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  • 14 hours ago
Gen-Z की हुंकार... बेरोजगारी से भ्रष्टाचार-पेपरलीक तक पर कड़ा प्रहार

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00:28नमस्कार, आज तक पर आपका स्वागत है
00:30देश के युवाओं से जुड़ा सबसे बड़ा आंदोलन हर स्तर पर शुरू हो गया है
00:34जहां एक तरफ सरकार का नारा है कि पेपर लीग की बीमारी भारत छोड़ो
00:39वही सरकार के साथ ही विपक्ष, समाज, संग, संगठन
00:43सब बेरोजगारी से लेकर भरती में भरष्टाचार
00:46स्कूलों में लटकी भरती की समस्या के भारत छोड़ो आंदोलन में जुट चुके है
00:529 अगस्तु 1942 जब भारत छोड़ो आंदोलन शुरू होता है
00:57भारत के जन संकल्प, जन शक्ति और स्वतंतरता की फ्रतिया तूट विश्वास का वो आंदोलन
01:03जिसने अंग्रेजों के पाउं उखार देने वाली लहर देश में पैदा की
01:089 अगस्तु 1942, 84 साल पहले
01:11महत्मा गांधी के नित्यत्व में भारत छोड़ो आंदोलन शुरूत है
01:15वो आंदोलन जिसने देश भर में नई चेतना का संचार किया
01:19और असंख्य भारतियों को स्वतंतरता के लिए एक जुट होकर संगर्ष करने की प्रेणा दी
01:24भारत छोड़ो आंदोलन इस बात का सबूत है कि बिना त्यागता पर संगर्ष के बड़े मकसद हासिल नहीं हो सकते
01:30हैं
01:31और तब 9 अगस्त 2026 इस वक्त देश के अलग-अलग हिस्सों में भारत के युवाओं ने
01:51दिल्ली के जनतर मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन जुलाई में धरमेन तदान के स्तीफे के
01:58साथ पूरा हो चुका है
01:59इस वक्त रांची के जंतर मंतर कहे जा रहे जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम में जारखंड में भरती में हुई धांधलियों
02:05की खिलाफ 16 दिन से चलते आंदोलन पर सब की नजर है
02:08उत्त प्रदेश में लटकी भरती पर अंदोलन प्रदर्शन लगातार बेरुजगार करते आए हैं
02:14यूपी के पतेपुर में स्कूल के भीतर साफ पानी साफ टॉयलेट की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन अपनी मांगे
02:20पूरी करा चुका है
02:21पंजाब में पेपर लीग के आरोप लगा कर प्रदर्शन होता आ रहा है
02:24राजस्थान के अलग-अलग कई हिसों में स्कूली चात्र प्रदर्शन करके अपने हक के टीचर हासिल कर चुके हैं
02:31राजस्थान की राजधानी जैपुर में देव्यांग बच्चों की मौन प्रांती ने सत्ता के कान खोल दिये हैं
02:36बिहार की राजधानी पटना में दो साल से लटके टीचर एलिजबिल्टी टेस्ट को लेकर प्रदर्शन होने लगा है
02:42बिहार के गयाजी में स्कूली छात्र प्रदर्शन करके अपने हक को मांगना जान चुके हैं
02:47करनाटक के विजयपुरा में इसी महीने कॉंस्टेबल भरती परिक्षा के
02:51OMR शीट के नंबर और सवालों के नंबर बेमेल होने के बाद छात्रों का अक्रोश फूट चुका है
02:57इन सब आंदोलन धरना प्रदर्शन की मांगे इस बात का सबूत है कि अब सरकारों को मिलकर छात्रों के हक
03:03में बड़े फैसले लेने होंगे
03:04बताना होगा कि विरुजगारी पेपर लीक स्कूलों का चर्मराता ढाचा आयोगों में फैला भष्टा चार भारत छोड़े
03:11इसलिए जेन जी की बात हर पार्टी सत्ता सरकार संगठन संग करने लगा है
03:24हाई फ्रेंट्स बच्छा हो हम देश के लिए साथ मिलकर के आगे बढ़े हर सरकार स्टूड़न्स की बात सुननी चाहिए
03:33अभी जेन जी ओ जेन अलफा ओ प्रश्म पूछते हैं उनको लॉजिकल एंसर चाहिए
03:58जारखन के कुछ बच्छों से भी राहूल गांधी का इंट्रेक्शन होना चाहिए
04:23हर दल किसी ना किसी तरह से जेन जी से मिलने जुलने उन्हें प्रभावित करने की कोशिश में जुट चुका
04:28है
04:40हर जब जब बढलाव का दोर आता है तब तब चुनोतियां भी आती है और नए आउसर बी पेदा होते
04:57हैं
04:58मेरी बात याद रखेगा
05:01जो सीखेगा वो जीतेगा
05:14जो नए चैलेंजिज के नए सॉल्यूशन्स खोजने का साहस रखेगा
05:22चैलेंजिज उसके लिए चांसिस बन जाएंगे
05:28जब कभी कोई चुनोती बहुत बड़ी लगे
05:32तो उसे गब रहाईए मत
05:36उसे छोटे छोटे हिस्सों में माड़ दीजिए
05:40तो हमारी पीडी का सुभाव ऐसा था कि बड़े जो कहते थे वो मान लेते थे
05:44हम कोश्चन नहीं करते थे तो उस समय की परिस्थे
05:51अभी जैन जी वो जैन अलफा वो प्रश्चन पूस्थे उनको लॉजिकल एंसर चाहिए
05:59तो जैन जी ने अंदुलन नहीं करना चाहिए वगर ऐसा मैं करूगा नहीं लेकिन कैसे करना
06:05क्या करना डेमोकरसी में इसके तरीके भी बताये हैं हम लोगों को भी ऐसा देखना चाहिए
06:12कि अगर जैन जी चिला रही है तो विरोद के लिए नहीं चिला रहे कुछ तकलीफ ऐस लिए चिला बिल्कुल
