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  • 2 hours ago
Neha Bora: ক দিন আগেই যন্তর মন্তরে ককরোচ পার্টির আন্দোলনে তাঁকে বারবার দেখা গিয়েছিল। কেন্দ্রীয় শিক্ষামন্ত্রী ধর্মেন্দ্র প্রধান ২৩ দিনের অনশনও করেছিলেন। সম্প্রতি ঝাড়খণ্ড ছাত্র আন্দোলনে অংশ নিতে গিয়ে কালো কালির ছেটাও খান। বাম ছাত্র নেত্রী নেহা বোরা কলকাতায় এসে জানালেন এবার তাদের কর্মসূচি কী হতে চলেছে। গত ২৪ অগাস্ট কলকাতায় ছাত্রদের মিছিল নিয়েও বড় দাবি করেন নেহা। দিল্লির যন্তর মন্তরে তাদের আন্দোলন নিয়েও বেশ কিছু কথা বললেন নেহা। দেখুন ভিডিও।

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Transcript
00:00शुक्रिया, मैं बांगला नहीं बोलती हूँ, काश मैं बोलती को बहतर होता।
00:04आप सबका शुक्रिया आप यहाँ पे आएं इस प्रेस कॉंफरेंस के लिए।
00:08पहली चीज़ जो आप इस प्रेस कॉंफरेंस से बोलना चाहेंगे वो यह कि कल जो स्टेट रप्रेशन जार्खन में जो
00:14स्टूडेंस अंगर्श कर रहे हैं अपने परीक्षा में हुए मैसिफ करॉप्शन के बाद उन परीक्षाओं को रद करके रीग्जाम की
00:22मांग को लेकर
00:23वहाँ पे जिस तरीके का वाइलेंस हम लोगों ने देखा, स्टेट रप्रेशन हम लोगों ने देखा, उसमें बहुत सारे आईसा
00:29के अप्टिविस सदर अस्पदाल के भलती हुए रात में, बहुत सारे लोगों को चोटे आएं, कॉमन स्टूडेंस को प्रोटेस्टर्स को
00:35चोटे आएं, तो उन स्टूडेंस के संघर्ष में एक बार फिर सॉलिडरिटी और जो ये दमन जार्खन सरकार वो पलीस
00:41में स्टूडेंस के ओपर किया है, उसको हम यहाँ पे इस प्रेस कॉन्फरेंस के माध्यन से कंडेम करना चाहेंगे, किसी
00:48भी तरीके का वाइलेंस उन
00:50स्टूडेंस के ओपर जो पीस्फुली अपनी मांगे रेस कर रहे थे, जस्टिफाइड नहीं है, और अगर कोई भी सरकार इस
00:57दमन को अंजाम देती है, आवाजों को शान्त करने के लिए, प्रोटेस्स को शान्त करने के लिए, तो वो स्टूडेंस
01:03करेगा और किसी भी तरी
01:06के सर उसके साथ खड़ा नहीं होगा, हम फर एक बार एटरेट करते हैं, कि जो परीक्षा में भारी मिस्मानेजमेंट
01:13हुआ है, उसको रद किया जाए, और उसकी जगा एक नया शेडूल बनाया जाए, ये सही बात है कि एक
01:19टुकी सिच्वेशन है, क्योंकि उसमें भरतियां
01:21हो गई है, लेकिन ये जो करॉप्शिन भुणा है, उसको अड्रेस करना भी अकाउंटबिलिटी का एक हिस्सा है, और उसके
01:28साथ-साथ TDPL जैसे जो प्राइविट एजंसी हैं, जो इस एक्जाम, इन एक्जाम को करवाती हैं, और फिर हर साल
01:34इस तरीके का मैसिफ मिस्माने�
01:46करते हैं, बंगाल में जो टीचर्स का मूव्मेंट चल रहा है, जिसके लिए बहुत सारे टीचर्स संघर्ष एक लंबे समय
01:55से कर रहे हैं, उन टीचर्स के संघर्ष के साथ solidarity हम यहां पर इस प्रेस कॉंफरेंस से देना चाहते
02:01हैं, और इसके बार आगे अगरम चलते हैं, य
02:16जो possibility जनतर मंतर और देश भर में जो अंदोलन चला, धर्मेंद प्रधान के स्तीफ़े की मांग को ले करके,
02:24उसने जब एक victory register की, धर्मेंद प्रधान का स्तीफ़ा ले लिया, उसके बार जो एक moment of possibility हैं,
02:34जो exist करता है हम सब के लिए, वो possibility सिर्फ ये नहीं है, कि ऐसी सरकार मे
02:42भी हम स्तीफ़े करवा सकते हैं, जिस सरकार की मंतरी कहते हैं कि हमारे सरकार में स्तीफ़े नहीं होते हैं,
02:50सिर्फ ये एक possibility नहीं है कि elected representatives को democratic movements accountable hold कर सकते हैं, बलकि ये भी
02:59एक possibility है कि जो परिभाशाएं इस देश में रची हैं हैं, पिछले एक दशक से जाधा का समय हो
03:07गया है
