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जुलाई में कम बरसा आसमान, फिर क्यों डूबे देश के कई शहर? जानिए

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00:08देश में मौनसून आए लगभग दो महीने होने वाले हैं लेकिन बारिश का मिजाज भारत में इस समय बहुत असंतुलित
00:16है
00:17वैग्यानिकों के अनुसार 27 जुलाई तक पूरे देश में 16 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई
00:24लेकिन इसके बावजूद असं में हिमाचल, जम्मू कश्मीर, गुजरात, महराश्य जैसे राज्यों में बाड, फ्लाश फ्लड, घूस खलन में तबाही
00:33मचा रखी
00:34आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि बारिश कम भी हो रही है और बाड भी आ जाए
00:39हम देश भर में बाड की बेहत खतरनाक तस्वीरें तो आपको दिखाएंगे
00:44साथ ही ये भी बताएंगे कि कुद्रत के वो कौन से फाक्टर है जो इस भयानक तबाही के लिए जिम्नेदार
00:50है
00:51कि अभी कुछ राज्यों में अभी कुछ दिनों के लिए अच्छी खासी बारिश हुई है लेकिन अगर हम देश का
00:58अवसत देखे तो वह अभी भी लगभग जो सामान्या से कम लिए है
01:04मांसून है वो देफिसेट है जब जुलाई खत्म हुआ तो 13 पर सटके देफिसेट पर खत्म हुआ है
01:16सुना आपने, मौसम व्यगानिक का ये हैरान करने वाला बयान
01:20बारिश इस साल कम हो रही, देश भर्ने बारिश कम हो रही
01:24अब आपके मन में ये सवाला रही, बारिश कम हो रही है तो हर जगे इतनी बार क्यों है
01:41पूंदे कम बरस रही है तो फिर तबाही का ये आलम क्यों है
01:49आसमान कम बरस रहा है तो फिर जमीन ज्यादा क्यों डूब रही है
02:01बारिश का रिकॉर्ड नहीं टूट रहा तो सैलाब का रिकॉर्ड कैसे टूट रहा है
02:08अगर बारिश कम हो रही तो नदियां उपान पर क्यों है
02:19अगर बारिश कम हो रही है तो सड़के दरिया क्यों बन रही है
02:24अगर बारिश कम हो रही है तो शहर काला क्यों बनते जा रही है
02:35देश भर में 16% कम बारिश हुई तो आधा भारत डूबा क्यों।
02:39दक्षर भारत में 29% कम बारिश हुई तो केरल में तबाही क्यों।
02:44पुर्वत्तर भारत में 30% बारिश कम हुई तो असम बार से लाचार क्यों।
02:48उत्तर पश्चिन भारत में 10 प्रतिशत बारिश की कमी तो गुजरात बेवस क्यों
02:57कभी महीरों में होने वाली बारिश अब घंटों में हो रही है
03:00पहले बारिश होती थी फिर बार आती थी
03:03अब बारिश शुरू होते ही शहर डूब जाते हैं
03:06कम बारिश ज्यादा तबाही
03:08क्या ये क्लाइमेट चेंज का असर है
03:10ये हमारे शहरों और नदियों के साथ हुई छेर छाड का नतीचा
03:21उडिशा में भी बार का संकट गहरा गया है
03:23महानदी उफान पर है
03:25हलाकि बारिश कम जरूर हुई है
03:27लेकिन हीरा कूट बांध में पानी बढ़ने से
03:29महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है
03:32जिससे कई नए इलाकों में बार का पानी भैल गया
03:35अब तक बीस जिले बार की चपेट में आ चुके
03:38साथ लाक से ज्यादा लोग प्रभावित हुए है
03:41कई लोगों की जान गई है
03:43जबकि करीब दो लाक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाया गया
03:53भैंकर बारिश के कारण उडिशा में हालाग चिंता जनग बने हुए है
03:57महानदी का बढ़ता जलस्तर निचले इलाकों में
04:00लोगों के जीवन की मुश्किले बढ़ा रहा है
04:04करीब 20 जिले ऐसे हैं जो बार के हालाद से जूज रहे है
04:09कई पुल और सडके पानी में समा चुके हैं
04:12कई गाओं के संपत पूरी तरह से तूट चुका है
04:19नुवापाड़ा में टिखाली बान से ये पानी छोड़ा गया है
04:22प्रशासन पूरी सतरक्ता बरत रहा है
04:24साथ ही निचले इलाके में रहने वाले लोगों को
04:26और लाखों लोग बुरी तरह प्रभावित है
04:29इस बीच धेका नाल से आई इस तस्वीर ने सब को चौका दिया
04:35जेसे भी मशीन मार्थापुर गाओं से ओधाना गाओं की ओर जा रही थी
04:39स्थानी लोगों ने ऑपरेटर को कई बार चेताबनी दी
04:42कि पुल की उपर से तेजी से बह रहे पानी के बीच वाहन लेकर आगे न बढ़े
04:47लेकिन उसने जोखिम उठाते हुए पुल पार करने की कोशिश की
04:54पुल पूरी तरह पानी में डूबा होने के कारण
04:57ओपरेटर सड़क का सही अनुमान लगा नहीं सका
04:59तेज बहाव के दबाव में जेसी बी का संतुलन बिगड़ गया
05:03और वो पुल से नीचे पलट गई
05:10स्थिदी की गंभीरता को भावते हुए ओपरेटर तुरंथ केविन से बाहर निकल आया