06:21उसको ठीक करना चाहिए
06:23कि एडिटेशन जो होना है वो आपके खिलाब या मेरे खिलाब नहों कर वो सिस्टिम करेक्शन के लिए होना जाए
06:32है करेक्ट आप सब ठीक है हम नफरत से और हिंसा से कभी काम नहीं करेंगे
06:44हिंदुस्तान का कल्चर सत्य और हिंसा का है नफरत का नहीं है और एक भी स्ट्यूटन के दिल में नफरत
06:55नहीं होनी चाहिए सिरफ मुहबद होनी चाहिए
07:00नफरत नहीं करनी है सिस्टम बदलना है प्यार से महबद से नफरत से नहीं सिस्टम को खतम ताटा बाइबाए करना
07:13है
07:17सब को युवा की चिंता है जेंजी जेनलफा की चिंता है और ये चिंता युही नहीं आई
07:21बात देश की करें तो फरवरी 2024 के आंकड़ों के उतावेक जब देश में कुल वोटर च्छान्रवे करोड अठासी लाख
07:28इतीस हजार नौसो चब्वीस है
07:37तो अगर देश के सबसे बड़े राजजी की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कुल वोटर जब 15 करोड 44
07:46लाख 3,112,2024 की संख्या के आधार पर है
07:50तो 18 से 29 साल के वोटर की संख्या इसमें 3,27,18,019 और जब देश के युवा की
07:57ताकत राजजीत में सब्ता पर स्थापित यविस्थापित करने की है
08:01तो सब युवा की बात सुनने को तयार भी होने लगे
08:06भरतियों में भरष्टाचार इस वक्त वो बीमारी है जिसने देश के तमाम राज्यों के नौजवानों को शिकार बना रखा है
08:13और तब 16 दिन से सब की नजर रांची के जन्तर मंतर पर है
08:17जहां जारखंड में कहा जाता है कि कोई भरती ही बिना भरष्टाचार के नहीं हो पाती है
08:22सरकार और प्रदर्शन कारियों में बातचीत के दौर चल रहे हैं
08:26लेकिन इंतजार तो उस दौर का है जब भरतियां शीशे की तरह साफ सिस्टम के जरिये हो
09:00नौकरी देने वाला भरष्टाचार भारत छोड़ दे
09:01और आंदोलन के सोलह दिन इतनी धांदलिया चल रही है कि हम लोग सातरों पर कोई ध्यानी नहीं दे रहा
09:08है
09:08अंदर सेक्टन वेकेंजिया को बेची जा रहे है तो इसका एक फिक्स रेट हो जा रहा है
09:14तो यह पारिस यह पानी हमारा क्या बिगा रहे है
09:18में सी कॉपिया है एक प्राइविट एजन्सी के प्राइविट रूम में होटल में पाई गए उनके कंप्यूटर पाई गई तो
09:23ऐसा कहा रूल है
09:24तिक्जाम दिया हुआ था हम लोग का दुबारा कैंसिल कर दिये सीजेल में तो कर इतना बरश्ट अचार है
09:30हो प्रस्ट ओफिसर प्रस्ट नेता कि लोगों जो अमीर हमारी उन्से है और बहादी लाते बीडर्ट करते फिर लाते फिर
09:40विज्यापन अगर निकाले तो अप ने समय निकाल रहे हैं
09:55ताकि अब किसी छात्र को भरती के भ्यष्टाचारी दलदल में ना धसना पड़े
10:07पारी लेकिन हम लोग इस वर छोड़ेंगे नहीं जो सारी भरतीयों जिन्मियान में इत्या हुई है टीडीपियल के मात्यम से
10:14हुई हो या भैतुबर हुमार तीवारी किस अंदित्ता वाली हो उन सभी को रद चाहिए उसके बाद जांच और फिर
10:20रिफॉर्म जो चाहते हैं कि
10:47अगर पूरा नहीं करेगी तो हम छात्र बर्गर पीजा खाने वाले नहीं है
10:52मडवा रोटी खाने वाले माण भाद खाने वाले ओथर भाद खाने वाले चात्र है नहीं पूरा गरीगी इसी प्रकार हम
10:59अडिक्ता से खड़े रहेंगे और सरकार के सामना करेंगे जुकनी पड़ेगी जब तक नहीं जुकेंगे जब तक हम लोग आंदोलत
11:05करते रहेंगे
11:10जब तक हमारा मांग पूरा नहीं होगा, हम आंदोलन छोड़के कहीं नहीं जाने वाले हैं।
11:16जार्खंड जहां कि युवा चाहते हैं, कि अब आर या फिर पाथ।
11:21और हमारी मांगे जो है सार, उसमें कोई कपरमाई नहीं होगा।
11:43जहां सरकारी नौकरियों की परिक्षा में दावाह इतनी धांदली होती है, कि अब शेक जैसे हजारों चाहते तैयारी करना ही
11:51छोड़ देते हैं।
12:17जार खंड यानि वो राज्य जहां पर दावा है कि छात्र परिक्षा हाल में पेपर लिख
12:23सटर होटल में बाड़ का एक प्राइवीट एजन्सी के प्राइविट रूम में होटल में पाए गई उनके कम्प्यूटर पाए गई
12:32तो ऐसा कहा रूल है
12:33मेंस की कॉपियां जब भी student मेंस लिखते हैं, उसको मेंस लिखने बाद कॉपियां जो है, वो strong room में
12:38submit हो जाती है, आयो की GPSC की strong room में submit हो जाती है, बट एफारो मेंस की answer
12:43writing की कॉपियां जो है, जो मेंस की exam में लिखी गई थी, एक private agency के computer laptop में
12:49कॉपिया पाए गई, तो कैसे हु�
13:05जार्खंड यानि वो राज्जे जहां पर सरकारी नौक्रियों की तैयारी करने वाले छात्रों से हर कदम छल होता आए, इसलिए
13:12स्मृति कुमारी जैसी छात्रा अपने ही राज्जी की परिक्षा देने से तौबा कर लेती है
13:18यहां पर क्यू पहुँची है?
