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  • 14 minutes ago
क्या झारखंड के Gen-Z प्रोटेटस में 'रील वाला कंटेंट' नहीं? देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिना ओम का शेफ और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले आपको जारकण में जैंजी वाओं के आंदोलन मिले कर चलेंगे
00:09और पूछेंगे कि जो लोग दिल्ली में जंतर मंतर पर दोड़े जा रहे थे
00:13नारे लगा रहे थे, रील बना रहे थे, सदकार को आइना दिखाने का अदम भर रहे थे
00:17शुक्षा मंतरी के स्तीफे से ऐलान के अलावा कुछ सुनना नहीं चाह रहे थे
00:23पता नहीं क्यों वो जारकण में दूर दूर तक नजर नहीं आ रहे
00:27आखर इन लोगों को जारकण का जैंजी प्रोटेस्ट क्यों नहीं लुभा पा रहा
00:31क्यों इनके कैमरे को जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम नजर नहीं आ रहा
00:35क्या जारकन के जैंजी प्रोटेस में इन लोगों को रील वाला वाइरल कॉंटेंट नहीं मिल पा रहा
00:41लेकिन आज हम आपको वो तस्वीरे दिखाएंगे जहां मुस्ताधार बारिश है, टेंट फट चुके है, बिस्तरों तक पानी भर चुका
00:47है
00:48लेकिन जारकन के ये जैंजी चात्र अपनी किताबों को छोड़ कर खुले आसमान के नीचे डटे है
00:53इनकी मांगे बिलकुल साफ है, परीक्षाओं में हुई धानली की CBI जाच, JPSC की 14वी, सयुक्त परीक्षा का ततकाल रद्द
01:02होना
01:03और उस राकेट का सफाया जो पैसों के दम पर नौकरियां पेच रहा है
01:08लेकिन जारकन सरकार का कहना है कि उसे CID जाच पर फरोसा है
01:12आज हम पूछेंगे कि क्या जारकन के उन्यवाओं की मांग पूरी हो पाएगी
01:15और साथ ही पूछेंगे क्या वाकई जारकन के इस आंदोलन में रील वाला कॉंटेंट नहीं है
01:21या फिर लोगों की आखें अब सिर्फ ट्रेंडिंग टॉपिक देखने और परोसनी की आदी हो चुकी है
01:26इसके बाद आपको बताएंगे कि भारत में नर्वासित जीवन बिता रही बांगलादेश की पूर्फ प्रधानमंत्री
01:32शेक हसीना ने दिसंबर तक बांगलादेश लोटने का ऐलान कर दिया है
01:36प्रेस कांफरेंस करते हुए शेक हसीना भावुक हो गई और कहा कि बांगलादेश एक और पाकिस्तान बन गया है
01:43लेकिन वो बांगलादेश जरूर लोटेंगे
01:45आज आपको बताएंगे कि जिस देश से शेक हसीना को जान बचा कर भागना पड़ा
01:49बहां वापस लोटने की हिम्मत को कैसे जुटा पा रही है
01:53और इसके बाद आपको बताएंगे कि भारत में चर्च को मिलने वाले विदेशी चड़ावे
01:58दूसरे शब्दों में कहें तो विदेशी फंडिंग के हिसाब पर तनाव क्यों है
02:02अब विदेशों से मिलने वाली फंडिंग को लेकर भारत सरकार के पिस्तावत बिल पर अमेरिका तक घमासान मचा है
02:08ट्रम्प की पार्टी के एक सांसद ने आरोप लगाया है कि नया FCRA बिल भारत में चर्च पर कबजे की
02:16साजश है
02:17जबकि सरकार कह रही है कि ये बिल विदेशी फंडिंग की पारदर्शिता और राष्टे सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है
02:23आज आपको अमेरिका की धर्म निर्पेक्षता की असली तस्वीर भी ज़रा दिखाएंगे
02:28और आखर में डेश की सडकों पर बिना इंशिरंस दोड रहे साड़े सोलक करोड से ज़ादा बहानों के लिए जरूरी
02:35खबर बताएंगे
02:36सुप्रीम कोट के निर्देश के बाद इन बहानों के माले सावधान हो जाएंगे
02:41क्योंकि अब बिना बीमा ना गाड़ी में तेल होगा ना गाड़ी दोडेगी
02:48खर शुरुआत करते हैं आपको ये बताते हैं कि क्या जारकन का जैंजी आंदोलन अब तभी खत्म होगा जब मुख्यमंतरी
02:56हिमन सुरेन का अपना इस्तीफा देंगे
02:58ये मांग आंदोलन पर बैठे कुछ प्रदर्शनकारी चात्रों ने की हैं उनका कहना है कि जारकन लोग सेवा आयोग की
03:06चिस्क परीक्षा में धानली हुई उसका सीधा संबंध मुख्यमंतरी हिमन सुरेन के विभाग से हैं
03:11इनमें भी कार्मिक विभाग, प्रशासनिक विभाग, प्रशासनिक सुधार और राजभाशा विभाग सीधे मुख्यमंतरी हिमन सुरेन के पास आते हैं और
03:19क्यूकि ये परीक्षाएं भी नीतिगत और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी हुई थी इसलिए आंदोलन पर बै
03:38पर नहीं लिखी गई है, कहीं भी नहीं लिखी गई है, और सिर्फ कुछ छात्रों ने मौखिक रूप से ऐसा
03:44कहा है, और दूसी बात, ये मांग छात्रों के केवल एक धड़े की तरफ से कही जा रही है, तो
03:49क्या अब इस छात्र आंदोलन में दो धड़े हैं? रांची के ज
04:08तरत्व कर रहे हैं देवेंद्र नात महतो, जो की भूखरताल पर है, और सुनम वांग चुक से बात के बाद
04:14उन्होंने जल पिया है, नहीं तो वो दो-तीन दन से जल भी नहीं ले रहे हैं, जबकि दूसरा अंदोलन
04:18वो छात्र कर रहे हैं, जिने परीक्षा में धानली की व
04:38प्रदर्शनकारी युवाओं ने मुख्य मंत्री हेंद्र सुरेन के स्तीफे की मांग की है, वो देवेंद्र नात महतो के साथ बैठे
04:44हैं, जबकि दूसरे धड़े के प्रदर्शनकारी चात्रों ने अभी ऐसी कोई मांग नहीं की है, मुख्य रूप से जादातर प्रदर्�
04:56सर्कार के सामने, इनमें पहली मांग यह है कि जिन परीक्षाओं में धानली हुई, उनकी जाद CBI से कराई जाएं,
05:05दूसरा, सरकारी नौकरियों की भरती परीक्षाओं और प्रक्रिया में सुधार किये जाएं और इने पातश्य बना जाएं, तीसरा, एप्रिल महीने
05:13में ज
05:13धारकन लोकसेवा आयोग की जो 14-वी सायुक्त परीक्षा हुई थी, उसे ततकाल रद किया जाएं, चौथा, परीक्षा कराने वाली
05:22जिन कंपनीज और एजिंसियों की भूमिका संदिक्ध है, उनकी जाच हो, उनके द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को भी रद
05:28किया
05:43उनकी न्यूकती भी ततकाल खारिच हो, बड़ी बात यह है कि इन मांगो को लेकर सरकार ये कह रही है
05:49कि उसके दर्वाजे बाचीत के लिए हमेशा खुले है, हिमन सुरेन खुद ऐसा कह रहे है, और राची के SDM
05:55कुमार रजट आज प्रदर्शन कारी चात्रों से मिलने पह�
06:02की लेकिन चात्रों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक ये विरोध प्रदर्शन
06:09यूही चलता रहेगा, देखिए
06:12माननी राजी सरकार जो है, वो आप लोगों से वारता करना चाते हैं, ठीक है? और मैं उनके प्रतिनिदी की
06:24रूप में यहां पर आया हूँ, आप लोगों से विनम्र निवेधन है कि आप लोग अपना पांच लोगों का एक
06:33डेलिगेशन बना लीजिए, जो लोग वहां जा
07:03के बात करेंगे.