05:14और धीरे धीरे पानी में समा रही मशीन के उपर चढ़कर अपनी जान बचाने की कोशिश करने मिरा
05:23ओपरेटर की तो जान बच गई लेकिन जेसी बी मशीन तेज बहाव के कारण नदी में समा गई
05:33राइगड़ा के हालाद भी मूसला धार बारिश के कारण चिंता जनक बने हुए हैं
05:38ऐसे में नागावली नदी में अचानक जलिस्तर बढ़ने से बीच धारा में एक ट्रैक्टर फंस गया
05:44जिसमें सवार चालक और उसके साथ मौजूद एक नाबालिख की जान पर बनाए
05:49दोनों काफी देर तक ट्रैक्टर के उपर बैठे रहे और मदद का इंतजार करते रहे
05:54बाद में स्थानी मदद मिलने पर दोनों की जान बचाए जा सके
06:03और इशा के जाजपुर की ये तस्वीरें रोंगटे खड़े करती हैं
06:06साथ देखा जा सकता है कि कैसे गाउं और आसपास का हिस्सा पानी में समा चुका है
06:12और धीरे धीरे तेज भाव बाकी हिस्सों को भी निगल रहा है
06:19कई लोगों के घर इस तेज भाव में बह गए
06:22असहाए लोग सुरक्षत इस्थानों पर जैसे तैसे जिन्दगी गुजारने को मजबूर है
06:27आने वाले वक्त में और तेज बारिश का अनुमान है जिसको लेकर प्रशासन भी सतर ख़ए
06:36लगब इस घाई के बज़े से 20-30 जार लोग विपेक्ट होई है जाटपुर से ही एक और तस्वीर आई
06:47जिसने ये
06:48साबित कर दिया कि होसले मजबूत हो तो इरादे टलते नहीं गाउं चलमगन है सलक्ष संपत्पूरी तरह टूर चुका है
06:54ऐसे में एक दूलहा अपनी
06:56बारात के साथ बार के पानी को चीटे हुए मोटर चलित देशी नाव में दुलहन के गाउं पहुचा और एक
07:03सामानी शादी को असाधारन सफर में बदल दिया
07:14बार से ब्रभावित ओडिशा के बाला सोर जिले में एक बड़ा हाथसा होते होते बचा लगतार बारिच और आसपास के
07:20नदियों के जलस्तर में चड़ावे के कारण सड़क के उपर से तेजी से पानी बह रहा था
07:25चेतावियों के बावजूद एक स्कूटी सवार में इस जूबेवे मार्क को पार करने की कोशिश की
07:30कुछ सिक्षावों में तेज बहाव ने स्कूटी का संतुलन बिगार दिया और स्कूटी समेथ सवार बार के पानी में बह
07:37गया
07:41प्रत्यक्ष दर्शियों ने तुरंट शोर मचा कर मदद की गुहार लगाई क्योंकि स्कूटी सवार तेज बहाव में खुद को समहालने
07:47के लिए संघर्श कर रहा था
07:48बाल प्रभावित क्षेद्र में पहले से राहत एवं बचाव कारी में तैनात अंडी आरेफ की टीम ने तुरंट मौके पर
07:56पहुँचकर स्कूटी सवार को सुरक्षित बाहर निका लिए
08:02बचाये गए शक्स को चोटे आई लेकिन उसकी जान बच लिए स्कूटी पानी की धार में समाल है
08:10बालसोर की कई इलाके जल भराग की दिप्कदों से भी जूज रहे हैं जगा जगा गाडियां बंध हैं जिससे जाम
08:17की स्थितियां हैं और लोग जैसे तैसे अपने काम पर निकल रहे हैं
08:21पुरिक शेत्र में भी बाल का पानी बड़ी मुश्किलें खड़ी कर रहा है
08:26मुसलधार बारिश से दया नदी पूरे उफान परा गए और कनास्क शेत्र में बाल की स्थिति बन रही
08:51भद्रक जिला सबसे अधिक प्रभावित है
08:53सानदी नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बेकाबू बंते दिख रहे है
08:58गलियां और सडकें सब तालाब बन गए
09:00इसक शेत्र में पढ़ने वाले मंतरी महोदे का घर भी इसकी चपेट में आ गया
09:09टीटला गढ़ में हालात और भी खराब है
09:10नदीयों ने सडक को निगल लिया है और लोगों का जीवन मुश्किल में आ गया है
09:15प्रशासद लगतार नजर बनाए हुए है और किसी अनहोनी को रोकने के लिए
09:19बचाव दल भी लगतार गश्ट कर रहे है
09:26असम इस वक्त भयानक बाढ़ की तबाही से दोचार हो रहा
09:30कई लोगों की जान चली गई है लाखों बेघर हो चुके है
09:34करूरों का इंफ्रास्ट्रक्चर राज्ज में तबाह हो चुका है
09:37लेकिन असम में इस भयानक तबाही के पीछे जिम्मेदार कौन सी चीज है
09:52स्कूल हो या स्ट्रेडियन, सडक हो या रेलवे स्टेशन, खेत हो या बजार सब कुछ पानी में दूबा हुआ है
10:01घर से बाहर निकलना मुश्किल है और घर के अंदर रहना उससे भी ज्यादा मुश्किल
10:09नभी समन कमाया कुछ भी नहीं बचाओ
10:16कुछ भी नए बाचा है यह लो
10:24पिछले दस दिनों से असम के हजारों परिवाद इसी हाल में जी रहे है
10:27किसी की सुबा नाव पर होती है तो किसी की रात राहत शिवर में गुजरती है
10:31पीने का पानी मुश्किल से मिल रहा है खाने का कोई भरोसा नहीं है
10:35बिजली गायब है और हर दिन एक नई चुनाती है
