
09:29नहीं चलता है कब 2019
09:32बिपक्ष कोई मांँ उठाता है
09:33और उस विपक्ष की मांग सत्तापक्ष नहीं मांगती है क्योंकि मैं पीठा सी नदिकारी हुए हूँ
09:38तो इसलिए मैं कह सकता हूँ कि फिर सदन नहीं चल पाता, गदिरोध हो जाता, सदन में ब्योधान होता
09:45लेकिन क्या कभी आपने देखा, इनासिर साह हमारे साथ जॉइन पार्लिमेंटी कमिटी और वक्ष में थे
09:50कोई अगर बिल नहीं पसंद है, जैसे एफसी आरे की बात आई, तो अगर एफसी आरे का बिल विपक्ष को
09:58एकदम नहीं पसंद है
09:59तो विपक्ष से अभी तक क्या परमपरा रही, पहली बार इस तरह से एक साहिद ये इतिहास में ये मानसूल
10:05सत्र याद किया जाएगा, कि बिल पे मांग होती है बिपक्ष से कि साहब हम इसको पास नहीं करेंगे, हम
10:12चाहते है ये जॉइन पार्लिमेंटी कमिटी को भेद द
10:16दिया जाए, सेलेक्ट कमिटी को भेद दिया जाए, इसको रिफर कर दिया जाए, जिससे की बिल पास नहों, फिर स्पीकर
10:22साहब सरदली बैठक बना ले, और उसमें सभी दलों के सदश से हो, फिर ठेड और डिटेल डिलिबरेसंस हो सके,
10:30जो स्टेक होल्डर्स हैं, जिनके �
10:32विरोध के नाते, चाहे विपक्ष कहरा कि हम इस बिल का विरोध करेंगे, सभाव कि किसी उसके स्टेक होल्डर्स हैं,
10:39तो उनको भी हम बुलाते हैं, कितनी डिटेल हमने वक्ट पे किया, पूरे देश के हिस्सों में गए, हमने वक्ट
10:46बोर्ड को बुलाया, मानाटी कमिशन
10:48को बुलाया, हमने इदारों को बुलाया, हमने मुस्लिम धर्म गुरुवों से मिले, उसमें सब्जिक है थे, पूरे पूरे दिन मिलते
10:55थे, सब के हमने रिकॉर्ड किये, आप लोगों के साथ लगातार साथ हाई एस बैठक वक्त में हुई, तो कल
11:02सरकार उस FCR को भी कह रहे ह
11:07है, उस पे भी सदन नहीं चलने दे रहा है, यह तो पहली बार है, कि विपक्ष जो मांग कर
11:12रहा है, उसको सरकार खुद पहल कर रही है, कि हम इसको सीधे पास नहीं करना चाहते हैं, बहुमत होने
11:19के बावजूद भी, हम चाहते हैं इस पर और देटेल डिसके सब्सक्राइ�
11:32आप पहले इसका जवाब दीजेगा, कि सदन के बीतर ये कारिवाही क्यों नहीं चल पाई, राज्यसभा का रेकॉर्ड भी कोई
11:38बहुत अच्छा रेकॉर्ड नहीं है, 114 गंटे में से 16 गंटे 34 मिनिट तक काम वहां पर भी नहीं हो
11:45पाया है, और जग्दम भीकापाल यहां
11:47पर कहने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार ने बिजनेस एडवाइजरी कमिटी में जो तैह हुआ था, उसके आधार
11:52पर ही बिल लेकर आये थे, लेकिन उसके बाउजू दूस पर चर्चा नहीं हुई है, तो क्या इसके लिए विपक्ष
11:56दमेदार है या आपको लगता है कि सरका
12:13होने के नाते, दोनों सदन में जो अपोजिशन का रोल रहा है, सिर्फ कॉंग्रेस पार्टी का नहीं, उसके लिए मैं
12:20बात करना चाहूंगा, जब आल पार्टी मीटिंग होती है, किसी भी सेशन के शुरू होने के पहले,
12:43उसमें गावर्मेंट अपना अजेंडा जब स्पेल आउट करती है, तो अपोजिशन पार्टी इस पी जो है, अपना अजेंडा वहां पर