13:57कैने को जार्खंड में 14 वी सिविल सर्विसेस परिक्षा में धानली की वाद परिक्षा रद करने
14:02और CBI से जाच कराने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू होता है
14:05लेकिन इसके बाद धीरे धीरे यहां हर परिक्षा में रष्टा चार के पिड़ न्याय मांगने पहुचने लगते हैं
14:12जब जब सक सल्कार हमारी मांगों को नहीं मांग लेती है
14:16जार करके संपुन शात्र जो है जार करके संपुन शात्र आंदोलन रत रहेगा
14:32करने का कोशिज कर की जाएगी जे अससी सीजियल में उनका कहना था
14:37रिटाइट जज़ के अधियस्ता में कमिटी बना के जांच करवाएंगे जो बिलकुल भरोसा नहीं है
14:41सीजियल जाच करेगी जो बिलकुल भरोसा नहीं है
14:43इडी का बात उन्होंने किया सर तो इडी का हम स्वागत करते हैं
14:47लेकिन केवल इडी नहीं सीबी आई के साथ एडी उससे पहले राद होना चाहिए
15:20उससे पहले रादोने
15:21अब तक कोई पूछताच कारेवाई क्यों नहीं होई है
15:24अभेतिवारी पतनी उसके भाई के
15:26CGL में चैन के संबंध में
15:27CID ने अब तक क्या जाच की
15:29इसकी जानकारी सारजनी क्यों नहीं की गई
15:31और JSSC के अध्यक्ष सचीव परिक्षा नियंतरत
15:33से अब तक पूछताच क्यों नहीं की गई
15:35कॉमन सवाल ये है कि एक ही व्यक्ति
15:38दो अलग-अलग जाच की हूँ
15:39JSSP में गिरफतारी चापे मारी
15:41लेकिन CGL में न चापे मारी न पूछताच
15:43न कारेवाई
15:45सरकार के साथ बादचीट के दावर चले
15:48लेकिन पहले दो दावर में कामया भी नहीं मिले
15:52राजनितिक दलों के लिए एक
15:56रास्ता बनता है नहां यूआ पीड़ी को दिख्भरमित करने का
16:00मैं विसेश रूप से नौजवानों से कहूंगा
16:06ना हमारी राजनितिक छत्र छाय की आपको अवजश सकता है
16:10ना किसी और राजनितिक दलों की छत्र छाय की आपको अवजश सकता है
16:17आप छात्र है
16:20आपका अधिकार है
16:22और आपका अधिकार आपको मिले
16:25आपको न्याई मिले
16:29ये काम करने के जिम्मेवारी सरकार की है जो पूरा होगा
16:34रहिवार को तीसरे दौर की बाचीत के साथ ही अभी अच्छात रताय कर चुके हैं कि सोमवार को विधान सभा
16:41का घेराव करेंगे
16:43कि अच्छान जब अश्वासन मिल जाएगा नहीं लिखित हम लोग कर चाहिए जब तर लिखित नहीं तब हम लोग को
16:48तूटने वाले जुकने वाले नहीं है शोडाउन होगा असवासन तो देखिए यह जब से जहरकन बना ना तब से आसवासन
16:54कहीं बात हो रहा है कभी मुदल
17:11इस ब्लागिश कर दिया था आप वह चल रहा है सब्सक्राइब कर दिया था आप लोगों ने अपना पच रखा
17:27कि हम लोग की जो मांग है सीजियल परिछा रद मतलों रद इसके नहीं अपने वाले है
17:36सरकार की मंसा थी सीजियल में उन्होंने न्याइक जाच का हम लोग को बोला कि उसमें न्याइक जाच करेंगे, हम
17:44लोग इसको नहीं मानें, हम लोग का कहना है कि इस पेले रदो, उसके बाद उसमेंuestos दिवियाई जाच हो
18:08जब तक CGL रद की मांग हमारी नहीं बाने जाती हम नहीं जाने वाले
18:13और हमारा जो आंदोलन है यह सांती पुर्व होगा
18:22इस बीच दो अगस्त से अनिश्चित कालीन दूख और ताल पर बैठे छात्र नेता देवेन नात महतो की तबियत रविवार
18:29सुभा तीन बजे बिगड़ जाती है डॉक्टरों की देख रेख में उनका इलाज होता है
18:34वहीं जेकलम प्रमुख और डुम्री के विधायक जैराम महतो भी छात्रों के आंदोलन और मांगों के समर्थन में रविवार को
18:40पुराने विधान सभापरिसर में एक दिन के निर्जला उपवास पर बैठ जाते हैं
18:45अंसन है निर्जला अंसन है और इस निर्जला अंसन का उपवास का मूल उद्देश जैपाल सिंग मुंड़ा स्टेडियम में जो
18:55छात्रों का प्रोटेस्ट चल रहा है उस आंदोलन को समर्थन देना उनको नितिक समर्थन देना उनको अपने एक दिन के
19:01इस कारिक्रम के मा�
19:25जनतर मंतर से जारखंड के धरना स्थल तक एक बात साफ दिखती है परिक्षा व्यवस्था में खामिया होने के बावजूद
19:31तुरंत छात्रों की मांग सुनने पर सरकार किसी भी दल की हो गरती नहीं दिखाती यही वजाए कि प्रदर्शन को
19:38जारखंड में 16 दिन तक हो जाते
19:46युवाओं में बेरोजगार की बड़ी वज़े पेपर लीग भरतियों में भरष्टाचार तो है ही लेकिन इसके साथ ही नौजवानों में
19:53बेरोजगारी का एक बड़ा कारण स्कूल एजुकेशन सिस्टम का बंटाधार होना है और ये हाल एक राज्य नहीं बलकि हर
20:01राज
20:01में आज हम आपको सबसे पहले बिहार की ग्राउंड रिपोर्ट से खबरदार कर रहे हैं
20:09तो पांच मिनिट में पता चलेगा कि फलाना पंचायत में फलाना भूत नंबर पर जनता को क्या कस्टोरा है वहां
20:20क्या दिक्कत आ रही है वहां लोग क्यों चिंतित हैं
20:30काश वो AI आने से पहले सरकार की आई यानि आखें खुल जाती तो दिख जाता कि जोपड़ी में एक
20:37ही जगा बिहार में पहली से लेकर पांचवी तक के बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर है