11:10शिफ सागर की हालत देखिए अब बाड का पानी धीरे धीरे उतर रहा है लेकिन अपने पीछे जो मंजर छोड़
11:16रहा है वो और भी दराम नहीं
11:19जहां कल तक पानी था वहां आज कीचड़ है दल दल है तूटी हुई सड़के हैं बरबाद खेत हैं और
11:28ऐसे घर है जिन में अब रहने लायख कुछ भी नहीं बचा
11:3419 जुलाई को आई इस विनाशकारी बाहर ने असम के हजारों परिवारों की जिन्दगी बदल दे हैं असम के कई
11:42जिलों में लोग अब भी सामाने जिन्दगी से बहुत दूर है पानी कम जरूर हुआ है लेकिन दर्द अभी भी
11:49उतना ही गहरा है जो रहाट में तो हाल और भ
11:54खराग है खेत पानी में घर पानी में कुछ नहीं बचा लोगों की आंखों में सफ बेवसी है लाधों लोगों
12:04के जिन्दगी बार के पानी में फंस गिंग ठीक
12:17पूरा पानी हो गया तो गरू गाई छागली बाद बच्छे लोक मने निकले नहीं से कर सब चला गिया है
12:24खली हम लोग आदमी लोगे बच्छे मने सब चला गिया है घर के जितना समन समन रहा सब खतम हो
12:30गिया
12:50इस बार में किसी का घर बह गया किसी की दुकान उजण दो
12:53कई गाउं आप चारो तरफ पानी से घिरे छोटे छोटे टापू बन चुके हैं
12:59शिव सागर गोलगहाट जोड़हाट नगाओं और चराई देव सबसे ज़्यादा प्रभावित जिले हैं तरीब
13:07तीन सो उन्यासी गाउं बार के पानी में डूब चुके हैं लगभग एक लाग बानवे हजार साथ सो निन्यानवे लोग
13:13इस बार से प्रभावित हैं पंद्रह हजार चार सो तीस लाग हेक्टियर फसल पूरी तरह बरबाद हो चुकी हैं
13:18लगभग एक लाग परिवार और चार लाग पक पीपिल एफेक्ट हुए हैं अभी भी हमारे नभियों का जो लेवल है
13:27दीखो दीमो दिसांग लोरिका सबका लेवल लेवल से ज्यादा है समस्या इंप्रूव हुई है वर्टर लेवल गिरा है लेकिन अभी
13:38भी हमारे 40-50 रि
13:42से जो रहात समगरी है वो सब तक पहुंचा रहे हैं हर कुछ दूरी पर बर्बादी की एक नई कहानी
13:54दिखती है नजीरा की यह तस्वीर देखिए किस तरह से बच्चे का रस्क्यू पिया जा रहा है
14:02धीरे धीरे पूरा घर डूपया बाहर निकलने के सारे रास्ते बंद हो गए एंडी आरेफ की टीम को ख़बर मिली
14:07तो शुरू हुआ आपरेशन राहत पहले माँ को बचाया उसके बाद बच्चे को और फिर धीरे धीरे परिवार वालों को
14:14मुश्किल से निकाला गया
14:21लोगों को सुरक्षत निकालना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है असम के कई गावों में अब नाव ही लोगों का
14:27साहरा है इंडी आरेफ सेना और कोस्ट गार्ड की टीमें लगतार राहत और बचाव में जूती है लेकिन बाद इतनी
14:33बड़ी है कि हर जरूरत मन तक पहु
14:45लोगों का खाने के लिए तरस्त है लोग तो इसलिए हम लोग जितना हो सके लोगों के साथ हम खुद
14:51भी और जो एंजियो लोग आ रहा है समस्के जो मदद करने के लिए लोगों को भूसाने के लिए जो
14:56लोग आ रहा है खाप उस खाने को लिए दे रहे है इस सब जिता के ह
14:59हम लोगों के पास में आ रहे हैं सब को मदब कर रहे हैं बकसा धेमाजी गौहटी शिरांग कोक्रा जहार
15:07नलबाडी जिला कोई भी हो गाउं कोई भी हो तस्वीर लगभग एक जासी है
15:13इस बार में 80 सी जादा लोगों की मौत हो चुकी है 19 जुलाई को इस तरह से ब्रमपुत्र का
15:18जलस तर बढ़ा कि लोगों को बचने का वक्त तक नहीं मिला
15:2124 घंटे में घरों का नजारा बदल गया लोग अपना सब को छोड़कर सुरक्षित जगों पर चले गए
15:27तेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आफिर इस बार असम ने बार इतनी भायारत क्यों हुई एक एक करके
15:33वजों का विशलेशन करते हैं
15:38वज़ नमबर एक रिकॉर्ड तोड़ बारिश
15:4118-19 जुलाई को नागलेंड के वोखा, मोकोंग चुंग, मोन और असम के चराई देव में सामान से कई गुना
15:49अधिक बारिश हुई
15:50चराई देव में 436 प्रदिशत और मोकोंग चुंग में 493 प्रदिशत अधिक वर्षा दर्श की गए
15:57लगभग 8-9 घंटे में 137 मिलिमीटर बारिश हुई जिससे पहाड़ों में भूस खलत और नदियों में आचानक उफाना रहे
16:13नागलेंड से आने वाली नदियों का पानी पहले से उफन रही ब्रह्मपुत्र में समान ही पाया
16:17ब्रह्मपुत्र पहले ही खत्रे के निशान से उपर बह रही थी
16:20नतीजतन डिखो, दिसान और धान सिरी जैसी सहायक नदियों का पानी उल्टा फैलने लगा
16:26इसे बैक वाटर एफेक्ट कहा जाता है जिसमें मुख्य नदि का उचा जलस्तर सहायक नदियों के बहाद को रोग देता
16:33है और बाढ़ फैल जाती है