07:06है, यह वारता करने के लिए भीजा बोला गया है, आप एक बर वारता कर लीजिए।
07:36यहां पर वारता के लिए इस्थान नियत किया गया है, वहां पर वारता करेंगे.
07:41हाँ लोग पॉजिटिव हैं.
07:44यह आंदोलन तब ही खत्म हो सकता है, जब मुख्यमंत्री हेमन सुरेन परिक्षाओं में हुई धानली की जाँच CBI को
07:49सौपने के लिए तयार हो जाए।
07:51जबकि अभी रात 9 बजे तक ज़ारकन की सरकार ऐसा करने के लिए तयार नहीं हुए है।
07:57आज इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमन सुरेन और आजपाल संतोष कुमार गंगवार के बीच एक मुलाकात भी हुई है
08:02और इस मुलाकात का अजेंडा यही आंदोलन था।
08:05लेकिन बड़ी बात यह है कि जब हमन सुरेन बाहर आए तब उन्होंने यह तो कहा कि सरकार के जो
08:10दर्वाजे हैं वो बातचीत के लिए खुले हैं।
08:13अभी छातर क्या कह रहे हैं? सीबी आई जांच की मांग कर रहे हैं? लेकिन सीबी आई को जांच सौपने
08:18के सवाल पर उन्होंने यह कहा कि वो अपना सीना चीर कर नहीं दिखा सकते और सरकार को सी आईडी
08:24की जांच पर पूरा भरोसा है।
08:25और जैसे इसी आईडी की जाच रिपोर्ट आ जाएगी, सरकार कड़े कदम उठाएगी.
08:30सुरिए.
08:56मजबूती से एजनसी अपनी कामों में लगा हुआ है, जुटा हुआ है, और मुझे लगता है कि इस विशे पर
09:11हम लोग बहुत कॉंक्रिट सॉलुशन के साथ आगे निर्णे लेगें.
09:20सरकार के दरवाजे सबी के लिए खुले हैं.
09:31और मुझे लगता है सबी लोगों को या जिनकी माँगे सरकार से हैं, वो अपनी बाते रख सकते हैं.
09:44तो हेमन सुरेन खुल कर ये कह रहे हैं कि जिनने भी बात करना है, उनके दरवाजे खुले हैं, वो
09:49इसके लिए तयार हैं.
09:50अब देखे हर बड़े चात्र आंदोलन के एक विडंबना होती हैं और आज इस विडंबना को भी हम दिखाना चाहते
09:55हैं.
09:56अब आपने देखा होगा, ऐसे आंदोलनों में अक्सर क्यामरे मंच पर ठिके रहते हैं, जमीन पर नहीं.
10:02बहस इस बात पर होती है कि सरकार का पक्ष क्या है, विपक्ष क्या कह रहा है, किस नेता ने
10:08क्या बयान दिया, लेकिन इन सारी आवाजों के शोर में सबसे बड़ी जो आवाज होती है, वो अकसर दब जाती
10:13हैं.
10:13उन चात्रों की आवाज, जिनके संघर्ष को लोग सही रूप में देख नहीं पातें, कोई चात्र अपनी कितावे छोड़कर, अपना
10:21भविशे दाव पर लगाकर, सडक या स्टेडियम में राते गुजारने का फैसला शोक से तो नहीं करता, ये देखिए.
10:28लड़के, लड़कियां सब, वो ऐसा तब करता है, जब उसे लगता है, कि उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं बचा.
10:33जब बार-बार की गोहार, आवेदन, प्रदर्शन, उमीदें, उसे केवल निराशा लोटाती है.
10:39ज़ारकन में इस समय लगातार मुस्लाधार बारिश भी हो रही है, ये देखिए.
10:42जिस स्टेडिया में ये चात्र अंदोलन कर रहे हैं, वहाँ पानी भर चुका है.
10:46जिन तिरपालों के सहारे उन्होंने अपने संघर्श को बचाय रखने की कोशश की थी, वो भी जगा-जगा सिफट चुके
10:53हैं.
10:54बारिश का पानी, उनके कपड़ों, बिस्तर, सामान सब तक पहुँच रहा है.
10:58लेकिन इसके बावजूद वो डटे हुए हैं.
11:02इनकी तकलीफ कोई भी चात्र तभी इतनी तकलीफ उठाता है, जब वो विवस्ता से पूरी तरह हार चुका हो.
11:10और उसे लगता हो कि बस हमें खुदी तिके रहना होगा नहीं, तो हमारा भविश्य तो यूही बह जाएगा.
11:16जब उसे लगने लगता है कि अगर आज भी वो नहीं बोला, तो शायद उसके हिस्से का न्याए हमेशा के
11:22लिए छिन जाएगा.
11:23इसलिए इस आंदोलन को केवल राजितिक चश्मे से देखना सही नहीं होगा.
11:26कि भई दिल्ली वाला है तो इस सरकार के खिलाफ है, जारकंड वाला है तो इस सरकार के खिलाफ है,
11:32इनको तो बस पेपर लीक से नौकरियों की बिक्री से अजादी चाहिए.
11:37ये उन जिवाओं की पीडा को समझने का भी समय है, जो अपने सबसे उर्जावान सालों में, रोजगार, पारदर्शिता, नियाई
11:46की मांग, करते हुए बारिश में भीगने को मजबूर हैं, देखिए.