20:43यह एक जोपड़ी है और इस जोपड़ी के अंदर पहली से पांचवी क्लास के बच्चे पढ़ाई करते हैं
20:50AI और Computer Science पर एक University बनाने की कलपना को सरजमीन पर लाया और आप तमाम विधायकों को भी
20:59मैं धन्यवाद देता हूँ
21:00सबने समर्थन करके दोनों सदन से पारीद करके महा महीं के पास भेजने का काम की क्योंकि हमको टेक्नलोजी चाहिए
21:10लेकिन काश मुख्यमंत्री समराच चौधरी एक टेक्नलोजी ऐसी भी खो जाते
21:17जहां दिख जाता कि बिहार के बच्चे भी जमीन पर बोरिया बिछाकर पेड़ के नीचे पढ़ रहें
21:22जहां सपना AI उनिवर्स्टी और Computer Science उनिवर्स्टी का संजोया जा रहा है
21:28पेड़ के नीचे ठंडी हवा में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है
21:35इसलिए क्योंकि स्कूल का अपना भवन नहीं है
21:40इसलिए मैंने कहा दिहार में जंता की सरकार है
21:43और गरीब बच्चे पढ़ने के लिए बाहर जाना पड़ा था
21:49मॉडल स्कूल नहीं तालोग पहले कोते थे निटराट से पढ़ दे
21:53सैनिक स्कूल से पढ़े है
21:56तेवगर में मिसन स्कूल है वहाँ पढ़े है
22:01और गरीब बच्चे को इंतिजार करना पड़ता था
22:04लेकिन हम लोगों ने एक दीन में
22:09551 मॉडल स्कूल कोला साथ जो खुला हुआ है
22:15उसको कौन देखेगा सरकार
22:17देखिए ना पश्चिमी चमपारण का ये स्कूल
22:19जो मॉडल तो छोड़िये अब तक मॉडन यूग में नहीं आ पाए
22:23नन्य मुन्य बच्चे जमीन पर पढ़ते हैं
22:25लगे आपको क्या रहे ये सब तो होता रहता
22:29तो देखिए ना मुख्यमंत्री जी आज
22:32आपके AI वाले यूग सोपन के समय में
22:34बच्चे गल्यारे में तीन-तीन-चार-चार क्लास
22:37एक साथ लगा कर पढ़ने के लिए मजबूर है
22:41तीन के ब्रामडे के नीचे
22:43एक साथ एक दो-तीन-चार-चार क्लास की कच्छाय चल रही है
23:12लेकिन एक स्कूल की इमारत तो दिला देती सरकार पहले
23:15वरना बिहार में एक मंदिर में स्कूल चलाकर बच्चों को पढ़ाना ना पढ़ता
23:34सर्कारी स्कूल को बिल्डिंग नहीं मिला है
23:37आप लोग कोशिश तो किये ही होंगे
23:39कोशिश किया है यहाली में हमने आवेदन दिया है
23:41लेकिन उस पर अभी तक कोई एक्सन नहीं लिया गया है
23:43क्योंकि खुले में होने से दिक्कत तो होता होगा
23:45कि लोग पूजा पाट के लिए आ रहे हैं बच्चे थोड़ा डिस्ट्रेक्ट भी होते होंगे
23:49बहुत बहुत परिसानी होते हैं
23:51विहार के मुख्यमंत्री समराच चौधरी
23:53विहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
23:56आज तक की खबरदार करती इस रिपोर्ट को आज बहुत ध्यान से देखें
24:00वक्त निकाल कर देखें क्योंकि ये देश के बच्चों के हविशिका सवाल है
24:07सरकार को जगाना और बताना इसलिए जरूरी है
24:10क्योंकि जब विहार में मुख्यमंत्री समराच चौधरी और शिक्षा मंत्री
24:14मिथिलेश तिवारी आउनलाइन विहार स्कूल लाइब क्लासेस कारक्रम का उध्गार्टन करते हैं
24:19तो देखकर ये लगता है कि सरकार शैद कुछ बहतर करने जा रही है
24:22जहां मुख्यमंत्री के पास बाइटने के लिए कुरसी है
24:25सामने बोतल बंद साफ सुथरा बढ़िया पानी है
24:27सामने 50 से 55 इंच के टीवी पर
24:30AI क्लास से बिहार के स्कूल में कैसे सब कुछ बदल जाएगा
24:34उसकी प्रेजेंटेशन चल रही है
24:36लेकिन ये तो भविश की बात है
24:38भगवान करें भविश में ऐसा हो
24:40सब AI से पढ़ें और बढ़ें
24:42वरना
24:45हकीकत बिहार के स्कूलों की ये भी है
24:47कि ये घर है या फिर ये जोपड़ी है
24:49ये क्या है
24:50बच्चो को अगर कहीं पढ़ाई करने के लिए जाना हो
24:53तो उन्हें स्कूल जाना पड़ता है
24:55और स्कूल का एक अपना भवन होता है
24:57ये सबसे निमितम जो है
24:59कहें तो एक जरूरत होती है
25:01बच्चो की पढ़ाई के लिए
25:02लेकिन बिहार सरकार में
25:05सिक्षा विवस्था किस तरीके से ध्वस्त है
25:08इसकी तस्वीर दिखाने के लिए
25:10इस वक्त हम मौजूद हैं
25:11सहरसा जिले के सोनबर्सा प्रखंड अंतरगत
25:14मैना पट्टी गाउं में
25:16और मेरे सामने आप ये देखी
25:18अगर आप मैं आपको कहूँ
25:19कि यहाँ पर एक स्कूल चल रहा है
25:21आप सामने देख रहे हैं
25:23प्राइमिरी स्कूल चल रहा है
25:25पहली से पाचवी क्लास तक के
25:27बच्चे यहाँ पर पढ़ते हैं
25:28तो आप हैरान हो जाएंगे
25:30क्योंकि आपको पीछे कुछ नजर नहीं आएगा
25:32लेकिन हकीकत है
25:34क्योंकि ये जो आप जोपडी देख रहे हैं
25:37ये जोपडी बिहार सरकार कप एक प्राइमरी स्कूल है
25:44बधाई दीजिये सहरसा के सुनबर्सा प्रखंड के मैना पट्टी गाउं के पचपन बच्चों को
25:48एक जोपडी में एक साथ पांच क्लास वाला स्कूल दिया गया है
25:53ये मेरे सामने ये दो बेंच लगा ये क्लास वन है
25:58फिलाल तीन बच्चे यहां पढ़ाई कर रहे हैं ये हो गया क्लास वन
26:02मेरे बाई तरफ यहां दो बेंच ये हो गया क्लास टू
