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उदयनिधि स्टालिन की एक्ट्रेस तृषा पर अभद्र टिप्पणी, लगे ये आरोप, देखें ब्लैक एंड व्हाइट

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिना उमकश्यप और ब्लाक इन वाइप में आपका बहुत बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले आपको तमिलनाडो के पूर्फ डेबडी सीम उदे निदी स्टैलन के विवादित बयान के बारे में बताएंगे
00:10इस बार उन पर अभिनेतरी त्रशा कृष्णन को लेकर बेहत भद्धी और अश्लील टिपणी करने का आरोप लगा है
00:15इसके बाद उनके तमिलनाडो के मुक्यमंत्री जोसेफ विजय की पाटी ने उनके खिलाफ एफायार दर्च कराई
00:21और उन्हें ततकाल गिरफदार कर लिया गया
00:24पहली बार नहीं है जब उद्यनिदी स्टैलिन ने विवादत बयान दिया हो
00:27लेकिन जो विजय ने आक्शन लिया है बताएंगे बताएंगे बताएंगे
00:42कि विवादत बयानों को लेकर कुछ लोगों की राय शेहरा देख कर क्यों बगल जाते हैं
00:47और इसके बाद आपको पेपर लीक और धान्दी को लेकर राची में चल रहे है चात्रों के आंदूलन के बारे
00:51में बताएंगे
00:52और पूछेंगे कि जो लोग दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ सबसे आगे खड़े थे वो आज
00:57राची में नजर क्यों नहीं आ रहे है
01:00जंतर मंतर में जो लोग दिखे हैं वो जारकंड में क्यों छू मंतर हो गए
01:04जहारकन के हजारों युवा परिक्षाओं में धानली और पेपल लीग के खिलाब पिछले कई दिनों से शांदिक पुर्ण आंदोलन कर
01:10रहे हैं
01:11बारिश, खराब मौसम के बीच, फटे तिरपाल के नीचे बेटे इंचातरों की मांग सिर्फ इंसाफ है
01:16लेकिन हैरानी की बात है जिननेताओं कलाकारों सोशल मीडिया इंफ्लोएंसर ने दिल्ली के अंदोलन पर खुब आवास बुलंद की थी
01:23और अच्छा किया था
01:23आज वो इनके साथ खड़े क्यों नहीं दिख रहे हैं
01:26सवाल ये है कि क्या नियाई की एमांग सिर्फ राजनितिक फाइदे के तराजू पर तौली जाएगी
01:34और आखर मैं आपको बताएंगे कि क्या पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर यानी पियोके के अगले प्रधानवंजी नवाज शरीप बनने
01:40वाले है
01:41पियोके चनौ में पियमलन की विवादित जीत के बाद नवाज की सिच्छा पर चर्चा तेज हो गई है
01:46लेकिन चर्चा ये भी है कि कानूनी बेच और बिलावल भुटो की बगावत के चलते नवाज की एक कुरसी खत्रे
01:54में भी पढ़ सकती है
01:56लेकिन आज ब्लाक इन वाइट की शुरुआत हम इन तस्वीरों से करना चाहते हैं
02:00जिनमें उद्यन इधी स्ट्यालन का स्वागत एक हीरो की तरह आज हुआ है
02:04ये उद्यन इधी स्ट्यालन उन्हें फूल मालाएं पहनाई गई नारे लगाए गए
02:10समर्थकों ने जश्मनाया और ये भी तब हुआ जब आज सुबह तक उद्यन इधी स्ट्यालन की खूब आलोचना हो रही
02:16थी
02:16लोग पूछ रहते कि वो एक महिला को लेकर इतनी निम्नस्तर की बात कैसे कह सकते है
02:21ये वही मामला है जिसमें उद्यन इधी स्ट्यालने तमिलनाड के मुख्यमंत्री थलपती विजय को निशाना बनाने के लिए
02:29अभिनेत्री त्रशा कृष्णन को लेकर आपत्ती जनक टिपणी की थी क्योंकि दोनों की दोस्ती है
02:35और ऐसा लग रहा था कि लोगों में उनके खिलाफ घुसा दिखेगा और उनकी आलोचना की जाएगी
02:42लेकिन इन तस्वीरों ने आज एक नई बहस छेड़ दी है और यहां से एक खतरनाक राजनितिक ट्रेंड भी देखने
02:49को मिला है
02:51कदम कदम पर जो खबरें आ रही है वो बहुत सारे प्रश्ण खड़ एक ऐसा ट्रेंड जिसमें पहले एक नेता
02:57पत्ती जनक बयान देता है
02:59वो भी एक महिला के खिलाफ फिर उसके खिलाफ खानूनी कारवाई ऐसी होती है कि उसको अरेस्टी कर लिया जाता
03:05है
03:05और उसके बाद वही नेता खुद को पीड़त बताने लगता है और आखिर में गिरफ़तारी के को ऐसे पेश किया
03:12जाता है मानो उसने कोई बहुत बड़ा बलेदान दिया
03:15यानि असली मुद्धा पीछे चूट जाता है और पूरी बहस गिरफ़तारी पर आकर टिक जाती है यही लोग तंत्र के
03:22लिए सबसे हैरानी वाली बात है
03:25गिरफ़तारी सही है घलत है यह तो कोट तै करेगा यहां यह भी सोचे कि अगर गिरफ़तारी किसी जनहित के
03:32आंदोलन किसी बड़े सिद्धानत या जनता के अधिकारी अधिकारों की लड़ाई के लिए हुई हो तो उसे अलग नजर से
03:39देखा जा सकता है
03:40लेकिन यहाँ पर मामला क्या था? मामला किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली टिपड़ी का हो तो वहाँ
03:48सबसे पहले आत्ममंथन होना चाहिए ना की विजय जुलूस
03:53और वो भी अभिनेतरी त्विशा पर हमला क्यूं हुआ? सिर्फ इसलिए क्यूंकि वो मुख्यमंत्री विजय की दोस्त है
04:01जिस दिन राजनितिक पार्टियां उनके समर्थक अश्लील भाशा पर शर्मिंदा होने के बजाए उसका राजनितिक उत्सव और जश्न मनाने लगे