16:39बज़े नमबर तीन नदी की घाटियों में खुदाई और खनन
16:42गुवाहटी विश्व विद्याले के विशेशक्यों ने सेटेलाइट तस्वीरों में पाया कि नदी की खाटियों के किनारे बड़े पैमाने पर खुदाई
16:50और खनन किया गया
16:51इससे बारिश के दौरान भारी मातरा में रिट्टी और मलबा नदीयों में बहतर पहुचा
16:55नतीजा पहले जितनी बारिश में बाढ़ नहीं आती थी अब उतनी बारिश में नदीयां उपर ने लगए
17:07वज़े नमबर चार वनों की कटाई ने बढ़ाया खत्रा
17:10जंगल प्राकरतिक स्पंज की तरह काम करते हैं
17:13ये बारिश के पानी को कुछ समय तक रोक कर उसे जमीन में समाने का मौखा देते हैं
17:18इसे इन्फिल्टरेशन अपॉर्चुनिटी टाइंग कहा जाता है
17:21लेकिन जहां जहां जंगल काट दिये गए
17:23वहाँ पानी तेजी से धलान से नीचे बहा
17:26इसके साथ भारी मात्रा में मिट्टी भी नदियों में पहुँची
17:30इससे नदी का तल उचा हो गया और गहराई कम होती गई
17:33जिससे बाल का खत्रा बाख दे
17:38वज़े नमबर पाँच जलवायू परिवटत जासा
17:41विशेशग्यों के अनुसार क्लाइमेट चेंज ने संकट को और गंभीर बना दिया है
17:45अब पचास से सो मिलिमीटर या उससे अधिक बारिश वाले
17:49हाई इंटेंसिटी रेन इविट पहले की तुलना में कहीं ज्यादा हो रहे है
17:53वैज्यानिकों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाएं और बढ़ेगे
18:03कुछ राजियों का हाल हमने आपको दिखाया
18:05इसके साथ ही देश के बाकी हिस्सों में भी इस समय किस तरह की परिस्थितियां हैं वो अब दिखाते
18:19देश के कई हिस्सों में लगतार हो रही बारिश से बार, जल भराव और भूस खलन जैसे स्थितियां बनी हुई
18:25है
18:27मौसम विभाग ने कई राजियों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है
18:32केरलम में बारिश से जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है जहां राहत शिविरों में हजारों लोगों को सुरक्षित पहुँचाया
18:39गया है
18:41गुजरात के कई इलाके अब भी भारी बारिश के बाद उपजी परिस्थितियों से जूज रहे हैं
18:46जम्मू कश्मीर में कई जगे बारिश से हाल बेहाल है
18:55भारी बारिश के कारण केरलम के मल्लापुरम में चालियार नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी खत्रे के निशान से उपर
19:01बह रहा है
19:02जिसके कारण लगतार आसपास के इलाकों में संकट मंडरा रहा है
19:08केरलम के हिक के नूर में पढ़ने वाले श्रीकंद पुरम नगर का ये हाल देखिए
19:11जहां तक नजर जाती है बस पानी ही पानी
19:16चौक, च्वराहे, गलिया, मकान, दुकान सब पानी की चपेट में है
19:20गाड़ियों को बड़ी साबधानी से भरे हुए पानी के बीच से निकाला जा रहा है
19:24उस पर से मौसम और बारिश का संकेत दे रहा है
19:31इडुकिक शेतर में वन्ना पुरम, चेला कोड, हाईवे की हालत, भूस, खलन के कारण खस्ता हो गए
19:37इडुकी में लगतार बारिश से ना सिर्फ ग्रामीर, बलकि शेहर के अंदर भी हालात सामान नहीं रहे है
19:45थोड़ु पुजग शेदर की ये तस्वीरें भारी बारिश के कारण होने वाली दिकतों की एक बार्गी है
19:52पत्नम ठिट्टा का हाल बेहाल है, दूर तक बस पानी का सामराज नजर आ रहा है, दुकानों और घरों को
19:58भारी नुकसान पहुचा है
20:02राज़ौरी इलाके में नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद चिंता जनक खाला थे
20:06पानी का सैलाब समंदर की तरह रहाइशी इलाकों के बीच ऐसे बहरा है, जैसे जो रास्ते में आएगा उसे साथ
20:13बहा ले जाएगा
20:17कटरा रियासी हाईवे पर भारी बारिश के कारण अचानक से पहाड़ी ढह गई और पूरा रास्ता बंद हो गया, लेकिन
20:24लैंड स्लाइड की जो तस्वीरे हैं, वो रॉंग्टे खळी कर देने वाली है
20:29तरास के पास मिना मर्ग इलाके में एक गाड़ी पानी की धार के बीच में आकर फंस गई, पुलिस प्रशासन
20:36ने मिलकर बड़ी मुश्किल से कार को पानी से बाहर निकाला
20:41सोनमर्ग के सरबलक शेतर में भी अचानक उंचे स्थानों से तेजी से नीचे आता पानी किसी भी समय बड़े हाथ
20:49से की शकल ले सकता है
20:53करगल के चिकतन इलाके में कई घर पानी की तेज बहते सेलाब के सामने तिंके की तरफ हसे हुए है
21:04सब पोरा में बादल भटने से अचानक हालात बेकाबू हो गए
21:13शोपिया में भारी बारिश ने घरों को खिलोने जैसा बना दिया है जो पानी में किसी कागस की नाव जैसे
21:19नजर आ रहे है