03:08उसमें, जो democratic institutions को one after the other धहाया गया है, चाहे वो judiciary हो, media हो, electoral process
03:18हो in fact, उसको जो एक करके एक के बाद एक धहाया गया है, उन तमाव institutions को वापस दुरुस्त
03:27करने की जो लडाई है, उन लडाईयों को लडा जा सकता है, और एक victory इस देश के mass movements
03:34register कर सकते हैं,
03:35उमीद वापस इस देश में जिन्दा हो सकती है, इस चीज का एक example था, और इस moment of possibility
03:44में, इस देश के वो young लोग जिनका coming of age हुआ है, ना सिर्फ उम्र के और समय के
03:52लिहास से, बनकि एक political coming of age हुआ है, जिसके तहप, पिछले कुछ सालों में, जो चीजें हमें possible
03:59लगती थी, और
04:01जो चीजें करने से हमें डर लगता था, जो लेबल्स, चाहे वो anti-national का लेबल हो, पाकिस्तानी का लेबल
04:08हो, जो किसी भी peaceful protester पे लगा दिया जाता था, और कोई उसको question नहीं करता था, उन तमाम
04:15लेबल्स को इस movement में rethink करने का एक साहस, student movements को दिया है, वो साहस की वो division,
04:25जो ए
04:30जाती, धर्म, gender, religion, language, इन तमाम basis पे, उन divisions को unlearn करते हुए, एक दूसरे के साथ solidarity
04:40में खड़े रहते हुए, अपने शिक्षा, अपने रोजगार, public infrastructure को मजबूत करने के मुद्दों को एक साथ लड़ा जा
04:49सकता है और जीता जा सकता है, ये possibility इस movement के बाद खड़ी हुई है, औ
04:56और एक movement सिर्व जंतर मंतर का एक movement नहीं था, ये movement देश भर में इस देश के students
05:03ने और यंग लोगों ने लड़ा है, कोलकाता में भी एक बहुत बड़ा प्रदर्शन 24 तारीक को हम लोगों ने
05:10देखा, जिसमें students सामने आए हजारों की संख्या में, 40-50 हजार students कोलकाता की सड�
05:19पर उतरे, ये कहते हुए कि वो system जिसको हम सच समझते थे और उस system का betrayal जिसको हम
05:30सच समझते थे, हम समझते थे कि exams दे करके paper leak होना एक arm student life का experience है,
05:39हम समझते थे कि higher education से exit करके हागों में PhD, MA की degree लेने के बावजूद नौकरियां नहीं
05:48मिलना,
05:49इस देश के young लोगों की जिन्दगी की एक reality है, इन तमाम systems को reject करते हुए, students के
05:58political intervention की तरफ एक positive outlook और students के political intervention को encouragement इस movement की बाद मिला है,
06:07और इसी message को ले जाकरके और अलग-अलग जगाओं पे राज्यों में जो movement, student movements अपने अपने संगरश
06:15लड़ रहे हैं, उनको solidarity देने के लि�
06:19rising tour अलग-अलग जगाओं पे कर रहे हैं, जिसमें पहला stop जहरखन था, जहां पे एक बड़ा student movement
06:26चल रहा है, और दूसरा stop कोलकाता था, जिसने समय-समय पे वो बंगाल, वो कोलकाता और जिसने समय-समय
06:33पे student movement को enrich किया है, इस देश की राजनीती को enrich किया है, और इस जगह पे
06:39student movement को solidarity provide करना, और यहां के student movement से inspiration ले करके, बाकी जगहों के student movement
06:46को enrich करना, NEP के खिलाफ, NTA के खिलाफ, जब हम paper league की बात करते हैं, तो सिर्फ धर्मेर्द
06:54प्रधान एक व्यक्ति विशेश का इस्तीफा काफी नहीं है, अगर हमें paper league के system को सही मायने में dismantle
07:01करना है, तो वो जो ए
07:03एक amendment pass हुआ है पिछले बिल पे, paper league के खिलाफ, वो भी काफी नहीं है, ज़रूरत है कि