11:52जिन हातों में कलम होनी चाहिए थी, वो आज तिरपाल संभाल रहे हैं, जिन कंदों पर देश का भविश्रे खड़ा
11:59होना चाहिए था, वो आज आंदोलन को उठ रहे हैं, देखिए.
12:20यह थी, वो आज तोड़ सकती है, चाहिए दिनराद बारिश हो, हमें उससे मतलब नहीं है, हम आंदोलन में जारी
12:29रहेंगे, जब तक हमारा मांग पूरा नहीं होगा, हम आंदोलन छोड़के कहीं नहीं जाने वाले हैं.
12:35इतने जो कड़े धूप में हैं, तो हो सकता साम में आर भी भीड हो जाए, इस्टुडेंट छातर लोग एफजूट
12:40हो जाए.
12:50जब तक सरकार ये हमारी मांगे नहीं पूरा करेगी, तब तक ये धन्ना रहेगा.
13:04इस्थिती कितनी भी पर्तिकुल क्यों नहीं हो, ये हमारा संगर्स जो है, यह लगातार जारी रहेगा.
13:15खेर, तूटे हुए तिरपाल तो सबने देखे, लेकिन आज अंदर से तूट चुके, इन युवाओं को सुनना भी ज़रूरी है,
13:20और जानते हैं ये जेंजी युवा क्या कह रहे हैं, कि हमें डटे रहना है, आपने देखा है, वो पूछते
13:25हैं कि उन्हें आंदोलन पर बै
13:40राजनितिक है ही नहीं, उन्हें किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन फिर भी उनके आंदोलन को आज
13:46सबसे ज़्यादा राजनितिक वजहों से ट्रोल किया जा रहा है, और ये उन छात्रों का जो दर्ध है, उसे शायद
13:52ही कोई समझ रहा है, सुनिए
14:10विरोध परदसन करने के लिए उन्होंने तिरंगा मार्च निकाला है, देख सकते हैं, ये बारिष हो रही है, बारिष के
14:17बावजूद, उनके स्पिरिट्स जो हैं, वो हाई है, उनको आप सी सिबन जाईए, आप सिक्षा बेउस्ता को सुधार कीज़ें, सर
14:24प्लीज, हाँ �
14:26हम लोग में तो responsibility है, तो हम लोग अपने हाथ के लिए लड़ रहे, तो वो responsible government कहा
14:31गया, वो government तो सामने आए और अपना responsibility को जाहिर करे, जो aspirant उनको कैसे motivation मिलेगा सर आगे
14:37पढ़ने के लिए और जारकन को सुधार करने के लिए, यहां पर सारे लोग कोई बड़े बाप के बे
14:55सब्सक्राइब नहीं आया होगा सर, मैं सच बता रहा हूँ, क्योंकि वो seat खरीद के DSP बन गया होगा, वो
14:59seat खरीद के वीडियो बन गया होगा, CEO बन गया होगा
15:04तो
15:09कर दो
15:17कर दो
15:21कर दो
15:24कर दो
15:24कर दो
15:26करेंगे
15:26और आप
15:29करेंगे
15:39कर सकते हैं
15:54अगर उंको सवार सकते हैं
15:58और नहीं तो
15:59कर दो
16:00कर दो
16:00कर दो
16:21तो आपने इन बच्चों की बात सुनी और सबसे बड़ी बात है कि ये अपने आप में काइना है
16:26इन तमाम समाच को सब के सामने की बच्चे और वो भी देखिए हर वर्ग के बच्चे जब ऐसे अपनी
16:33मांगो के लिए आ रहे हैं वो किस तरह से सयम से अपनी बात को कह रहे हैं
16:37वो ये हर हाल में सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके आंदोलन को कोई भी बदनाम ना करे या कोई
16:43भी ऐसे नारे वहाँ पर नहीं लगाये जाएं जिनसे उनके ही जो लक्ष है उसको चोट पहुंचे ये वाकई बहुत
16:51बड़ी तारीफ की चीज है अब देखे हमने आपको शु
17:07खाल नोजमान सियम सर की स्थिपा का भी मांग करेंगे लास्ट में अगर हम ये की उपरोगत नहीं मांती है
17:14तो हम सीम सर से अपील करेंगे कि आप से छात्र नोजमान की दूख और तुदा नहीं देखा जा रहा
17:20है अथा चुकि जैप्यसियर जैसे कार्मिक के अंतर गताता ह
17:37अज ये खबरे भी आई कि छात्रों को इंसाफ दिलाने के लिए आंदोलन पर बैठे देवेंद्र नात मेहतों ने अपना
17:43आमरन अंशन खत्म कर दिया है
17:44लेकिन देवेंद्र नात मेहतों का कहना है कि ये खबरें गलत है उनके मताबिक उन्होंने नमक और पानी का ग्रहन
17:51किया है लेकिन अपने अंशन को तोड़ा नहीं है
17:54इससे पहले वो निरजला मतलब बिना जल के वो अंशन पर बैठे थे और सोनम वांग्चुक से उनकी बात ही
18:00उसके बाद से जब उन्होंने अनुरोध किया तो उन्होंने पानी पिया
18:04उनका कहना है कि छात्रों की मांगे पूरी होने तक वो अनकात्याग जारी रखेंगे और ये फैसला भी उन्होंने तब
18:10लिया है जब सोनम वांग्चुक को भी इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन मिल गया
18:14आज सोनम वांग्चुक ने प्रदर्शन कारी छात्रों से विडियो कॉल पर बात की उन्होंने ही देवेंदरनात महतों से ये कहा
18:20कि वो जल ग्रहन करें और ठीक से रहे तभी सांदोलन को आगे ले जाएंगे अपने भूखरताल जारी रखें और
18:27छात्रों को इंसाफ दिला
18:42हमारी मंदून है आत्मा को जगरा आओंगे तो उसकी के आए समय चाहिए तो आप जल जरूरी हीजिएगा मैं आपसे
18:51विंती कर रहा था अभी ही कर रहा हूं कि आपने बहुत बड़ा करम इखाया जीवन को दॉपने लग इसका
19:00सभी लोग आदर करते हैं मैं अभी आप सभी
19:04सब्सक्राइब करूंगा कि उन्हें जरूरी हीजिए तो आप सोना मांचुक सर का विडियो कॉल में बात हुई सोना मांचुक सार
19:20हम लोग का अंदोलन को समर्थन करते हुए मनोबल बढ़ाये हैं और इतना मनोबल बढ़ाये हैं कि अब
19:32कि सरकार को हम िरू हराल में फीचे ड़काएगे पाने हम नहीं पी रहते चобр
19:40तो यह जब जनकारी वी सौनमम सर को आइप सौनम सर को सब जनकारी थे उन्हो ने चिन्ता जताया और
19:49East
20:16आज सोशल मीडिया पर एक तस्वीर बहुत वाइरल हो रही है
20:19जिस पर लिखा है कि जारखन के छात्रों का अंदोलन इंस्टेग्राम पर दिखाने के लिए अस्थेटिक नहीं है
