00:00साथियों, आज आप सभी और सारे स्टूडेंट्स इस कारका में उपस्तित हैं, लेकिन मन के किसी कौने में कुछ और
00:19चल रहा होगा।
00:23मैं तो बाबा वागेश्वर नहीं हूँ, लेकिन कुछ तो चलता होगा।
00:53कोई नए शहर में नई शुरुवात की तैयरी में होगा।
00:57कई साथी अपने पहले स्टार्ट अप का सपना देख रहे होंगे।
01:04किसी ने अगले कॉम्पेटिज्व एक्जाम का नक्ष बनाय होगा।
01:10हर किसी का रास्ता अलग है, हर किसी का सपना अलग है।
01:18लेकिन इन सब के बाद भी एक एहसास ऐसा है, जो आप सभी के मन में एकसा होगा।
01:36वो दिन याद करिए, जब आपका IIT दिल्ली में पहला दिन था, और एक यह आज का दिन है।
01:56आप सोच रहे होंगे, कि अभी कल की ही तो बात है, जब ओरिएंटेशन होगा था, और अभी यह कॉन्वोकेशन
02:08का समय भी आ गया।
02:11तो ओरिएंटेशन से कॉन्वोकेशन की स्यात्रा का आप भरपूर सटिस्पक्शन भी होगा।
02:19और साथ ही, आप सभी में जीवन के एक नए चेप्टर की शुरुआत का उत्सा भी होगा।
02:33और इसलिए, मैं तो यही कहूँगा, आज के इस पल को पूरी तरह जीलिजिये।
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