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  • 7 minutes ago
US-Iran War: CENTCOM के लीक्ड ईमेल से मची हलचल, Trump का नया 'Secret Plan' क्या है? | Oneindia Hindi

ईरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव बेअसर होने के बाद अमेरिकी सेना CENTCOM ने अपने विश्लेषकों से नए और गैर-पारंपरिक रास्ते मांगे हैं। जानिए इस आंतरिक ईमेल के लीक होने के बाद पश्चिम एशिया के युद्ध में क्या बड़ा मोड़ आने वाला है!

अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी भीषण तनाव के बीच सीएनएन (CNN) की एक रिपोर्ट ने वॉशिंगटन से लेकर तेहरान तक सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की इंटेलिजेंस ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक आंतरिक ईमेल भेजकर विश्लेषकों से ईरान को दंडित करने और बातचीत की मेज पर लाने के लिए "रचनात्मक और गैर-पारंपरिक" (Creative and Unconventional) विचार मांगे हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों जैसे CIA और Defense Intelligence Agency का आकलन है कि सिर्फ एयर स्ट्राइक और बमबारी के जरिए ईरान का रुख बदलना लगभग असंभव साबित हो रहा है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ सैन्य विकल्प खुले रखे हुए हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक रास्ते की बात भी कर रहे हैं। महीनों से जारी इस टकराव के कारण अमेरिकी नौसेना और एयर डिफेंस संसाधनों पर भी भारी दबाव पड़ रहा है। ऐसे में CENTCOM का यह लीक ईमेल साफ संकेत देता है कि अमेरिका अब सिर्फ मिसाइलों के भरोसे नहीं, बल्कि अपनी पूरी रणनीति को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ले जाने की तैयारी कर रहा है।

A leaked email from US Central Command (CENTCOM) intelligence branch has revealed that the US military is seeking "creative and unconventional" methods to pressure and punish Iran as conventional airstrikes fail to yield results. With intelligence agencies assessing limited impact from bombing campaigns, President Donald Trump and US planners are reviewing options amidst growing strains on American military resources in the Middle East.