20:27पहली नजर में ये एक व्यंग लगता है लेकिन अगर थोड़ा ठहर कर सोचिए
20:30तो ये हमारे समय की सबसे बड़ी सचाईयों में से एक है
20:34एक जमारा था जब किसी आंदोलन की ताकत उसके मुद्दे से तैह होती थी
20:38लोग इसने जुड़ते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि यहां न्याय हुआ है
20:42मुद्दा बड़ा है आवास दबाई जा रही है बदलाव की जरूरत है
20:47तो इसमें जुड़ना है बड़े बड़े आंदोलन इस देश में हुए
20:51किसी आंदोलन की तस्वीर कितनी सुन्दर दिख रही है
20:54इससे तो कोई संबन नहीं होता था कि बई
20:58यह आंदोलन ज़ादा सुन्दर दिख रहा है वहां पर जाकर ज़ादा
21:02रोमान्चक लग रहा है तो वहाँ जाना है लेकिन आज हम ऐसे दौर में हैं जहां किसी आंदोलन की पहली
21:06परीक्षा उसकी मांगो से पहले बहां से आ रहे हैं विजुल्स तै कर रहे हैं
21:11क्या तस्वीर आकरशक है क्या वीडियो इंस्टेग्राम पर वाइरल है क्या उसमें ऐसा फ्रेम है जो रील बन सके क्या
21:19वो अल्गॉरिदम को पसंद आएगा क्या अल्गॉरिदम उसे पुश करेगा अगर जवाब हाँ है तो आंदोलन लाकों लोगों तक पहुँच
21:27जाता है
21:27लेकिन अगर जवाब नहीं है तो कई बार उसका दर्द भी टाइम लाइन तक नहीं पहुँच पाता है या फिर
21:33कई लोग इस बात का भी इंतजार करते हैं कि आक्शन जादा हो वहाँ पर अगर मार्च हो वहाँ पर
21:40तरह तरह की नारे बाजी हो तो उसके हक में बोलने वाल
21:55किसी आंदोलन को डिस्क्रेडिट करना है घलत बताना है तो उस पक्ष में भी उतनी ही ताकत अलगॉरिदम के जरीए
22:01लगाई जाती है और फिर ये अलगॉरिदम की लड़ाई बन कर रह जाती है जारकन के इन शात्रों के आंदोलन
22:07में ना कोई रंग बिरंगा मंच है ना को
22:22सोशल मीडिया की उस दुन्या में उतनी जगा नहीं बना पा रहा जहारखन का यह आंदोलन जहां अकसर हर चीज
22:29में ट्रेंड की डिमांड होती है
22:31जंतरमंतर के आंदोलन की तरह जहारखन के आंदोलन को कई उवाओं का समर्थन मिला है
22:37वहाँ भीड भी पहुच रही है लेकिन Instagram पर इस विरूत्त दर्शन की उतनी चर्चा नहीं है
22:42दुख की बात यह कि कई लोग लिख रहे हैं कि जारकन का अंदोलन Instagram पर दिखाने के लिए आकरशक
22:47और trendy नहीं है
22:48मतलब जिस तरह का trend और जिस तरह का placards लोग लेकर खड़े थे वो बड़े पंची थे
22:55इसकी वजह से जो कुछ वहाँ पर हुआ और यहाँ पर हुआ वो एक अलग ही दुनिया दिख रहे हैं
23:01यह सोचे हैं हम सोशल मीरिया के उस दोर में आ चुके हैं जहां चात्रों की पीड़ा
23:06अल्गॉरिदम के चश्मे से आकी जारी है
23:12मात्रों
23:15मात्रों
23:29मात्रों
23:32अब लगा दी पानी में जब दी पत्रोग सुनाए
23:42आले नहीं हम जुखने वाले नहीं
23:47अंधेरों से लड़कर हम उजाले लाने वाले यहीं
23:53जो धक्के बैठ गए वो मन्जिल पाए कैसे
23:58मसीने की बूदों से हम सपने सीचने वाले यहीं
24:04बद बद लेगा हालत बद लेगे जो कल था वाब अज वो बात बनेंगे
24:15तेरी गली हो मैं मुआ बद दल होगी
24:29इन अंदोलनों के बाद हमारी सरकारें कितनी जागी हैं
24:32कितनी सजग हुई हैं आज वो देखना और समझना भी ज़रूरी है
24:36इन में पहली तसवीर मद्धिप्रदेश के विदीशा से आई है
24:40जहां मध्यप्रदेश के विदीशा से आई इस तस्वीर में आप खुद ही देखिए
24:43स्कूल जाने के लिए इन शात्रों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है
24:48मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार है और उमीद है कि मोहन्यादव ये इन तस्वीरों को मुख्यमंत्री जी देखेंगे
24:56ये तमाम चात्र बेत्वा नदी पर बने बांध को पार करके अपने स्कूल पहुँचते है
25:01और दुख की बात ये है कि स्कूल में भी शिक्षा का वुस्तर नहीं मिलता जोने मिलना चाहिए
25:07जिसके वो हकदार है
25:10आज हम यही कहेंगे कि अगर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन्यादव इन तस्वीरों को देख रहे है
25:14तो वो इन बच्चों के संघर्ष को समझे
25:17ये समझे कि ऐसे ना जाने कितने चात्रों को आज स्कूल जाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालना
25:23पड़ रहा है
25:24और ये हमारी जेन जी के बाद जेन आलफा पीड़ी है जिसे भारत का भविश्य कहा जाता है
25:30लेकिन इस पीड़ी को हमने कैसी व्यवस्था दी है
25:34उसकी तस्वीरे सब के सामने है
25:37अब मद्यप्रदेश के सागर से आई इन तस्वीरों को देखिए जहां कोपरा नदी पर बना कच्चापुल ध्वस्त हो गया
25:43और अब वहाँ इन स्कूली छात्राओं को अपनी जान हतेली पर लेकर स्कूल जाना पड़ रहा है
25:49और सागर भी मद्यप्रदेश में ही आता है जहां बीजेपी की सरकार है मोहन यादव मुख्यमंत्री है
25:55कई बार कुछ लोग पूछते हैं कि छात्रों में अचानक ये घुस्सा कहां से आया ये क्या हो गया तो
26:01उसका कारण ये तस्वीरे हैं
26:03जब हमारे छात्रों को सिर्फ शिक्षा हासल करने के लिए इतने संघर्षों से गुजरना पड़ता है
26:08और फिर जब वो स्कूल पहुँचते हैं व्यवस्था उनके प्रती इतना लापरवा होता है टीचर नहीं फिर एक्जाम दो तो
26:18पेपर लीग तब ये जवार फूपता है और फिर आंदोलन के रूप में यही आक्रोश ऐसे ही तिनका तिनका बढ़ता
26:26हुआ सड़कों पर फ
26:38सिस्टम कि इसमें कुछ गलत दिखता ही नहीं उनको कि देखिए