04:09उस दिन लोक तंत्र में समवाद की जगा सिर्फ शोर पचता है
04:14और यह तस्वीरे वही बता रहे हैं पहले देख लीज़ें
05:05तो वही हो रहा है जिसकी आशंका रहती है
05:08अब इसको जीत और हार पुलिटिकल नफा नुकसान के तराजू पर तोला जाएगा
05:14कि क्या जो गिरफतारी मुख्यमंत्री विजय ने की उसकी वज़े से उनको ही चोट पहुँचेगी राजनितिक रूप से
05:21और क्या स्टैलन को उसका फाइदा हो रहा है क्योंकि उनके लिए हुजूम इस वक्ते कठा है
05:27लेकिन इन सबसे दूर हुआ क्या है
05:29यहां में एक और सवाल पूछना चाहते हैं कि जो सिर्फ एक नेता या एक घटना का नहीं
05:33बलकि मारे पूरे राजनितिक रवय और मानसिक्ता का सवाल है
05:36कैसे पिश्वे महीने जंतर मंतर आंदोलन के दौरान कुछ युवाओं ने आपने देखा ही सोशल मीडिया पर
05:43दिन रात यही बवाल चल रहा है
05:52पूरे देश में बहुत बहुत है पक्षी दलोन के नेताओं ने कहा कि ऐसी भाशा गलत हो सकती है
05:58लेकिन ऐसे मामनों में F.I.R. दर्ज करना, गिरफतारी करना, अभी व्यक्ति की आजादी और समवैधानिक मुल्यों के खिलाफ
06:05है
06:05उनका तर्क था कि किसी की भाशा भले घलत हो लेकिन उसका जवाब जेल नहीं होना चाहिए
06:11और ठीक है जो प्रावधान कानून में हो उसी के तहट काम होना भी चाहिए
06:44लेकिन विवाध इतना बढ़ा कि प्रधानून्ती मोदी ने खुद एक विडियो संदेश जारी किया
06:45मुक्यमंत्वी विजय की दोस्त है अभिनेत्री त्रशा कृष्णन उनको लेकर अश्लील टिपणी की डबल मीनिंग में इतना भद्दा बयान दिया
06:54है कि वो बयान हम आपको बता भी नहीं जबता यही नहीं इस टिपणी को मुक्यमंत्वी सी जोसेफ विजय से
07:03जोड़ कर
07:03देखा गया और बयान सामने आते ही पूरे तमिल नाडू में वाद खड़ा हो गया और आप तो जानते ही
07:09किसी के खिलाफ एक बयान और उस बयान के बात कैसे सोशल मीडिया पर तरह तरह से किसी को जलील
07:16करने के लिए उसका दोनों ही तरफ के नैरेटिव वाले लोग इस्तम
07:31गिरफ्तार किया गया यह अभी नहीं तरह आप देख रहे हैं एक बात देखिए बिलकुल साफ है हम यह बिलकुल
07:39नहीं कहरें कि उद्येने दी स्टैलन पर कारवाई होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए अगर किसी सावजनिक मंच से किसी
07:45महिला की गरिमा को ठेस पहुंचा
08:01नहीं है जो मुख्यमंत्वी विजय कर रहे हैं तो दोनों तरह की बाते इसमें आ रही है और दोनों ही
08:07तरफ से अगर कोई महिला पर अभधर टिपनी करेगा तो खानूनी कारवाई होगी कोई भी शिकायत दर्च करा है इसमें
08:13एक प्रतिशत भी मद्भेद नहीं है लेकिन आ�
08:29पहा गया कि अभी व्यक्ति की आजादी का तर्क दिया गया लेकिन आज वहीं लोग उदैनेदी स्यालेंड की गिरफतारी का
08:34कई लोग स्वागत कर रहे हैं लोकतंतर में किसी नेता का विरोध करना उसके खिलाफ अपनी आवाज बुलन करना उसके
08:42खिलाफ बोलना जायज है
08:44लोकतंत्र की यही ताकत है लेकिन अशलील अपमान जनक अभध्र भाशा के खिलाफ उसका विरोध तो होना ही चाहिए
08:52लेकिन ये विरोध हर मामले में समान क्यों नहीं होता
08:57आज अगर उदे निदी स्यालन की गिरफतारी को सही कहा जा रहा है तो वही कसोटी उस समय भी लागू
09:02होनी चाहिए
09:03जब इसी तरह की अभध्र भाशा का इस्तमाल जन्तर मंतर पर हुआ
09:09ये दोरा माप डंड ये जो पुलिटिकल हिपोक्रिसी है इस पर बड़ा सवाल उठता है
09:14और यही वज़ा है कि हमें लगा कि आज सबसे पहले आपको ये अंतर दिखाना जरूरी है
09:18क्योंकि जब सही और गलत का फैसला सिद्धान से नहीं बलकि राज़तिक सुविधा से होने लगे तब लोग तंतर कमजोर
09:25होता है
09:25इस पूरे विवात के तीन किरदार है
09:28पहले है उदैनेदी स्टालिट
09:31दूसरे है मुक्यमंतरी सी जोसेफ विजय
09:34और तीसरी है अभिनेत्री त्रशा क्रिश्न
09:37और ये पूरा मामला जो है वो तीन अगस्ट से शुरू होता है
09:42तीन अगस्ट को
09:45अगर आप देखें
09:48डियेमके के कावेरी जल विवात को लेकर एक बड़ी राली कर रही थी
09:53और ये तंजवुर में हो रहा था
09:56उदे निदी स्यालन का आरोप था कि करनाटक तमिलाड को उसके हिस्से का पानी नहीं दे रहा है
10:01मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय इस मुद्दे पर चुप है
10:03कावेरी का मुद्दा तमिलाड के लाखों किसानों की जिंदगी से जुड़ा हुआ
10:07दे कि असल मुद्दा कैसे जो गंभीर मुद्दा है वो कैसे पीछे रह जाता है
10:12गाली गलोज किसने किसको अरेस्ट किया उस पर मुद्दा चला जाता है
10:15मुद्दे को भटकाने की भी जो स्ट्राटेजी होती है
10:18इस मुद्दे के बीच उद्रे निदी स्यालिंग के भाशन के दौरान भीड के एक हिस्से ने अचानक त्रिशा-त्रिशा के
10:24नारे लगाने शुरू की
10:26उस वक्त उद्रे निदी स्यालिंग चाहते तो भीड को तुरंत रोक सकते थे