12:51रखते हैं, कि इन अजेंडा को भी अकॉमडेट कर लिया जाए, हमारे 80 साल की पार्लिमेंटि डेमोक्रसी में, कई बार
12:58ऐसा हुआ ह
12:58अपोजिशन ने जो इसुस रेस गी इसकें हैं, थी क、 हम्डेट पर संट नहीं, 80 साहिए, 50 साहिए, 30 से
13:05इसु अकॉमडेट करते हैं, लेकिन कोई अजेंडे में पिछले 12 साल से जो हमने इस्जूस रेस किया, कोई इसमें अकॉमडेट
13:13नहीं हुआ, इसके बाद में जब BAC ह
13:16होती दोनों हाउस की लोकसभा की अलग रासभा की अलग बिजनस अड्मेजरी कमिटी उसमें भी हम लोग यह इस करते
13:23हैं जब इस रेस करते हैं तो ज़रूरी है कि सरकार को के वो इन इशूस को कुछ ना कुछ
13:29याने बहुत इंपॉर्टेंट जो इशूस होते हैं उनको अपक
13:46सरकार अपना अजेंडा बिल्स के फॉर्म में लेकर आती है हम लोग हमेशा कहते हैं कि बिल्स पर हम चर्चा
13:51करने के लिए रडी है और 80-90 पर सेंट विल्स जो हम सरस्भामाथी के साथ में हम पास करने
13:59के लिए भी रडी है लेकिन जब देश में बहुत सारे डेफलोप्में
14:13की कोशिश करते हैं वेल वितिन दी रूल्स ऑफ दी हाउस लोग सभा में कुछ रूल्स हैं राजसभा में कुछ
14:19रूल्स हैं रूल्स के तहर जब रेज करने की कोशिश की जाती है और उसको जगा नहीं मिलती है तो
14:24हमारे पास हमारे पास विरोध करने का पार्लिमेंटरी ड
14:42मिनिस्टर आखरी दिन चिट्टी लिखकर अपोजिशन येंपीस और लीडर से इजाज़त मांगने के बज़ए बीस जुलाई का जो हाथसा हुआ
14:53उसके तुरण बाल एकीस जुलाई को या बाईस जुलाई को सदर में आ जाते अपना स्टेटमेंट दे देते उसके पर
14:59चर्�
15:12है उनके साथ जो वाइलेंस हुआ और और पेपर लीक के से जुड़ा हुआ मुदा था दूसरा था चंदार चोरी
15:19जो चड़ावा चोरी राम मंदीर में आयोता में जो हम चारे थी के ये केंदर सरकार के द्वारा बनाई के
15:27कमीटी रस्ट है तो उनकी निगरानी में हुआ थ
15:31स्टेटमेंट तीसरा हम कह रहे थे कि प्रदान मंत्री देर से माफिए जिस तरह सी बच्चों के साथ व्यवार बात
15:37और इसमें जो बहुत बड़ी बात नहीं थी और हो मिनिस्टर आते तो कोई रोग देता क्या बात नहीं करने
15:43अगर वह आते स्टेटमेंट देते चर्चा ह
15:59है. आकिर में मैं ये बोलूँगा, मैं ये नहीं करूं पार्मेंट देमोक्रासि से में, दुनिया के सबसे most advanced and
16:08developed democracies में भी जिमेधारी सदन को चलाने की, पार्लिमेंट को चलाने के सरकार की होती है और जगदंबिकार चापाल
16:16जी जिस पार्टी से हैं, उस पार्टी के पुर
16:33इस बात पर कई बार बैस हो चुक है नासर हुसेन जिनको कोट कर रहे हैं वो पिछली 2014 के
16:40पहले राज्यसभा के भीतर निता विपक्ष अरुन जेटली कह चुक है और उसके साथ-साथ लोग सभा में निता विपक्ष
16:46सुश्मा स्वराज भी इस बात का जिक्र कर चुक है कि इस
16:50तरीके से disruption भी part of democracy और उस पर विपक्ष का वो अधिकार है और सदन की कारिवाई चलाना
16:56यह सरकार के responsibility है लेकिन जिस राजनितिक गतिरोत की मैंने बात की 20 तारीक को मौनसून सेशन शुरू होता