27:25आखिर में जो आपने वीडियो देखा कि आखिर आखिर आखिर आखिर अपने वीडियो देखा
27:38कटिहार का है बिहार का जहां पर रेलवे ट्रैक पार करके ऐसे बच्चे जान जोखे में डाल कर जा रहे
27:43हैं एक्जाम देने
27:44आज देश में जिस शब्द की सबसे जादा चर्चा है उसकी तरफ बढ़ते हैं वो है जेंजी यारी भारत की
27:49वो यवापीड़ी जिनका भरोसा सरकार भी जीतना चाहती और जिनका भरोसा विपक्ष मी जीतना चाहता है
27:54दोनों पक्षों ने अपनी रणनीती को बदला है अपने राजनेतिक बयानों से लेकर अपनी तवाम योजनाओं में जेंजी युवाओं को
28:01शामिल करने की एक कोशिश की है और इस बात को आप इस वीडियो से भी समझ सकते है आज
28:07जब जम्मू कश्मीर से अनुछेत 370 को ह
28:11बटाये गए 7 साल पूरे हो गए तब सरकार ने खास तोर पर जेंजी युवाओं के लिए एक वीडियो जारी
28:16किया और इसमें ये वताया गया कि जिस कश्मीर को जेंजी युवाओं आज देखते हैं वो पहले ऐसा नहीं होता
28:22था
28:22यानि इस वीडियो से पता चलता है कि सरकार ने अपनी रणीती को बदला है और अब वो जेंजी युवाओं
28:27को ध्यान में रखते हुए कई चीजें कर रही है देखिए
29:00समय युवाओं आजाओं
29:27तो बदला बदला सा अंदाज है खेर आगे बढ़ते और आपको यह बताते हैं कि क्या मैचा के सीओ मार्क
29:32जकबर्ग और उनकी टीम के माफी मांगने से कोई बड़ा बदलाव आएगा
29:36या यह सोशल मीडिया कंपनिया आगे भी अपनी जवाब देही और जिम्मेदारी को बिलकुल नहीं समझेंगे
29:41जंतर मंतर के जैंजी आंदोलन में जो आपत्ती जनक और गाली गलोज वाले विडियो सोशल मीडिया पर वाइरल हुए थे
29:48और जिस मामले में फेस्बुक से प्रधानुती मोदी का एक पोस्ट पांच घंटे के लिए हटा दिया गया था
29:53उस मामले में आज मेटा कंपनी के वरश रधिकारियों की भारत सरकार के इलेक्ट्रोनिक्स और सुचना प्रधोगी की मंतराले के
30:00अधिकारियों के साथ बैठक हुए
30:02ये बैठक 45 मिनट तक चली जिसमें मेटा के सीओ मार्क जकबर्ग और उनकी टीम की तरफ से कई मुद्दों
30:09पर माफी मांगी गई है
30:11इनमें फेस्बुक से प्रधानुती मोदी का जो 23 जुलाई का विडियो हटाया गया था उस पर कंपनी के अधिकारियों ने
30:16अपनी घलती को स्विकार किया
30:18इन्सेग्राइम पर बच्चों के यौन शोशन से जुड़ी जो अशलील तस्वीरे और विडियोज मौजूद है उसके लिए माफी मांगी
30:26जंदर मंतर के अंदोलन के दौरान जो डीप फेक और AI से तयार किये गए फर्जी विडियोज बाइरल हुए
30:34उन्हें समय रहते इन्सेग्राइम से हटाया नहीं गया उन पर कंपनी की तरफ से माफी मांगी गई
30:39I am sorry कहा गया
30:41महिलाओं के खिलाफ जो आपती जनक विडियोज और abusive content यानी गाली गलोज वाले विडियोज है महिलाओं के खिलाफ
30:48वो इन्सेग्राइम पर upload हुआ इसके लिए भी माफी मांगी
30:52सबसे ज़्यादा हैराणी और अफसोस की बात ये है कि मेटा के अधिकारियों ने खुद ये माना कि
30:56इन्सेग्राइम पर इस तरह के आपती जनक content की पहुँच बढ़ाने के लिए उस पर पैसा खर्च हुआ था
31:02अपती जनक content बढ़ाने के लिए पैसा खर्च हुआ था
31:07ऐसे अशलील और अपती जनक विडियोस को बूस्ट किया गया था
31:13और ये गलती मेटा के अधिकारियों ने स्वीकार की और ये भी दोहराया कि आगे ऐसा नहीं होगा
31:19इस मेटा के चीफ ग्लोबल अफेर्स ओफिसर जोएल का प्लान, वाइस प्रेसिडेंट नील पॉट्स, सीनिर डिरेक्टर रफाइल फ्रांकेल और भारत
31:29में कमपनी के वरश्ट अधिकारी अमन जैन और प्रिया श्रिनवासन शामिल हुए
31:32जबकि भारत सरकार की तरफ से एलेक्टरोनिक्स और सूचना प्रोद्योगी के मंत्राले के एस्कृष्णन शामिल हुए
31:39मेटा की तरफ से ये माफी तब मांगी गई जब ये चेतावनी दी जा रही थी कि मेटा का सेफ
31:45हाबर प्रोटेक्शन खत्म किया जा सकता है
31:48यहाँ ये भी समझे कि सेफ हाबर प्रोटेक्शन होता क्या है जिसका ये कंपनिया इतना फायदा उठाती है
32:01इसका मतलब ये होता है कि अगर कोई व्यक्ति फेस्बुक या इंस्टरग्राम पर कुछ पोस्ट करता है तो उसकी कानूनी
32:12जिम्मेदारी यूजर की होती है
32:14ना कि इन सोशल मीडिया कंपनियों के हाला कि ये सेफ हाबर इन कंपनियों को तभी मिलता है जब ये
32:22भारत के कानूनों का पालन करें
32:25सरकार और अदालतों के आदेश मानें और आईटी नियमों के अनुसार जिम्मेदारी से काम करें
32:30अगर Facebook और Instagram का ये safe आवख खत्म हो जाएगा
32:34तो इन companies के platforms पर जो भी आपती जनक content प्रसारित होगा
32:39उनके लिए जम्मेदार कौन ये company मानी जाएगी
32:42और इन पर कानूनी मामला जादा बढ़ेगा
32:46शायद यही डर है कि मेटा की टीम ने माफी मांगने में देर नहीं लगाई
32:49और I am sorry कह दिया हलाकि ये पहली बार नहीं हुआ है
32:54तो सुनिए
32:5415 जनवरी 2025 को मेटा के CEO मार्क जकबर्ग ने अपने उस बयान के लिए माफी मांगी थी
33:00जिसमें उन्होंने एक पॉडकास में ये कहा था कि भारत के चुनावों मौजूदा सरकार सब्ता से बाहर हो गई
33:08जबकि उन चुनावों में प्रधानुती मोदी ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी
33:122025 में ही मेटा के आटो ट्रांसलेशन फीचर ने करनाटक के मुख्यमंती सिदार अमाया से जुड़ी एक पोस्ट का खलत
33:19अनुबात कर दिया था