26:07यहां पर फिलाल चार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं
26:11इस तरफ आ जाईए फिर उसके बगल में ठीक दो बेंच इधर भी
26:16ये class 3 हो गया
26:18यहां भी आपको 5-6 बच्चे पढ़ाई करते हुए दिख रहे होंगे
26:22अब उसके बगल में यह है चौथी कक्षा
26:25चौथी कक्षा भी दो बेंच और यहां दो बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं
26:30और अंत में पाचवी कक्षा यहां पर एक ही बेंच है
26:34और 3-4 यहां पर पढ़ाई कर रही है
26:38टॉलेट साफ पानी छोड़ दीजे वो सब तो दूर की बाते हैं
26:41कहने को सरकार बस यह कहकर फिट खपथपा सकती है
26:44कि अरे और गैनिक महौल में एक जोपड़ी में 5 क्लास चलाकर
26:48सबका साथ, सबका विकास का इससे बड़ा उदाहरण और कहा दिखेगा
26:57परने में भी दिकता बारिस का समय आते हैं
27:00तो सबका देह पर पानी गिरता हम लोग भींग जाते हैं
27:04बिल्कुल चब तो देख रहे हैं छट भी कई जगों से तूटा हुआ है
27:15और कुछ दे नहीं पाई सरकार यहां जो उर्दू पढ़ने वाला कोई बच्चा था नहीं
27:23तो उर्दू का टीचर जरूर दे दिया
27:40इन बच्चों की नीवी सरकार खोखली कर देगी तो भविश में यह क्या कर लेंगे
27:44इनके साथ अपराद किया जा रहा है और दुख की बात है कि अपराद ही विहार की ही सरकारी व्यवस्था
27:50है
27:51अगर इस हालात में बिहार में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं
27:57वो भी छोटे बच्चे पहली से पांचवी प्राइमरी के बच्चे
28:00जिनकी बुनियाद अगर इस तरीके से अगर सीची जा रही है
28:04इस तबेले नुमा स्कूल में जोपड़ी है यहां पे सिर्फ केवल
28:09तो फिर बहुत हैरानी होती है और देख के तस्वीरें बहुत दुख भी होता है
28:19लेकिन संबाद डाता रोहित सिंग को तो अभी और चौंकना बाकी है
28:22सहरसा के सोन बर्सा का जिटकिया गाउं
28:272007 में यहां प्रात्मिक स्कूल शुरू हुआ
28:3020 साल बाद भी सरकार कह सकती है कि बच्चों को जमीन से जोड़ कर रखा है
28:34कहें कि ना उनके लिए कुरसी है ना मेज ना स्कूल की मारत
28:38जमीन है बोरा है पेड़ है पेड़ भी बास वाला और बास के सहारे बोर्ड है
28:43क्योंकि सरकारी विवस्था में बच्चों को लेकर खोट है
28:51पिछले तकरीवन 20 सालों से यही स्थिती है
28:55बच्चे इसी तरीके से पेड़ की छाओं में रोजाना आते हैं पढ़ाई करते हैं
29:02यह प्राइमरी स्कूल जो है इसमें पहली से लेकर पांचवी कक्षा तक के बच्चे आते हैं
29:07और फिलहाल आप देख सकते हैं यहाँ पर पहली और दूसरी क्लास के बच्चे यहाँ पढ़ाई कर रहे हैं
29:18हमारे बाप दादा हम लोग सुना करते थे कि बोरे पर रखकर पढ़ाई किया करते थे
29:24लेकिन बिहार की स्थिति आज भी ऐसी है कि सब लोग को देखिए अपना अपना बोरा लेकर खुद आना पड़ता
29:30है
29:30या बोरा यहाँ दिया जाता है लेकिन बोरे पर ही बैठकर आज बिहार के यह नौनिहाल जो है
29:39वो यहाँ पढ़ाई करने के लिए मजबूर है
29:55यहाँ बोले हैं बीओ सब को बोला हुआ है
30:03बीओ सब आते थे सब आते थे अपना लेकिन बीस साल में सिभाते थे देखे चले गए हैं कुछ किया
30:08नहीं है किसीने
30:09नहीं कुछ नहीं
30:13बिहार के इस स्कूल में सरकारी दावों की हालत इस हैंड पंप की तरह है
30:17जहां का पानी केवल हाथ पैर धोने के काम आता है
30:20पीने के काम नहीं आता क्योंकि इस पानी में दावा है आईरन बहुत है
30:24जैसे सरकारी दावों में आयरन शक्ती बहुत होती है लेकिन हकीकत आपके सामने है
30:29बाकी भीतर एक गोदाम नुवा कमरे में बाकू और देश के असली लौपुरुष सरदार पटेल की तस्वीर
30:36जो इस इंतजार में होंगे कि एक दिन कम से कम स्कूली शिक्षा के बुनियादी अधिकार की आजादी बिहार के
30:42इन स्कूल तक भी पहुचेगी
30:44रोहित सिंग सहर सा आज तक
30:50ऐसा नहीं है कि बिहार की सरकार को पता नहीं है पता सब कुछ है
30:55बीते दिनों मानसून सत्र के दोरान सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग की कमी का मामला विधानसभा में उठा
31:01वहां सरकार ने खुद बताया कि शैक्लों स्कूल ऐसे हैं जिन के पास अपनी बिल्डिंग नहीं है
31:10मुख्य मंत्री बिहार के और शिक्षा मंत्री बिहार के जरा जहानाबाद का हाल देख ले
31:19भगवान भरोसे बिहार के सैक्डो स्कूल चल रहे हैं जहां भगवान ना हो मंदिर ना हो तो शैद स्कूल ना
31:25चल पाए
31:26भगवान भरो से सरकार, भगवान भरो से बच्चे, भगवान भरो से भविष्य, खबर जहानाबाद की, जहां 64 साल से स्कूल
31:33है, लेकिन स्कूल की इमारत नहीं, स्कूल मंदिर के भरो से चल रहा है, यहां पर स्कूल चल रहा है,
31:39पर आपको जूता खोल कर जाना पड़ रहा ह
31:45पर यहाँ क्लास यहीं चलता है, स्कूल नहीं बन भवन नहीं है, भवन नहीं रहने कारण विद्याले यहाँ चल रहा
