Skip to playerSkip to main content
  • 4 weeks ago
घर-घर जाकर MVU बचा रही पशुओं की जान, जबलपुर में पिछले साल 9446 जानवरों की बचाई जान.

Category

🗞
News
Transcript
00:00.
00:01is
00:05is
00:06is
00:07is
00:07is
00:07is
00:08is
00:08So, we call them that we call the order of our labor, which is our final health unit.
00:22So, that is the order of our labor.
00:27foreign
00:29This is the purpose of the project that has been launched.
00:34It is possible that many people who have been in the village,
00:38in this case,
00:39it is possible that many people who have been in the village,
00:42they can take care of their hospital.
00:45This is a very difficult situation.
00:48It is not possible.
00:50If a car comes in the village,
00:53और वो इलाज करके चली जाती है और मैं दवाईयों के इससे अच्छा कुछ हो नहीं सकता तो उसी एक
01:01उद्देश को ध्यान में रखकर सरकार ने ये योजना चालू की है जिसके अंतरगत मैं आपको बताना चाहूंगी कि
01:071962 एक टोल फ्री नंबर होता है किसी भी पशु पालक का अगर पशु बीमार हो पशु में प्रकार कोई
01:14भी हो सकता है चाहे वो गाय हो भैस हो कुत्ता हो बिल्ली हो या किसी भी अन्यप्रकार का पशु
01:20अगर वो बीमार होता है तो उस पशु पालक को
01:231-9-6-2-1-2-3 number
01:25पे call करना होता है
01:26call center में ये call जाता है
01:28जो कि भुपाल से संचालित होता है
01:30और call जाने के बाद
01:32वो एक सारी चीजें
01:34उसका पता, सब कुछ पूछ के
01:36पशू का प्रकार, उसके लक्षन
01:38क्या है और उसके आधार
01:40पे call center
01:42ये decide करता है
01:44कि ये किस की mapping में आ रहा है
01:45क्योंकि हर एक जगे की mapping की हुई है
01:48और उस गाड़ी
01:50तक मतलब ये mapping की
01:51mapping जो होती है
01:53उस गाड़ी तक पहुचाना call center का काम है
01:56तो हमारे जैसे
01:58जबलपूर की मैं बात करूँ
01:59तो इस M.V.U. योजना में
02:018 गाड़ियां चल रही है
02:027 गाड़ियां 7 ब्लॉक में
02:04और एक गाड़ी जबलपूर अर्बन शेत्र के लिए
02:07तो जब भी कोई
02:08पशुपालक फोन करता है तो
02:10उसकी एक ticket generate होती है
02:12और वो ticket एक पशुपालक के पास जाती है
02:14जिसमें की सारी उसके पास
02:16information कौन डॉक्टर आएगा
02:18उसका phone number वगेरे सब लिखा होता है
02:20और इसी प्रकार एक ticket आती है
02:23उस डॉक्टर के पास भी
02:24जिसमें पशुपालक का number होता है
02:26दोनों आपस में एक दूसरे से
02:28समनवे से बात कर लेते हैं
02:30कि कितने बज़े आना कहा address है
02:32वो समझा देते हैं एक दूसरे को
02:34और वो जो गाड़ी है
02:36वो वशुपालक के घर पे
02:37एक समय सीमा में पहुँच जाती है
02:39वहां पहुँच कर वो पूरा
02:41इलाज करती है जिसमें इलाज
02:43तरह तरह के इलाज है उसमें
02:45जैसे किसी कब किसी गाए
02:47को यदि बच्चा फस गया
02:50इढर में निखल नहीं पा रहा है
02:51तो उस गाए की स्थिति
02:53जान लेवा तक हो जाती है
02:55मतलब जान जा सकती है
02:56ऐसी सिति आ जाती है
02:57और ये डिस्टोकिया की केसे कहलाते है
02:59बाक्चा फसना
03:04बच्चे को बाहर निकालता है
03:06तो अगर बहुस समय नहीं हुआ
03:08या ऐसा कोई problem नहीं हुई हो तो वो आराम से बच्चा जिन्दा भी निकलता किसी किसी case में अगर
03:13कोई unfortunately बच्चा मर गया हो तो मरे बच्चे को भी निकालना शरीर से बहुत जरूरी होता है तो जिससे
03:19की गाय की जान बच सके तो ऐसे cases भी हमारी M.V.U. के team के द्वारा किये ज
03:37करते थे आते तो cases बहुत सारे हैं कई बार लोगों को उतना वो नहीं रहता कि आईगी की नहीं
03:43गाड़ी शुरू में दिक्कत आई लेकिन आप लोगों का धीरे दीरे इस योजना पर से एक विशेश विश्वास हो गया
03:49है और उस विश्वास के तहट वो फोन करते हैं गा�
04:05इसमें शुल्क है केवल देड़ सो रुपए पशुपालक को जमा करने होते हैं अगर वो गाय भैस या बकरी के
04:12cases हो तो लेकिन यदि वो खुत्ते या बिली का case है डॉग या कैट का तो तीन सो रुपए
04:19पशुपालक को लगते हैं इसमें तो ये बहुत ही आसानी से पशु�
04:35पर बात कर लें तो लोग medicine भी उसको बता देते हैं कि अभी ये नहीं accident cases बहुत सारे
04:41आते हैं accident करके चला गया एक गाड़ी चली गई कोई और accident करके चली गई तो कोई उसका देखने
04:48वाला नहीं रहता वो व्यक्ति कहां ले जाए पशुपालक को तो ऐसे में भी ये वनना ही
04:51six two सुविदा बहुत काम आती है साथी सथ एक चीज़ और बताना चाहूंगी कि इसमें जो निराश्रित पशु रहते
04:57हैं हमें बहुत सारे ऐसे फोन आते हैं जो निराश्रित पशुओं के रहते हैं तो निराश्रित पशु के लिए भी
05:03अगर कोई फोन करता है और उसकी फी
05:21समिती में एंवियू के जो खाता है उसमें उसको जमा करवाते हैं
Comments

Recommended