33:20और उस वक भी मेटा ने माफी मांगी और आज तीसरी बार मेटा की पूरी टीम ने भारत से माफी
33:27मांगी है
33:28और यहां ऐसा भी लगता है कि मेटा ने माफी मांग कर खुद को रेस्क्यू करना सीख लिया है
33:33ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मार्क जकबर्ग अब तक 10 से जादा मामलों में खुद अदालत और संसत
33:39की कारवाई में पेश होकर माफी मांग चुके है
33:42इन में भी दो फर्वरी 2024 को अमेरिकी सेनेट में ये मुद्दा उठा था कि फेस्बुक और इंस्टर्ग्राम जैसे प्लाटफॉर्म्स
33:49पर बच्चों का यौन्ट शोशन बुलियंग और मांसिक स्वास्त से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही है
33:56और उस वक्त मार्क जकबर्ग को वहाँ सेनेट में पेश होना पड़ा
34:00वहाँ भी उन्होंने क्या कहा आइम सॉरी
34:04और ये सलसला 2007 से जारी है
34:07आज सवाल तो यह है कि अगर ये सोशल मीडिया कमपनी सालों से एक ही गलती करने के लिए माफी
34:12मांग रही है
34:14और वही गलती बार बार बार हो रही है
34:18तो इन पर भरोसा कैसे करें और कैसे मानने कि ये दुबारा यही गलती करके माफी नहीं मांग लेंगे
34:23मैं आज मेटा की कम्यूनिटी गाइड लाइन साब के अपने साथ लेकर आई
34:30ये हम नहीं पढ़ रहे
34:33ये कोई और भी नहीं पढ़ रहा
34:36ये हम लिखा भी हमने लिखा नहीं है
34:39किसने लिखा है
34:40ये मेटा नहीं लिखा है
34:42ये गाइड लाइन्स उनकी लिखी वोई गाइड लाइन्स है
34:45लेकिन ऐसा लगता है कि वो अपनी गाइड लाइन्स को भूल गये है
34:48ये लिखते हैं कि खतरनाक संगटनों और लोगों को उनके platform पर जगा नहीं दी जाएगी ये जो community standards
34:54है जिसमें authenticity अगर authenticity आपने capitals में अपनी community guidelines में लिखा है तो ये जो पहली ही जगा
35:04आप authenticity देख रहे हैं
35:06authenticity देख रहे हैं उसमें सबसे पहली बात तो यही आजाती है कि deep fake videos कैसे चल रहे हैं
35:14और खुले आप चल रहे हैं इतने आपती जनक महिलाओं को ऐसी स्थिती में दिखा जाता है तो फिर ये
35:22community guidelines जो आपने लिखी हैं हम तो बस याद दिला रहे हैं
35:27fraud, scam, safety की बात की है आपने हम ऐसा तमाम कांटेंट हटा देंगे जो किसी को भी physical security
35:38या किसी को risk या हाम हो जिसकी वजह से किसी को intimidate किया जाए या किसी को दबाने की
35:44कोशिश की जाए किसी को बुली करने की कोशिश की जाए privacy
35:49we are committed to protecting personal privacy and information, dignity, we believe that all people are equal in dignity
35:57यह सब कहां माना जा रहा है, गाली गलोज, अशलील विडियो और यह सब कुछ हमारे बच्चों के हाथ में
36:04जा रहा है
36:04बच्चों के यौन शोशन से जोड़ी जो अशलील तस्वीरे और विडियो मौझूद है, उन्हें भी promote नहीं करेंगे
36:10ऐसा आप अपने guidelines में खुद लिखते हैं, लेकिन सोचिए, इन community guidelines का पालन हो रहा है
36:15यह community guidelines कहती हैं कि dangerous organizations, individuals हम जगा नहीं देंगे
36:20fraud, scan, deceptive practice जगा नहीं देंगे, सब कुछ हो रहा है
36:25restricted goods and services, violence और incitement नहीं करेंगे
36:29जबकि भड़काओ चीजें किसी को मारने के लिए उकसाया जा रहा है, यह सब कुछ चल रहा है आराम से
36:35इस वक्त भी जब हम यह community guidelines पढ़ रहे हैं, उस वक्त भी जब मार्क जकरबर्ग और उनकी team
36:40ने
36:41I am sorry कहा, तब भी और इससे पहले भी जब जब वो I am sorry बोलता है, उसके बाद
36:47भी इस तरह का deep fake content नहीं हटा है
36:50Child sexual exploitation, adult sexual exploitation, human exploitation, suicide, self-injury, adult nudity, hateful conduct, privacy violations, violent graphic content,
37:04अपना ही community guideline बस एक बार पढ़ लीजे
37:07और फिर चले जाए इंस्टरग्राम पर जो आप लोग चला रहे हैं, जाकर देखिए अपना content, आपको समझ में आएगा
37:15कि आप क्या कर रहे हैं
37:16ये सारा अपती जनक content तो इंस्टरग्राम पर आसानी से दिख जाता है और जब सवाल उटते हैं, तो ये
37:21कंपनिया माफी मांग लेती है
37:23एक standard operating procedure ये बन चुका है, लेकिन हकीकत में इन माफी से क्या बदलता है
37:31Fake news, foreign interference in elections and hate speech, as well as developers and data privacy
37:39We didn't take a broad enough view of our responsibility and that was a big mistake
37:44And it was my mistake. And I'm sorry. I started Facebook, I run it, and I'm responsible for what happens
37:52here
38:05And this is why we invested so much and our hope to you doing the industry-leading efforts
38:10To make sure that no one has to go through the types of things that your families have had to
38:16suffer
38:19अगली खबर काप रुक करते हैं, आज बांगलादेश में जन्जी आंदोलन के बाद
38:22शेक हसीना सरकार के तखता पलट के दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन इन दो सालों में शेक हसीना