31:54है, और यहीं विद्याले आज से नहीं चल रहा है, 1962 से सरकारी स्कूल को बिल्डिंग नहीं मिला है, आप
32:02लोग कोशिश तो किये ही होंगे, कोशिश किये ह
32:04यहाली में हमने आवेदन दिया है लेकिन उस पर अभी तक कोई एक्षन नहीं लिया गया है
32:08क्योंकि खुले में होने से दिक्कत तो होता होगा कि लोग पूजा पाठ के लिए आ रहे हैं बच्चे थोड़ा
32:12डिस्ट्रैक्ट भी होते होंगा
32:13बहुत बहुत परिसानी होती है लेकिन अब हम लोग को जिस भी परिस्टिती में हम लोग कोसिस करते हैं कि
32:18अच्छा ही करें बेतर ही करें
32:20जब साधी व्यागा टाइम आता है तो बहुत साई भीयोड होती है जिसके वज़ा से फिर भी बच्चे को हम
32:25लोग संभाल के ही रखते हैं लेकिन परिसानी हमें बहुत ज़्यादा होती है
32:30बच्चों की लिखावट भी बड़ी अच्छी है कोशिश भी यहाँ पर टीचरों की तरफ से हो रही है कि पढ़ाई
32:35पूरी शिक्षा अच्छे से दी जाए लेकिन हाथ बंद जाते हैं आपके उस जगे पर आकर जहाँ पर आपको इंफ्रस्ट्रक्चर
32:41मूलभूत सुविधा
32:42नहीं मिल रही है मैम आप लोग कोशिश कर रही है तो कोशिश तो करिये रहें तो क्या करेंगे बिलिंगे
32:47नहां तो जैसे यहां करना हो इसे ही करेंगे ना तो मंदिर ने आप लोगों को यह जगे कम से
32:53कम दे रखिए 62 से तो सरज जानी खैते हैं पर 62 से चल रहा है तो यही
33:11कि हैं लोग बच्चा के कीस तरह से स्वाने मजा रेता हैं पढ़ने में अच्छालगते हैं जो किया बनोगे बड़े
33:17होके मर्ण है प्याले बदलती रहीं बाद में मुख्धिमंत्री
33:34नहीं बदलते रहे बस नहीं बदला बच्चों का भविश्यक बिहार में मेधावी छात्रों की कमी नहीं होती है ज्यान की
33:41कमी नहीं होती है पर इस सुविधा के बारे में तो हर एक पार्टी 62 से अगर बात हो रही
33:47है हर एक पार्टी की जिम्मेदारी है इन बच्चों के भवि
34:03द्याले, 14 साल से अपनी बिलिडिंग का इंतजार कर रहा है, लाल रंग की पुरानी बिलिडिंग, ये पुराना स्कूल है,
34:09खंडार हो चुका है, कभी इससे सरकार ने बनवाया ने, गाउं के एक शक्त ने बाद में जमीन दी, गाउंवालों
34:15ने चंदा दिया, तो चार कमरा �
34:16तीन शेडवाला बन गया, वहाँ दूसरी से पाचवी क्लास कलती है, पहली क्लास बाहर जमीन पर, खुले में बच्चे पढ़ते
34:23हैं, 106 बच्चे यहां पढ़ते हैं, लेकिन पार्टी दफ्तरों को बनाने की चिंता करने वाले लोग, बच्चों के स्कूल नहीं
34:29बनवा प
34:46बच्चों को यहां अरजेश करकर पढ़ार पा रहे हैं, और हमारी कट्रेना में बहुर सारी संबस्या होता है, गर्मी के
34:53मौसे में बच्चे के साथ हम लोग भी जुला जाते हैं
34:57मुख्य मंत्री और शिक्षा मंत्री विहार के वेगु सराय का हाल देखें, मटिहानी प्रखंड का फ्राफ्मिक विद्याल है, एक समदाइक
35:06भवन के एक कमरे और एक बरामदी में चलता है, 112 बच्चे यहां पढ़ते हैं और जुगार देखें, एक ब्लेक
35:11बोर्ड को आधा
35:26नलखा की बात हो रही है, बच्चों को मिलेनिल से भी पुराने दौर वाली शिक्षा व्यवस्था में हसा कर रखा
35:32गया है, जहां ना बेंच, ना पुर्सिक, ना टॉलेट, ना साफ पानी के व्यवस्था, महिला टीचर तक टॉलेट के लिए
35:38आसपास के घरों में जाती है,
35:41यहां यहां यह एक कमेनिटी हॉल है, समुदाइक भवन है, जो जिर्न से नवस्थाम था, फिर इसे हम क्यागते कमपोजिट
35:48ग्रांड के फंड से इसको रेनोवेट कराके, यहां पे दो क्लासरूम चला रहे हैं, एक अंदर में है, जिसमें की
35:54तीन, चार और पांच के बच्
35:59पढ़ते हैं, वर्ग एक कमरा में तीन क्लास 3, 4, 5 की पढ़ाई चलती है, जिसमें पढ़ाई के दोरान भी
36:06बहुत कठनाई सामने आती है, ना तो चापाकल की विश्था है, पानी पीने के लिए भी समस्या होती है, और
36:13बाथरूम की विश्था नहीं है, यहां पे दूसरे क
36:45घर जाना पड़ता है,
36:46दो कमरे हैं, जिसमें एक कार जालें, और एक वर्ग कह सकते हैं आप, जिसमें हम कई संजुक्त क्लास चलाते
36:54हैं, कभी दो, कभी तीन, कभी चार-चार क्लास चलाते हैं, और उसके बाद जो है, वो से सभी का
37:00अक्षा हैं बरामदे पर चलाते हैं, यहां से वहां तक, अभी �
37:04तेज हवा चल रही है, ब्लैक बोर्ड उलट जाता है, कभी-कभी बारिस का मौसम है, अब बारिस में जपा
37:10से बच्चे भींग जाते हैं, बेंच देक्स तो है नहीं, धड़ी पे बच्चों को बैठाए हुए हैं।
37:17मुख्य मंत्री और शिक्षा मंत्री कैमूर का हाल देखी, अखलास कुर के प्रास्मे के जाले में, 99 बच्चों के लिए
37:26तीन टीचर, स्कूल के तीन कमरों में दो खंड है, शिक्षक कहते हैं, कुछ समय पहले छट से प्लास्टर गीरा,
37:33एक टीचर और छात्र घायल हो गए, ऐ
37:38क्योंकि बिहार के स्कूलों के इस हालत पर सवाल विधान सभा में सरकार के साथ ही ही उठाते हैं।
38:08बढ़ रही है, अध्यक्षमदे उसके अनुपात में मानिये मंत्री जी ने स्विकार किया है, कि प्रारंविक हो, उच्तर मदविध्याले हो,