10:30कहते थे कि हम यहां किसानों कावेरी के मुद्दे पर बात करने आए हैं किसी महिला पर टिपणी करनी सही
10:38नहीं है
10:39वो ये भी कह सकते थे कि हमारी शिकायत मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ है
10:44एक अभी नेत्री का यहाँ पर नाम नहीं लिया लाना लेकिन ऐसा नहीं हुआ
10:48पहले मुस्कुराए उसके बाद उन्होंने ऐसी टिपड़ी की जिस पर अफसोस चताने के लिए भी शब्द कम पड़ जाएंगे
10:55अगर डबल मीनिंग की सारी सीमाओं और मर्यादाओं को लांकर कोई बयान दिया जा सकता है तो वो बयान उदैनेधी
11:02स्टालिन ने दिया
11:03और इसी बयान के बाद विवाद भड़क गया और आज उदैनेधी स्टालिन की गिरफ्तारी हुए पहले ये बयान सुख लो
11:10आणा एनने के ओर सोट्ट थन्नी इरुकोड वरलू
11:14आणा इदा पत्ती एनने के कोड़ीए
11:18मुझलमेच्छर वाय थर्णदु पेसरारा
11:21पेसम पट्टेंगिदर
11:23अवर करिकर कोड़ीए उड़े कवल एनना
11:27थीम मुगा मेल एनना पोई वड़क्क पोड़ला
11:29इनना पोई केस पोड़ला इनके तन्नी वर्दो अग्या तन्नी वर्णो अग्या का विड़ी सुन्ने
11:49कि ये सेफायार के आधार पर उदैने थी स्ट्यालिन को गिरफ्तार किया गया
11:53वो मुख्यमंत्वी सी जोसेफ विजय की पार्टी टीवी के की एक महला नेता की शिकायत पर दर चुनी थी
11:59टीवी के ने इस मामले की शिकायत राज्य महला आयोग से भी की है
12:03और पूरे तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन किये गए है
12:06वहीं दूसी तरफ दीमके भी इस गिरफ्तारी को राजनेतिक बदले की कारवाई बता रही है
12:11उद्य नदी स्टैलिन का कहना है कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था और उनके बयान को खलत तरीके
12:16से पेश किया गया
12:17उनका ये भी दावा है कि उनके खलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार है
12:21हाला कि वो इस बात से कैसे इंकार कर सकते हैं कि वहाँ पर ट्रिशा के नाम के नारे लगाए
12:27गए और उसके बाद उन्होंने ये कमेंट किया
12:30सुए
12:53इस टिपड़ी के लिए उद्यनिधी स्यालन पर कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्च हुआ है
12:58यानि अगर अगर अदालत इन धाराओं में उद्यनिधी स्यालन को दोशी मान ले तो वो कम से कम साथ साल
13:04के लिए जेल में जा सकते हैं
13:06हलाकि मद्रास हाई कोर्ट ने उन्हें स्टेशन बेल पर रहा करने के आदेश दे दिये हैं
13:11इसका मतलब यह हुआ कि पूछताच के बाद पुलिस स्यालन को आज जमानत दे दी गई
13:17और कल वो तमिलनाड़ के विधान सभा सत्र में शामिल हो सकते हैं
13:22यहां इस बात को भी याद रखिएगा कि उदेश निदी स्यालन पूर्व मुख्यमंत्री करुणा निदी के बेख पोते हैं
13:28जिनकी सरकार पर आज से 37 साल पहले जै ललता को विधान सभा में अपमानत करने का आरोप लगा था
13:36तमिलाड की राजनीते में हमेशा यह चर्चा होती है कि प्रतिशोध में जो भी सत्ता में आता है
13:42वो अपने विरोधी को तुरंथी किसी ना किसी बहाने जेल पहुँचाता है टागेट करता है उसके खिलाफ ऐसी कारवाई करता
13:52है जिससे एक मिसाल बने
13:54अब देखे उस वक्त 25 मार्च 1989 को विधान सभा में मुख्यमंत्री करोणा निधी जो है वो बजट पेश कर
14:03रहे थे विपक्षे पहले जलेलता के स्तीफे और उससे जुड़े विवाद को लेकर हंगामा शुरू गया बहस के दोरान जलेलता
14:10ने करोणा निधी पर तीखे आ
14:24इस ही अफरात अफरी के दोरान जब जएल अलता को सुरक्षा घेरे में लेकर सदन से बाहर निकाल रहे थे
14:30तब जएल अलता ने आरोप लगाया कि ततकालीन DM के मंतरी दुरई मुरूगर ने उनकी साड़ी पकड़ कर खीची। उनका
14:39आरोप था कि उस वक्त उनकी साड़ी क
14:54की बात होती है तो ये जरूर सुनाया जाता है और आज अब उदैनिदी स्टैलन ने अभिनेत्री तरशा क्रिशनन को
15:01लेकर आपत्ती जनक और डबल मीनिंग बात कही है तो लोग इस घटना को फिर से याद कर रहे हैं
15:06यहां एक सवाल और समझे और वो यह है कि आखर तमिलाड
15:08की राजनीती में जब भी मुख्यमंत्वी सीजोसेफ विजय पर हमला करना होता है तो बार-बार अभिनेत्री तरशा क्रिशनन का
15:15नाम ही क्यों सामने आता है
15:17उदरनीती स्टालेन से पहले इसी साथ फरवरी महीने में बीजेपी नेता नैनार नागेंद्र उन्होंने भी विजय पर तंच कसते हुए
15:27पूछा था कि वो तरशना क्रिशन के घर से बाहर कब निकलेंगे
15:29और बात में विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली थी
15:35यानि अलग-अलग पार्टियों के नेता लेकिन निशाना एक ही
15:39अब जरा सोचें कि अगर किसी नेता से राजनितिक लड़ाई लड़नी है
15:44तो उसमें एक महिला को बीच में घसीतना क्यों जरूरी हो जाता है
15:48आखिर इन नेताओं की मानसिक्ता में दिक्कत क्या है या फिर इनकी जो वैचारिक सोच है