38:27ने बांगलादेश को भुलाया नहीं है
38:28वो आज भी बांगलादेश लोटने की बात कह रही है
38:33आज The Foreign Correspondence Club of South Asia की एक प्रेस कांफरेंस में शेक हसीना वर्चुली जुडी थी
38:40उन्होंने यहीं से अपने लोगों को संबोधित किया
38:43उन्होंने कहा कि बांगलादेश के लोगों ने पिछले दो वर्षों में बहुत दर जहला है
38:47चारों तरफ डर पहल गया है और इस दर को खत्म करने के लिए साल दिसंबर में वो बांगलादेश लोटेंगी
38:52चाहे ऐसा करने के बाद उनकी जान ही क्यों न चली जाए
38:55करीब 25 मिनिट के उनके संबोधन में सुरक्षा कारणों से उनका क्यामरा बन था
39:00इसलिए केवल उनकी आवास सुनाई दे रही थी
39:02उन्होंने कहा कि बांगलादेश की मौजूदा सरकार उन्हें जूटे मुकदमों
39:06मौत की सजा दिखावटी सुनवाई से डरा नहीं सकती
39:10चाहतरा अंदोलन और हंगामे के दौरान बांगलादेश छोड़ने को लेकर
39:13उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी पियम आवास की और बढ़ रहे थे
39:17उनके पास उस वक्त निकलने के लिए केवल 30 से 40 मिनिट थे
39:20हालात ऐसे बने कि उन्हें देश छोड़ना पड़ा लेकिन वो वापस ज़रूर लोटेंगी
39:34उनके मुताबिक वो मजबूरी में देश छोड़ कर गई थी
39:40अब आयोग में बीटेंट ए बेवेशं तो प्रीजान आए जो पीपोल और लगान का सी पर सुनाव थे लोगार शोड़ने
40:06के बाद से रहा हुआ है
40:08भारत में रह रही है और बहुत प्रवादेशन आप पर्सुनाल सेप्टी लोग अगो
40:10बांगलादेश उनके प्रत्यरपड की मांग कर रहा है शेक हसीना भी जानती है कि जैसे ही वो बांगलादेश पहुँचेंगी वैसे
40:15उन्हें गिरफ़तार कर लिया जाएगा और मुम्किन है कि फांसी दे दी जाएगा दरसल शेक हसीना के खिलाप बांगलादेश में
40:22663 मुक�
40:37अदालत ने शेक हसीना को मानफता के खलाफ अपराद का दोशी बांते हुए मौत की सजा सुना दी थी
40:44शेक हसीना का कहना है कि वो इन मुकदमों से डर्ती रही वो बांगला देश और बांगला देशियों की पीलडा
40:49को देखकर परिशान है
40:50उन्होंने अपने सम्बोधन में साफसाफ कहा है कि आज का बांगला देश वो बांगला देश रही जिसे उनके परिवार ने
40:5630 लाक लोगों ने अपनी जान देकर बनाया था
41:00उनका कहना है कि बांगलादेश आज एक असफल देश बन गया है जहां मानवाधिकार खत्म हो चुके हैं और वो
41:07फिर से दूसरा पाकिस्तान बन गया है जो भारत के पूर्व में है
41:14उनके खिलाफ एक छात्र आंदोलन को वो तखता पलट कर आजनीतिक हतियार बताती है उनके मुदाबिक छात्र आंदोलन कारियों से
41:22शांदी पूर्ण बाचीत चल रही थी लेकिन कुछ लोगों ने छात्रों को राजनीतिक हतियार बना और इस वज़े से आज
41:27हालात ये है कि �
41:28बांगला देश खत्म हो रहा है और अब बात करेंगे अगली खबर का पियोके पाकिस्तान के कबजे वाले कश्मीर में
41:35करीब 45 लाक लोग रहते हैं और इस वक्त वहां सेन निताना शाही चल रही है कहने के लिए वो
41:40वहां चुनाओ हो रहे हैं लेकि एक लाक से जादा पाकि
41:57पाकिस्तानी सरकार उनका शोशन करती है हलाकि अब की बार इस दिखावटी चुनाओ के लिए शाबाज और मुनीर ने एक
42:02खूनी प्लान बनाया था और उसी के तहट प्योके में चुनाओ और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का कुमार आ जा रहा
42:08है
42:0927 जुलाई को इस दिखावटी चुनाओ का पहला और 3 अगस को दूसा चरण था
42:1327 जुलाई से 3 अगस के बीच पाकिस्तानी सेना ने चुनाओ का विरोध कर रहे 30 से जादा प्रदर्शनकारियों को
42:19मार डाला है
42:21हम आपको पाकिस्तानी सेना की गोली बारी की चार तस्वीरे दिखाते
42:27यह तस्वीरे पाकिस्तानी सेना के जुल्म और बरबरता के सबूत है
42:31इसमें वो प्योके के मासूम नागरिकों पर अंधादन गोलिया चला रहे है
42:35और सबूत मिटाने के लिए उनकी लाशे हटा रहे हैं
42:38प्रदर्शन कारियों का नेत्रत्व करने वाली जॉइंट आवामी आक्षन कमिटी के मुताबिक
42:43दूसे चरण की वोटिंग तक करीब 90 प्रदर्शन कारियों की हत्याएं हो चुकी है
42:50पाकिस्तान अधिकरित कश्मीर में यह तथाकतित चुनाओ पूरी तरसे एक दिखावा है
43:00वास्तिविक स्थिती तो वहां हो रहे जन प्रदर्शन और पाकिस्तानी बलो द्वारा की जा रही निर्मम हत्याओं की है
43:10पाकिस्तान के सत्ता विवस्था ने जनता के असंतोष का जवाब गोली से, संचार बंदी से, धमकी से और दमन से
43:20दिया है
43:22और अब एक खोखले चुनावी अभ्यास के माध्यम से वैदता का भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है
43:30इसके लिए उसे जवाब दे ठहराया जाना चाहिए और विश्व समुदाय को मानव अधिकारों पर पाकिस्तान के पाखंड पुन उपदेशों
43:41के इस खोखले मुखोटर के पार वास्तिविक्ता को देखना चाहिए
43:47तो तस्वीरे आप प्रविरोध प्रदर्शन की वहाँ देखी रहे हैं जो बात भारत का विदेश मंत्रा ले कह रहा है
43:52वही बात इंटरनाशनल मीडिया भी बता रहा है लेकिन पाकिस्तान की बेशर्मी देखिए कि उसने पियोके में हो रहे ही
44:11बरवरता को चिपाने के लि
44:16दिया है विदेशी पत्रकारों को केवल इसलामबाद, लहौर और कराची में रहने का फर्मान सुनाए गया है पाकिस्तानी सरकार ने
44:24कहा है कि अगर विदेशी पत्रकारों को इन तीन चेहरों से बाहर जाना है तो उन्हें सरकार से एक NOC
