00:00આપ જÁNTA HÄN એ એ એ ક લવ્યકે અંગુઠે કા વો ખौફાક રાહસ્ય?
00:04એ ક લવ્યક નશાદ રાજ હિરણ યધણૂ કુટ્ર એક
00:07एक महान धनुर्धर बनना चाहता था।
00:10उसने द्रोणाचार्य को अपना गुरु माना पर जाती भेड के कारण द्रोणाचार्य ने उसे शिश्य बनाने से मना कर दिया।
00:19दिराश एकलव्य ने जंगल में द्रोणाचार्य की मिट्टी की मूर्ती बना कर उसे गुरु मानकर अभ्यास चुरू किया।
00:26उसकी धनुरविद्या इतनी अध्भुत हो गई की पांडव और कौरव भी चकित रह गए।
00:32जब द्रोणाचार्य को यह पता चला तो उन्होंने एकलव्य से गुरु दक्षिना मांगी।
00:39एकलव्य ने बिना हिचकी चाय अपना दाहिना अंगूठा गुरु दक्षिना में दे दिया।
00:44इस महान बलिदान ने एकलव्य को धनूर विद्या में सरवश्रिष्ट बना दिया।
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