21:27साबर कांठा के इडर इलाके में एक घंटे में दो इंच बारिश होने पर शहर के बीचों बीच गुजरने वाली
21:34डेबोल नदी अचानक उपान पर आ गए
21:37और तेज बहाव में एक कार को बहा कर ले जाने की दराबनी तस्वीर सामने आई
21:47गुजराक में सबसे जादा बेकावू हालात खेड़ा जिले के वसो इलाके से हैं
21:52जहां महस 24 घंटे में 17 इंच से भी जादा मूसला धार बारिश ने तवाही मचा दी है
21:57वसो गाओ के स्थिती बेहत चिंता जनक है जहां मुख्य बाजार से लेकर रहाइशी इलाकों तक सिर्फ और सिर्फ पानी
22:05का कब्जा है
22:10गाओ का मुख्य बाजार काचिया पोल इंद्रा नगरी और खाली कुईक शेत्र पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं
22:18यहां तक कि पंचायत आफिस सरकारी स्कूल भी चलमग नहीं
22:28दांदेर जिले में भारी बारिश का प्रकोब देखने को मिला है नदियां और नाले उफान पर है
22:37गर्चिरोली के खेडे गाओं में चलगाओं जिले के अमल नेर में बाढ के कारण भाले राओ नगर में एक महिने
22:44के बच्चे समेत एक परिवार घर में पानी गुषने के बाद आपनी जान बचाने के लिए संघर्श कर रहा था
22:50फाइर ब्रिगेड और हेल्थ वर्कर्स ने बड़ी कोशिश करके बच्चे और परिवार को सुरक्षित जगे पर पहुँचाया
22:59रेस्क्यों की इन तस्वीरों ने हर किसी को भावुक कर दिया
23:03क्योंकि पूरा शहर बाड की ऐसी चपेट में है कि मकानों की दूसरी मन्जिल तक पानी आ चुका है
23:10खेद, खलिहान, मंदर सब पानी में डूब रहे
23:19चलगाओं जिले में भारी बारिश के कारण हतनूर बांध के 36 गेट खोल दिये गए है
23:26डैम से पानी चोड़ने के कारण आसपास्टी इलाके में हर तरफ, पुल, रास्ते, छोटे-छोटे गाओं, सब कुछ जलमगन हो
23:35चुके हैं
23:35जलगाओं जिले के भुसावल तहसील में तापी नदी पर हतनूर बांध में पानी के भारी प्रवाह के कारण
23:42नदी के किनारे के गाओं वालों को सतरक्ता बरतने की अपील की जा रही है
24:022026 का मौनसून इस बार बेहद असामान्य नजर आ रहा है
24:0627 जुलाई तक पूरे देश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है
24:12सबसे ज्यादा असर पूर्वी और पूर्वत्तर भारत पर पड़ा है
24:16जहां 30 प्रतिशत तक बारिश की कमी रेकॉर्ड दी गई
24:20लेकिन हैरानी के बात ये है कि बारिश कम होने के बावजूद देश के कई राज्यों में भयानक बार से
24:26तबाही हुई है
24:27मौसम वेग्यानिकों के अनुसार इस बार मौनसून के अस्थिर मिजाज के पीछे कई वज़े एक साथ काम कर रहे हैं
24:54इस समय देश में बारिश कम है लेकिन आफ़त ज्यादा है
24:57बारिश में 16 प्रदिशत की कमी है लेकिन बार में कोई कमी ने
25:09दक्ष्ण पश्टी मौनसून 4 जून को भारत पहुच चुका था
25:12लेकिन इसकी चाल थोड़ी हिचकोले खाती रही है
25:15कभी कई कई दिन तक बारिश गायब हो जाती है
25:20और फिर अचानक कुछ घंटों में आसमान मानो फट पड़ता है
25:28जानते हैं इसको क्या कहते हैं
25:30इसे मौसम का एक्टिव और ब्रेक फेज कहते हैं
25:33वैसे तो ये सामान ये प्रक्रिया है
25:35लेकिन इस बार चिंता की बात ये है
25:37कि बारिश का दौर बेहत भिंसक होगा
25:41जैसा हमने पहले भी बताया था
25:42मौसम विभाग के मुताबिक
25:4427 जुलाई तक देश में सामान से 16 प्रतिशत कम बारिश हुई है
25:48पूरवी और पूर्वोत्तर भारत में 30 प्रतिशत कम बारिश दर्च हुई
25:52दक्षिन भारत में 39 प्रतिशत की कमी रहे
25:55उत्तर पश्चिन भारत में 10 प्रतिशत
25:57और मध्य भारत में 4 प्रतिशत बारिश कम बारिश
26:05उधर सूखा भी अपनी रफ्तार से चल रहा है
26:07आधि से ज़्यादा जिले सूखे की मार झेल रहे है
26:10अगर राज्यों और जिलों की तस्वीर देखें
26:12तो इस्थिती और भी कमभीर दिखाई देती है
26:14देश के 19 राज्यों और केंदर शासित प्रतिशों में बारिश सामाने से कम रही
26:19सबसे ज़्यादा कमी मेगाले में दर्च हुई जहां 56 प्रतिशत कम बारिश हुई
26:36सिर्फ 12 प्रतिशत जिरों में सामाने से अधिक बारिश हुई है जैनी मौनसून पूरे देश में समान रूप से नहीं
26:43बरस रहा
26:47कि अभी तक तो मनसून की स्थिती है अभी कुछ राज्यों में अभी कुछ दिनों के लिए अच्छी घासी बारिश
26:54हुई है
26:54लेकिन अगर हम देश का अवस्त देखें तो वो अभी भी लगवक जो सामाजने से कम ही है. तो कहीं
27:03कहीं पर, ऐसा में एकि सामाजने से कम बारेश का दो धिरलकालिन, पूरवानुमान था तो, हर दम वो कमी होगा.