15:54वो इतनी संकिर्ण इतनी लगू कैसे है
16:00कि वो इससे आगे बढ़ नहीं पाते है और यह मानसिकता आपको राजनिति में हर जगा मिल जाएगी
16:04यहां यह भी देखिए कि मुख्यमंत्वी सी जोसेफ विजय और तृष्णा कृष्णन आखिर दोस्त कैसे बने
16:08और इस रिष्णे पर इतनी राजनितिक छीटा कशी आखिर क्यों होती है
16:13इसकी शुरुआत साल 2004 में तब हुई जब घिल्ली नाम की फिल्म में थलपती विजय और तृष्णा कृष्णन को एक
16:21साथ देखा गया था
16:22दोनों उसमें आक्टिंग कर रहे थे
16:23उसमें थलपती विजय तमिल फिल्मों के बड़े सूपर स्टार बन रहे थे
16:27तृष्णा कृष्णन भी तेजी से अपनी पहचान बना रही थी
16:30घिल्ली जब रिलीज हुई तो उसने बॉक्स आफिस पर धमाका किया
16:33यह सिर्फ सूपर हिट फिल्म नहीं हुई बलकि तमिल सिनमा की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाने लगी
16:39फिल्म में विजय और तृष्णा की जोड़ी लोगों को इतनी पसंद आए कि दोनों की ओन स्क्रीन केमिस्ट्री चर्चा का
16:46विशय बनने
16:47इस फिल्म का गाना अपड़ी पोडू आज भी तमिल सिनमा के सबसे लोगप्रिय गानों में गिना जाता है
16:54इतना ही नहीं दोजार चौबीस में जब फिल्म के बीस साल पूरे हुए तो इसे दोबारा सिनमा घरों में रिलीज
16:59किया गया
17:00और दर्शकों ने एक बार फिर उसी उत्सा के साथ इस फिल्म को देखा सुचे बीस साल बाद
17:07गिल्ली की सफलता के बाद दोनों ने कई फिल्म में साथ की
17:102005 में तिरुपाची 2006 में आती 2008 में कुरूवी फिल्म आई
17:17लागातार हिट फिल्मों के बाद विजह उतिशना तमिल सिनमा की सबसे पसंदीदा जोड़ी में शामिल हो चुके थे
17:23लेकिन फिर दोनों में करीब 14-15 साल तक कोई फिल्म साथ में नहीं की
17:28दोनों अपने करियर में आगे बढ़ते रहे लेकिन उनके प्रशनसक हमेशा उनकी वापसी का इंतजार करते रहे
17:33कहा जाता है कि इसी दौर में थलपती विजह ने ऐसी फिल्में जादा की
17:37जिनमें वो सामाजिक मुद्दों के साथ अपनी एक एंगरी यंग मैन की चबी गड़ रहे थे
17:42इनी तमाम फिल्मों के बाद साल 2020 में लियो फिल्म आई जिसमें एक बार फिर थलपती विजह और तिशा कृशनन
17:48को साथ देखा गया
17:49और दोनों को लेकर फिर से कई अफ़ाहें उनने लगी यह सलसिला तब और बढ़ा जब नॉर्वे के ओसलो में
17:55दोनों की साथ टहलते हुए तस्वीरें वाइरल हुई
17:58फिर लंडन के हीट्रो एपोर्ट पर दोनों साथ दिखे तो कुल मिलाकर आप समझ रहें कि इस तरह की एक
18:04फोटो और उसके बाद से सोशल मीडिया पर तरद तरह की कहानिया बाते और इन सब के ज़र ये कई
18:10मीरिया रिपोर्ट में दावा हुआ की दोनों साथ हैं और इस व
18:28और आं त्रिशा के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी लोगों का ध्यान जाने लगा किछने लगा उससे भी जो लोग
18:33चाते थे उतरह तरह की बाते कर रहे थे तलपती विजय के जन्दिन पर उन्होंने उन्हें दे बेस्टेस्ट लिकर शुब
18:40कामनाय दी जबकि 24 में विजय की
18:56खिल्ली को यादकार बनाया था
18:59फिल्मों के अलावा भी दोनों का इसाफजनिक कारिक्टर मों में साथ दिखाई दिये हैं
19:03दोजाट 26 के तमिलनाड विधान सभा चुनाओ के दौरान दोनों की तस्वीरें काफी चर्चा में रही
19:08चार मई को जब विजय की पार्टी ने एतिहासिक जीत दर्च की
19:13उसी दिन त्रशात तेरुपती बाला जी मंदर में दर्शन करने पहुंची
19:16कई लोगों ने इसे विजय की जीत से जोड़ कर देखा
19:20लेकिन इसकी भी अभी कोई आधिकारिक पुष्टी कभी नहीं हुई है
19:24ना त्रशा ने कहा है कुछ ना थलपती विजय ने
19:2810 मही को विजय के मुक्यमंत्री पत के शपत करहर समारों में भी त्रशा मौजूद थी
19:34और 23 जुलाई 2026 को ने चन्नाई के रोहिनी थेटर में विजय की फिल्म जन नाइकन देखते हुए भी देखा
19:40गया
19:40जिसके कारण जो नेता मुक्यमंत्री सी जोसेफ विजय की राजनीती के विरोध करते हैं
19:44वो नेता उनके समर्तक त्रशा कृष्णन पर गंदी राजनीती और सोशल मीडिया पर गंदी भाषा का इस्तमाल करते हैं
19:51और ये राजनीती आज भी जा रही है जबकि हमें हैरानी होती है कि हर बार राजनीती में महिलाएं सौफ
19:56टागेट क्यों बन जाती है
19:57या महिलाओं को अपनी राजनीती चमकाने के लिए अबजेक्टिफ आई क्यों किया जाता है
20:03यहां ये भी सोचे कि जिस मंच पर तमिलाड के किसानों की बात होनी चाहिए थी
20:07बहां उदैन इदी स्टालन ने लाकों किसानों का नुकसान किया
20:12आप इन तस्वीरों को देखिए जो 33 पल्ली से आई है
20:15और वहां किसानों ने अपने शरीर को रेत में जिन्दा गाड़ कर विरोध प्रदर्शन किया है
20:20और ऐसा उन्होंने किसी नाटक के लिए नहीं किया है
20:23या पुलिटिकल माइलेज के लिए नहीं किया है