07:10NTA जैसे institutions, private agencies, जो की responsibility जिनको दे दी जाती है, इस तरीके के centralized examinations करवाने की,
07:20और वो हर साल अपने mismanagement और paper league से examples present करते हैं कि क्या नहीं करना होता है,
07:28उन agencies का education setup में हस्तक्षे पूरी तरी
07:32किया जाए, वो NEP जो education में वस्ता में इस privatization को, इन private agencies के आने को सरल बनाता
07:41है, systematically institutionalized करता है, उस NEP को rollback होना होगा, वो centralization of exams जिसके हिलाफ एक लंबा movement
07:50देश भर में चला, और उस movement को bulldoze करते हैं, NEP को लाया गया, और one nation one exam
07:56का ये slogan देते हुए, सारे examinations, चाहे वो medical हो, एंजि
08:01engineering हो, undergrad, PG, PhD के examinations हो, सब को centralized कर दिया गया, और सब की जिम्मेदारी NTA को
08:08दे दी गया, और जब paper leak का investigation होता है, तो बार बार NTA के internal panel में जो
08:15लोग शामिल रहते हैं, वो लोग सामने आते हैं, PV कुलकर्णी सामने आते हैं, मनीशा मंहारे सामने आते हैं, और
08:22ये सब लोग NTA के internal panel
08:25में मौझूद रहते हैं, और एक और चीज़ जो सामने आती है, वो ये रहती है, कि मनीशा मंहारे दिनेश
08:30बिवाल जैसे लोग, भारतिय जनता युवा मोर्चा के सदस से रहते हैं, तो आप NTA जैसे agencies को सामने लेकर
08:37के आते हैं, ताकि आप ये जो paper leak का business चला रहे हैं, इसक
08:54justify करने के लिए एक institutional front के रूप में NTA को खड़ा करते हैं, वो NEP जिस जो आज
09:02के समय पे public education system के backbone पे प्रहार कर रहा है, यही बंगाल है जिसमें 9000 सरकारी स्कूलों
09:12को बंद किया गया पिछले regime में, और जो present government है, वो एक वादा लेकर के आती है, कि
09:18इन स्कूलों के reinstatement को, public education को
09:22school education को मजबूत करने के लिए steps लिये जाएंगे, लेकिन तीन महीने के बाद, कोई steps नहीं लिये जाते
09:28हैं इनको address करने के लिए, NEP जिस privatization को systematize कर देती है, वही privatization हम लोग बंगाल में
09:37देखते हैं, जब IT colleges को प्राविटाइस कर दिया जाता है, जब हम budget देखते हैं, यहाँ
09:45पे जो intermediately budget आया है, उस budget में जब हम उसको समझने की कोशिश करते हैं कि उसका शिक्षा
09:51के प्रती क्या रुख है, तो साफ सीधे तोर पे उसमें भी आपको privatization की एक साफ च्छा दिखने को
09:57मिलते हैं, तो अगर सही माइने में education व्यवस्था को दुरूस्त करना है, और paper leak ही न
10:03यही, education system का purpose, learning होना चाहिए, critical dialogue और engagement को encourage करना होना चाहिए, young लोगों की
10:12imagination को nurture करना होना चाहिए, तो NTA जैसे agencies को रद करना, LEP जैसे policies को completely roll back
10:21करना, VPSA जैसे bill को completely roll back करना, young students और नजवानों के movement के core के मुद्दे हैं,
10:30यही कुछ बात है, तो मस कहने चाहिए.
10:34अमादेर वीडियो भालो लगले, like एबंग share कोरून, comment section एगे जानान आपना देर मता मत, आरो वीडियो पे ते
10:41आमादेर चैनेल सब्सक्राइब कोरून, एबंग प्रोती मूँ ते खबरेर अपडेट पे ते प्रेस कोरून बेल आइकोन.
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