38:17टिन प्लस टू है, उसमें भावनों का निर्मान नहीं है, तो बच्चे हमारे पढ़ेंगे कैसे।
38:24बिहार के शिक्षा मंत्री कहते हैं, कि 600 से ज्यादा स्कूलों को बनाने का फैसला लिया जा चुका है, बाकि
38:30सब जल्द बनेंगे।
38:31क्या आपको लगता है कि ये काम बिहार में होगा, यकीन मानिए। आज तक संबाददाता एक बार फिर जल्द इनी
38:37स्कूलों में रिपोर्ट करेंगे, ताकि सरकार के दावों का सच हम आप तक फिर ला सकें।
38:42इचले दस दिन के भीतर, देश जैन अलफा के अलग-अलग शहर वाले प्रदर्शन का भी गवाह बना है। जहां
38:48स्कूलों में टीचर की कमी, साफ पानी की जरूरत, साफ टॉयलेट की मांग को लेकर बच्चों ने अपना हक मांगा।
38:55लेकिन इन सब के बीच एक प्रदर्�
39:13सबसे तेज आवाज। ऐसा प्रदर्शन जहां अपना अधिकार पाने को आवाज उठाने के लिए ये नहीं देखा गया कि आवाज
39:22है या नहीं। ये देखा गया आवाज उठाने की ताकत है या नहीं।
39:41पहली बार मौन दिव्यांग छात्रों की ताकत देखी है जहां मुख बधिर विद्यार्थियों ने बेरा एक शब्द बोले ऐसा संदेश
39:47दिया सरकार को भी जुकना पड़ा।
39:50अब इस तीसरे वीडियो को देखे राजस्थान की राजधानी जैपूर में सरकारी सेख आनंदिलाल पोद्दार मुख बधिर उच्च माधिमिक विद्याले
39:58के ये वो बच्चे हैं जो ठक गए थे।
40:00चुप रहकर चुपी उसको विवस्था के खिलाफ जो रोज इन्हें चीक कर अपनी आवाज उठाने को कहती थी। वही आवाज
40:06जब फूटती है तो प्रदर्शन को देख सब अचरज में रह जाते हैं।
40:15लेकिन ये नौबत आई क्यूँ जहां जो बोल नहीं सकते जो सुन नहीं सकते उन्होंने आवाज उठा कर अब तक
40:22आँख कान बंद करके रखने वाले सरकारी प्रशासन को जगाया।
40:29इसलिए आज तक संबाददाता शरत कुमार जैपूर की स्मौन क्रांती की वज़ा आप तक पहुचाने के लिए जैपूर के इस
40:36सरकारी स्कूल पहुचते हैं।
40:39जहां पहुचते ही पता चल गया कि क्यों छात्रों की पीर परवत से पिघल कर इस स्कूल से निकली है।
40:44जहां छट से बारिश का पानी टपकता है।
41:09कि ये छट नीचे आ सकती है जिसके वज़े से ये हमेशा दड़े रहते हैं।
41:32जहां क्लासरूम में जंग लगी कुर्सी और मेज है।
41:38कि ये क्लासरूम है दिव्यांग बच्चों का जहां पर देख सकते हैं किस तरह से ये टेबल और खुर्सियां हैं
41:45जिस पर ये बैठते हैं जंग लगे वे इस तरह से दिवाले ज़ड रहे हैं।
41:48जहतों से पपड़ियां नीचे गिरते रहती हैं।
41:53सिर पर जो पढ़ने बैठते हैं और ये सारे परशान रहते हैं।
42:08और बात सिर्फ इतनी ही नहीं।
42:10तस्वीर बदलने को ये दिव्यां केवल क्लासरूम की हालत भर से सड़क तक नहीं आए।
42:16साफ पानी तक जैपूर में स्कूल में ये बच्चे नहीं पा रहे थे।
42:22आए।
42:23यहां पर बच्चों को पानी पीने के लिए वाटर कूलर लगाया गया है।
42:27जो खराब पड़ा हुआ है।
42:28आप देख सकते हैं किस तरह से किस सिस्टी में आप पड़ा हुआ है।
42:32और इनसाब कहना है कि यहां पर पानी पीने के लिए आता नहीं है।
42:47पानी के कहना है कि पानी आता नहीं जो पानी पहले आता भी था वो खराब आता था।
42:52और इस तरह से यहां पर आप देख सकते हैं कि नल के विवस्था की गई है।
42:56मगर नलों में पानी आता नहीं है, किसी भी नल में पानी आता नहीं है।
43:00इस अविस्था को लेकर यह सडक पर उत्रे हुए हैं और आंदुलन कर रहे हैं।
43:07हालत यह कि टॉलेट के भीतर तक स्कूल का बच्चा नहीं जा सकता इतनी दूरदशा है।
43:17देव्यांग बच्चों के स्कूल बस की हालत देख लीजे, लोहे का टुकडा भर बच्ची है।
43:22और समस्या केवल इतनी नहीं, गबन का भष्टाचारी टीचर सक स्कूल में काम करता मिल गया।
43:49जिस स्कूल में बच्चों को पानी, टॉलेट, सुरक्षिद, क्लासरूम नहीं मिल पाया, वहाँ एक सच ऐसा है।
43:55जो सुनेंगे तो आपको लगेगा मजाक है, लेकिन यह आपको अब तक किसी ने नहीं बताया।
44:00कि राजधानी जैपूर के सरकारी स्कूल में जहाँ 17 क्लासरूम है और 592 दिव्यांग बच्चे पढ़ते हैं, वहाँ इने पढ़ाने
44:08वाले टीचर की संख्या है 76।
44:11ऐसा दिव्य स्कूल तो कभी देखा सुना नहीं गया, जहाँ 37-8 बच्चे पर एक टीचर रख दिया गया।
44:16मतलब यह आप कहेंगे कि रामराज्य हो गया, लेकिन हकीकत यह है कि यह वो टीचर है जो वी आईटी
44:22होने की वज़ा से यहाँ तबादला कराकर आराम करते हैं।
44:26आज तक कि सवाल पर क्या आखिर इतने टीचर यहाँ करते क्या हैं सब भागने लगे।
44:50मैं तो सबसे पूछ रहा हूँ।
44:53एक एक करके जब इतनी समस्या इकठा हो गई तो जैपुर के सरकारी कॉलेज के देव्यांग बच्चे सलक पर उतर
44:58गए।
44:58किसी नारे भाषण या शोर्शराबे से नहीं इशारों की भाषा में हुए मौन धरने से प्रशासन को जगा है।
45:06मैंने मेरा नंबर दे दिया है।
45:08वह भई नंबर उनको सुन्दोड़ो, उनको सुन्दोड़ो, साहिंसे।
