00:00मैंने बच्छपन से अपने घर में रमजान सेलिबरेट होते वे देखा
00:03I think 7th य 8th स्टांडर्ड में थी जब से मैंने भी रोजे रखने शुरू करे थे
00:08लेकिन अभी पिछले 2-3 सालों से मैंने रिलाइस करा कि जो लोग
00:12डाइबिटिक है जिनको भूका नहीं रहना चाहिए
00:15मुझे PCOD है जादा देर भूका नहीं रहना चाहिए
00:18बिकरज शुगर स्पाइक हो जाता है
00:20तो ये सब वज़े से मुझे समझ में आए कि कोई अच्छी चीज तो नहीं है
00:25पिछले साल पहली दफा जब मैंने आपका लाइस सेशन अटेंड करा था
00:29उस दिन भी मेरा रोजा था और उस वक्त करीब साड़े च्छे वज़े इफतार का समय होता है
00:36और साड़े साथ बज़े तक आपका सेशन मैंने अटेंड करा था
00:40उसके बाद बोडी गिव अप कर दिया और फिर मैंने सेशन छोड़ दिया बीच में और बाहर जाके मैंने खाना
00:48हाया
00:49उस बाद का अफसोस काफी वक्त तक रहा कि एक बहुत इंपोर्टेंट चीज चूड़ गई
00:55तो उस बारे में मैंने सोचा है कि if there is a better way to celebrate
01:02विखिये जो वास्तविक celebration होगा वो एक दिन या हफते या महीने का तो हो ही नहीं सकता
01:07चाहे इसलाम हो चाहे दुनिया के जितनी और धार्मिक धाराएं रही है
01:12जो हमारे celebrations होते हैं वो अधिकतर हमारे जीवन में जो कमी है उत्सव की उसको ढखने के लिए उसकी
01:25क्षति पूर्ती के लिए होते हैं
01:28पर चुके हम इस लायक जिन्दगियां जीते नहीं तो फिर हमें कोई दिन या कोई कालखंड तै करना पड़ता है
01:36कि इसमें हम celebrate करेंगे
01:39अगर पूछ रहे हो कि बहतर चीज क्या है तो सबसे अच्छी चीज तो यही है कि जीवन इतना सेलिब्रेटरी
01:47हो जाए कि सेलिब्रेशन की जरूरत ही न पड़े
01:51बात आ रही है समझने
01:55जैसे मदुशाला में हर दिन होली रात दिवाली रोज मनाती मदुशाला
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