20:25बलकि इसलिए किया ताकि सरकारों को ये बता सकें कि अगर उन्हें कावेरी का पानी नहीं मिला
20:31तो उनकी खेती भी जिन्दा दफन हो जाएगी
20:34उनके परिवारों का भविस्षे भी दफन हो जाएगा
20:37यानि ये मुद्धा राजनीती का नहीं है
20:39ना ही ये किसी मुख्यमंत्री की दोस्त को लेकर टिपणी करने का है या हलके अंदाज में हसने का है
20:47और डबल मीनिंग जोक्स का है ये लाखों किसानों की रोजी रोटी है लेकिन अफसोस इस गंभीर मुद्दे पर बात
20:55होने के बजाए उधर निधी सैलन इस चर्चा को तु
21:09और अब माला पहना जा रहा है आज हम आपको इन किसानों की पीडा भी दिखाना चाहते हैं जिनका अंदोलन
21:13कभी हेडलाइन नहीं बन पाता है
21:16कावेरी नदी को दक्षण भारत की गंगा कहा जाता है जो करनाटक, तमिलनाड, केरल और पुडुचेरी के लाकों लोगों किसानों
21:23की जिंदकी चलाती है
21:24करीब 800 किलोमेटर लंबी ये नदी करनाटक के कोड़गू जिले के तल कावेरी से निकलती है और तमिलनाड से होकर
21:32बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है
21:34इसका कुल क्षित्र करीब 81,000 वर्ग किलोमेटर में फैला है और सबसे एहम बात ये है कि कावेरी नदी
21:42के पूरे बेसिन का लगभग दो तिहाई हिस्सा खेती के लिए इस्तमाल होता है
21:47याई दक्षुन भारत के लाखों किसानों के लिए ये सिर्फ एक नदी नहीं बलकि उनकी जीवन रेखा है
21:54लेकिन यही नदी कई दशकों से करनाटक और तमिलनाड के बीच विवाद की वज़ा भी बनी हुई है
22:00और यहाँ आप कारण भी समझे है
22:02कावेरी नदी का जन्म करनाटक में होता है लेकिन इसका सबसे बड़ा हिस्सा तमिलनाड में बहता है
22:07और दोनों राज्यों की खेती इसी पानी पर निर्भर है
22:11बारिश अच्छी होती है तब विवाद कम हो जाता है
22:14लेकिन जैसे ही बारिश कम होती है दोनों राज़ों के पीछ टक्राव शुरू हो जाता है
22:18कई साल तक ये मामला अदालतों में चलता रहा कई बार हिंसा हुई कई लोग नों इस हिंसा में अपनी
22:23जान तक गवाई
22:25और आखिरकार सुप्रीम कोट ने कावेरी के बटवारे का फॉर्मूला तै किया
22:29कोट ने कहा कि हर साल तै मात्रा में करनाटक को तमिलनाड के लिए पानी छोड़ना होगा
22:34इसके लिए दोनों राजियों की सीमा पर बिली गुंडलू नाम की जगा तै की गई जहां ये मापा जाता है
22:41कि बास्तव में कितना पानी छोड़ा गया है
22:45अब आप पूछेंगे कि जब अटवारे की विवस्ता है तै है तो फिर विवाद क्या है तो कारण है वो
22:51भी समझे
22:5228 जुलाई 2026 को दिल्ली में कावेरी वाटर रेगुलेशन कमेटी यानी CWRC की बैठक में
22:57कमेटी ने करनाटक को नर्देश दिया कि वो 29 जुलाई से लगातार 15 दिनों तक रोज इतना एक लिमिटेड जो
23:06क्यूसिक पानी है
23:07जाना 3500 क्यूसिक पानी जो है वह तमिलार्डु के लिए छोड़े अगर ऐसा होता तो तमिलार्डु के करीब साथ ही
23:154000 million cubic feet पानी मिल जाता लेकिन तमिलार्डु का रोफ है कि ऐसा हुआ नहीं उनका कहना है कि
23:22आदेश 3,000 क्यूसक पानी छोड़ने का था लेकिन सीमा पर सिर्फ 158 से 550 क्यूसक पानी ही पहुँचा
23:31यानि जितना पानी मिलना चाहिए था उसका एक छोटा सा हिस्सा मिला
23:35इसी वज़े से मुख्य मंचुई सी जोसेब विजय की सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँची
23:39सरकार की मागे कि करनाटक को तैह हिस्से का पानी चोड़ने का आदेश दिया जाए
23:43कावेरी समझोते का पालन कराया जाए
23:47यहां ये भी सवाल है कि क्या करनाटक जानबूच कर पानी रोकता है तो इसका जवाब है नहीं
23:51इस साल पूरे दक्षन भारत में सामाने से कम बारिश हुई है करनाटक में करीब 11 प्रतिशत तमिलनाडू में 13
23:57प्रतिशत केरल में 23 प्रतिशत पुड़ुचेरी में 25 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है
24:03यानि सिर्फ तमिलाडू ही नहीं, पूरा दक्षन भारत पानी की कमी से जूच रहा है। करनाट का कहना है कि
24:09उसके बड़े बांध इस बार भर ही नहीं पाए। दावा है कि कावेरी में आने वाला पानी पिछले 30 साल
24:15से औस तन करीब 86% कम है। और यही वज़ा है कि पहले उस
24:31पानी के लिए इंतजार कर रहे हैं, मिट्टी में अपने शरीर को गार कर विरोध कर रहे है। लेकिन अगर
24:39वही बात है कि अगर करनाटक की मजबूरी है तो तमिलाडू की भी उतनी ही बड़ी मजबूरी है। उनके किसानों
24:44की क्या हालत है आप देख रहे हैं। तमिलाड�
24:50का जो एक पूरा कावेरी डेल्टा है उसको तमिलाडू का राइस बोल यानि धान का सबसे बड़ा इलाका कहा जाता
24:58है।
25:07अब ऐसे में उनके सामने क्या स्थिति अगर इसी समय करनाटक से पानी नहीं आया तो पूरी फसल समझ लीजे
25:14कि खत्रे में पढ़ गई।
25:18पिशे साल समय पर पानी मिलने से करीब साथ लाक एकर में खेती हुई थी लेकिन इस साल अब तक