17:02है और उसी दिन जंतर मंतर से प्रोटेस्ट नेकलता है सदन संसत की तरफ और
17:07उस पर जो लाठी चार्ज या जो पुलीसी या कारवाई होती है उसको लेकर विपक्ष बार-बार यह पूछ रहा
17:12था कि इस पर बयान होना चाहिए क्या कारण है कि सरकार को इस बात को कहने में कि अमिच
17:17शाह इस बारे में बयान देने के लिए तयार है दस आगस्त या 11 अ�
17:38नासिर भाई जो नासिर भाई कह रहे हैं मैं पूछ रहा हूं क्या इन्हों ने या इनकी पार्टी ने गोल
17:44पोस्ट को चेंज नहीं किया जिस समय छात्रों का अंदोलन हुआ या सोनम वांगचुक धरने पर बैठे या चाहे जो
17:52सीजेपी पार्टी है उनकी क्या डिमांड थी
17:54उनकी डिमांड थी सिक्षा मंतरी धर्मिद परधान की उनकी जो डिमांड थी की मतलब जिस तरर से नीट की परिक्षा
18:02में हुआ उस डिमांड के लिए दोदो मंतर परधान मंती जी लगाए जैशेपी नड्डा जी हों जीतेज सिग जी हों
18:08उनलों से बात्चीत किया Państwo को अस
18:23discussion हुआ और उसके बाद क्या किसी चात्र ने उस समय हो मिनिस्टर से वक्त अभी की मांग कि या
18:30किसी लोग घर चले गए पूरा जंतर मंतर से आंदोलन खत्म हो गया अब जब कॉंग्रेस पार्टी बिपक्ष को लगा
18:36कि एक फास्ट ट्रैक कोड का भी गठन सरकार ने कर दिया �
18:41तीन महीने में लॉजिकल कंक्लूजन तक भी पहुंच जाएंगे डे-टू-डे सुनवाई करके दो महीने में चार सीट हो
18:46जाएगी दस साल दस करोन की सजा कभी प्रविधान कर दिया तो इन्हों ने फिर एक नया गोल पोस्स एकदम
18:52आप याद करिए सुरू के तो जब ल�
19:08ने नहीं चात्रों ने नहीं कहीं भी किसी ने बात लेगे अब इसके बाद अगर इन्हों मांगा तो आखरी दिन
19:14नहीं बिजनेस एडवाजरी कमेटी में स्पीकर के सामने सलसदी कार्मंतिर का गिर्मंतिरी जवाब देने लिए तयार है आज के तीन
19:22दिन पहले चार दिन प
19:37बात मान ली गई बिजनेस एडवाजरी कमिटी में कह दिया कि इस पर चर्चा हो जाए इस पर ग्रिमंतिरी जी
19:42स्वहिम जबाब देंगे दूसरे दिन सदन में खड़े हुए संसदी कार्मंतिर का मही चेयर पे था दो बार वो खड़े
19:49हुए उन्होंने का साब हम चर्चा कर
20:03चाने के लिए भी कहा ग्रिमंतिरी ने खुदी स्पीकर साब को चिठी लिग दी तब फिर कहा अगर विपक्ष जो
20:11कह रहा हमको एकुमेडेट किया जाए तो जब जो एक दिमांड थी ग्रिमंतिरी जी के बयान की अगर वो बयान
20:17आज के पांच दिन पहले भी ने सर्वाजर
20:33काय जा रहा है कि तयारी थी लेकिन उसके बावजूद सदन की कारिवाई ने चलने लिए ताहिल जी जगदंबिका पाल
20:39जी वरिस नेता है सुल्जेवे नेता है और चेर्मेन के सीट पे बढ़ते हैं मैं सरिफ इतना आप लोगों से
20:48मैं रिक्वेस्ट करूंगा बीस जुला
21:06करते हैं कि यह दिमैंड हमारे तीन है वो तीन हो डिमैंड जो हलों बीस जुलाई को भी सेम थे
21:14तेरा अगस्ट को भी सेम है इसमें कोई गोल पोस्ट चेंज नहीं किये मैं स्रिफ इतना इन से जानना चाह
21:21रहा हूं कि देश के ग्रे मंत्री जो नंबर टू इन डी गवर्नम