45:11काम नहीं हो।
45:13और बताओ।
45:17कोई परेशान करे, कोई परेशान करे, सीधा मेरे को फोन करना
45:27अब यहाँ प्रिंस्पल भरत जोशी को हटा दिया गया है और दूसरी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया
45:33पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह मूत बदिर बच्चे बोल भी नहीं सकते थे
45:38तब उनकी सुनने वाला कोई क्यों नहीं था, शायद इसी दर्द ने इनके मौन को अंदोलर मना दिया
45:44यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं, बलकि उन हजारों दिव्यांग बच्चों की आवाज है जिनने अकसर व्यवस्था के शोर
45:50में अंदेखा कर दिया जाता है
45:51जैपुर के स्मौन अंदोलर ने साबित कर दिया कि जब अधिकारों की लड़ाई इशारों में लड़ी जाती है
45:57तब खामोशी भी सत्ता के दर्वाजे खटखटा कर अपना अधिकार ले लेती है
46:03शरत कुमार जैपुर आज तर
46:07जनता को केवल भरतियां लटका कर ही परेशानी के जाल में नहीं उलजाया जाता है
46:12बलकि जहां जनता शिकायत करने जा सकती है
46:14वहां भी पद खाली छोड़कर आम आदमी को दोड़ाया जाता है
46:18उदाहरण राजस्थान है
46:20जहां बड़े-बड़े आयोग में कूरसियां खाली पड़ी है
46:25जिस सरकार में दावा है कि 5 साल में 4 लाख नौकरी देंगे
46:28वहां राजस्थान लोकसेवा आयोग अजमेर का दफतर ही बेरोजगार है
46:32आयोग के अध्यक्ष और सचिव दोनों का पद खाली है
46:35दस सदस्य में केवल 5 लोग है और बात केवल इतनी नहीं
46:38राजस्थान महिला आयोग के दफतर में जब आज तक संबाद्धाता शरत कुमार दाखिल होते है
46:44दर्माजा खोलते ही पता चल जाता है कि आयोग में खाली पदों का कितना अंधेरा है
46:49जहां महिला आयोग के अध्यक्ष का पदी खाली है
46:55कॉंग्रेस राज में महिला आयोग की जो अध्यक्ष बनी वो चली गए
46:58नई सरकार में ना तो अध्यक्ष की न्युक्ति की गए न सदस्यों की
47:01रोजाना सेक्लो महिलाओं की सुनवाई जहां होती थी अब वहां कोई नहीं आता
47:04महिला आयोग के दफतर में समिधान की तस्तावना की तस्वीर मानू मुच रढ़ा कर कहती हो
47:09कि हम भारत के लोग किस से अपनी बात कहें जहां महिला आयोग कपा धी खाली पड़ा हो
47:16यह राजस्तान महिला आयोग के अध्यक्ष का दफतर है जहां पर आप देख सकते हैं कुरसियों पर धूल पड़ी हुई
47:21है
47:21और इस तरह से पिछले डेड़ साल से कोई अध्यक्ष नहीं है तीन सदस्य होते हैं सदस्यों तक की निक्टी
47:27नहीं हुई है
47:28राजस्तान के महिलाओं की पीड़ा यहां पर सुनी जाती है मगर कोई निक्टी नहीं होने की वज़े से यहां पर
47:34कोई नहीं बैठने वाला है
47:36सरकार के तरब से कोई निक्टी नहीं की गई है कॉंग्रिस सरकार के दोरान निक्ट हुई अध्यक्ष पद छोड़ दी
47:45है
47:45कारिकाल खत्म होने के बाद तब से ये पूरा दफ्तरियों ही खाली पड़ा हुआ है।
48:44राजस्थान हाई कोड तक को अल्टिमेटम देना पड़ा।
48:45उपने भी इसके खिलाफ गंभी टिपने की है लिगमर इसके बावजूद यहां पर इसकी यह है कि आप दे सकते
48:51हैं कुर्सी खाली पड़ी है कमरा खाली पड़ा है और अध्यक्ष का इंतजार सिस्टम कर रहा है।
49:18जैपूर में लोकायुत का पद मार्च 2026 से खाली है अब यहां कोई
49:22शिकायत लेकर भी नहीं आता। पूरा लोकायुत सचवाल है खाली पड़ा है जस्टिस पीके लोरा मार्च में चे ले गए
49:28नेम प्लेट हटाने तक कि सुध लोगों को है ही नहीं।
49:32राजस्थान का सबसे बड़ा मुख्याल है खादी निगम का है जिसके भवन का शिला न्यास कभी पूर्व राष्ट्रपती सर्वपली राधाक्रिशन
49:39ने किया था और उद्घाटन पूर्व प्रधान मंतरी मुरारजी देसाई ने।
49:43यहां भी चेर्मेन और आट सदस्यों की विदाई गहलोत सरकार के साथ हो गई मगर कोई न्यूकती नहीं हुई।
50:14माननिय मुरारजी देसाई ने उसका उधाटन किया था मगर हालत क्या आप देख सकते हैं यहां पर सरकार नहीं आ
50:21गई है पर अध्यक्ष कोई नहीं है यहां पर कमरे में ताला लगा हुआ है और आप देख सकते हैं
50:28किस तरह से दर्वाजों पर इस तरह से धूल जमी हुई ह
50:32स्टाफ के नाम पर यहाँ पर जो लोग हैं
50:35वो दफ्तर में कोई आता है कोई नहीं
50:38आता है और इस तरह से यह चेर्मेन का कमरा
50:42लॉट पढ़ा है जो हुआ जो धूलों से भरा हुआ
50:44हुआ है आप समझे कि इतने बड़े भवन में इस तरह
50:53वियुलístों जट्राब्रकेश कर का ना झाली का यहां प्त्राइब रॉख्र उस सश्पाब्क्रे पजानित करों
51:18निनले क्या डाषिर लॉट
51:18अभाव अभियोग, आयोग, वीज सूत्री कारक्रम, समाज कल्यार बोर्ड, हाउसिंग बोर्ड और परेटर निगम में भी चेर्मेन का पद खाली
51:25है।
51:25फिलाल राजी में बोर्ड निगम आयोग और प्राधिकरल में सौ से ज्यादा पद खाली हैं और मंतरी कहते हैं हम
51:31क्या करें फैसला तो मुख्य मंतरी करेंगे।
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