25:24बहुत कम हुआ है।
25:29लाकों किसानों की आये उनकी साल भर की मैनत दाव पर लगी हुई है और इसलिए ये मुद्दा बहुत बढ़ा
25:33है।
25:34इस तांजापूर पूरे कावेरी डेल्टा पर पड़ा है।
25:36तमिलनाडू का अनभंडार कहा जाता है और इस तांजापूर में जाकर उदेनेदी स्टैलिन ने क्या किया वो आपने देखी लिया।
25:42खैर तमिलनाडू में किसानों का जो विरोध प्रदर्शन चल रहा है उसके बारे में शायद आपको पता भी नहीं होगा
25:47और ऐसा नजाने कितने विरोध प्रदर्शन हो रहे होंगे जो कभी लोगों तक पहुच ही नहीं पाते।
25:54इनी में से एक है जारकन का जैंजी आंदोलन पेपर लीग परिक्षाओं में धानली के उसी मुद्दे को लेकर शुरू
26:00हुआ जिस पर जंतर मंतर का आंदोलन हुआ था।
26:22उनमें 90% हैं जिन्होंने जारकन लोग सेवा आयोग की परिक्षा के लिए तैयारी की थी और अपने कई साल
26:29इन परिक्षाओं को उन्होंने दे दिये थे।
26:32लेकिन आज इन छात्रों की डीपी लगाने वाला, इनकी रील्स शेर करने वाला, इनके मुद्दों पर इंस्टाग्राम की स्टोरी डालने
26:40वाला, दिख नहीं रहा।
26:44ना नेता, ना कलाकार, ना बड़े इंफ्लूएंसर्स, यह अंदोलन अब तक शांती पूर्ण रहा है और यह चात्र अपनी मांग
26:52रख रहे हैं।
27:44उन्हों ने एक भी पोस्त या बयान नहीं दिया है।
27:46समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जंतर मंतर का अंदोलन पूरे जोर शोर से उठाया।
27:50उनकी पार्टी के कई सांसा जंतर मंतर पहुचे लेकिन जारकन के चात्र अंदोलन पर अभी तक कोई बात सामने नहीं
27:56आए।
27:57इसके लावा दस से जादा बार जंतर मंतर के अंदोलन में मंच पर दिखने वाले अर्विन केजरिवाल, बिहार में विपक्ष
28:04के नेता ते जस्वी यादव जंतर मंतर जाने वाले जो कई शिवसेना गुटके जैसे उधव ठाकरे, उनके बेटे आदित्ते ठाकरे,
28:12शरत प
28:26जाने के रहे कि जंतर मंतर के आंदोलन में बोलना, उनको समर्थन देना वो बहुत अच्छी बात थी, क्योंकि छात्र
28:32निकले थे और वो इस सिस्टम से इस विवस्ता से ठक हार कर निकले थे, जहाँ पर पेपर लीक के
28:37बाद पेपर लीक और उनके पूरे भविश्च पर उ
28:54होना जरूरी था, वो पेपर लीके खिलाफ थे, आज इन चात्रों के साथ खड़ा होना जरूरी है, जारकन का या
29:01अंदोलन भी परिक्षा में धांदी के खिलाफ है, लेकिन अगर इसके समर्थन में कोई नहीं आता है, तो सवाल खड़े
29:06होते हैं, यहाँ बात सिर्व विव
29:24पेंसर की हैं, जो उस पर खुब बोल रहे थे, लेकिन इस वक्त वो नदारत है, और यह सोचिए कि
29:33यह चात्र कौन है, यह बीजेपी के चात्र नहीं है, जो इनका समर्थन ना किया जाए, इनमें कई चात्र ऐसे
29:38हैं, जो कहते हैं कि उन्होंने हिमन सुरेन और कॉंग्रस को
29:40जिताने के लिए 2024 के विधान सवाद चुनाओं में वोट दिया था, लेकिन अब यही चात्र कहते हैं कि आज
29:46जब इन्हें इनसाफ की जरूरत है, इन्हें एक स्टेडियम में संखर्ष करने के लिए छोड़ दिया गया है, सुनुए
29:52में जो नीट पेपर लिख हुआ, वहाँ चात्र जंतर मंतर में परदसन किये, प्रोटेस्ट किये, सरकार से अकॉंटिबिलिटी मांगे, उन्हें
29:59अकॉंटिबिलिटी मीनी, धर्में पढ़ाने रजिगनेशन दिया, जारकर में तो सिच्छा मंतरी भी नहीं है, जारकर की स�
30:05सरकार होना चाहिए, यहाँ भी सरकार को एकॉंटिबिलिटी देनी चाहिए, प्रोटेस्ट का मुझे लगता ना मेरा सपना तोट गिया, वो
30:11दुख मेरा बहुत अंदर का दुख है, तो कहीं ने कहीं मेरा दुख ना, इन लोग का आवाद तो बनी
30:19गया,
30:21सोसल मेडिया में आके रोना अच्छी बात नहीं है, जब मैं समाज को सुधाने का बात करती तो मैं रो
30:29नहीं सकती हूँ, मेरे पापा हमेशा मुझे टाइम लाइन देते हैं, बेटा, 2022 लास्ट है, हमको भी बहुत टाइम मिला,
30:35ऐसे बोलके, 2022 लास्ट है, 2023 तुमको देख ल
30:59को जब मेंसका हम लोग को सबस्केति है, पूर को बता दिया जाता है कि इस पार्टी से एस पार्टी
31:16से ऐसा भी बात होता है,
31:18आपको लग रहा है, इतना रात हो गया और हम लोग जग रहे हैं, किस पार्टी के लिए जग रहे
31:22हैं, यह कोई मेला नहीं सजा है, यह छात्रों का भीचर दाव में लगा हुआ है, हम लोग इतना पीडित
31:29हैं कि हम बता नहीं सकते हैं, कभी भी नेशनल न्यूज ने हम लोग क
31:32अजे इतना बढ़ा है ये दैश झारकण सीफ खनिजओं के लिए बनाया गया है क्या हम लोग को चाहिए कि
31:39इस देश के सारे जो नैस्नल नीूज hydrin वाले हैं वो आये-दिखाए
31:56काफी परिसान है हमारी बातों को सुमिए आज हमारी मांगे मांगे जिए हम कल से लाइबरेरी में होगे हमारे यहां
32:05कोई काम नहीं है हम कोई आंदोलन कारी यह करांती कारी यह अंगामा खाड़ा करना हमारा कोई मकसद नहीं है