21:26पोस्ति ओनते मोस्ट ऑन जाते हैं चानक्या माने जाते हैं हम लोग सब मांदेंगा वो गंबीर आतमी हैं पावफूल मीनिस्टर
21:35हैं लेकिन वो आते हैं
21:37पार्लिमेंट बिंडिन कीम्पनी लेकिं़ लोक्षभा यह राद्सभा में नहीं आते पाल साब से ये में पूछना चाहता हूं
21:50के अगर वह लोक्षभा में आ जाते हैं राद्सभा में आ जाते अपोजिशन की MPs क्या कर ले वह आके
21:58बोलते के मैं अभी
21:59statement पढ़ने के लिए रेडी हूं और उसके बाद चर्चा के लिए रेडी हूं आप लोग list कर देते तो
22:04क्या हम मना करते हम मांगी क्या रहे थे हमारा demand क्या था बहुत ही simple demand था we wanted
22:11a discussion on the
22:13लेकि नसर उसने जी वही तो वह कह रहे हैं तो यह दस तारीक को जो बीएसी की meeting हुई
22:19उसमें सरकार के तरफ से कहा गया कि अमिच्छा तयार है उसके लिए चाहिए ना सरकार जब तयार हो गई
22:29थी बीएसी meeting में बात हो गई थी मामिच्छा जी बाराज अगस को जो बयान दे �
22:35कि यह देंगे मैं तयार हूँ 13 तारीक को आज भी हम इंतजार करें हो सकता आप रे लिन आ
22:40जाएं आये की नहीं आना क्यों नहीं चाहरे थे और मुद्टे क्या थे आपको नहीं लगता कि अंगर मुद्टे थे
22:48मेरे सिंपल सवाल है आ क्यूं नहीं तो एक तो एक को तो मैं स
22:55जी बताजू साहिल वए एक मिनिट पाल जी पालिमेट के बाहर से गावमेंट सूंक्षन से पालिमेंट इरेंज को अड्रस करते
23:04हैं लेकिन पालिमेंट में नहीं आ के परदार में ती सेम चीज इस बार जो है पूरा सेशन निकल गया
23:15ग्रहमंतरी पार्लिमेंट के अंदर से अड्रस नहीं है बार से अड्रस करने कुझ पूज़ लिए
23:22जगदमी का पाज शाहिल जी यह साहिद पहली पहली बार हुआ एक तो नासिर साहब को करेक्ट कर दूँ कि
23:31ग्रिह मंत्री जी पार्लेमेंट भी आते थे और आज सदन में भी आए थे लेकिन आज जैसा अप्रित्यासित अमर्यादित आचनर
23:40कभी हुआ ही नहीं कि आज तेरा �
23:42तारीक को सदन भी शुरू नहीं हुआ ग्रिमंत्री जी आके सदन में बैठ गए पुदान मंत्री जी सरह्म आके बैठ
23:50गया रक्षा मंत्री बैठ गया
23:51और सदन नहीं सुरू हुआ यह पारलिमंटी डिप बढ़ी क�� आ रहे है कि राहुल गांडी थोड़ी देर पहले
24:25इंको अम मतलब बागल कर देंगे
24:31अमिच्छा सो कॉल्ड क्या कहते थे उसको पहले चानक क्या और क्या कहते थे सदार पटेल
24:43पड़ीपार
24:46वेर हैसी डिसपीरड वह बाग्या
24:52वह बीज दिन के लिए
24:56पार्लिमेंट हाउस में नहीं गुच्पाया हो
25:01वह बीज वह है कि अब ये देश अपने आपको एक्सप्रेस करने से नहीं रुखने देगा
25:17अब
25:17Now I can understand, I can understand if you are fighting the British Empire and suddenly
25:25you say, you know, I'm feeling a bit scared, but you're fighting a bunch of jokers.
25:29How can you feel scared?
25:33You're literally, please understand, you're literally fighting a bunch of jokers, clowns.
