00:04इरान के खिलाफ अमेरिका की रणनीती अब एक और मोड लेती दिखाई दे रही है
00:09महीनों से जारी सेन्य दबाव, हवाई हमलों, आर्थिक प्रतिबंधों और कूटनीती कोशिशों के बावजूद
00:16अगर तहरान अपनी स्थिती बदलने को तयार नहीं है
00:19तो अब अमेरिका के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है
00:22इरान पर दबाव और कैसे बढ़ाया जाए
00:24इसी सवाल की बीच CNN की एक रिपोर्ट ने अमेरिकी सैने हलकों में हलचल बढ़ा दी है
00:30रिपोर्ट के मुताविक युएस सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम की इंटेलिजन्स शाखा के एक वरिष्ट अधिकारी ने
00:36पिछले सप्ता एक आंतरिक इमेल भेज कर विशलेशकों से इरान पर दबाव बढ़ाने
00:41और उसे दंडित करने के लिए नए रचनात्मक और पारंपरिक तरीकों से अलग विकल्प सुझाने को कहा
00:47यानी सीधे शब्दों में कहें तो अमेरिकी सैने अधिकारी अब अपने ही विशलेशकों से पूछ रहे हैं
00:53इरान पर दबाव डालने का अगला तरीका क्या हो सकता है
00:56रिपोर्ट के मुताविक ये इमेल बुधवार को सेंट कॉम के भीतर बड़ी संख्या में विशलेशकों को भीजा गया था
01:02सूत्रों ने CNN को बताया कि इस तरह बड़ी स्तर पर अधिकारियों से विचार मांगना असामान्य था
01:07और इसे एक तरह की इंटर्नल क्राउड सोसिंग के तौर पर देखा गया
01:11हाला कि इसका मतलब ये नहीं है कि अमेरिका ने कोई नई सैन्ने कारवाई तै कर ली है
01:16बलकी माना जा रहा है कि अमेरिकी कमांड इस समय अपने विकल्पों की समीक्षा कर रही है
01:21और अलग-अलग स्तर के अधिकारियों से नए विचार जुटाए जा रही है
01:25सेंट कॉम ने इस रिपोर्ट में बताय गए प्रयास को सीधे खारिज नहीं किया
01:29सेंट कॉम के प्रवक्ता कैप्टिन टिमथी हौकिन्स ने कहा कि कमांड के पास अलग तरीके से सोचने और काम करने
01:35की लंबी परमपरा रही है
01:37उन्होंने इसे अड्मिरल ब्रैड कूपर की नेतरित विशैली से जोडते हुए कहा कि रणनीतिक समीक्षा के दौरान अलग-अलग स्थर
01:44पर मौजूद करमचारियों को अपने विचार रखने के लिए प्रोचसाहित किया जाता है
01:49यानि अमेरिकी सेना के भीतर इस समय सिर्फ पारमपरिक सैन्य विकल्पों पर ही चर्चा नहीं हो रही बलकि एरान पर
01:55दबाव बढ़ाने के नए तरीकों की तलाश की जा रही है
01:58लेकिन सवाल है कि अमेरिका को इसकी जरूरत क्यों महसूस हो रही है
02:02रिपोर्ट के मताबिक वाशिंटन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि मौजूदा सैन्य अभ्यान अकेले इरान की बातचीत की
02:09स्थिती को मौलिक रूप से बदलने में शायद परियाप्त साबित नहीं हो रहा
02:13CIA और Defense Intelligence Agency से जुड़े आकलनों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल बंबारी
02:21के जरिये इरान की रननीतिक स्थिती को पूरी तरह से बदलना मुश्किल हो सकता है
02:25यहां तक कि अमेरिकी सैन्य नेतरित्व की तरफ से भी एर पावर की सीमाओं को स्वीकार किया गया है
02:31यानि अमेरिका के सामने एक बेहद जटिल समीकरण है
02:34सैन्य दबाव बनाए रखना है लेकिन युद को और बढ़ा नहीं करना
02:38इरान पर बाचीत के लिए दबाव बढ़ाना है लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाना
02:42जिससे पूरा क्षेत्र एक बड़े युद की चपेट में आ जाए
02:46अमेरिकी राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प भी कही बार कह चुके हैं
02:49कि वो बाचीत के जरीए समझोते को प्राथमिकता देते हैं
02:52लेकिन इसके साथ ही वो सैन्य विकल्प को भी खुला रखते रहे हैं
02:55यही वज़ा है कि अमेरिका की रणनीती में एक तरफ सैन्य दबाव दिखाई देता है
03:00तो दूसरी तरफ कूटनीतिक दरवाजा भी खुला रखा जाता है
03:03इस पूरे घटना क्रम का दूसरा बड़ा पहलू है
03:06अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर बढ़ता दबाव
03:08महीनों से चल रहे तनाव के बीच
03:10एर डिफेंस इंटिसेप्टर, नौसैनिक तैनाती
03:13और पश्चिमेशिया में मौझूद
03:15अमेरिकी शौनिकों की सुरक्षा पर लगातार दबाव बना हुआ है
03:18दूसरी तरफ इरान भी मिसाइल, ड्रोन और समुदरी गतिविधियों जैसी
03:22असममित रणनीतियों का इस्तिमाल करता रहा है
03:25ऐसे में अमेरिकी योजनाकारों के सामने चुनौती सिर्फ इरान को जवाब देने की नहीं
03:30उन्हें ये भी देखना है कि किस तरह कम संसाधनों में ज्यादा रणनी तिक दबाव बनाया जाए
03:35हाला कि अभी तक सेंट कॉम की इस कथित अपील से सामने आए
03:38किसी खास प्रस्ताव या नए ऑपरेशन की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है
03:43और यही सबसे महत्वपोन बात है
03:45किसी मैन्य कमांड द्वारा नए विचार मांगना अपने आप में किसी हमले की घोशना नहीं होता
03:51बड़ी सैन्य संस्थाएं लगातार संभावित परिस्थितियों के लिए योजनाओं की समीक्षा करती रहती है
03:57लेकिन ये रिपोर्ट एक संकेत जरूर देती है कि वाशिंग्टन एरान के खिलाफ अपनी अगली रणनीती को लेकर नए विकल्प
04:04तलाश रहा है
04:04अब असली सवाल यही है क्या ये नए विकल्प एरान को बाचीत की मेज पर लाने के लिए होंगे या
04:10फिर अमेरिका सैन्य दबाख को एक बिल्कुल नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है
04:14फिल्हाल जवाब साफ नहीं लेकिन इतना जरूर है कि एरान और अमेरिका के बीच टकराव का अगला चरण केवल मिसाइलों
04:21और बमों से तैय नहीं होगा
04:23अब असली लड़ाई रणनीती, दबाव और बाचीत तीनों मोर्चों पर दिखाई दे सकती है
04:44झाल
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