32:10हम छात्र हैं और सिर्फ छात्र है
32:14बहुत सारे लोग ये सवाल भी पूछ रहे हैं कि कौक्रो जंता पार्टी के संस्थापक अभीजीद दीपके इस आंदोलन में
32:19शामिल क्यों नहीं होने, क्यों नहीं पहुचे हैं
32:22तो अभीजीद दीपके का कहना है कि उन्होंने राची में धरने पर बैटे चात्रों से विडियो कॉल पर बात की
32:26है और ये कहा है कि वो जल्द वहां आने की कोशिश करेंगे
32:30कले आनी पांच अगसे महराश के संभाजी नगर में कौक्रो जनता पाटी की बैठक होने वाली है और इस बैठक
32:35के लिए दिल्ली से कई नेता वहां पहुच रहे है
32:37बड़ी बात है कि अभी जीद दीप के खुद जारकन के आंदोलन में शामिल होने जाएंगा नहीं अभी इस पश्ट
32:43नहीं है
32:44इस भी जारकन में पिछले 11 दिनों से चल रहा चात्रों का ये आंदोलन अब बड़ा रूप लेता जा रहा
32:49है
32:49प्रदशनकारी चात्रों ने एलान किया है कि वो इसी 10 अगस्त को रांची में जारकन विधान सवा तक एक शान्ति
32:55पूर्ण मार्च निकालेंगे
32:56और सरकार से जारकन लोग से वायो और जारकन स्टाफ सेलेक्शन कमिशन की परीक्षाओं में बड़े सुधार करने
33:01परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने पिष्टी परीक्षाओं में हुई धानली की निश्पक्ष जांच करने की मांग करेंगे
33:07प्रदशनकारी चात्रों का ये भी कहना है कि वो CID से नहीं बलकि CBI से परीक्षाओं में धानली की जांच
33:13कराना चाते हैं
33:43यही अभी पूरा पेच फसा हुआ है।
33:44और इसी मांग को लेकर यह पूरा अंदोलन फसा हुआ है।
34:14इन में कई चात्र थे और बाकी सॉलवर गैंग के लोग थे जो दस लाख रुपे लेकर कई लोगों को
34:19परिक्षा में आने वाले सवाल बताने जबाब याद कराने का दावा कर रहे थे।
34:25जब यह मामला खुला तो कई चात्रों ने बताया कि इस परिक्षा का पेपर लीक हो चुका है।
34:29और इसे में बिहार का अतुल वच्छ मास्टर माइंड है लेकिन सरकार और पुलिस ने चात्रों के इन आरोपों को
34:35सेरेसे खारिच कर दिया है।
34:37ये कह दिया है कि ये मामला चात्रों से ठगी का है ना कि पेपर लीग और इसी के बाद
34:41कई चात्रों ने पुलिस की मंचा पर सवाल खड़े किये हैं और ये कहा कि जारकन के हर बार पेपर
34:46लीग होता है और हर बार इस मामले को पुलिस से दवा दिया जाता है और विवाद जा�
34:52आज CIG को सौबती चाती है लेकिन आप इसे वो सुविकार नहीं करेंगे और यहीं मुद्दा उठाते हुए CBS जाज
34:58की मांग जो चात्र वहाँ पर है वो आंदोलन कर रहे हैं जिससे कई लोग स्विच्छा से अपनी मदद के
35:03लिए आ गया रहे हैं और चात्रों ने भी कहा है क
35:05कि वो मर्तेदम तक संघर्ष करने के लिए तयार है कि कार हमारी ऐसी नौवत कर दिये एक अश्पत्र लेके
35:15आभी मांग पर जावाई है उससे दुग भी बहुत है क्योंकि आज अब देख रहे हुए दसराई 11 दिन हो
35:22गया है लेकिन अभी तक कोई किसी ने पहल नहीं लिए
35:25सेटी को जाज करने देता है सरकार का उत होता है जो चाहेगा वहीं करवाएगा हम लोग कर देख करके
35:36चाहतरों का उत्सा और बढ़ा है और इसलिए जो लडाई का जो सहास है
35:57वह चातरों के बीच में और बढ़ा है और जब तक मांगे हमारी पूरी नहीं होगी हम लोग लड़ेंगे
36:11जो आरोफ है कि सीटे बेज दी जाती है आम बच्चे जो तयारी करते हैं वो टक्टकी लगाए बैठे रह
36:19जाते हैं नौकरी कोई और ले जाता है पैसे वाले को नौकरी मिल जाता है
36:24तू इधर उधर की बात ना कर ये बता की कारवा किसने लुटा रह जानों से कोई गिला नहीं है
36:42हम ये कहना चाहते हैं कि तू इधर उधर की बात ना कर ये बता की कारवा किसने लुटा
36:49मुझे रह जानों से कोई गिला नहीं है तेरी रहबरी पर सवाल है
37:05सांदोलन पर मुख्यमंति हिमंट सुरेन ने भी पहली बार कोई बयान दिया है
37:09और ये कहा है कि छात्रों को न्याय मिल कर रहेगा
37:11वो प्रदशनकारी छात्रों से जल्ड समवाद करेंगे सुने
37:42लेकिन ये जरूर है
37:48और हमारे साथ तो इसे सुरूप से जिस के पीजे हम पढ़ते हैं उसको ठीक करके इदाम लेने का हम
37:57लोग का मुझे इसना है
38:02सर्कार के लिए हर आवशकता जो जौजवानों का होगा
38:14जो समय धानी और गयात है उसके पुरूप उनके साथ है और अब हम कावड यात्रा के दौरान तोडफोर उपद्रव
38:26की कुछ घटनाओं के बारे में बताते हैं जो कानून विवस्ता के लिए चिंता का विशय है
38:2930 जुलाई से सावन का महीना शुरू हुआ है मानता है कि इस महीने में भगवान शिव जल्दी प्रसन होते
38:35हैं और इसके लिए शिवभग जो है वो गंगा जल से उनका भी शेक करते हैं
38:39गंगा जल लाने के इस पूरे एक संघर्ष को भक्ति भाव से कावड यात्रा कहा जाता है लेकिन ये देखा
38:45गया है कि लगपक हर साल कावड खंडित होने के वज़े से कावड़िये कई जगों पर नाराज होते हैं और