44:29लेना होगा
44:30नो अबजेक्शन सर्टिफिकेट मतलब यह है कि पाकिस्तान ने ग्लोबल मीडिया पर सेंसर्शिप लागू कर दी है किसी तानाशाह की
44:38तरह शाबाज और मुनीर ने मीडिया पर ड़े प्रतिपंध लगाए है अभी हाल ही में अलजजीरा ने पाकिस्तानी सेना की
44:44गोली बा
44:46थी मारा जा रहा है कि इसी के बाद पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया पर सेंसर्शिप लागू कर दी है
44:53जजीरा एक बार फिर खबरों में है और उसकी वज़ा बनी है अलजजीरा की पाकिस्तान के जेरे इंतिजाम कश्मीर के
44:59शहर मुझफरा बाद से की गई हालिया इलेक्शन पर रिपोर्टिंग जिसके नतीजे में पाकिस्तान की हुकूमत ने उस पर पाबंदी
45:05आयत कर दी है
45:06पाकिस्तान में मीडिया की आजादी का मसला नया नहीं है गुजश्टा बरसों में सहाफियों टीवी चैनल्स और इविन डिजिटल प्लाटफॉर्म्स
45:13को मुखतले वाकात में दबाओ पाबंदियों और सेंसर्शिप के मसाइल का सामना रहा है
45:17अलजजीरा की पाकिस्तान से मुतालिक रिपोर्टिंग खास तोर पर सियासी और इंतखाबी मौामलात पर उसकी कवरिज ने एक बार फिर
45:24ये बहस छेड़ दी है कि क्या रियासतें मुश्किल सवाल पूछने वाले मीडिया को बरदाश्ट कर सकती है
45:29हर हुकौमत को कौ attitude कर थाफोस करने का हक हासल है लेकिन स्वाल है कि कौम सालापती कौं डिफाइन
45:35करता है
45:35और क्या कौमी सालामती के नाम पर ऐसी मालूमत को भी रोका जा सकता है जो अवामी मفाद में हो
45:43दस अगस को P.O.K. में आखरी चरण की फर्जी वोटिंग होनी है
45:46और तब तक पाकिस्तान की कोशिश रहेगी
45:48कि वो विदर्शी मीडिया को रिपोर्टिंग यहां पर ना करने दे
45:51ताकि जितने वोट डालने है वो डाले जा सके
45:54अब तो फर्जी चुनाओं के नकली नतीजे भी आने लगे हैं
45:57नकली नतीजों को देकर नवाज, शाबाज और मनीर तीनों बड़े खुश है
46:01हलाकि नकली खुशी में तख्ता पलट का डर भी है
46:09अब आपको बाड़ और बारिश का वो निर्दाई रूप दिखाएंगे
46:13जिसने असम को कभी ना भूलने वाला घम दिया है
46:16जहां असम की गोद में हर साल मौनसूने कभी शाब बनकर उतरता है
46:20लेकिन इस बार की तरास्ती ने भूगोल और इतिहास तोनों के पन्नों को पलट कर रख दिया है
46:26ब्रमपुत्र की उफंती लहरों और कुद्रत के बदलते मिजाज ने
46:29असम के उन इलाकों को भी अपने आगोश में इस बार ले लिया है
46:46उनके एक लाग बाईस हजार से जादा लोग अभी भी इस बार से बुरी तरह से प्रभावित है
46:50पूरे असम में 365 गाउं पूरी तरह पानी में डूबे हैं
46:55और 15,000 हेक्टेर से जादा कृशी भूमी बर्बाद हो चुकी है
47:36अज आपको यह भी समझना चाहिए कि असम के वो जिले जहां कभी भी इस तरह पानी नहीं जाता था
47:41भरता था वहां भी इतनी भीशन बाड कैसे आई असम के उपरी हिस्से के तीन जिले है
47:47शिवसागर, चराइदेव और जोरहाड परसों से बाड के नक्षे पर सुरक्षत ये माने जाते थे
47:53यहां छोटी-छोटी नदिया थी, फ्लाश-फ्लाद कुछी घंटों के लिए आते थे और फिर उतर जाती थी
47:58लेकिन इस बार यहां जो हुआ, उससे सबको हैरान कर दिया
48:01इसकी वज़ा प्राकृतिक भी थी और इंसानी भी
48:05इस आपदा की असली शुरुआत 18 से 20 जुलाई के बीच पड़ोसी राज्य नागलन में हुई
48:10बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ा, नागलन में कुल मिलाकर 181 प्रतिशत जादा बारिश हुई है, 181 पसेंट जादा
48:18उपरी इलाकों के जो मोकोक, चुंग, जिले हैं उनमें 493 प्रतिशत जादा बारिश तरज की गई
48:25मौन जिले में जुलाई की कुछ जो कुल औसत बारिश है उसका एक तहाई हिस्सा सिर्फ 8 घंटों में वरस
48:31गया
48:32असम के चराई देव जिले में भी इसी दौरान 436 प्रतिशत जादा बारिश तरज हुए, लगातार, मौनसूनी बारिश के कारण,
48:40पहाड़ियां पहले से ही पानी से साचुरेटेड थी, नतीजा ये हुआ कि तमाम पहाड़ियां ढह गई, उपरी इलाकों में बड़े
48:58पै�
49:01पूरे राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण, ब्रह्मोपुत्र नदी का मुख्य जलस्तर पहले से ही खत्रे के निशान
49:07से उपर था, जब नागालेंड और असम के उपरी इलाकों का पानी इसकी सहायक नदियों दिखो, दिसांग और जांजी के
49:14जरिये नीचे आया
49:18और बैक फ्लो की वज़ह से पानी वापस उपरी असम की बस्तियों के और पहुँच गया, लोगों का कहना है
49:24कि पानी का स्तर इतनी तेजी से उपर उठा कि वो अपने घरों से सामान नहीं निकाल पाए, मवेशी तक
49:30वो सुरक्षित बाहर नहीं निकाल पाए, असम में बा�
49:47पानी का तटबंद तूटने से नाजरा के चाय बागानों भी पानी ही पानी बढ़िया, डूब गए हैं, इसके अलावा अंधा
49:53दुन शेहरी करण, सडकों, घरों के विस्तार ने प्राक्रितिक स्पंज की जो तरह काम करने वाले निचले इलाके थे, वेटलान
50:00को खत्म कर �
50:02अब स्थानिय लोगों का अरोप है कि पहाडी तलहटी में हो रहे हैं अवैद खननन ने उन प्राक्रितिक चटानों और
50:07वनों को नश्ट कर दिया है, जो पहाडों से उतरने वाले पानी की रफ्तार को रोपते थे, अवैद खननन गतिविदियों
50:13के कारण, जल निकासी की व
50:31प्रक्रिति के भूगोल के साथ खिलवाड होगा, तब तक सुरक्षत माने जाने वाले इलाके भी इतिहास के सबसे बड़े जल
50:38प्रले का गवाह बनेगे।
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