27:11हुसमें भी ऐसे कुछ दिन आएंगे जहां पर, कहीं कुछ
27:14कुछ-कुछ गिन बहुत भाड़ी बरशा होगी लेकिन जो आउसत से जो है मतलब सामान्य से जो कम का जो
27:22पूर्वानुमान है वो अभी भी बरकरार है
27:27लेकिन फिर सबसे बड़ा सवाल यहीं उठता है कि बारिश कम फिर बार क्यों
27:34यहीं इस साल के मौनसून का सबसे पड़ा रहसे और विरोधा भास भी है
27:48असम में अब तक सामान से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है लेकिन वहां 12 जिले बार की चपेट में
27:55है
27:55साड़े आड़ सौच से ज़्यादा गाउं पर भावित है और साथ लाक से ज़्यादा लोग बार से जूज रहे है
28:03इसके पीछे जिम्मदार कौन है
28:07वैग्यानिक इसके पीछे चार बड़े कारण मान रहे है
28:12पहला कारण अलनीन
28:17प्रशान्त महासागर में अलनीनो लगतार मजबूत हो रहा है
28:22अमेरिकी मौसम एजन्सी एन ओ ए ए के मुताबिक
28:26अक्टूबर से दिसंबर के बीच
28:28सुपर अलनीनो बनने के 81 प्रतिशत संभाब नहीं
28:31अलनीनो आम तोर पर भारत के मौनसून को कमजोर करता है
28:35यानि बारिश कम करतेता है
28:38दूसरा कारण ग्लोबल वार्मि
28:43धर्ति का ओसत तापमान इंडस्ट्रियल रिवल्यूशन से अब तक
28:471.4 डिगरी सेल्सियस बढ़ चुका है
28:50यानि गर्मी बढ़ी है
28:51इस अत्रिक्ट गर्मी का आसर ये है
28:53जब बारिश होती है तो पहले से कहीं ज़्यादा तेज होती है
28:57यानि कम दिनों में ज़्यादा पाने है
29:05तीसरा कारण वेस्टर्न डिस्टरबिंस
29:08आम तोर पर पश्ट्रिमी विक्षोब सर्दियों में सक्री रहते हैं
29:12लेकिन 2025 और 2026 में
29:15ये मौनसून के दोरान भी लगतार सक्री है
29:19जब इनकी मुलकात मौनसून की नमी से होती है
29:22तो हिमालेई राजियों में बादल फटने, बूस खलन और फ्लैश फ्लट जैसी घटनाए बढ़ जाती है
29:28जम्मु कश्मीर और हिमाचल प्रदेश इसका सबसे बड़ा उधारन है
29:33चौथा कारण मौनसून की प्राकृतिक अनिश्चित था
29:37मौनसून कभी भी पूरी तरा स्थिर नहीं होता
29:40लेकिन इस बार प्राकृतिक उतार चरहाव, अल्मीन, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ग्लोबल वार्मिंग चारों मिलतर मौसम को और ज्यादा अस्थिर बना
29:49रहे हैं
29:51हमारा जो बिर्ग कालिन पूरवानुमान था कि उस अच्छ से कम बारिश होगी
29:56लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरा ही जो चार मेने हैं मनसुन के जुन से सप्केमबर उसमें पूरे ही
30:03कम बारिश होगी उसमें ऐसे भी कुछ स्पेल्स आएंगे जैसे अभी सिनॉप्टिक स्केल सिस्टिम बना दसे डिप्रेशन लो लो प्रेशर
30:11एरिया बना तो कुछ
30:12मॉष्ण दिनों के लिए उस राज्य में अच्छी पर्षा देगा उसके चल्OUTे कई कई कई कुछ दिन के लिए अच्छी
30:19बारिश होगी बार जैसी स्थित्य भी कुछ राज्यों में बन सक्ती है
30:25मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त में मौनसून फिर सकरी हो सकता है
30:29पूरी तठ पर बना डीप डिपरेशन देश के भीतर आगे बढ़ सकता है
30:33और कई राज्यों में फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है
30:39अरब सागर के उपर बह रही हवाएं तै कर रही हैं कि आने वाले दिनों में बिहार में कितनी खतरनाक
30:46स्थिती बाग की हो सकती है
30:48असम में पानी का कहर कितना बढ़ेगा और देश के किस हिस्से में आस्मान आफत बन कर बरसेगा
30:55इस वक्ज़ भारत में एक नहीं, दो नहीं, बल्कि साथ मौसिमी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं
31:03मौसम विभाग भी इस थिती पर लगातार नजर बनाए हुए है
31:07आम तोर पर मौनसून दो या तीन सिस्टम के सहारे चलता है
31:10लेकिन इस बार साथ मौसमी ताकतें मिलकर ऐसा माहौल बना रही है जो देश के नक्षे पर बारिश का पूरा
31:20समी करण बदल सकता है
32:01सोमाली जेट का नाम सुना है आपने अगर नहीं तो हम बता देते हैं
32:05ये पूरे मौनसून का इंजन माना जाता है इसे कहते हैं सोमाली जेट
32:17इसे तूपान मत समझे
32:22बलकि समुद्र की सतेह से करीब देड़ किलोमीटर उपर बहने वाली तेज हवाओं की एक सक्री सी पट्टी कह सकते
32:29हैं
32:33लेकिन यही सक्री पट्टी इस साल भारत में कितनी बारिश होगी ये तैकर रही है
32:42इसकी शुरुवात मेडगासकर के पास होती है
32:44फिर ये सोमालिय के तट से भूमज्य रेखा को पार करते हुए अरब सागर में प्रवेश करती है
32:50और सीधे भारत के पश्चिमी तट तक पहुँचती है
32:53अरब सागर से भारी मात्रा में नमी उठा कर भारत तक लाती है
32:58यही नमी बाद में बादलों में बदलती है और बारिश बन कर बरसती है
33:06आयमबी का अनुमान है कि इस हक्ते सोमाली जेट और मजबूत होगी
33:09जानी मौनसून को और ज्यादा इंधन मिलेगा
33:17सोमालीय जेट जो है वो एक तरह से पश्चिमी हवाए हैं