~PR.514~ED.106~PR.168~HT.96~VG.HM~

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Transcript
00:04इरान के खिलाफ अमेरिका की रणनीती अब एक और मोड लेती दिखाई दे रही है
00:09महीनों से जारी सेन्य दबाव, हवाई हमलों, आर्थिक प्रतिबंधों और कूटनीती कोशिशों के बावजूद
00:16अगर तहरान अपनी स्थिती बदलने को तयार नहीं है
00:19तो अब अमेरिका के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है
00:22इरान पर दबाव और कैसे बढ़ाया जाए
00:24इसी सवाल की बीच CNN की एक रिपोर्ट ने अमेरिकी सैने हलकों में हलचल बढ़ा दी है
00:30रिपोर्ट के मुताविक युएस सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम की इंटेलिजन्स शाखा के एक वरिष्ट अधिकारी ने
00:36पिछले सप्ता एक आंतरिक इमेल भेज कर विशलेशकों से इरान पर दबाव बढ़ाने
00:41और उसे दंडित करने के लिए नए रचनात्मक और पारंपरिक तरीकों से अलग विकल्प सुझाने को कहा
00:47यानी सीधे शब्दों में कहें तो अमेरिकी सैने अधिकारी अब अपने ही विशलेशकों से पूछ रहे हैं
00:53इरान पर दबाव डालने का अगला तरीका क्या हो सकता है
00:56रिपोर्ट के मुताविक ये इमेल बुधवार को सेंट कॉम के भीतर बड़ी संख्या में विशलेशकों को भीजा गया था
01:02सूत्रों ने CNN को बताया कि इस तरह बड़ी स्तर पर अधिकारियों से विचार मांगना असामान्य था
01:07और इसे एक तरह की इंटर्नल क्राउड सोसिंग के तौर पर देखा गया
01:11हाला कि इसका मतलब ये नहीं है कि अमेरिका ने कोई नई सैन्ने कारवाई तै कर ली है
01:16बलकी माना जा रहा है कि अमेरिकी कमांड इस समय अपने विकल्पों की समीक्षा कर रही है
01:21और अलग-अलग स्तर के अधिकारियों से नए विचार जुटाए जा रही है
01:25सेंट कॉम ने इस रिपोर्ट में बताय गए प्रयास को सीधे खारिज नहीं किया
01:29सेंट कॉम के प्रवक्ता कैप्टिन टिमथी हौकिन्स ने कहा कि कमांड के पास अलग तरीके से सोचने और काम करने
01:35की लंबी परमपरा रही है
01:37उन्होंने इसे अड्मिरल ब्रैड कूपर की नेतरित विशैली से जोडते हुए कहा कि रणनीतिक समीक्षा के दौरान अलग-अलग स्थर
01:44पर मौजूद करमचारियों को अपने विचार रखने के लिए प्रोचसाहित किया जाता है
01:49यानि अमेरिकी सेना के भीतर इस समय सिर्फ पारमपरिक सैन्य विकल्पों पर ही चर्चा नहीं हो रही बलकि एरान पर
01:55दबाव बढ़ाने के नए तरीकों की तलाश की जा रही है
01:58लेकिन सवाल है कि अमेरिका को इसकी जरूरत क्यों महसूस हो रही है
02:02रिपोर्ट के मताबिक वाशिंटन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि मौजूदा सैन्य अभ्यान अकेले इरान की बातचीत की
02:09स्थिती को मौलिक रूप से बदलने में शायद परियाप्त साबित नहीं हो रहा
02:13CIA और Defense Intelligence Agency से जुड़े आकलनों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल बंबारी
02:21के जरिये इरान की रननीतिक स्थिती को पूरी तरह से बदलना मुश्किल हो सकता है
02:25यहां तक कि अमेरिकी सैन्य नेतरित्व की तरफ से भी एर पावर की सीमाओं को स्वीकार किया गया है
02:31यानि अमेरिका के सामने एक बेहद जटिल समीकरण है
02:34सैन्य दबाव बनाए रखना है लेकिन युद को और बढ़ा नहीं करना
02:38इरान पर बाचीत के लिए दबाव बढ़ाना है लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाना
02:42जिससे पूरा क्षेत्र एक बड़े युद की चपेट में आ जाए
02:46अमेरिकी राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प भी कही बार कह चुके हैं
02:49कि वो बाचीत के जरीए समझोते को प्राथमिकता देते हैं
02:52लेकिन इसके साथ ही वो सैन्य विकल्प को भी खुला रखते रहे हैं
02:55यही वज़ा है कि अमेरिका की रणनीती में एक तरफ सैन्य दबाव दिखाई देता है
03:00तो दूसरी तरफ कूटनीतिक दरवाजा भी खुला रखा जाता है
03:03इस पूरे घटना क्रम का दूसरा बड़ा पहलू है
03:06अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर बढ़ता दबाव
03:08महीनों से चल रहे तनाव के बीच
03:10एर डिफेंस इंटिसेप्टर, नौसैनिक तैनाती
03:13और पश्चिमेशिया में मौझूद
03:15अमेरिकी शौनिकों की सुरक्षा पर लगातार दबाव बना हुआ है
03:18दूसरी तरफ इरान भी मिसाइल, ड्रोन और समुदरी गतिविधियों जैसी
03:22असममित रणनीतियों का इस्तिमाल करता रहा है
03:25ऐसे में अमेरिकी योजनाकारों के सामने चुनौती सिर्फ इरान को जवाब देने की नहीं
03:30उन्हें ये भी देखना है कि किस तरह कम संसाधनों में ज्यादा रणनी तिक दबाव बनाया जाए
03:35हाला कि अभी तक सेंट कॉम की इस कथित अपील से सामने आए
03:38किसी खास प्रस्ताव या नए ऑपरेशन की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है
03:43और यही सबसे महत्वपोन बात है
03:45किसी मैन्य कमांड द्वारा नए विचार मांगना अपने आप में किसी हमले की घोशना नहीं होता
03:51बड़ी सैन्य संस्थाएं लगातार संभावित परिस्थितियों के लिए योजनाओं की समीक्षा करती रहती है
03:57लेकिन ये रिपोर्ट एक संकेत जरूर देती है कि वाशिंग्टन एरान के खिलाफ अपनी अगली रणनीती को लेकर नए विकल्प
04:04तलाश रहा है
04:04अब असली सवाल यही है क्या ये नए विकल्प एरान को बाचीत की मेज पर लाने के लिए होंगे या
04:10फिर अमेरिका सैन्य दबाख को एक बिल्कुल नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है
04:14फिल्हाल जवाब साफ नहीं लेकिन इतना जरूर है कि एरान और अमेरिका के बीच टकराव का अगला चरण केवल मिसाइलों
04:21और बमों से तैय नहीं होगा
04:23अब असली लड़ाई रणनीती, दबाव और बाचीत तीनों मोर्चों पर दिखाई दे सकती है
04:44झाल
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