38:51इस बार भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं
39:09पुलिस के सामने भी जो हंगामा किया है कावडियों द्वारा हो रही इस मारपीट और तोड़ फोड को लेकर सोशल
39:16मीडिया पर दावा किया गया है कि पिटने वाले व्यक्ति पुलिस कर्मी थे लेकिन ये घलत है पुलिस के मुताबिक
39:22कावड यात्रा के लिए निकले दो �
39:27वालने था इस के में आपस लड़ाई के लिए जिसमें एक गुट गंगाजल लेने के लिए वासा लोड रहा था
39:45और पिल उससी खेह रहे है कि इनकी आपस
40:01पर दिखाते हुए दोनों पक्षों को रोकने का प्राया गया और इसमें सोनू और उसका साती गुड्डू इनको गाड़ी में
40:10बिठाया गया दूसरा पक्ष उग्र होकर इनी लोगों को गाड़ी से निकलते हुए इस वीडियो में दिखाई दे रहा है
40:15अभी दो दिन पहले रुड्की में भी कावडियों के उपद्रव का मामला सामने आया यहां पर भी मामला कावडियों की
40:21बीच लडाई का था कावडियों की गाड़ी की टकर सड़क पर कावड लेकर जा रहे दूसरे कावडियों से हो गई
40:25थी इस बात से नाराज कावडियों क
40:27भीरने कारचालों को बुरी तरह पीता उसकी गाड़ी में तोड़ फोर की इस दोरान पुलिस कर्मी वहां मौजूद थे लेकिन
40:33वो हंगामा करने वाले कावडियों को रोक नहीं पाए
40:37खाजयाबाद में कई जगा केस सामने आया है यहां पर एक अम्बिलन्स ने कावड को टकर लगई जिसके बाद हंगामा
40:42हुआ इस हादसे में कावड को नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन कई कावडिये इस पर नाराज हुए और सरक पर
40:49जैम लग गया
40:51काफी देर बाद जाकर यह हंगामा शांत हुआ बहुत बाद लोग सोचते हैं कि आखिर कावड लेकर आने वाले कावड
40:57यह छोटी सी टकर या विवाद पर क्यूं देकिन दरसल अगर आप देखे तो उस तरह की घटनाएं कई सामने
41:03आ रहे हैं और कावड खंडित होने की ब
41:19कावड लेते हैं अगर किसी कारण से यात्रा के दौरान उनकी कावड खंडित हो जाती है तो शिव काविशेक करने
41:25का उनका संकल्प तूटता है और इसी वजह से कई बार कावड यह भड़कते हैं कावड के खंडित होने से
41:31मतलब है किसी भी कारण से कावड का तूटना जम
41:49कावड को खंडित मान कर जो कावड़िये हैं वो नाराज हो जाते हैं।
42:19आम लोग हैं उनको भी दिक्कत नहीं होगी। ऐसा ना होने की वज़े से कई बार कावड़ यात्रा बाहनों की
42:23चपेट में आ जाते हैं।
42:55कावड यात्रा साल में एक बार होता है और सावन के महीने में होती हैं।
43:03कावड यात्रा के अलग रंगों की कुछ तस्वीरे हम आपको दिखाते हैं।
43:23और अब आपको बताएंगे कि आखर एक लड़की एक महिला अपनी सुरक्षा के लिए आखर क्या क्या करें।
43:30आखर कहां जाए उसे स्कूल बदला, रास्ता बदला, पुलिस की चौकट पर गुहार लगाई और तो और समाज के दबाव
43:37में आकर पंचायत में समझोता भी कर लिया।
43:40लेकिन इसके बावजूद वो इस दरिंदे की नजरों से बच नहीं पाई।
43:44फरीदाबाद से एक ऐसी खौफ़नाक वारदात सामने आई है जो सिर्फ एक हत्या नहीं बलकि हमारे समाज, हमारी विवस्था के
43:51उन तमाम दावों पर पड़ा सवाल या निशान है जो महिलाओं की सुरक्षा का दम भरते हैं लेकिन उनके साथ
43:57क्या करते हैं वो देखिये�
44:02स्कूल में घुसकर महिला टीचर की चाकूओं से गोद गोद कर हत्या करती गई यह आरोपी काफी दूनों से इस
44:09टीचर के पीछे पड़ा हुआ था यह महिला इससे बिलकुल भी मिलना या बात नहीं करना चाहती थी आरोपी मुह
44:14को ढखकर स्कूल पहुँचा, खुद को मह
44:30पर तोड़ चाकूओं से हमला कर दिया, उसने महिला पर 34 बार चाकूँ से हमला किया, मौके पर पहुचने के
44:37बाद भी स्कूल के प्रिंसिपल भी महिला को बचा नहीं पाए, बारदात को अंजान देने के बाद आरोपी बाइक पर
44:43बैट कर फरार भी हो गया, अलाकि पुलि
44:58पढ़ा है और दूद पेचने का काम करता है, वो संध्या से पिछले दो साल से संध्या को जानता था,
45:05संध्या उससे कोई तालुक नहीं रखना चाहती थी, लेकिन आमित एक तरफा सनक में उसका लगातार पीछा कर रहा था,
45:12यहीं से शिरू होती है एक महिला की, उसकी वो �
45:18पुद को बचाने के लिए लड़ी, यह महिला पहले आरोपी के गाउं के एक स्कूल में पढ़ाती थी, यहीं से
45:24वो संपर्क में आया और तंग करने लगा, परिशान होकर इस टीचर ने एक साल पहले दूसरे गाउं में पढ़ाना
45:30शुरू कर दिया, उसने अपना रास्ता,
45:32अपनी टाइमिंग तक बदल ली ताकि उस दरिंदे का साया भी उस पर ना पड़े, इस कहानी का सबसे दर्दनाक
45:39और विचलित करने वाला पहलू जानते हैं क्या है, वो दौर है, जब पीड़ता ने न्याई की गुहार लगाई थी,
45:47इसे के साथ ब्लाक इन वाइट में इत
46:02तो लगा ही रहेगा, नमस्काल
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