25:40So Rahul Gandhi ka bada hamla, to aur mehman hamaray saath jodh rahe hain,
25:44Prajita Sarangi, Bharatiya Jinta Party ki saansad,
25:46और शामकुमार बर्वे, कॉंग्रेस के सांसद भी इस चर्चा में शामिल हो रहे है,
25:49अपरिजिता जी, थोड़ी देर पहले राहूल गांदी बात कर रहे थे,
26:03और उन्होंने एक बार फिर आरोप लगा है,
26:06और इसी के वज़े से वो सदन के भीतर नहीं आए,
26:14आप सबको मेरा नमस्कार,
26:17देश के नागरिक होने के नाते,
26:19और लोगसभा की सदस्या होने के नाते,
26:22मैं तो अचम्भित हूँ,
26:23और मुझे इस विशय का कारण समझ नहीं आ रहा है,
26:27कि पहली बार ऐसा हो रहा है,
26:31कि सरकार अपनी बात लोगसभा में रखना चाहती है,
26:36विस्तार पुर्वक भास्टन देना चाहती है,
26:39और विशय के हर पक्ष को सब के समक्ष उपस्थापित करना चाहती है,
26:44और जो ओपोजिशन है, जो विरोधी दल है, जो कॉंग्रेस है,
26:48यह भाग रहे हैं, देखिए, इन्हें धैर यह नहीं है, इन्में सायम नहीं है,
26:54और इसलिए सुनने की जो एक स्थिती होती है, जो विनमरता चाहिए सुनने के लिए,
27:00वो इनमें नहीं है, और इसलिए बार बार बार बार जैसा कि हम अंग्रेजी में कहते हैं,
27:05अपना गोल पोस्ट ये परिवर्थित कर रहे हैं और ये पूरा मनसून सत्र हम सब के लिए बड़ा दुरभाग्यपूर रहा
27:14मैं कहूंगी बहुत दूर से देश के कोने कोने से पार्लेमेंटेरियन्स सांसत गण आते हैं और अपनी बात यहां रखना
27:24चाहते हैं हम करीबन 20-20
27:26लाख लोगों का प्रतिने धित्व अपने कंस्टिच्वेंसी के लोगों का प्रतिने धित्व यहां करते हैं और इस बार जो हुआ
27:33आप सब को विधित है मैं कह दू मनसून सत्र 20 चुलाई से 13 अगस्त यह राहूल गांधी जी और
27:41इनके जो सह कर्मी गण हैं इनके इनके अह
27:55पक्ष के वज़े से यह सदन नहीं चल पाया इस बार का मौंसून सत्र धुल गया और उसके लिए निता
28:01विपक्ष जिन्मेदार है
28:05कि नमस्कार जिस तरीके से सरकार और विपक्ष दोनों की जवाबदारी होती है संसर्च चलाने की
28:17किसी भी एक पक्स की जवाबदारी नहीं है संसद चलाना
28:21किन्तु आपने देखा होंगा 2000 जिस दिन 20 तारिक को लाटी चार्ज हुआ
28:27और उसके बास से हम लोग संसद में मांग कर रहे है
28:32पूरा विपक्स कर रहा है राहूल गांदी जी नहीं अकेले नहीं कर रहे है
28:35पूरा इंडिया आलाइंस मांग कर रहा है कि गुरो मंत्री आकर उसमें जवाब दे
28:43कि ये लाटी चार्ज, पैलेट गन, टियर ग्यास ये चलाने का आदेश किस ने दिया
28:51सिंपल सी दो लाइन का एंसर उनसे मांगा गया था कि इसमें कोन जवाबदार है
28:58और पूरे अठ्रा दिनों से विपक्स लगातार संसद में प्रोटेस कर रहा था
29:06आंदोलन कर रहा था कि गुरो मंत्री सदन में आए
29:10सायद अप राज़िदा सारंगी जी संसद का पूरा सिर्षन इन्होंने जॉइन नहीं कि आऊंगा
29:16कि गॉवर्मेंट ने सरकार ने पूरे बिल अपने जो जो काम थे वो पूरे पास करा लिए अगर विपक्स इनको
29:25काम करने दिया नहीं होता तो बिल कैसे पास हो गए आपको जो आपके जरूरी काम थे वो कैसे कर
29:32लिए आपने फिर आपके ग्रोव मंत्री संसद भावन में �
