00:00जब आस्मान ठट जाएगा और जब तारे जड़ पढ़ेंगे और जब समंदर उबल पढ़ेंगे और जब पबरें उखेर दी जाएंगे
00:09तब हर शक्स मालूम कर लेगा कि उसने आगे क्या भेजा था और पीछे क्या छोड़ा
00:14एए इनसान तुझको अपने रब करीम के बारे में किस चीज ने धोका दिया वही तो है जिसने तुझे बनाया
00:22फिर तेरे आज़ा को दुरूस किया और तेरी आमत को मुतदिल रखा जिस सूरत में चाहा तुझे जोड दिया
00:29मगर अफसोस तुम लोग जजा को जुटलाते हो हालांके तुम पर निगहबान मुकरर हैं यानि मुजज़ कातिबी जो कुछ तुम
00:39करते हो वो उसे जानते हैं
00:41बेशक नेकुकार नेमतों की बहिश्ट में होंगे और बदकिरदार दोज़क में यानि जजा के दिन उसमें दाखिल होंगे और उससे
00:49छुप नहीं सकेंगे और तुमें क्या मालूम के जजा का दिन कैसा है फिर तुमें क्या मालूम के जजा का
00:56दिन कैसा है जिस रोज कोई क
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