00:00मनों जरांगी पाटी लेंचे शी टैनी चर्चा के लिए मला उदाई सामन्थ एंचप्पोन आला होता हानी तैनी सांगिरला कि मी
00:09जवा मुख्यमंत्री होतो त्या वेश मराटा समाजा साथी धाटक के आरक्षनाता निरने आपन गेतला कुन भी प्रमान पत्र मिड़त नौती
00:18में बुलाग लिए जो काई निधी शार्ती साथी अना साथी पाटि लार्ति क्यों कास महा मंदा अधिके मोना जाकाई सुविदा
00:27ओभी सित्वा कुटलाई नुक्सान न करता इतर समाजाला कुटे इतर समाजार अन्याई न करता मराटा समाजाला जे जे काई देता
00:37हैल ते �
00:37दिले होता है अनि अच्छी जाने महिती मनों जरांगे पटी लेना आहे अनि नकित अंतर गहर समद्धूर अब जिद के
00:45वंतित की
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