29:35जो बिल पास होने की बात आप कर रहे हैं मैं घर आपको समय गिनवा दूँ पॉब्लिक एग्जामेनेशन प्रेवेंशन ऑफ
29:41उनफेर मींस अमेंडमेंट बिल सिर्फ इसी बिल पर 11 घंटे की चर्चा होती है लोगसभा के भीतर आप दोनों लोगसभा
29:47के सांसद इसके लि�
29:51टू नैशनल ऑनर अमेंडमेंट बिल चर्चा होती है सिर्फ 14 मिनिट की वन्ने बातरम बिल को लेकर जो बात हो
29:57रही थी 14 मिनिट की चर्चा होती है रजिस्टेशन ऑफ रजिस्टेशन ऑफ बर्ट्स और डेट्स बिल चार मिनिट की चर्चा
30:04होती है सुप्रिम कोट नमबर �
30:17अदर लॉट्स तीन मिनिट की चर्चा, बैंकर्स बिल है, उसकी चर्चा पाँच मिनिट की, ट्रिबिनल्स रिफॉर्म्स बिल है, चर्चा होती
30:24है बारा मिनिट की, यह तो काम हुआ है सदन के भीतर, और इसलिए तो सवाल उटता है कि सदन
30:29के भीतर आकिरकार काम नहीं हुआ,
30:31उसका जमेदार कौन है लेकिन अपरा जिता जी यहाँ पर सवाल ये खड़ा होता है जो राउल गांदी उठाने की
30:37कोशिश कर रहे है कि सरकार जनता की सुनना नहीं चाहती विपक्ष ये बार-बार कह रहा था कि 20
30:44तारीक को डिल्ली के भीतर इतनी बड़ी एजिटेशन होती ह
30:48सरकार के तरफ से कारिवाही होती है पुलीस लाठी चार्ج करता है पैलिट गन वहाँ पर निकाली जाती है कि
30:54आपको नहीं लगता कि ग्रेम बंत्री को संदन के बीतर बयान देना चाहिए था या वहाँ पर सरकार का ये
31:00कहना था कि हम बयान क्यों दे और इसी के वज़े सी य
31:03जतिरोदे यह बढ़ता गया और आकिरकार वहां पर चर्चा नहीं हो पाई किया यह बात सही है
31:11सबसे पहले मैं लोकसभा के मेरे काबिल सहकर्मी जो अभी पैनलिस्ट हैं उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगी
31:19उन्होंने स्विकार कर लिया मान लिया कि संसद लोकसभा हो या राज्यसभा हो चलाने की जिल्मदारी दोनों पक्षों की है
31:27सत्ता पक्ष और विपक्ष की इन्होंने खुद कहा
31:30एक दूसरों मैं कह दूँ जहां तक आदनिय अमिच शाजी के उपस्थिती का सवाल है और उनकी चर्चा में भाग
31:42लेने का सवाल है उनके भाशन का सवाल है
31:44मैं आपको बताना चाहोंगी कि मैं चार जिल्लों में जिल्ला मैजिस्ट्रेट रही हूं मैं ओरिसा काडर में थी और मैं
31:52आपको बता दूँ कि जब किसी तरह का निरने लिया जाता है पेलेट गन चले
31:58क्या हुआ किस तरह का वहाँ परफॉर्मेंस होगा पुलीस का यह मैं आपको बता दू यह देश के गरी मंत्री
32:07ऐसा निर्ने नहीं लेते हैं इसे मैं बहुत स्पस्टता के साथ कह दू वहाँ की परिस्थिती को देखकर वहाँ जो
32:15जिल्ला मैजिस्ट्रेट है यह जो पुलीस
32:17ओफिसर इंचार्ज है वहाँ की स्थिती का अनुसंधान करके निर्ने लेते हैं इस बात को मैं बहुत बार-बार स्पस्टता
32:25के साथ कहना चाहूंगे मुझे लगता है इतनी इतना ग्यान और इतनी अभिग्यता हम सब को होनी चाहिए और दूसरी
32:33बात मैं कह दू जहां तक
32:34हमारे होम मिनिस्टर सहब का सवाल है लगातार लगातार आदर्निय कीरन रीजु जी ने कहा कि भाई बिजनिस एडवाइजरी कमीटी
32:42में चर्चा हुई है और आदर्निय ग्रिह मंत्री जी सव विस्तार लोग सभा के अंदर अपनी बात रखना चाहते हैं
32:51बेज जुलाई क्