33:21जो पहले तो वो इस्ट से सोमालीय की तरफ जाती है
33:25और वहाँ से टरन होती है और ये भारत की तरफ आती है
33:29तो भारत के पश्चिमी टट पर इनका काफी असर होता है
33:31और ये मानसून के ऑंसेट में काफी जादा सायक होती है
33:35अगर सोमालीय जेट स्ट्रोंग है तो पश्चिमी टट पर मानसून एक्टिव हो जाता है
33:39और काफी अच्छी बारिश होती है
33:41इस पार जो पश्वी टट पर मांसून काफी लेट आया
33:44और काफी ज़्यादा एक्टिव नहीं हुआ
33:45खासकर करके मुंबई और उसके आसपास के अलाफों तक हमने देखा
33:48कि मांसून काफी देरी से पहुचा
34:06तो चारों ओर से हवाएं उसी ओर दोड़ती है
34:09उपर उड़ती है बादल बनते हैं और मूसला धार बारिश शुरू हो जाती है
34:15ये सिस्टम 27 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में बना
34:19पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तड़ से टकराया
34:22और अब विदर्ब होते हुए गुजरात की ओर बढ़ रहा है
34:25IMD ने गुजरात में आने वाले समय में भारी बारिश की चेताब नीती है
34:35जब बंगाल की खाड़ी में कोई भी वेदर सिस्टम जैसे की लोग प्रेशर एरिया बना
34:39तो वो धीरे-धीरे मजबूत होता है, depression बनता है, deep depression बनता है
34:43जैसे के अभी हमने देखा कि ये जो लोग प्रेशर एरिया था
34:46ये बिधर्म और 36 गड़ के आसपास आकर के deep depression बना
34:50तो ये मांसूम को active करता है
34:52जब ये पश्चिम से पुरफ की तरफ आता है, बंगाल की खाड़ी से जब अंदर की तरफ आता है
34:58तो इसका जो असर है वो भारी बारिश के रूप में दिखाई देता है
35:02बिशेश कर आपने देखा होगा कि ओड़िसा में लगाता है भारी बारिश होनी ही
35:16मौनसून ट्रफ तै करता है कि बारिश कहां होगी और कहां नहीं
35:20ये उत्तर पश्चिम भारत से लेकर गंगा के मैदानों और बंगाल की खाड़ी तक फैली कम दबाव की एक लंबी
35:28पट्टी होती है
35:29पिछले कुछ दिनों से इसका जुकाव मध्य भारत की तरफ था
35:33लेकिन जैसे जैसे डीब डिप्रेशन कमजोर होगा ये ट्रफ उत्तर की ओर हिमाले की तलहटी में खिसक जाएगा
35:40यही बदलाव विहार, पूरी उत्तर प्रदेश, नेपाल की तराई, उत्तर बंगाल और पूरी उत्तर भारत में भारी बारिश की बज़े
35:48बनेगा
35:53मद्य भारत के उपर एक इस्ट वेस्ट शियर जोन बना हुआ है, यानि अलग-अलग उचाईयों पर हवाओं के दिशा
35:59और रफ्तार में तेज बदलाव हो रहा है
36:02ये सिस्टम बिखरे हुए बादलों को एक साथ लाता है और तेज बारिश की लंबी पट्टियां तयार करता है
36:11उत्तर पश्मी तट पर दक्षन गुज़ात से लेकर उत्तरी केरल तक समुद्र के किनारे एक ओफशोर ट्रफ सकरीय है
36:19ये अरब सागर की नमी को लगतार तट की ओर धकेल रहा है
36:23नतीजा, कोनकर्ण, कोवा और तटी करनाटक में लगतार बारिश का दौर बना रहेगा
36:36उत्तर भारप में एक और मिडिल ओडर बैट्समिन सकरी है जो हमेशा नौट आउट रहता है
36:42वेस्टन डिस्टरबेंस यानि पश्चिमिविक शोप
36:46ये भूमदी सागर से आने वाला सिस्टम है जो पंजाब और हर्याना के उपर साइकलोनिक सर्कुलेशन के रूप में मौजूद
36:53है
36:54जब इसकी मुलाकात मौनसून की नमी से होती है तो हिमाचल और उत्तरखन में बारिश कई गुना बढ़ जाती है
37:00यही वज़े है कि इन पहाड़ी राज्यों में भूस खलन और अचानक बार का खत्रा बढ़ दिया है
37:06तो वेश्टन डिस्टर्मेंस जो है वैसे तो मांसूर के सब्सक्राइब हो जाते हैं
37:11लेकिन फिर भी वेश्टन डिस्टर्मेंस बीच-वीच पर आते रहते हैं
37:14पूरे साल का यह सिस्टम होता है
37:15मेडिटरेनियन सी से जब बादल उखते हैं
37:18तो वो पश्चिम से पूर्ण के तरफ चलते हैं
37:20और जब पहाड़ों पर पहुंचते हैं
37:22तो उस समय बारिश देते हैं
37:24खासकर करके सर्दियों में स्नोफॉल देते हैं
37:26और जब गर्मिया आती है
37:29मानसूर से पहले वो अपर लेक्रिक टूर्गर सिफ्ट हो जाते हैं
37:32लेकिन फिर भी फीवल वेश्टर डिश्टरवन्स जब आते हैं
37:34तो मानसूर की सर्ज को एक्टिव कर देते हैं
37:37अगर मानसूर का नौर्थ में है
37:39और Western Disturbance का जो मेल होता है उसके कारण ये एक्टिव हो जाता है और जो बारिश है वो
37:44उत्तर भारत में और पहाड़ों कर शुरू हो जाता है
37:58पुर्वतर भारत में एक अलग सिस्टम सक्री है
38:03मद्य असम के उपर बना Low Level Cyclonic Circulation लगतार नमी को रोक कर रखे हुए है
38:10जैसे ही मौनसून ट्रफ उत्तर की ओर पहुँचेगी ये सिस्टम और ज्यादा सक्री हो जाएगा
38:15यही वज़े है कि उपरी असम और पूरे पूर्वतर में बार का खत्रा सबसे ज़्यादा माना जा रहा है
38:29सुमाली जट लगतार नमी पहुचाएगी
38:31डीप डिप्रेशन गुजरात महराश मद्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश कराएगा