32:52उसके सारे पक्ष को सबके समक्ष रखना चाहते हैं उन्हों को ऐसा नहीं लगता कि दोनों तरफ से जिद थी
32:58कहीं नहीं कि सुनने की हम इस तरीके से बयान नहीं देंगे भारतिये जनता पार्टी के तरफ से ये बात
33:05कही गई कि अपना बयान देने के लिए तैयार है 11 तार
33:22मेरे की पहले इदर बयान होना चाहिए उसके बार दी चर्चा हो पाईगी और ये भी कहा गया कि विपक्ष
33:28जो है वो गोल पोस्ट चेंज कर रहा है शाम कुमार ही और इसी के वज़े से जित के वज़े
33:32से जो आप देख रहे हैं वो पूरी तरी के से वाश आउट यहापर �
33:37कहने की कोशिश करने हैं दोनों तरफ से जित सरकार की जित कि हम जब चाहे तब बयान देंगे विपक्ष
33:43की जित बयान नहीं होगा तो हम कारवाई नहीं चल देंगे
33:49साहिल जी यह जो सरकार है सरकार अपने जवाबदारी से भाग रही है यही विपक्ष हमेशा से बोलते आ रहा
34:00है कि जिस तरीके से दिल्ली में बच्चों पर बरबरता हुई है उसकी जवाबदारी तो आपको लेना पड़ेगा ना आप
34:08प्रजदियर ने हमें समझाया कि जि
34:14हमें वहाँ पर होता है वह निरने लेता है बिल्कुल मुझे भी पता है वही निरने लेते आए लेकिन वह
34:18स्टेट हेट को अपने वाले जब तक के बताएगा नहीं जब तक के इनफाम नहीं करेगा तब तक कोई भी
34:25निरने लेता नहीं है हमें भी कैसी सरकारे चलती है यह �
34:30है किन्तु जब उपक्स पूरा मांग कर रहा है कि इस पे जवाबिरी fix होना चाहिए इस पे ग्रोह
34:36मंत्री ने जवाब देना चाहिए संसद के अंदर सिप माँ डिमान क्या कर रहते हैं कि जवाब दो
34:42यह प्रकिरीया जिसकिरले की साज किया है जिसकिरL dovr
34:47है उसकी जाबदारी फिक्स होना चाहिए तो संसद में आके कि संसद के बाहर प्लेकार लेकर खड़े थे
34:58सरकारी पक्ष के तरफ से आंदोलन पहली बार देखा गया है मुझे नहीं लगता कि इससे पहले कभी सरकारी
35:11कि जहां तक घटना करम का सवाल है मुझे बोलने दे मेरे बंदू से मैं आगरफ करती हूँ मुझे बोलने
35:18दे घटना करम ऐसा हुआ कि इन्होंने नीट पर चर्चा मांगी और उसके बाद जैसे ही हम चर्चा के लिए
35:24प्रस्तुत हुए उसमें इन्होंने कहा कि ततकालीन
35:27सिक्षा मंतरी का स्टीफा चाहिए उसके बाद जब स्टीफा हो गया तो इन्होंने कहा कि नहीं आधरनी अमिजशा जी आकर
35:34माफी मागे आधरनी प्रधान मंतरी जी माफी मागे एक पर एक करके इन्होंने गोल पोस्ट कोShift किया एक बात दूसरी
35:41बात में आपको कहा दू �
35:42अश्यरी की बात है, सरकार चाहती है विस्तार पूरुवक सारी बात बोले,
35:47इसमें ये पलेट की बात लें, स्टेट्मेंट की बात लें,
35:51जो स्टेत्मेंट की बात राहुल गांधीजी कर रहे हैं,
35:53इतनी पक्वता का परिशे दे मैं तो हत्प्रभू ऐसा है कि जो स्टेटमेंट मेरा समय खतम हो रहा है लेकिन
36:05एक बात यहां पर साफ नजर आती है कि इस बार भी मॉंसून सेशन में कारिवाई नहीं चल पाई
36:10दोजार पचीस का वॉंसून सेशन था सिर्फ 37 गंटे वहाँ पर काम चल पाया था लेकिन 21 सेशन वहाँ पर
36:15लिए गया थे 21 बैटेके वहाँ पर हूई थी 19 बैटेक होनी थी लेकिन सिर्फ 17 गंटे का काम लोग
36:21सबा के बीतर हुआ हुआ और इसी बात को लिकर चिंता का विश
36:31आरे रेंगे आप देखे रियाँ आप
Comments

Recommended