38:37इसके बाद मौनसून ट्रफ उत्तर की ओर खिसकेगा
38:40अगस के पहले हफते में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल की तराई, उत्तर बंगाल और पूर्वत्तर भारत में बारिश तेजी
38:49से बढ़ने लगेगी
38:50नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बारिश, कुछी घंटों में उत्तर भारत, उत्तर बिहार और पूर्वी यूपी की नदियों का
38:57जलस्तर बढ़ा सकती है
38:59ब्रह्मपुत्र पहले से ही खत्रे के निशान से उपर चल रही है
39:03यानि असम में हालात और बिगर सकते हैं
39:06इन इलाकों में बार, फ्लैश फ्लड और भूस खलन की आशंका सबसे ज्यादा है
39:11आगे मानसूम की जो इस्तिती है वो अभी फिलाल जो है अगले 10-12 दिन के लिए ठीक ठाल भी
39:17खाई दे रही है
39:18और पूर्वे भारत के साथ साथ बद बारत बार्ष अच्छी होगी लेकिं पश्वे भारत एक पर सूख जाएगा
39:24गुजरात और राष्टा के साथ साथ जैसके पश्मी ठेट पर बारिश कम हो जाएगी
39:27और उसके बाद हो सकता है जैसे जुलाई में ब्रेक मालसून देखा था तो second half of अगस्त में हो
39:33सकता है जो ब्रेक मालसून का नेशन भी देख तेको बिल जाएगी
39:37हाला कि यही बारिश बॉटर टेबिल को बढ़ाएगी अगर यही बारिश धीरे धीरे हुई तो खेतों के लिए अमरित होगी
39:44और अगर कुछ खंटों में मूसलाधार बरस गई तो वही बारिश बाढ़, तबाही और फसनों की बरबादी बन जाएगी
39:54ये भी अपने आप में विरूधा भास है कि जहां दुनिया के अधिकांश हिस्से बार से जूज रहे हैं, यॉरोप
40:02में आग लगी हुई है
40:03स्पेन से लेकर फ्रांस तक जंगलों में लगने वाली आग हर साल नए रिकॉर्ड तोड रही है
40:10वैज्यानिक चेटावनी दे रहे हैं कि अगर जलवायू परिवर्तन की रफ्तार यही रही तो आने वाले सालों में यॉरोप में
40:17जंगलों की आग का खत्रा और बढ़ जाएगा
40:20जहां देखिए दूर तक सिर्फ आग ही आग, आसमान भी धुए से काला पड़ा है
40:27यह तस्वीरे हैं यॉरोप की जो इन दिनों भयंकर जंगलों की आग से जूज रहा है
40:34रिकॉर्ड तोड़ हीट वेव, सूखा और तेज हवाएं इस आग को और इंधन दे रही है
40:41ग्रीस, फ्रांस, स्पेन, तुर्किये में हजारों हेक्टेर जंगल जल चुके हैं
40:46सैक्डों गाओं खाली कराए जा रहे हैं और लाखों लोग खत्रे के साए में जी रहे हैं
40:55यह तस्वीरें ग्रीस की हैं
40:57एथिन से करीब साथ से असी किलो मीटर दूर पोटो जर्मेनों और बयोटिया में जंगल बुरी तरह जुलस रहे हैं
41:06चार सो से अधिक दमकल करमी, दरजनो फायर इंजिन और विशेश विमान आग बुझाने में जुटे हैं
41:13करीब तीन सो लोगों को समुद्र के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है
41:17कई इलाकों में सड़क के दोनों और पेर धदक रहे हैं
41:20हाईवे तक सुरक्षित नहीं है
41:27फ्रांस में इस साल जंगल की आग ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तो दिये हैं
41:3229 जुलाई तक करीब 91,000 हेक्टियर जंगल जल चुके हैं
41:36फ्रांस के ग्रेह मंत्राले के अनुसार इस साल अब तक 308 लोगों को आग लगाने के संदे में हिरासत में
41:42लिया गया है
41:50स्पेन के जमोरा और लियोन प्रांकों में जंगलों में आग भड़कने के बाद हालाद बेहत कंभी हो गए
41:571300 से आधिक लोगों को सुरक्षत इस्थानों पर भेजा गया
42:01सेना के मिलिटरी इमर्जन्सी यूनिट भी आग भुझाने के अधियान में लगी रही
42:13तुर्किये के आई दिन प्रांत में हेरिकॉप्टर से आग भुझाने की कोशिशे चलती रही
42:25तुर्किये में सिर्फ तीन दिनों में अस्सी जंगलों में आग लगी जिनमें कई अभी जल रहे
42:31तेज हवाओं और बेहत कम नवी के कारण आग तेजी से फैल रही है
42:36पूरे योरप में हाला दंभीर है
42:4029 जुलाई 2026 तक 4,34,976 हेक्टेर शेत्र आग में जल चुका है
42:47ये पिछले साल के रिकॉर्ड और पिछले 20 वर्षों के आउसत दोनों से कहीं ज्यादा है
42:52इस साल अब तक 1407 जंगलों की आग दर्ज की जा चुकी है
42:56आग से एक करोड 89 लाग टन कार्बन डायॉकसाइड वातावरान में पहुंच चुकी है
43:02जो पिछले वर्ष के तुलना में दुगनी से भी ज्यादा है
43:08अब सवाल ये हैं कि आखर इतनी भीशन आग क्यों लग रही है
43:12लगतार पढ़ रही रिकॉर्ड तोड हीट वेब लंबे समय से बारिश की कमी और सूखा
43:17तेज और सूखी हवाएं आग को बढ़ा रही है
43:22विशेशग्यों का कहना है कि जलवायू परिवर्टन के कारण आग अब अधिक बड़ी अधिक बिनाशकारी और अधिक खतरनाक होती जा
43:29रही है
43:30अगर वैश्वित तापमान इसी तरह बाता रहा तो ये जंगल की आग सामान इखटना बन जाएग
43:41हमारी इस पेशकर्ष में अभी के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए देखते रही आज
43:47तक
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